वाइफ़ स्वैपिंग किसकी बीवी किसका पति-1

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दोस्तो, मेरी हिंदी सेक्स कहानियाँ आपको पसंद आती हैं, यह आपके भेजे मेल्स को पढ़कर पता चलता है और अच्छा लगता है।

आज की सेक्स स्टोरी हमारे एक पाठक ने यू. पी. से भेजी है, उनकी बातें मुझे इतनी दिलचस्प लगी कि इसको कहानी का रूप देने के लिए मुझे उनसे कई बार फोन पर बात करनी पड़ी।

कहानी में रोमांच तभी आता है जब बातें वास्तविकता के धरातल पर कुछ अपने साथ बीती सी महसूस हो!

मेरे दोस्त का नाम है माही, जो एक व्यस्त व्यापारी हैं जो अपना ऑफिस दिन में बिलकुल नहीं छोड़ सकते और उनकी पत्नी श्वेता जो बहुत खूबसूरत हैं और रचनात्मक कलाओं की माहिर है।

कहावत है खुदा जब हुस्न देता है, नजाकत आ ही जाती है, बस इसके आगे ये और लिख दें कि वो कुछ भी पहन लें, कायनात में आग लग ही जाती है।

श्वेता को पेंटिंग का शौक है और वो इंटीरियर डेकोरेशन का कोर्स किये हुए हैं इसलिए जब माही और श्वेता के किसी दोस्त को अपनी कोठी में इंटीरियर का काम करना होता है तो वो अपने आर्किटेक्ट की कम श्वेता की ज्यादा मानते हैं।

श्वेता ने कई बार माही को कहा कि वो उसे ऑफिस खोल कर काम करने दे, पर माही नहीं चाहता कि श्वेता भी उसी की तरह व्यस्त हो जाए।

दोनों को सेक्स खूब पसंद है और वो भी रोमांच वाला!
भले ही माही दिन में अपने ऑफिस से उठ नहीं सकता, पर रात को आठ बजे से सुबह 10 बजे तक उन्हें सिर्फ श्वेता चाहिए।
यह बात दोनों ने अपनी शादी तय होने से पहले स्पष्ट कर ली थी।

श्वेता ने बेबाकी से कह दिया था कि उसका एक अजय नाम के लड़के से बहुत डीप अफेयर था पर कैरिएर के लिए वो आगे पढ़ाई करने विदेश चला गया और यह बात श्वेता को नागवार गुजरी तो उसने अजय से सम्बन्ध तोड़ लिए और अब वो उसकी जिन्दगी में कहीं नहीं है।

माही को साफ़ तरीके कही श्वेता की यह बात बहुत अच्छी लगी और उसने भी उससे स्पष्ट कह दिया कि उसे श्वेता के गत जीवन से कोई मतलब नहीं!

माही और उसका परिवार तो श्वेता की सुन्दरता का दीवाना था, अतः माही ने उससे एक ही शर्त रखी कि श्वेता उसकी किसी बात को मना नहीं करेगी और माही भी उसकी जिन्दगी में ज्यादा दखलंदाजी नहीं करेगा।

और इसी बात का परिणाम था कि श्वेता की जिन्दगी में कोई टोका टाकी नहीं थी।

माही के ऑफिस जाने के बाद और लौटने तक वो अपनी जिन्दगी अपनी मर्जी से जीती थी.. मसलन अपना घर अपनी मर्जी से सजाना, सहेलियों के पास घंटों रूक जाना… मेटिनी शो की मूवी देखना… वो वह सब कुछ पहनती थी जिसे आज नई उम्र की लडकियां पहनना चाहती हैं।

उनके एक ही लड़की थी जो श्वेता जैसी ही प्यारी थी और अपनी दादी दादा के पास जबलपुर रह कर पढ़ रही थी।

माही को एक शौक बड़ा अजीब था कि हफ्ते में बिना दो-तीन पोर्न मूवी देखे उसे नींद नहीं आती थी… उन दोनों ने कामसूत्र की सोलह कलाओं के अलावा अपनी छतीस कलाएं और डेवेलप कर रखी थीं।

