पड़ोस की जवान लड़की की चुदाई

X स्टोरी इन हिंदी में पढ़ें कि मेरे पड़ोस में आये नए परिवार में एक जवान लड़की मुझे अच्छी लगी. मैंने कैसे उससे दोस्ती करके उसकी चूत चुदाई का मजा लिया?

दोस्तो, मैं राज आर्य एक बार फिर से आपके सामने एक नए शहर की नई X स्टोरी इन हिंदी लेकर हाजिर हूँ.

अन्तर्वासना पर मैं इससे पहले तीन कहानियां लिख चुका हूं.
चाची के घर में गर्लफ्रेंड को चोदा
गर्लफ्रेंड को दोस्त के खेत पर दबा के चोदा
कोटा कोचिंग की लड़की का बुर चोदन

मुझे आप सभी के ईमेल भी आए बहुत सारों ने लड़कियों के मोबाईल नम्बर भी मांगे, लेकिन मैंने साफ मना कर दिया. प्राइवेसी नाम की भी कोई चीज़ होती है यार.

खैर … अब आगे बढ़ता हूँ. जो साथी मेरे बारे में नहीं जानते हैं, उनको मैं अपने बारे में बता देता हूँ. मैं मस्त गोरा स्मार्ट सा 24 साल का लड़का हूँ. मेरी लंबाई 5 फुट 6 इंच की है. मैं कसरत करता हूँ तो एकदम फिट बॉडी बनी हुई है.

अब बात करते मेरी नई X स्टोरी इन हिंदी की. मैं इस कहानी को छोटा ही लिख रहा हूँ … क्योंकि मुझे आजकल समय नहीं मिल पाता है.

मैं अभी छह महीने से राजस्थान के उदयपुर शहर में रह रहा हूँ. बात अभी 4 महीने पहले की है. जहां मैं 2 महीने से रह रहा हूँ, वहां एक दिन एक नए परिवार के सदस्य आए हुए थे.

मैं अपनी बालकनी में सुबह सुबह 8 बजे खड़ा होता हूं, तो मुझे उस परिवार में चार लोग दिखाई दिए.

एक बूढ़े से अंकल, एक मस्त भरे हुए बदन की गोरी सी आंटी और एक छोटा लड़का करीब 10 साल का … और लास्ट में एक हल्की गोरी सी, भरे हुए बदन की 32 इंच के कटीले दूध और मस्त फिगर वाली माल जैसी लड़की थी.
उसको देखते ही मेरी पूरी नींद उड़ गई. इतनी मस्त लड़की थी कि मैं उसे देखता ही रह गया. वो सभी, जहां मैं रहता हूँ, उसी के बगल वाले फ्लैट में रहने आए थे. ये जानकर मेरा दिल गार्डन गार्डन हो गया.

उन्होंने अपना सामान मेरे बगल के मकान में शिफ्ट किया. इसमें उन्हें काफी समय लग गया.

इतनी देर में मैं भी तैयार होकर मार्केट में अपने क्लाइंट्स के साथ मीटिंग करने चला गया. चूंकि मैं एक बिजनेस कंसल्टेंट्स हूँ, इसलिए मेरी इस तरह की मीटिंग्स चलती रहती हैं.

शाम को मैं वापस अपने रूम पर आया, तो वो लड़की कमरे के बाहर ही खड़ी मोबाईल चला रही थी. मैंने उसे देखा, उसने भी मुझे देखा और बस कुछ हो गया. वो मुझे करीब एक मिनट तक देखती रही, तो मैंने उसे हल्की सी मुस्कान दे दी.

वो मेरी तरफ से नजरें हटा कर अपने कमरे में चली गई और मैं अपने कमरे का ताला खोलकर अन्दर आ गया.

मैं अन्दर अपना काम करने लगा.

अचानक दरवाजे पर एक मीठी सी आवाज आई- भैया.

मैंने देखा तो ये सुबह वाली आंटी थीं.

