किस्मत से मिली देसी गर्ल की चूत

Xxx कॉलेज स्टूडेंट सेक्स कहानी मेरे कॉलेज की एक लड़की की है. उससे मेरी सामान्य हाई हेलो थी. मैंने ऐसे ही उसके जन्मदिन पर विश करके पार्टी मांग ली.

दोस्तो, मेरा नाम विराट है और मैं एम पी का रहने वाला हूं.
अन्तर्वासना पर यह मेरी पहली और पूरी तरह सच्ची कहानी है.

मैं पहले अपने बारे में आप सबको बता दूं. मेरी हाईट 5.9 इंच है और मेरा लंड 7 इंच लम्बा, 3 इंच मोटा है.
मैं कसरती बदन का लड़का हूं।

बात उस वक्त की है जब मैं भोपाल में इंजीनियरिंग के आखिरी सेमेस्टर में था.
मैं अपने कॉलेज में ज्यादा लड़कियों से बात नहीं किया करता था लेकिन मेरी एक दूसरे कॉलेज की गलफ्रेंड थी, उसके बारे में कभी और बताऊंगा.

अभी मेरी इस Xxx कॉलेज स्टूडेंट सेक्स कहानी में जिस लड़की का जिक्र होने वाला है उसका नाम नैना (बदला हुआ) है.
नैना के बारे में बता दूं … नाम की तरह ही वो बड़े सुंदर नैन नक्श वाली सांवली लड़की है. स्लिम बॉडी पर 34 के स्तन, उठी हुई गांड,पतली कमर किसी भी लड़के को आकर्षित कर ले।

मैंने अपने कॉलेज के चार साल में कभी उससे बात नहीं की थी क्योंकि एक तो वो दूसरी ब्रांच में थी और मैं कॉलेज की लड़कियों से संपर्क भी नहीं रखता था.

हालांकि सभी लोग फेसबुक पर फ्रेंड थे जिससे एक दूसरे को जानते जरूर थे।

हमारे लास्ट सेमेस्टर के एग्जाम खत्म होने को थे, उस वक्त सारा दिन पढ़ाई में ही बीता करता था.
जिस दिन मेरा सेकंड लास्ट एग्जाम था, उस दिन मैंने फेसबुक खोली तो देखा नैना का जन्मदिन है.

तो मैं नॉर्मल ही उसे विश कर दिया और लगे हाथ मजाक में उससे पार्टी के लिए भी कह दिया.
उसने कहा- ठीक है. तुमने पहली बार बोला है तो मैं जरूर दूंगी. लेकिन मेरे पास इतने पैसे नहीं हैं कि कहीं बाहर दे सकूं. इसलिए तुम्हें जो खाना है मैं ही बना कर तुम्हें खिला दूंगी.
मैंने कहा- इससे अच्छा क्या हो सकता है!

इस तरह नॉर्मल बात हुई हमारी, और नंबर भी एक्सचेंज हुए.
उस वक्त तक मेरे मन में कुछ भी ग़लत नहीं था.

उसने कहा था कि लास्ट एग्जाम के बाद मैं तुम्हें अपने फ्लैट बुलाऊंगी, वहीं पार्टी करेंगे.
मैंने भी हामी भर दी।

अब आखिरी एग्जाम होने के एक दिन बाद उसने मुझे सुबह 10 बजे घर आने को कहा.
मैंने सोचा कि और भी लोग होंगे इसलिए एक नेकलेस लेता गया गिफ्ट के लिए!

जब मैं उसके बताए एड्रेस पर पहुंचा तो वो नहा रही थी इसलिए मुझे काफी देर तक दरवाजे में इंतजार करना पड़ा.

उसने दरवाजा खोला तो उसके बाल भीगे हुए थे और उसने स्किन टाइट शर्ट और कैफेरी पहन रखी थी जिसमें उसके मम्मों का साइज बड़ा मादक लग रहा था.
लेकिन तब भी मेरे मन में किसी तरह का कोई ग़लत ख्याल नहीं था.

जब मैं अंदर गया तो देखा कि केवल मैं ही आमंत्रित था, कोई और नहीं!
मेरे पूछने पर उसने बताया कि कॉलेज में केवल मैंने ही उस विश किया था, और किसी ने नहीं।

यह सुनकर कि घर पर हम दोनों अकेले हैं, मेरे दिमाग में हवस का शैतान आना शुरू हो गया लेकिन मैंने कुछ जाहिर नहीं होने दिया.

इतने में उसने पूछा- बोलो जनाब क्या बनाऊं आपके लिए?
मैंने कहा- कुछ भी जो तुम्हें ठीक लगे.

तो उसने कहा- आलू के पराँठे पसंद हैं मुझे!
मैंने भी हामी भरी.

जिसके बाद वो पराँठे बनाने में लग गई और मैं भी किचन में खड़ा होकर उससे बाते करने लगा.
और साथ ही उससे मजाक में टच करने की भी कोशिश करता था ये देखने के लिए कि उसके मन में क्या है.

पराँठे बनने के बाद हमने साथ में बैठ खाना खाया. कई बार निवाले मैंने उसको अपने हाथ से भी खिला दिए जो उसे काफी अच्छा लगा.

