अंकल और मेरी मिली भगत

indian maa beta maa ko choda uncle aur meri mili bhagat हेलो दोस्तो जैसे आपने मेरे पहली दो इंडियन मा बेटा मा को चोदा मे पढ़ ही लिया होगा की कैसे अशोक ने बिना मेरी परवा किए हुए मेरी मा को मेरे बेड पर चोद दिया और कैसे मेरी मा भी बेशार्मो की तरह चुदि अब मैं आपको आगे बताता हू.

पिछली कहानी यहा पढ़िए.

उस दिन के बाद उन लोगो को ज़्यादा मौका तो नही मिल सका बट एक बात थी वो छत पर कपड़ा सूखने के बहाने से मज़े ज़रूर लेते थे और मुझे ऐसा लगने लगा जैसे उसकी मा को भी अपने बेटे और मेरी मा पर शक हो रहा था.

एक दिन की बात है अशोक की मा हमारे घर आए और बोली बेटी मैं बाहर जा रही हू तू थोड़ा खाना मेरे बेटे के लिए बना देना मा तो बहोत खुश हुए ये सुनके और बोली ठीक है मैं बना दूँगी और 2 मीं बाद जैसे ही भूडिया बाहर निकली मा ने कहा चुपचाप होमवर्क कर ले जब मैं उपर से आउ तो तेरा होमवर्क हो जाना चाहिए.

मैं समझ गया की मेरी मा नही चाहती की मैं उनकी चुदाई देखु या उन्हे डिस्टर्ब कर साकु मैने ठीक है कह दिया मा के उपर जाने के बाद मैं 5 मीं रुका रहा लेकिन फिर मुझसे रहा नही गया मैं देखना चाहता था की आख़िर वो लोग क्या कर रहे है मैं बाहर निकला ही था की मैने देखा भूडिया दबे पाव उपर जा रही थी..

मैं तो खूब डर गया की आख़िर ये देख लेगी उपर क्या चल रहा है तो हमे घरसे निकाल देगी और शायद मा की बदनामी भी होगी मैं झट से उसके पास गया और बोला आप तो बाहर जा रही थी यो वो बोली पैसा भूल गये तू नीचे बैठ मैं आती हू मैने कहा नही मैं भी चलूँगा तो वो बोली ठीक है.

लेकिन कोई शोर मत करना मैने पूछा क्यू तो वो बोली तुझसे जितना कहा जाए वो कर वो गुस्से मे देख रही थी मैने मा को बचाने की खूब कोशिश की बट मेरी एक ना चली और भूडिया उपर तक जा पहुचि और उपर जाते ही उसे मा और अशोक की आवाज़े सुनाए देने लगी.

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उसने जैसे ही खिड़की का परदा हटाया उसका मूह खुला का खुला रह गया और अपना हाथ अपने दिल पर रख लिया और शरम से आखे नीची कर ली और मुझे लेके सीधा नीचे आ गई और बोली मैं बाहर जा रही हू और किसिको मत बताना की मैं वापस आई थी वरना तुझे घर से निकाल दूँगी समझा.

मैं बोला ठीक है और वो जाते जाते ये भी बोल गये की उपर मत जाना तेरी मा साली छिनाल अपनी हवस की भूक मिटा रही है नीचे ही बैठा रह हवस की बुख मुझे समझ नही आया शायद इसलिए उसने बोला..

ताकि मैं समझ ना साकु की मेरी मा क्या कर रही है बट मुझे लगा चलो बच गये मेरी मा खुद ही खाना खा रही है लगता है इसलिए भूडिया गुस्सा हो गई और मैं अपना काम करने लगा.

लेकिन 30 घंटे बाद मैने सोचा चलो मा को एक बार देख आता हू मैने कुर्सी ली और अंदर झाका तो मैं फिर से हैरान था क्यूकी मेरी मा वही गंदा काम कर रही थी जो उसने कुछ दीनो पहले हमारे कमरे मे किया था अशोक मेरी मा को दीवार के सहारे खड़ा कर उसे चोद रहा था और माआ अह्ह्ह्ह उम्म्म ऑश की आवाज़े निकाल के चुद रही थी.

मैने सोच लिया मा को नीचे लेके चला जाता हू कही भूडिया आ गई ना तो लेने के देने पढ़ जाएँगे मैने गेट खटखटाया और मा को 3 4 बार आवाज़ दी मा ने थोड़ा ही गेट खोला और उसमे से अपना सर निकाला जो की हिल रहा था सामने उसने सीधा कर चद्दर लगा रखा था.

मा गुस्से मे बोली क्यू तंग कर रहा है और मा हीले जा रही है आहह उहह भी कर रही थी जिसका सॉफ मतलब् था की वो चुद रही थी मैने बोला मा नीचे आ जाओ तो मा गुस्से मे बोली क्यू आउ नीचे दिख नही रहा अंकल के लिए खाना बना रही हू अगर नीचे आए और देखा तेरा होमवर्क नही हुआ तो बहोत मारूँगी मैं डरके वाहा से जाने लगा.

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तभी मा के हाथ से चद्दर गिर गये और मा अचानक से मेरे सामने नंगी हो गई और उसने तुर्रंत गेट बंद कर लिया अब मैं कर भी क्या सकता था मैं नीचे आ गया थोड़े टाइम बाद मा भी नीचे आ गई और वो खुश नज़र आ रही थी लेकिन अगले ही दिन भूडिया अपने बेटे को लेके कही और चली गई मैं बड़ा खुश हुआ की चलो अशोक नाम का आदमी मेरे मा की जिंदगी से दूर तो चला गया..

अब मा पापा के साथ ही संबंध बनाएँगी हम कुछ 1 महीने अकेले घर पर रहे लेकिन मा का मूड अब खराब रहने लगा वो पापा से खूब लड़ने लगी थी और मुझे तो खूब सुनाया छोटी छोटी बात पर बट लाइफ आछे से चल रही थी मेरी क्यूकी मेरे पड़ोस मे एक अंकल थे जिन्हे मैं वर्मा अंकल कहा करता था उनके साथ मेरी अछी दोस्ती हो गई थी वो अकेले ही रहते थे..

उनका बेटा विदेश मे रहता था और वो यहा पर अकेले रहते थे मैं उनके कंप्यूटर मे बहोत गेम खेलता था लेकिन एक दिन मैने अंकल को पॉर्न वीडियो देखते देख लिया और मैने उनसे पूछा वो क्या देख रहे थे तो वो हस्ते हुए बोले तेरी मा की चुदाई मैं क्या फिर उस दिन से उन्होने मुझे सेक्स के बारे मे वो बताया जिससे मैं अंजान था..
उन्होने मुझे मूठ मारना सिखाया और मुझे उनके साथ और मज़ा आने लगा मुझे समझ आने लगा की आख़िर मेरी मा और अशोक कोनसा खेल खेला करते थे एक दिन की बात है मैने अंकल को मा की नाम की मूठ मारते देख लिया लेकिन मैने कुछ नही कहा मैं समझ गया था.

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