खड़े लंड पे धोखा इसे कहते हैं

बस सेक्स KLPD स्टोरी में पढ़ें कि मैं रात की बस से अपनी गर्लफ्रेंड के पास जा रहा था. बस में मुझे सिक्किम की एक लड़की मिली. उसके साथ मैंने क्या किया और मेरे साथ क्या हुआ?

दोस्तो, मेरा नाम आतिफ आलम है और मैं अन्तर्वासना का बहुत पुराना पाठक हूँ.

मेरे अकेलेपन में अन्तर्वासना ने मेरा बहुत साथ दिया है तो मैंने भी सोचा कि आज मैं भी अपनी जिंदगी के कुछ किस्से आप सबसे शेयर करूं.

मैं दिल्ली का रहने वाला हूँ और 5 फुट 10 इंच की हाईट वाला आकर्षक बंदा हूँ.
मैं 27 वर्ष का हूँ. मेरे लंड का आकार साढ़े सात इंच का है और मैं चुदाई का बहुत शौकीन हूँ.

ये बस सेक्स KLPD स्टोरी आज से पांच वर्ष पहले की उस समय की है जब मैं चेन्नई में पढ़ाई कर रहा था.

मेरी दोस्ती एक लड़की से हुई जिसका नाम फौजिया था.
वो बैंगलोर में रहती थी.

उसके बारे में कभी बहुत अच्छे से आप सबको बताऊंगा, अभी बस इतना समझ लीजिए कि वो एक माल लौंडिया थी.

एक दिन फौजिया ने मुझे बंगलौर बुलाया.
हमारा चुदाई का प्रोग्राम था.

यह सेक्स कहानी उस प्रोग्राम तक पहुंचने के सफर का है.

मैंने उससे मिलने के लिए चेन्नई से बैंगलोर जाने के लिए बस की टिकट करवाई और मैं पूनामल्ली नाम की जगह पर बस का इंतजार करने लगा.
मेरी बस रात के 10 बजे की थी.

उस वक्त मेरे दिमाग में यही चल रहा था कि काश मुझे किसी लड़की के आस-पास की कोई सीट मिली हो.

यही सोचते हुए मैं इन्तजार करता रहा.
फिर समय पर बस आई और मैं बस में अपनी सीट पर बैठ गया.
ये सीट पीछे से चौथी थी.

बस में काफी अंधेरा था और एसी भी काफी ठंडक दे रहा था.

तभी मेरे बगल में आकर एक बहुत ही मोटा आदमी बैठ गया और मेरे सारे सपनों पर पानी फिर गया.

कुछ वक्त बाद मैं अपने से पीछे वाली सीट पर जाने लगा जो खाली थी.
बस में तब तक सारे लोग सो चुके थे.

मैं जैसे ही पीछे गया, उसके पीछे वाली सीट पर एक लड़की बैठी थी.
बस की हल्की नाइट लैंप में भी उसका चेहरा बहुत चमक रहा था.

आपको उसके बारे में बताऊं तो वो नॉर्थ ईस्ट इंडियन पहाड़ी लड़की थी. उसकी उम्र 22-23 साल की रही होगी.
उसके 34c के दूध 28 की कमर और करीब 36 की गांड रही होगी. चेहरा तो ऐसा कि मैं कुछ पल उसे देखता ही रह गया.

उसकी हाइट ज्यादा नहीं थी वो देखने में इतनी सुंदर थी कि मैंने बहुत कम ऐसी लड़कियां देखी थीं.

मुझे थोड़ा होश आया, तब मैं जाकर पीछे वाली सीट पर बैठ गया और उसके बारे में सोचने लगा.
पर मेरी हिम्मत नहीं हुई कि मैं उससे कुछ भी बोल सकूं.

तभी मुझे फौजिया का फोन आया और वो मुझसे मेरे आने के बारे में पूछने लगी.

मैंने उससे हिंदी में बात की और फोन काट दिया.

तभी उस लड़की जिसका नाम तेनजिंग था, ने पीछे से आवाज दी कि आप नॉर्थ साइड से हो?
उसकी आवाज सुनते ही मेरे दिल में एक खुशी की लहर सी दौड़ गई.

मैं हड़बड़ा कर बोला- हां मैं दिल्ली से हूं.
वो मेरे ऐसे बोलने से हंस पड़ी और फिर हम दोनों की बात आगे बढ़ी.

उसने मुझे अपने साथ पीछे बैठने को बोला और मैं पीछे जाकर बैठ गया.
फिर हमारी बात होने लगी.

उसने बताया कि वो सिक्किम से है. बैंगलोर में जॉब करती है और अपने ब्वॉयफ्रेंड के साथ रहती है.

हमारी बातें होने लगीं.
हम दोनों ने अपने अपने कंबल ओढ़ लिए क्योंकि बस में बहुत ठंडक हो गई थी.