श्वेता को भी इन सबमें खूब मजा आता था और उसके पास नाईट वियर और सेक्स टॉयज की बहुत वैरायटी थी जो उन लोगों ने अपने विदेश के दौरों में खूब इकट्ठे किये थे।

हर पंद्रह दिनों में एक मसाजर आती थी और दोनों की न्यूड मसाज करती थी और इस बात को चुप रहने के उसे भरपूर पैसे मिलते थे। एक बार श्वेता की गैरमौजुदगी में तो माही उसको चोद भी चुका था पर पैसे की खनक के आगे उसने कभी कोई एतराज नहीं किया।

अब हम कहानी पर आते हैं।

पोर्न मूवी देखते देखते दोनों इतने सेक्स एडिक्ट हो गए थे कि वो सेक्स में रोमांच की किसी भी सीमा को पार कर जाते थे।

पिछले दिनों गोवा घूमने जाने पर कई बार श्वेता बीच पर बिना ब्रा पैंटी के ऐसे कपड़े पहने थी कि उसके निप्पल और उसकी चूत की झलक जवां लड़कों को मिल जाए और उनके लोअर में तम्बू खड़ा हो जाए।

एक बार तो होटल का वेटर बड़ा खूबसूरत कश्मीरी युवक था तो श्वेता ने बाथरूम का दरवाजा हल्का सा खुला छोड़ के शावर में बाथ लिया जबकि वो जानती थी कि वो वेटर उसे झांक कर देख रहा है।

तो ऐसी मस्ती से दोनों को ही ऐतराज नहीं था।

एक रात तो दोनों ने हद ही कर दी, देर रात दोनों होटल के रूम की बालकनी में ड्रिंक लेते हुए आये और वहीं माही ने श्वेता और अपने पूरे कपड़े उतार कर श्वेता को बालकनी की रेलिंग पर झुककर घोड़ी में चोदना शुरू किया।

श्वेता भी बिना शर्म के आवाज निकल रही थी।

आवाज सुनकर बराबर के कमरे से एक जोड़ा जो शायद हनीमून पर आया था, वो भी अपनी बालकनी में आ गया।

अब कितना भी अँधेरा हो चुदाई की आवाज तो अलग ही मालूम पड़ जाती है।
बस वो कपल भी शुरू हो गया।

और उसके बाद दोनों जोड़े अपने रूम से आकर एक दूसरे से मिले और माही के प्रस्ताव पर दोनों जोड़ों ने एक सामूहिक चुदाई का प्रोग्राम अगली रात के लिए बनाया जिसमें उस हनीमून वाले जोड़े के अलावा उनका एक और मित्र जो हनीमून पर ही आया था, वो भी शामिल हुआ।

रात को डिनर के बाद बजे तीनों कपल माही के रूम में इकट्ठे हुए।

हालाँकि माही की शादी को तब 3 साल हो चुके थे पर श्वेता की जवानी और माही का गठीला बदन उन दोनों जोड़ों पर भारी ही पड़ रहा था। उनके नाम अनिल-सीमा और वैभव-सरोज थे।

अब सब लोग बेड और चेयर्स पर बैठ गए और माही ने टीवी पर पेनड्राइव से पोर्न मूवी लगा दी जिसमें दो जोड़े बीवियों की अदला बदली करके चुदाई कर रहे थे।

अनिल और वैभव ने यह पहले ही बोल दिया था कि सब लोग सिर्फ अपनी अपनी बीवियों की चुदाई करेंगे, क्योंकि सीमा और सरोज पार्टनर बदलने के लिए तैयार नहीं थीं।

अनिल ने सबके लिए ड्रिंक्स बनाए, सीमा और सरोज ने ड्रिंक्स को मना किया तो श्वेता ने उनके लिए कोल्ड ड्रिंक फ्रिज से निकाल दी, पर सीमा और सरोज की निगाह बचाकर व्हिस्की उसमें मिला दी।

