नये पड़ोसी को घर बुला कर चुदाई कराई

मेरा नाम पिंकी है और मैं देल्ही की रहने वाली हू और मैं आज एक और नयी कहानी लेकर आई हू कैसे मैं अपने बाय्फ्रेंड से चूदी जो की मेरे घर से थोड़ी दूर रहता है .

मैं आप सबको बता दू मैं बहुत ही सेक्सी लड़की हू और मैं बहुत चुड़दकड़ भी हू मेरी फिगर ह 36 30 38 और मुझे देखते ही सारे लड़के मेरे पीछे घूमने लगते है जब भी मैं स्कूटी लेकर मार्केट करने जाती हू सारे लड़के मेरा पीछा करने लगते और मुझे डबल मीनिंग भी बोलते है और मैं भी उनको स्माइल देती हू
मेरी चुदाई की कहानी एक दम रियल है क्यूकी मैं खुद अपने बाय्फ्रेंड से चुदाई हू जो की मेरे पड़ोस मे रहता है ये बात एक महीने पुरानी है . जब मेरे घर से कुछ ही दूरी पर एक न्यू फॅमिली रहने आई थी किराए पर वैसे तो देल्ही मे हमारा अपना घर है और मेरे कॉलोनी मे बहुत सारे लोग किराए पर ही रहते है लेकिन हम लोग अपने घर मे रहते है हम लोग किराए क घर मे नही रहते है..
तो मैं ऐसे ही घूम रही थी अपने कॉलोनी मे तो देखी की हमारे कॉलोनी मे एक न्यू फॅमिली आई है जिसमे एक लड़का और एक लड़की थे और उनके पेरेंट्स थे और इसे ही हमारे घर से और उनके घर से अच्छी दोस्ती हो गयी थी क्यूकी मेरी मम्मी और आंटी दोनो लोग साथ मे ही वॉक करने जाते थे और हमारी कॉलोनी की सारी आंटी एक दूसरे से शाम को मिलती है तो ऐसे ही मेरे घर से और उनके से अच्छी दोस्ती हो गयी थी.

वो लोग भी अब पुराने हो गये थे हमारे कॉलोनी मे उनको सब लोग जान गये थे और पड़ोस की आंटी की लड़की मेरी उमर की थी इसलिए हमारी दोस्ती हो गयी और मैं उसके भाई से भी बात करती थी कभी कभी वो मुझे बहुत लाइन मरता था मतलब मुझे देख कर खूब स्माइल करता था और मैं भी उसको स्माइल दे देती थी..
और हम सब एक दूसरे को अच्छे से जान गये थे और हमारा एक दूसरे के घर आना जाना भी हो गया था और ऐसे ही मैं और आंटी भी कभी कभी बाते करते थे और उनके लड़के का नाम रोहन था वो मुझे बहुत लाइन मरता था और हमेशा मुझे ही देखता रहता था और मुझे स्माइल देता रहता था और मैं भी उसको स्माइल देती थी और ऐसे ही हम लोगो की बाते सुरू हो गयी थी.

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मैं हमेशा शाम को कमीज़ और सलवार पहनकर घूमने जाती थी जिसमे से मेरी चुचि और गांड का साइज़ अच्छे से दिखता था मेरे कॉलोनी के सारे लड़के मुझे देखते थे और मैं भी उनको देखती थी और मैं बहुत सारे लड़को से चुदवा भी चुकी थी जो मेरे कॉलोनी के थे लेकिन अब मैं उनके साथ ब्रेकप कर ली थी.
लेकिन फिर भी वो लोग मुझे लाइन मरते थे और मैं भी उनको कभी कभी लाइन मारती थी लेकिन अब मुझे उनसे चुदवाने का मन नही करता था इसलिए मैं उनसे ब्रेकप कर ली थी..
अब मैं और मेरा न्यू पड़ोसी रोहन एक साथ घूमने जाते थे और उसकी बहन भी जाती थी हमारे साथ घूमने और ऐसे ही एक दिन मैं अपने घर मे अकेली थी क्यूकी मेरी मम्मी और रोहन की मम्मी दोनो मॉल मे गयी थी समान खरीदने..

और मैं अपने घर मे अकेली थी और किचन का काम कर रही थी और तभी डोर की रिंग बेल बाजी और मैं देखी की रोहन आया है और मैं उसको बोली की क्या करने आए हो तो वो बोला की ऐसे ही तुमसे बात करने आया हू और हम दोनो की दोस्ती अच्छी हो गयी थी इसलिए हम दोनो एक दूसरे के साथ अकेले मे भी बाते करते थे और मैं किचन का काम करने लगी तभी रोहन किचन मे आया और..
रोहन – तुम क्या कर रही हो किचन मे

मैं – मैं किचन मे लंच बना रही हू

रोहन – तुमको पास्ता बनाने आता है

मैं – हा आता है क्यू

रोहन – तो पास्ता बनाओ ना

मैं – तुम जाओ और मार्केट से पास्ता लेकर आओ मैं बना दूँगी
रोहन – ठीक है

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मैं अपने किचन का काम करने लगी और रोहन मार्केट से पास्ता लेकर आया और मैं पास्ता बना दी क्यूकी रोहन को पास्ता बहुत पसंद है और हम दोनो पास्ता खाने लगे और रोहन मेरी तरफ देखार मुझे स्माइल कर रहा था और मैं भी रोहन को स्माइल दे रही थी और हम दोनो ने पास्ता खाया.
उसके बाद जब भी मेरे घर मे कोई नही रहता था तो मैं और रोहन दोनो लोग कुछ ना कुछ बनाकर खाते थे और कभी कभी रोहन की बहन भी मेरे घर आती थी तो हम सब लोग कुछ ना कुछ बना कर खाते थे जैसे चोवमीं पास्ता और समोशे और ऐसे ही हम सब वीक मे पार्टी करने लगे और जायदातर मैं और रोहन ही अकेले पार्टी करते थे..
क्यूकी रोहन सिर्फ़ मेरे साथ पार्टी करता था और वो मार्केट से समान लेकर आता था और मैं बना देती उसके बाद हम दोनो ऐसे ही खूब पार्टी करने लगे जब भी मेरे यहा कोई नही रहता था मैं और रोहन पार्टी करते थे और रोहन मार्केट से समान लेकर आता था और मैं बना देती थी और रोहन और मैं दोनो लोग साथ मे खाते थे..

और रोहन मुझे स्माइल भी देता था और ये हम सब हमेशा करने लगे जब भी मेरे घर कोई नही रहता था हम दोनो खूब पार्टी करते थे और होम थियेटर लगाकर डॅन्स भी करते थे क्यूकी मैं और रोहन एक दूसरे के करीब आ गये थे और एक दिन मैं और रोहन दोनो लोग किचन मे खाना बना रहे थे क्यूकी मेरे घर कोई नही था.
हम दोनो एक दूसरे की हेल्प कर रहे थे क्यूकी हम दोनो उस दिन पार्टी कर रहे थे और उस दिन चोवमीं और मोमॉस बना रहे और रोहन मेरे पीछे खड़ा था और मेरी हेल्प कर रहा था और रोहन का लंड मेरी गांड मे लग रही थी और मैं भी गरम होने लगी और अपने गांड रोहन के लंड से टच करने लगी और मज़े लेने लगी.

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