उन्होंने बताया कि उनकी गैस की टंकी सुबह से नीचे रखी हुयी है, वो भरी हुई और उनसे उठ नहीं रही है. तो प्लीज़ आप हमारी हेल्प कर दीजिए. वो टंकी नीचे से उठाकर ऊपर उनके कमरे में ला कर रख दीजिए.
मैंने मुस्कुराते हुए कहा- हां ठीक है … मैं सुबह ही आपसे मदद के लिए कहना चाहता था. मगर मुझे जाने की जल्दी थी इसलिए कह नहीं पाया. आप बेफिक्र रहिये, मैं अभी ले आता हूँ.

बस मैं नीचे गया और कंधे पर गैस का सिलेंडर रख कर ऊपर ले आया. मैंने उनके कमरे में सिलेंडर रख दिया, तो आंटी ने तारीफ करते हुए कहा कि वाह भैया आप तो बड़े आराम से ऊपर ले आए.
उन्होंने मुझे धन्यवाद कहा और मैं वापस आ गया.

लेकिन मैंने उस लड़की पर गौर किया, तो वो मुझे बड़ी ही तिरछी नज़रों से मुझे देख कर निहार रही थी.

मैं अपने कमरे में खाना आदि खाकर काम करके सो गया.

जब अगले दिन उठा, तो तैयार होकर वापस मीटिंग के लिए जाने लगा.
कमरे के बाहर निकला, तो फिर से वो लड़की मिल गयी. मैं उसे देख कर मुस्कुरा दिया.
इस बार वो भी हंस दी और उसने मेरा नाम पूछा.

उसे मैंने अपना नाम बताया और फिर मैंने उसका नाम पूछा, तो उसने बहुत ही प्यारा नाम सपना (बदला हुआ नाम) बताया.
मैंने तारीफ करते हुए कहा कि वाह आपका तो बहुत ही प्यारा नाम है. ऐसा खूबसूरत नाम तो हर किसी का सपना होता है.
वो मेरे इस कॉम्प्लीमेंट पर हंस दी और धन्यवाद बोल कर मुस्कुरा दी.

फिर मैं चला गया और उसके रोज सपने देखने लगा कि यार इसको पटाना है. ऐसे सोचते सोचते धीरे धीरे 20 दिन निकल गए.

फिर एक दिन मैं अपने कमरे पर ही था. उस दिन मेरी कोई मीटिंग नहीं थी.

मैं कमरे से बाहर निकाला तो सपना झाड़ू लगा रही थी. उसने थोड़े बड़े गले वाला टी-शर्ट नुमा टॉप पहन रखा था, तो मुझे उसके हिलते हुए बूब्स दिख गए.

ये बात उसने भी नोटिस कर ली, तो मैं वापस कमरे में आ गया और उसके सपने देखने लगा कि मैंने सपना को पटा लिया है और मैं उसके साथ मस्ती कर रहा हूँ. अपने कमरे में लाकर उसको चोद रहा हूँ.

यही सोचते हुए मैंने मुठ मार ली और और सपना के सपनों से बाहर आ गया.

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कुछ मिनट बाद एक लड़की की आवाज ने मुझे पुकारा- राज!
तो मैंने पूछा- कौन?
वो बोली- मैं सपना.
मैंने दरवाजा खोला, तो वो बोली- आप तो मुझे देख कर अन्दर ही चले गए. क्या हुआ?
मैंने कहा- नहीं ऐसी कोई बात नहीं … आइए अन्दर.

मैंने उसे कमरे में आने के लिए कहा, तो वो अन्दर आ गई. मैंने उसे कुर्सी पर बैठाया. मैं दूसरी कुर्सी पर बैठ गया और उससे बात करने लगा. कुछ देर इधर उधर की बात करने के बाद उसने मुझसे पूछा- आपकी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है क्या?