बस के सारे लोग सो चुके थे.

तब उसने मुझसे बोला कि मुझे टॉयलेट जाना है.
मैंने बस वाले से पूछा, तो उसने बस रोकने को मना कर दिया.

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मैंने उससे मजाक में कहा कि मेरे पास के एफसी का बकेट है, उसमें कर लो.
वो राजी भी हो गई.

उसने पीछे वाली सीट पर जा कर बकेट में सूसू कर की और मैं उसकी चूत से निकलने वाली आवाज को सुनकर उसे चोदने के सपने देखने लगा.

वो सुसु करके वापस मेरे बाजू में आ गई.
मैंने उसे देख कर स्माइल की.

वो भी हंस कर बोली- सच में राहत मिल गई.
मैंने धीमे से कहा- हां मुझे भी.

वो मेरी तरफ देखने लगी और बोली- तुम्हें भी … मतलब, मैं समझी नहीं?
मैंने कहा- वो मधुर आवाज सुनकर मुझे भी मजा आ गया.

वो मेरी बात समझ गई और मेरी पीठ पर धौल जमाती हुई बोली- हरामी हो!
मैंने कहा- अभी हरामीपन देखा कहां है बेबी.

वो हंस कर बोली- अभी बैंगलोर पहुंचने में काफी समय है, देख लूंगी.
मैं हंस दिया.

हम दोनों में हंसी मजाक की बातें चलने लगीं.
कुछ देर बाद उसने बोला- मुझे ठंड लग रही है.

तो हम दोनों ने अपने कंबल मिला लिए और साथ में आ गए.

कुछ देर बाद मेरी कोहनी उसके चूचों पर लगनी शुरू हुई, जिसका अहसास उसे था और मेरे मन में तो मानो कई सारे ख्याल एक साथ आ रहे थे.

जब उसकी तरफ से मुझे कोई प्रतिरोध नहीं मिला तो मैंने उसकी जांघ पर अपना हाथ रख दिया और सहलाने लगा.
उसने नीले रंग की लेगिंग्स पहनी थी और ऊपर एक सफेद रंग का ढीला सा टॉप पहना था.

मेरी हरकत बढ़ने लगी और हाथ की पहुंच उसकी टांगों के जोड़ तक होने लगी.
हम दोनों की सांसें तेज चल रही थीं.
बस में सारे लोग सो चुके थे.

इस सब में करीब 2 घंटे निकल चुके थे.
हम एक दूसरे की सांसें सुन सकते थे.

मेरा लंड पूरा खड़ा हो कर रॉड बन चुका था.
अब उसे उस प्यारी सी चूत में जाना था, जिसके मूतने की आवाज अभी मैं सुन रहा था.

कुछ देर बाद बिना कुछ कहे उसने अपना हाथ मेरी जांघों पर रख दिया जो कि सीधा मेरे लंड पर आ गया.
वो मेरे लंड को सहलाने लगी.

हम दोनों एक दूसरे से कुछ नहीं बोल रहे थे, बस अपने अंगों को खेलने दे रहे थे.
मेरा हाथ उसकी जांघों से अब उसके मुलायम पेट पर आ चुका था और मैं उसकी कमर और पेट को सहला रहा था.

तभी उसने मेरी तरफ देखा और मैंने उसकी तरफ!
उसकी आंखें कह रही थीं कि मुझे चोद कर संतुष्ट कर दो, मुझे आज अपना बना लो.

इधर मेरी आंखों में भी उसके लिए बहुत सारा प्यार था. मैं भी उसे आज अपने लंड से प्यार करके खुश कर देना चाहता था.
फिर बिना कुछ कहे मेरे होंठ उसके प्यारे लाल सुर्ख होंठों से टकरा गए और हम दोनों एक दूसरे को ऐसे चूमने लगे जैसे कि ये पहली और आखिरी बार का प्यार हो.

मेरा एक हाथ उसकी पीठ पर था और दूसरा उसकी ब्रा के ऊपर से ही उसके गोल सख्त हो चुके चूचों को मसल रहा था.
उसका हाथ मेरे लंड को पैंट की ऊपर से ही मसल रहा था.

मैंने अपने पैंट के बटन और चैन खोली और अपने मोटा लंड निकाल कर उसके हाथ में दे दिया जिसे वो बहुत प्यार से सहलाने लगी.

कुछ देर उसके चूचों को रगड़ने के बाद मैंने अपना हाथ उसकी लेगिंग्स में डालने की कोशिश की जिसको समझ कर उसने अपने पैर खोल कर अनुमति दे दी.

मैंने उसकी पैंट और पैंटी को नीचे सरका दिया और उसकी चूत को हल्के से रगड़ने लगा.
उसकी चूत बहुत गीली हो चुकी थी.

