
तो दोस्तो अब मैने अपनी बीवी को उसकी शर्त का याद दिलाया तो वो मुझसे कहने लग गयी की सबर रखो टाइम आने पर बेहन का पायर और चूत दोनो मिल जाएगी. सुषमा की ये सब बाते सुन कर मुझे काफ़ी अछा महसूस हुआ और मैने भी हिम्मत बनाए रखी.
उधर रात हो रखी थी और काजल सुहागरात वाले कमरे मे चुप चाप हो कर बैठी हुई थी. मुझे उसका ये खयाल आता तो मुझे उसकी याद आने लग जाती और याद मे लंड भी खड़ा हो जाता. पर फिर भी मैने हिम्मत रखी और चुप चाप उस पल का इंतेज़ार करने लग गया.
क्योकि मैं जनता था की मेरी बीवी सच मे बहुत चालाक है और वो मेरा काम अच्छे से बनवा देगी. इसलिए मैं बेचिंत हो कर बैठा रा. उधर अब सुषमा अपनी ननंद के पास गयी जो की चुप चाप बैठी हुई थी. और फिर भाभी को देख कर वो सुषमा के गले लग गयी और थोड़ा बहुत रोने भी लग गयी.
काजल को यहा से जाने का दुख हो रा था इसलिए वो चिपक कर रो रही थी की तभी सुषमा ने उसे चुप कराया और उससे प्यारी प्यारी बाते करने लग गयी. अब जब ये सब बाते ख़तम हुई तो सुषमा ने काजल से मेरे बारे मे जीकर किया.
मेरा नाम सुनते ही काजल थोड़ा चोंक गयी और फिर बोली की भैया को क्या हुआ. तो सुषमा ने उससे कहा की तुम्हारे भैया को तुम्हारे जाने का बहुत दुख लग रा है और वो वाहा बैठ कर चुप चुप कर रो रहे है. मैने भी उन्हे काफ़ी संभाला है पर वो न्ही चुप हो रहे. मैने सोचा की क्या पता बेहन के कहने पर चुप होज़ाये और हिम्मत रखे इसलिए तुमसे उनका जीकर किया.
काजल ये बात सुनते ही चुप हो गयी और फिर एक दम से बोली की भैया को आप अंदर भेजो मैं उनको होसला देकर चुप कर्वौन्गि. बस इतना सुनते ही सुषमा फिर से उससे बोल पड़ी की तुम ही अपने भाई को पायर से समझाओ और याद रखना की अगर वो पायर मे तुम्हारे साथ किस करलेटे है तो तुम भी उनका साथ देना.
भाभी की ये बात सुन कर वो मान गयी और उसने कहा की मैं वेसा ही करूँगी जेसे की आप कह रहे हो. सुषमा ये सब सुन कर काफ़ी खुश हुई और फिर बाहर आते हुए कहने लग गयी की भैया को भेजती हूँ और मैं रात के 2 ब्जे तक अपने भाई के पास चली जाती हूँ.
अब ये सब कह कर सुषमा बाहर आ गयी और फिर उसके बाद मुझे देख कर वो बोली जो तुमने कहा था वेसा ही कर के आई हूँ इसलिए जो भी करना आराम से करना और अपने इस हथियार को अंदर धीरे धीरे ही डालना क्योकि तुम्हारी ये है भी बहुत बड़ा और मैं काजल को भी जानती हूँ अगर उसने इसे एक बार मे ले लिया तो मर ही जाएगी.
सुषमा ये सब कह कर वहाँ से चली गयी और इधर मेरे दिल मे तो जेसे लड्डू फूटने लग गये. अब मुझे बीवी की पर्मिशन भी मिल गयी थी इसलिए मैं खुशी खुशी काजल के कमरे मे गया और उसके पास जा कर बैठ गया.
काजल मुझे देखते ही शर्मा गयी और वो ठीक वैसे ही करने लग गयी जेसे की वो मुझे अपना पति मान रही हो. ये सब देख कर मुझे भी काफ़ी अछा लगा और फिर मैं वही उसके पास जा कर बैठ गया.
मैने अब धीरे से उसके घूँघट को उपर उठाया और उसकी झुकी हुई नज़रो को हाथो से उपर किया और उसकी आँखो मे आँखे डाल कर देखने लग गया. उधर ये सब चल रा था की मेरे मन मे अपनी बीवी को थॅंक्स कहने का विचार उठ रा था. क्योकि वो ये न्ही जानती थी की हमने एक बार पहले भी ये खेल खेल रखा था पर फिर भी आज उससी की वजह से मुझे काजल की चूत जो मिलने जा रही थी.
अब मैने अपनी बेहन को पहले तो प्यार से उसके चेहरे को अपने हाथो मे भरा और फिर उसके गाल पर किस भी किया. और फिर ऐसे ही धीरे-धीरे मैने भी अपना कम करना शुरू कर दिया और उसके कपड़े उतार कर उसको नंगा कर दिया. आज मेरी बेहन मेरे सामने बिल्कुल नंगी थी और उसे ऐसा देख कर मैं पागल हुए जा रा था. मेरा लंड खड़ा हो गया था और वो भी ये जान गयी थी इसलिए मैने अब उसके होंठो पर किस करना शुरू कर दिया जिसमे वो भी मेरा साथ देने लग गयी और हम फिर एक दूसरे मे खो गये और किस ही करते चले गये.