उसके इस तरह से एकदम गर्लफ्रेंड के बारे में पूछ लेने से मैं चौंक गया. डायरेक्ट ऐसे सवाल की मुझे उम्मीद ही न थी.
फिर मैंने जवाब दिया कि नहीं यार मैं तो अभी यहां नया हूँ.

वो बोली कि तो पुरानी तो होगी?
मैंने बताया कि मेरी शादी हो गयी थी और मेरी बीवी से बनी नहीं, वो चली गई. उसके बाद से कोई बनी ही नहीं.
वो चुप हो गई.

फिर मैंने उससे पूछा- तुम्हारा कोई बॉयफ्रेंड है?
वो बोली कि नहीं है … कोई पहले था अब नहीं है.
मैंने उसे आंख मारते हुए कहा- ठीक है, तो कोई बना लो. हम दोनों इतने तो फ्रेंडली हो ही गए हैं.
इस पर उसने हंस कर जवाब दिया- हां जरूर.

फिर उसकी मम्मी ने उसे बुला लिया, तो वो चली गई.

अब वो मुझमें इंटरेस्ट लेने लगी. मैं भी यह मौका छोड़ना नहीं चाहता था. वो रोज मेरे कमरे पर आने लगी और हम बातें करने लगे. मैं रोज उसके फिगर को घूरता रहता था और वो मुझे देखती रहती थी. उसने मुझे कई बार अपने मम्मों को घूरते हुए पकड़ लिया था, लेकिन वो कुछ बोलती नहीं थी.

बीच बीच मैं कभी उससे हाथ मिलाने के बहाने में उसे छूने के बहाने निकालता रहता था और वो भी मेरे मजे लेती.

एक दिन ऐसे ही मजाक मस्ती में उसका हाथ मेरे लंड पर लग गया, तो एकदम से उसके मुँह से निकल गया कि काफी बड़ा है.
मैंने पूछा- क्या?
वो कंटीली नजरों से मेरे लंड को देखते हुए बोली- कुछ नहीं.

वो जाने लगी, तो मैंने उसका हाथ पकड़ लिया और एकदम से खींचा तो वो मेरे ऊपर गिर गई और मेरे सीने से लग गई.
उस वक्त तो वो मेरी चौड़ी छाती पर हाथ फेरकर शर्मा कर भाग गई. मैंने भी मन में सोचा कि मेरा काम तो बन गया है.

अब मैं बस किसी मौके के इंतजार में था.

एक दिन उसके मम्मी पापा बाहर गए हुए थे और उसका भाई भी साथ में बाहर गया हुआ था.
उस वक्त मैं सपना को चोदने का प्लान बना ही रहा था कि सपना ने बाहर से मुझे आवाज दे दी.

मैं उठ कर बाहर आया, तो उसने मुझे अपने घर में बुला लिया.
उसने कहा- किचन में मुझसे दाल का डिब्बा नहीं उतर रहा है. प्लीज़ मेरी हेल्प कर दो.

मैंने उसे देखा और मुस्कुराते हुए दाल का डिब्बा उतार दिया.

फिर मैं वापस आने लगा तो उसने कहा- अब कहां जा रहे हो? यहीं रुक जाओ यार … आज अकेली हूँ घर में कोई नहीं है.
मैं समझ गया कि ये आज चुदने का पक्का इरादा बना कर बैठी है. मैं किचन में ही रुक गया और उसको निहारने लगा.

सपना ने कहा- क्या देख रहे हो?
मैंने कहा- कुछ नहीं.
वो दाल बनाने लगी.

उस दिन सपना ने ऊपर पिंक कलर की टी-शर्ट और नीचे काले रंग की पजामी पहन रखी थी, जिसमें से उसकी गांड और बूब्स बहुत ही उभर कर बाहर आ रहे थे. मेरा मन तो किया कि अभी पकड़ कर सपना को अपनी बांहों में भर लूं … लेकिन मैंने खुद पर काबू किया. मैं जानना चाहता था कि इसका मन क्या है, पहले इसे देखते हैं. बाकी बाद में तो आज इसे चोदना ही है.

