सौम्या दीदी की चूत का स्वाद

हाय फ्रेंड्स आई’एम यंग गुड लुकिंग अतलेटिक जिम गोयिंग बॉय साहिल एज ईज़ 22 ईयर्स ओल्ड माय पेनिस साइज़ ईज़ 6″3 सॅटिस्फाइड एनी गर्ल्स एंड आंटी पुसी आई एम लिव्स इन जमशेदपुर झारखंड. अपने मामा जी के साथ रहता हू और अभी उनके बुसिनेस मे हेल्प करता हू, मेरे मामाजी के फॅमिली मे मेरे अलावा मामी और उनकी 2 लड़कियाँ है एक बड़ी वाली कविता दी एज 28 ईयर्स और छोटी सौम्या दी जोकि बहुत खूबसूरत है 25 ईयर्स. रिलेशन्षिप मे सिस्टर होने के वजह से मैने कभी भी इनके बारे मे कभी कुछ ग़लत नही सोचा. अब स्टोरी पर आते है बात पिछले साल अक्टोबर मंथ की है जब कविता दी की शादी गुरगाओं से फिक्स हुई और लड़के वालों ने ये डिमॅंड रख दी की हमे गुरगाओं आकर सारी अरेंज्मेंट्स करनी होगी और शादी वही से होगी जिसके कारन मामाजी मामी और कविता दी शादी से 2 वीक पहले ही गुरगाओं के लिए रवाना हो गये ताकि सारी अरेंज्मेंट्स आछे से हो सके.

मुझे ऑफीस का काम था जिसके कारण मैं जमशेदपुर से शादी के 2दिन पहले गुरगाओं पहुँचने वाला था तो मेरे खाने पीने की कोई दिक्कत ना हो इसीलिए सौम्या दी मेरे ही साथ रुक गये. दिन यूँ ही बीत रहे थे मैं रोज सुबह ऑफीस चला जाता और देर शाम घर आता फिर मैं और सौम्या दी साथ मे डिन्नर कर के अपने अपने रूम मे सोजाते थे. नेक्स्ट दिन संडे होने की वजह से मैं लेट से जागा तो देखा की सौम्या दी वॉशिंग मशीन मे कपड़े धो रही है और उनका टॉप और ल्यागिंग पानी से सारा गीला हुआ है हाए क्या नज़ारा था टॉप मे से निप्पल बाहर दिख रहे थे और मुझे मानो चिढ़ा रहे हो की हिम्मत है तो आकर निचोड़ डालो मुझे, चूस कर इस संतरे का जूस पी जाओ और ये क्या लेगैंग्स मे से चुत्तर के सॉफ उभार मटकती हुए मुझे ललचा रहे हो ,मैं एकटक उन्हे निहार ही रहा था की तभी मेरे कानो मे आवाज़ पड़ी की साहिल..साहिल अभी भी सपने मे ही हो क्या ? ये मधुर आवाज़ सौम्या दी की थी,

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मैं:- जल्दी से फ्रेश हो जाओ मैं कपड़े टेरेस पर डाल कर आती हू फिर ब्रेकफास्ट रेडी कर दूँगी. मैं फ्रेश होने बाथरूम चला गया और यही कोई 10 मिनिट के बाद दी की चिल्लाने की आवाज़ आई साहिल. .मैं धौड़ के गया तो देखा की दी स्टेर्स (सीढ़ी) से फिसल गई है और उनके घुटनो मे चोट लगी है जिसमेसे खून आ रहा है, मैं उन्हे अपने कंधे का सहारा देते हुए बेडरूम मे ले आया चोट लगने की वजह से और ब्लड देखकर दी हल्की बेहोश हो गये थी मैने हिला कर उठाने की कोशिश की तो बस वो हूँ..हूँ की आवाज़ निकाल कर फिर बेहोश हो गये. मेरी समझ नही आ रहा था की मैं क्या करूँ मैने फर्स्ट एड बॉक्स से कॉटन लेकर उनके घुटनो को सॉफ करना चाहा बट दी के लेगैंग्स पहने होने की वजह से वो पॉसिबल नही हो पा रहा था फिर मैने दी के कमर को हल्का उठाते हुए लेगैंग्स खींच कर अलग किया और घुटनो को सॉफ कर आंटिसेपटिक क्रीम लगाकर पट्टी कर दी.

अब जब मैं फर्स्ट एड बॉक्स रखकर वापिस आया तो दी अभी भी बेहोशी की हालत मे पड़ी हुई थी,ना चाहते हुए भी मेरी नज़रे उनकी गोरे रंग के चमकती हुए जांघों पर जा रही थी, मैं अपने आखोंसे उनकी जिस्म का जायज़ा ले रहा था, दी प्रेटी ज़िंटा की तरह दिखती है वैसी ही मुस्कुराने पर इनके गालों पर डिंपल के निशान आते है,गुलाब की भाँति कोमल गुलाबी सुरखे होंठ,सुराही सी गरदन और टॉप मे क़ैद हाइमलाइया की भाँति गौर से खड़े कारक चुचक जिसमे से निप्पल की कड़ाई का सॉफ अनुभव हो रहा था शायद दी ने कपड़े धोते टाइम ब्रा निकाल दिए हो, सपाट से पेट मनमोहक कूल्हे और क्या दोनो मंशाल जांघों के बीच मे ट्राइंगल शेप मे ब्लॅक पैंटी तो अपनी एक अलग ही खूबसूरती बिखेर रहा है जिसके धागे कमर के दोनो तरफ बँधे हुए है,अब ये सब देखकर मेरा लंड मुझसे बग़ावत कर रहा था और मेरे लिए बर्दाश कर पाना मुश्किल हो रहा था मैं आहिस्ते से बेड पर दी के पैरों के नज़दीक बैठा और दी की तरफ नज़र उठा कर देखा तो वो गहरी साँसे लेते हुए नींद मे थी.

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पता नही मुझे कहसे इतनी हिम्मत आ गई और मैने कमर पर बँधे हुए डोर को खींच दिया जिससे पैंटी खुल गई, हाए क्या यही वो चूत है जिसके लिए दुनिया पागल है सच मे इतनी खूबसूरत चीज़ दुनिया मे कुछ भी नही, डबल पाव रोटिकी तरह फूली हुई गोरी चट्टी चुत जिसपे हल्के हल्के काले बाल गजब ढा रहे थे ऐसा लग रहा था जैसे 2-4 दिन पहले ही सॉफ किए गये हो चुत के दोनो फाँक आपस मे सटे हुए थे और उनके बीच मे मटर के दाने के माफिक गुलाबी घंटी दोनो फांकों के बीच मे बॉर्डर लाइन का काम कर रही थी,मैं हल्का सा झुककर चुत की खुशबू लेने लगा और एक लंबी सी सांस खींची,ऐसा लगा जैसा मेरा दिमाग़ सुन्न हो गया हो,ऐसी नशीली खुशबू मैने ज़िंदगी मे पहले कभी नही ली, मैं किसी और दुनिया मे खो गया था और मुझे पता ही नही चला की कब नाक की जगह मेरे जीभ ने ले ली और चुत के लाइन को मैं अपने जीभ के नोक से खोलने लगा और देखते ही देखते कुत्ते की भाँति मैं चुत को पूरी तरह चाटने मे मशगूल हो गया.

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