प्यासी विधवा औरत से प्यार और सेक्स

नमस्कार दोस्तो, मैं राज रोहतक से अपनी कहानी लेकर फिर से हाजिर हूँ. यह कहानी पिछले साल की है, मैंने जो भी कहानियां यहां लिखी हैं, वो सभी एकदम सच हैं. मुझे खुद महसूस होता है कि मेरे लिखने का तरीका थोड़ा गलत था. लेकिन अब मैं अच्छे से लिखने की कोशिश करूंगा.

मेरी पिछली कहानी थी
देसी भाभी का प्यार और सेक्स

मैं पहले कुछ अपने बारे में बता दूं, मैं 5 फुट 11इंच का 29 साल का युवक हूँ और रोहतक में ही एक प्राईवेट नौकरी करता हूँ.

मैंने भी जिगोलो बनने की सोची और बहुत जगह पैसे बर्बाद कर दिए, पर कुछ हासिल नहीं हुआ.

दोस्तो, आपको बता दूं कि अखबारों और नेट पर बहुत विज्ञापन आते हैं. वे लोग पैसे पहले लेते हैं और बाद में फोन भी नहीं उठाते.

मैं शादी के बारे में नहीं सोच रहा था क्योंकि मैं ऐसे ही जिदंगी में मस्त रहना चाहता हूँ. जिन मित्रों ने अभी तक सेक्स नहीं किया है, वो निराश ना हों, ऊपर वाला सबकी सुनता है.

मेरी फेसबुक आईडी ही मेरी मेल आईडी है. मैं फेसबुक का बहुत कम प्रयोग करता हूँ. कभी कोई फ्रेंड रिक्वेस्ट हो या मैसेज आता है, तो मुझे मेल से ही पता चल जाता है.

बाकी सोशल साइटों पर सभी प्रकार के इन्सान होते हैं. किसी औरत को सच्चा दोस्त चाहिए होता है, किसी गे को साथी की जरूरत होती है, या फिर किसी को लड़की की आईडी बना कर लड़कों के साथ मजाक करना पसंद आता है.

एक बार मेरी आईडी पर एक औरत की फ्रेंड रिकवेस्ट आई, तो मैंने उसकी आईडी में फोटो देखी. वो बहुत सी लड़कियों के जैसी ही फोटो थी. दूसरी तरफ मुझे ये भी लग रहा था कि कहीं ये कोई लड़का न हो.

मैंने उसे मित्रता सूची में जोड़ लिया, तो उसका ‘हाय!’ का मैसेज आया.
मैंने भी हैलो कहा.
फिर हमने एक दूसरे के बारे में पूछा.

कुछ समय तक उससे बातचीत होने पर मैं उससे खुलने लगा. तब उसने मुझे अपना व्हाटसअप नम्बर दे दिया और हम समय मिलते ही विडियो कॉल करने लगे. उसका नाम उजागर न कर पाने की वजह से मैं यहां उसका नाम रीना रख देता हूँ. असली नाम ना बताने के लिए माफ करना.

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जब मैंने पहली बार वीडियो कॉल के दौरान उसे देखा, तो वो बहुत सुन्दर लग रही थी. उसकी उम्र 45 साल के आस पास थी. रीना बहुत गोरी थी, लेकिन उम्र तो चेहरा बता ही देता है. बरहराल वो मुझे बहुत अच्छी लगी.

अब हम धीरे-धीरे सेक्स के विषय में भी बात करने लगे थे. लम्बी बातचीत चलने लगी. वो एक महिला थी, तो मेरी उसमें रूचि बढ़ने लगी. उसके साथ बात करते करते कभी कभी रात के 2 भी बज जाते थे.

रीना एक विधवा औरत थी. उसके परिवार में वो और एक उसकी जवान लड़की थी. वो एक हॉस्टल में रह कर पढ़ती थी. रीना भी एक प्राइवेट जॉब करती थी.

एक दिन रीना ने मुझे मिलने आने को कहा, तो मैंने हामी भरते हुए उससे कहा कि ठीक है . … बताओ कहां मिलना है?
उसने कहा- मैं होटल का पता भेज दूंगी. तुम कब आओगे, बस ये बताओ.
तो मैंने सोमवार को आने को कह दिया.
फिर उसने कहा- शाम को आना … हम लोग पूरी रात हम बात करेंगे.
मैंने कहा- ठीक है.

अब अंधा क्या मांगे, दो आंखें.

बस मुझे चुत की खुशबू आने लगी और फिर सोमवार को शाम के 5 बजे मैं रोहतक से दिल्ली के चल पड़ा. दिल्ली में मुझे दिलशाद गार्डन जाना था. मैं बहादुरगढ़ से मैट्रो में बैठ गया और शाम को ठीक 8 बजे मैं दिलशाद गार्डन पहुंच गया.

वहां से मैं बताए हुए होटल में पहुंच गया और होटल में एन्ट्री करके पहले से बुक किए हुए रूम की तरफ चल पड़ा.

रीना वहां रूम के बाहर खड़ी मेरा इन्तजार कर रही थी.
वो जींस शर्ट पहने हुए होंठों पर लिपस्टिक लगाए हुए रूम के दरवाजे पर खड़ी थी. मेरे आते ही उसने मुझे गले से लगा लिया और फिर हम अलग होकर रूम में आ गए.
वहां रीना ने पूरी तैयारी कर रखी थी. सेंटर टेबल पर वोडका, बियर, नमकीन वगैरह सब था.

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हम सोफे पर बैठ गए. अभी रीना कुछ शरमा रही थी, तो मैंने कहा कि एक पैग वोडका का ले लो, अब शर्म दूर हो जाएगी. ये कहते हुए मैंने गिलास में एक पैग डाल दिया.

उसने शरमाते हुए पैग लिया और आधा खुद पिया और आधा मुझे पिला दिया. अब वो मेरे बिल्कुल करीब आ गई. रीना बोली- राज मुझे एक साथी की जरूरत है … तुम मेरा साथ देना … हर समय दोगे ना?
मेरे मन में जो सेक्स की फीलिंग थी, वो बदल गई. मैंने उससे हर समय साथ निभाने का वादा किया, मैंने कहा- तुमको कभी भी … कहीं भी मेरी जरूरत हो, बस याद कर लेना.

हम एक दूसरे की आंखों में देखते रहे और इसी दरम्यान हमारे होंठ मिल गए.

कुछ देर बाद हम दोनों अलग हुए … तो वो मुझे देख कर और भी ज्यादा शरमाने लगी. मैंने उसे सोफे पर ही लिटा दिया और उसके ऊपर चढ़ गया. हमारे होंठ फिर से जुड़ गए.

कुछ पलों बाद मैंने उसकी शर्ट उतार दी और ब्रा के ऊपर से ही उसके चुचों को बारी बारी से किस करने लगा. रीना मस्ती में आंखें बन्द करके ‘ऊहऊह … उन्ह..’ करने लगी.

फिर मैंने ब्रा को ऊपर खिसका कर उसकी चुचियों को मुँह में भरकर बारी बारी से चूसना चालू कर दिया. उसका जिस्म एकदम दूध जैसा सफेद था. उसकी चुचियों को चूसते हुए मैं अब नीचे की तरफ आने लगा. उसके पेट को चूमते हुए मैंने नाभि में जीभ डाल दी.

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