इतने में सपना पानी लेने के लिए मुड़ी, तो मैं उसके पीछे ही खड़ा था. एकदम से मुड़ने से उसके और मेरे होंठ मिल गए और मैंने फायदा उठाते उए उसके होंठ चूम लिए.

वो एकदम से पीछे को हटी और बोली कि सॉरी गलती से हो गया.
मैं बोला- हम्म … गलती से सही काम हो गया.
वो मुस्कुरा दी.

बस मैं अपना कंट्रोल खो बैठा और मैंने सपना को बांहों में भर लिया. सपना एकदम से डर गई और अपने आपको छुड़ाने लगी, लेकिन मैंने उसे नहीं छोड़ा और कसके जकड़ कर अपनी बांहों में भर लिया. मैं उसकी गर्दन में चूमने लगा और पीठ पर हाथ फेरने लगा.

वो कसमसाने लगी.
मैं उसके कान के नीचे ऊपर तेज तेज चूमने लगा, तो धीरे धीरे उसने भी विरोध करना बंद कर दिया.

मैंने अब उसके होंठ चूमने लगा. सपना भी पूरा साथ देने लगी.

फिर मैं उसके होंठों को जोर शोर से चूमने लगा. कभी ऊपर वाला होंठ चूसता, तो कभी नीचे वाला, तो कभी उसके मुँह में जीभ डालकर उसे चूमने लगता.

ऐसे ही हम दोनों करीब दस मिनट तक एक दूसरे को चूमते रहे. फिर मैंने उसकी टी-शर्ट को उतार दिया, तो सपना शर्मा गयी.

मैंने फिर से उसे चूमना चालू कर दिया और दोनों हाथों से सपना के मम्मों को जोर से दबाना शुरू कर दिया.

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एक बार तो जोश में मैंने पूरी ताकत से उसके चूचे भींच दिए, तो वो सिहर उठी.
वो- आह धीरे करो … क्या उखाड़ोगे.

फिर मैंने हंसते हुए धीरे धीरे उसके दूध दबाने शुरू कर दिए और निप्पलों को मसलने लगा.

सपना भी कामुक हो उठी और मोन करने लगी. फिर मैंने उसकी काली रंग की ब्रा को उतार दिया. उसके 32 इंच के गोरे गोरे बूब्स मेरी आंखों के सामने आ गए.

मैंने फिर से एक बार उसके मम्मों को निहारा और जोर से दबा दिए. उसकी पीठ को मैंने अपने सीने से लगा कर बिठाया और पीछे से उसके मम्मों जोर से दबाने लगा. आगे मुँह करके उसके होंठ चूमने लगा. निप्पलों को मसलने लगा.

मैं सपना को दबा कर चूम कर गर्म करने लगा था. वो भी मस्त होने लगी थी.

फिर धीरे धीरे उसके पेट को सहलाते हुए उसकी पजामी में हाथ डालकर मैंने सपना की चूत को सहलाया तो मालूम हुआ कि उसकी चूत पूरी तरह से पानी पानी हो गयी थी.

मैं सपना की पीठ को चूमने लगा और फिर उसे सीधा करके उसके होंठों को चूमते हुए मम्मों को बारी बारी से पीने लगा और निप्पलों को काटने लगा. मैंने उसके एक दूध पर भी काट लिया, तो सपना की चीख निकल गयी.

फिर मैं उसके पेट को चूमते हुए नीचे आने लगा और उसके लोवर को उतार दिया. उसकी गोरी चिकनी जांघों को चूमने लगा. हाथ से सहलाते हुए उसकी काले रंग की पेंटी को भी उतार दिया. अब उसकी फूली हुई गुलाबी चिकनी चूत मेरे सामने आ गई.

मैंने उसकी चुत को चूमना चालू कर दिया. फिर सपना को किचन में गैस स्टैंड पर बिठा कर उसके पैर फैला दिए और चूत को चूसने लगा. फिर जीभ से उसकी चुत को कुरेदने लगा.