घूँट लेते ही सीमा बोली- टेस्ट कुछ अजीब सा है?
तो श्वेता बोली- तूने अनिल का लंड मुह में लिया होगा इसलिए तेरा टेस्ट खराब है।

सीमा शरमा गई और सरोज ने भी कुछ नहीं कहा और दोनों कोल्ड ड्रिंक पूरी पी गई।

अभी जेंट्स की ड्रिंक तो चौथाई भी ख़त्म नहीं हुई थी, सब लोग ध्यान से मूवी देख रहे थे जिसमें अभी लड़कियां लड़कों के लंड चूस रहीं थी।

सीमा और सरोज को चढ़नी शुरू हो गई थी और ऐसा भांपकर श्वेता ने उन्हें एक और पहले जैसा गिलास बना कर दे दिया।

अब मूवी में लड़के लड़कियों की चूत चूस रहे थे और सबने अपने कपड़े उतार दिए थे।

माही ने श्वेता को अपने पास खींच लिया और उसे होठों से चूमने लगा, उसने श्वेता के मम्मे भी दबाने शुरू किये।

ऐसा हॉट सीन देखकर अब अनिल भी सीमा से चिपट गया और वैभव ने तो सरोज का टॉप ऊपर करके उसके मम्मे अपने मुँह में ले लिए थे, सरोज भी उसका लंड अपनी मुट्ठी में पकड़े थी।

अब सीमा और सरोज तो नशे के पूरे सुरूर में थी और अनिल और वैभव चुदाई के पूरे मूड में!

तीनों जोड़ों ने अपनी अपनी जगह बेड और नीचे बनाई और अब सबके कपड़े उतर चुके थे।
तीनों लड़कियों में श्वेता का नंगा बदन अलग ही चमक रहा था। उसके सुडौल मम्मे अनिल और वैभव को ललचा रहे थे।

उधर माही भी सोच रहा था कि अगर नई चूत मिल रही है तो हर्ज क्या है, श्वेता कहीं भाग तो नहीं रही है।
यह हिन्दी सेक्स कहानी आप अन्तर्वासना डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं!

माही ने लाइट बंद कर दी और अब अंधेरे में सबकी चुदाई जोरों पर थी।
तीनों लड़कियाँ शोर कर रहीं थीं।

अचानक माही ने श्वेता को उकसाया तो श्वेता ने बगल में अनिल को पकड़ लिया।

उसके छूते ही अनिल सीमा को छोड़ कर श्वेता से लिपट गया और उधर माही ने सीमा की चूत में अपना लंड दे दिया।

अब माही और अनिल एक दूसरे की बीवियों की चुदाई कर रहे थे।
इस बात का एहसास जैसे ही वैभव और सरोज को हुआ तो वैभव भी माही की ओर खिसका और सरोज को छोड़ कर सीमा के मम्मे चूसने लगा।

इस पर सरोज ने माही के होंठों से अपने होंठ मिला दिए और अब माही का लंड सरोज के अंदर था। पता नहीं किसने किसको कितनी बार चोदा और किसने किस की चूत में माल डाला।

और चूंकि दोनों हनीमून कपल थे तो पता नहीं नौ महीने बाद किसका रिजल्ट किसके साथ वाला आउट होगा, कुछ होश नहीं था।

हाँ इतना जरूर है कि एक रात में इतनी चुदाई इन तीनों लड़कियों की सुहागरात पर नहीं हुई होगी।

सुबह चार बजे सब लोग अपने अपने कमरों की ओर लपके।

लड़कियों से तो चला भी नहीं जा रहा था और अपने साथ जो होटल का हैण्ड टॉवल वो लाई थी, वो वीर्य से बिल्कुल गीला था, जिसे उन्होंने अपनी अपनी चूत में ठोक रखा था।

यह हिन्दी सेक्स कहानी कई भागों में चलेगी।
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