फिर कुछ देर बाद मैने अपनी बेहन के बूब्स को हाथो मे भरा और उसे ज़ोर ज़ोर से मसलना शुरू कर दिया जिससे की उसके मूह से सिसकारिया निकालने लग गयी और उन सिसकारियो को सुन कर मेरा दिमाग़ भी कराब होने लग गया.
अब मैने बिना कोई देर किए उसके उपर 69 की पोज़िशन बना ली और उसके मूह पर लंड रख कर उसे चूसने को कहा तो वो बड़े ही मज़े से चूसने लग गयी. और फिर उसके ऐसे करने से मुझे बहुत ज़्यादा मज़ा आने लग गया और मैने भी उसकी चूत को उपर उठा कर उसपर अपनी जीब रख दी और बड़े ही मज़े से चूसने लग गया.
हम दोनो एक दूसरे की चूसा चूसा मे लगे हुए थे की हमे कुछ भी पता न्ही चल रा था की बाहर क्या हो रा है. मेरा लंड बड़ा होने की वजह से वो उसे पूरा मूह मे न्ही ले पा रही थी पर जितना भी ले रही थी उसमे मुज्जे बहुत ज़्यादा मज़ा आ रा था.
उधर काजल की चूत मे जीब अंदर बाहर करते हुए अब वो अपनी गान्ड हिला रही थी तो मैं समझ गया था की उसका निकलने वाला है इसलिए अब मैं धीरे धीरे से उसकी चूत को अपनी जीब से पूरा अंदर बाहर तक चूस रा था और फिर साथ ही मैने जीब के उपर एक उंगली रख कर चूत मे डाल दी थी.
चूत मे उंगली जाते ही उसके मूह से थोड़ी सी चीख निकल गयी पर लंड के होने की वजह से वो चीन्ख न्ही पाई और फिर अगले ही 2 के बाद उसकी चूत ने अपना सारा पानी छोड़ दिया जिसको मैने चाट कर पी लिया.
उधर मेरा लंड भी उसका मूह को चोद रा था जिसका मज़ा उसे भी आ रा था इसलिए अब मैं ज़ोर ज़ोर से उसके मूह मे चोदने लग गया क्योकि उसके मूह के चिकने पन ने मेरे लंड को पागल कर दिया था और अगले ही पल लंड ने उसके गले मे अपना पानी निकाल दिया जिसे वो पी गयी.
फिर मैं थोड़ी देर ऐसे ही उसके उपर लेट गया पर फिर मेरा लुंड खड़ा हो गया तो मैने अब उसकी टाँगे उपर उठा दी और लंड को चूत पर रख दिया. पर हम दोनो जानते थे की बिना चिकने पन के लंड अंदर न्ही जाएगा इसलिए अब मैने उसकी चूत पर और अपने लंड पर क्रीम लगाई और फिर मैने लंड को अंदर तक डाल दिया.
लंड के अंदर जाते ही वो चीन्ख पड़ी पर मैने उसके होंठो को अपने होंठो मे भर लिया जिससे वो चीन्ख भी न्ही पाई और फिर उसके बाद मैने उसकी धीरे धीरे करके चुदाई करनी शुरू कर दी और अपना पूरा लंड उस्कु चूत मे घुसा दिया और कस कस के चोदने लग गया.
पूरे कमरे मे से फॅच फॅच की आवाज़े और उसके आहह आहह की आवाज़े आ रही थी जो की मुझे पागल करे जा रही थी. मुझे खुद को कंट्रोल करना बहुत मुश्किल हुए जा रा था इसलिए अब मैं उस पर कुत्ते की तरह ज़ोर ज़ोर से चोदने लग गया.
फिर हम डोगी स्टाइल मे भी पोज़िशन ली और फिर मैं उसके उपर चॅड कर उसकी चूत को फॅच फॅच कर फाड़ने लग गया जिसका मुझे बहुत मज़ा आरहा था और मैं तो बस ऐसे ही उसके बूब्स पर भी चॅड गया और दाँत मरने लग गया जिससे की वो चिल्ला पड़ी पर मैं न्ही रुका और फिर मैने उसकी चूत का पानी निकाल दिया और अगले ही पल अपना पानी भी उसके चूत मे उतार दिया.
अब थोड़ी देर रेस्ट करके मैने देखा की सुषमा अपने भाई से चुद रही है तो काजल ने एक और बार चुदवाने को कहा तो मैने भी मना ना करते हुए उसकी चूत मे लंड डाल कर जबरदस्त तरीके से चोद डाला.
अब जब सुषमा अंदर आई तो मैने देख लिया की उससे चला न्ही जा रा था और यहा चादर पर भी खून चॅड गया था तो वो कहने लग गयी की अब तो दोनो खुश हो. मैने भी उसे हाँ कहा और उमीद रखी की मुझे दुबारा ऐसा मौका मिलेगा.