सपना अपने हाथों से मेरा सर अपनी चूत में दबाने लगी और वो एकदम से झड़ गयी. मैं अपनी खूबसूरत पड़ोसन सपना की चुत का सारा पानी पी गया.

फिर उठ कर मैंने अपने कपड़े उतार दिए और सपना की गोरी चिकनी चुत में अपना 7 इंच का लंड सैट कर दिया. उसने भी टांगें खोल कर मेरे लंड को अपनी चुत की फांकों में रखवा लिया. चुत की फांकों की गर्मी से मेरे लंड को सहन नहीं हुआ और मैंने एक ही झटके में आधा लंड डाल दिया.

अभी लंड अन्दर गया ही था कि सपना की जान निकल गयी. उसकी चूत बहुत टाइट थी, लेकिन वो चुदी हुई थी इसलिए खून नहीं निकला था.

मैंने एक बार फिर से जोर लगा कर झटका मारा और पूरा लौड़ा उसकी कोमल सी चूत में उतार दिया.
सपना दर्द से कराह उठी.

मैं एक पल के लिए रुक गया और उसे चूमने लगा. मैं नीचे से धीरे धीरे उसको पेलने भी लगा. कुछ ही झटकों में चुत ने लंड को झेल लिया और उसका भी दर्द कम हो गया.

अब मैंने जोर जोर से उसकी चुदाई चालू कर दी और करीब 10 मिनट तक चोदता रहा. चुदाई की गर्मी बढ़ी, तो दोनों साथ में झड़ गए. मैंने उसकी पूरी चूत को वीर्य से भर दिया और गैस स्टैंड पर वीर्य गिरने लगा.

चुदाई के बाद मैंने सपना को बांहों में उठाया और उसे बेडरूम में ले गया.

उधर मैंने उसे फिर से चूमना चालू कर दिया. करीब पांच मिनट के बाद दोनों का मौसम बन गया, तो मैंने इस बार उसे घोड़ी बना दिया और पीछे से लंड पेल दिया.

इस बार वो भी मस्त थी … तो मैंने उसे दबा कर चोदा और उसके कूल्हे पर थप्पड़ मारने लगा. साथ ही जोर जोर से उसकी चूत में धक्के मारने लगा.

आपको तो पता ही है कि घोड़ी बना कर लड़की को चोदने में बहुत मजा आता है.

दस मिनट की इस दूसरी बार की चुदाई में सपना दो बार झड़ गयी थी.

फिर मैंने भी उसकी चूत में लंड झाड़ कर खुद को शांत किया और मैं उसके ऊपर ही लेट गया.
हम दोनों बातें करने लगे.

सपना ने बताया कि आज तक उसकी इस तरह की चुदाई नहीं हुई थी. वो अपने बॉयफ्रेंड से बस एक दो बार ही चुदी थी. उस साले में जरा भी दम नहीं था.

कुछ देर बाद सपना ने अपने आपको साफ किया. किचन में जाकर खाना बनाया. हम दोनों ने साथ में खाना खाया.

इसके बाद मैंने एक बार फिर से उसकी चूत चोदी और अपने कमरे में आकर सो गया.

शाम को उसके भाई, मम्मी पापा घर आ गए थे … तो मैंने उसके भाई से बात की.

पता चला कि वे सब लोग सपना के लिए लड़का देखने गए थे जो उन्हें पसंद आ गया था.
सपना के मम्मी पापा ने दो महीने बाद ही उसकी शादी करने का फैसला कर लिया था.
इस बीच एक बार मैंने फिर से सपना को मेरे रूम पर लाकर चोदा.

उसकी शादी हो गई … तो मैंने भी कमरा बदल दिया. इसके बाद फिर उससे मेरी कोई मुलाकात नहीं हुई.

दोस्तो, आपको मेरी यह X स्टोरी इन हिंदी कैसी लगी मुझे मेरी ईमेल आईडी पर मेल करके जरूर बताएं.
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