खाने के बाद मैं एक रूम में जहां फर्श पर गद्दा डला हुआ था जाकर लेट गया और कुछ देर में वो भी पास में लेट गई.

मैंने धीरे से उसके हाथ में हाथ रख दिया जिसका उसने कोई विरोध नहीं किया.

मेरी धड़कन तेज हो गई थी लेकिन मैं हिम्मत करके उसके और पास सरक गया जिस पर उसने कुछ भी नहीं कहा.
अब मेरी हिम्मत बढ़ने लगी थी और मैंने उसके गाल पर किस कर दिया.

उसने किस करने पर मुझे दूर लेटने को कहा.
जिस पर मैंने उसके होंठों पर होंठ रख दिए.

पहले वो थोड़ा झिझकी और मुझे धक्का देने की कोशिश की.
लेकिन मैं पूरे आवेग में उसके होंठ चूस रहा था.

कुछ ही देर में उसने विरोध बन्द कर दिया और अपने होंठ भी मेरी ही गति से चलाने शुरु कर दिए.

थोड़ी देर नैना के होंठ चूसने के बाद मैंने उसकी गरदन को चूमना, चाटना शुरू कर दिया. जिस पर वो बिना पानी की मछली की तरह तड़पने लगी.

साथ ही साथ मैंने शर्ट के ऊपर से ही उसके मम्मे दबाने शुरू कर दिए.
उसके मम्मे बिल्कुल टाइट थे.
मैंने इसके पहले इतने कड़े दूध नहीं दबाए थे.

कुछ ही देर में मैंने होंठों को चूसते हुए उसकी और अपनी शर्ट उतार दी.
नैना इतनी गर्म हो चुकी थी कि वो तो आंख भी नहीं खोल रही थी.

मैंने देर ना करते हुए अपनी जीभ उसकी नाभि में घुसेड़ दी और चूसने लगा, साथ में मेरे दोनों हाथ उसके दोनों मम्मे बिना रहम किए हुए दबा रहे थे, मसल रहे थे.

इतने में नैना ने मुझे कहा- मादरचोद मुझे नंगी कर दे और पूरे बदन को चाट!
नैना के इस बदले हुए रूप की मुझे बिल्कुल उम्मीद नहीं थी.

लेकिन उसके मुंह से गाली सुन कर मेरे लंड का तनाव बढ़ गया. मैंने बिना देर किए उसके बदन से सारे कपड़े उतार फेंके और मैं भी पूरा नंगा हो गया.

मैंने नैना को उसकी जांघों से चूमना चाटना शुरू कर दिया.
वो पागल हुए जा रही थी.

मैंने उसकी चूत को छोड़ कर जिस्म के हर हिस्से में जीभ फिरा डाली और उसके निप्पल को चूसते हुए उसकी चूत में केवल एक उंगली डाल दी.
जिससे वो चिहुंक उठी और धीरे धीरे जगह बनाते हुए दो उंगली अंदर बाहर करने लगा.

अब वो चुदने के लिए तड़प रही थी.
उसने मेरा लंड अपने हाथ में लिया और पूरा लंड मुंह में भर लिया और ऐसा चूसने लगी जैसे कई बरसों की प्यासी हो.

मैंने अपनी जीएफ के साथ पहले भी चुदाई की थी लेकिन उसने कभी मेरा लंड नहीं चूसा था और ना ही बिस्तर में वो इतना जोश दिखाती थी.
मैं वासना के सातवें आसमान में था, मैंने अब उसको बिस्तर में लेटने को कहा और उसके ऊपर आ गया.

अपना लंड उसकी गीली चूत में सेट करके मैंने जोर से धक्का लगाया और पूरा लंड एक बार में ही उसकी चूत में समा गया.
वो जोर से चिल्लाई- मैं मर जाऊंगी मादरचोद!

लेकिन मुझे केवल अब उसको चोदना ही दिख रहा था और मैं जोर जोर से नैना को चोदने लगा.
थोड़ा देर में ही उसको मज़ा आने लगा और वो अपनी गांड उठा उठा के मेरा साथ देने लगी.

लगभग 15 मिनट की धकापेल चुदाई के बाद मैं झड़ने वाला था.

उतनी देर में वो दो बार झड़ चुकी थी, मैंने अपना सारा माल उसकी चूत में ही झड़ा दिया और उसके ऊपर ही लेट गया.

उसके चेहरे से मुझे समझ आ रहा था कि उसको चुदाई से पूरी तृप्ति मिली है.
और मुझे चुदाई का जो मजा आज आया था, वो पहले कभी नहीं आया.

उसके बाद हमने दो बार चुदाई की.

हम दोनों अगले 6 माह तक लगभग हर हफ़्ते मिलते थे और मज़े करते थे.
हमारे बीच केवल फोन में मिलने का वक्त तय करने के लिए ही बात होती थी.

इसके आगे हमारे बीच एक नया खेल और हुआ, वो किसी और कहानी में।

दोस्तो मेरी Xxx कॉलेज स्टूडेंट सेक्स कहानी कैसी लगी, मुझे ईमेल में जरूर बताइएगा।
[email protected]

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