हल्के से मैंने उसके अन्दर एक उंगली घुसा दी जिससे उसके मुँह से आह की आवाज निकली.
मैंने उसके होंठों पर फिर से अपने होंठ रख दिए और उन्हें चूसने लगा.

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अब मैंने उसकी पैंट को और पैंटी को सरका कर नीचे कर दिया और कंबल के अन्दर से होते हुए उसके पैरों के बीच में आ गया.

उसने अपने पैर खोल कर मेरा स्वागत किया.
वो सीट पर आगे हो कर बैठी थी और मैं नीचे उसके पैरों के बीच में बैठा था.
हमारे ऊपर कम्बल था.

मैंने बिना देर किए अपने होंठों को उसके प्यारी सी चूत के होंठों पर रख दिया.

होंठ रखते ही उसके मुँह से आह सी सी आह करके सिसकारियां निकलने लगीं और उसने मेरे सिर को अपनी जांघों के बीच में दबा लिया.
वो मेरे सिर को अपनी चूत के अन्दर धकेलने लगी.

मैंने अपनी जीभ को उसकी चूत पर रखी और चूत के बाहर ही चाटने लगा.

वैसे मैं चूत चाटने का बहुत शौकीन हूँ … मुझे चूत चाटना बहुत पसंद है.

खैर … मैंने उसकी चूत के दाने को अपने होंठों से दबाया और जीभ से रगड़ने लगा.
उसके मुँह से लगातार सिसकारियां निकल रही थीं जो बस की आवाज में ज्यादा नहीं महसूस हो रही थीं.

मैंने काफी देर तक उसकी चूत को चाटा और उसके नमकीन और कसैले पानी को पिया.

कुछ देर चूत चाटने के बाद मैंने उससे कहा- मुझे तुम्हारी चूत में अपना लंड डालना है.
पर उसने मुझे मना कर दिया कि बस में वो ये नहीं कर पाएगी.

मैं चुप हो गया और सोचने लगा कि किस तरह से चलती बस में इसकी चुदाई का मजा ले पाऊं.

तभी उसने मुझसे कहा- तुम बस स्टैंड के आसपास ही कोई होटल ले लो, हम वहां पहुंच कर बाकी का काम कर लेंगे.
मैं मान गया.

पर मैंने कहा- तुम मेरा लंड अभी चूस कर इसका पानी निकाल दो.

वो मान गई और नीचे बैठ कर उसने मेरा लंड अपनी जुबान से हल्का सा छुआ.
उसकी जुबान का स्पर्श पाते ही मेरे पूरे शरीर में मानो कोई लहर सी दौड़ गई थी.

उसने मेरा लंड अपने मुँह में डाला और चूसना शुरू कर दिया.
मैं उस वक्त इस बस सेक्स से किसी दूसरी दुनिया में पहुंच गया था.

उसने काफी देर तक मेरा लंड चूसा, फिर मैंने उसके सिर को पकड़ कर उसके मुँह को चोदना शुरू कर दिया.
कुछ देर बाद मेरा माल निकलने वाला था, जिसको मैंने नीचे निकाल दिया और फिर से उसके मुँह में लंड दे दिया.
उसने मेरे लंड को चाट कर साफ कर दिया.

अब हम दोनों साथ में बैठ गए.
कुछ वक्त बाद उसके बॉयफ्रेंड का फोन आया तो तेनजिंग ने उससे बोला- बस खराब हो गई है, थोड़ा ज्यादा टाइम लगेगा. तुम स्टॉप पर मत आना, मैं खुद आ जाऊंगी.
ये कह कर उसने फोन काट दिया.

सुबह के चार बजे हमारी बस मैजेस्टिक सिटी बस स्टैंड पर पहुंची.
तब तक हमने बहुत मस्ती की थी.

बस स्टैंड पर उतरते हुए वो मेरे आगे थी और मैं उसके पीछे आ रहा था.
बस से उतरते ही बाहर उसका बॉयफ्रेंड खड़ा था और उसने आगे आकर उसे हग कर लिया.
उसके आने से मुझे मेरे खड़े लंड पर पहला धोखा मिल गया.

मैंने उससे उसका फोन नंबर भी नहीं लिया था … न कोई और कॉन्टैक्ट ले सका था. मेरी KLPD हो गयी थी.
फिर उससे कभी मुलाकात नहीं हुई.

ये थी मेरे लंड पर पहले धोखे की बस सेक्स कहानी.

फौजिया के साथ की कहानी बाद में लिखूँगा.

उम्मीद है कि आपको मेरी कहानी पसंद आई होगी.
मैंने पहली बार लिखने का प्रयास किया है. अभी जिंदगी में कई किस्से मुझे आप लोगों से शेयर करने का मन है.

आपको बस सेक्स KLPD स्टोरी कैसी लगी या आपका कोई सुझाव हो तो मुझे मेल करें.
धन्यवाद.