
हेलो दोस्तो मैं सागर आज अपनी पहली कहानी मे आप का बहुत बहुत सवगत करता हूँ. आज से पहले मैने बहुत सारी हिन्दी सेक्स स्टोरीस इंटरनेट मे पढ़ी. जिसे पढ़ कर मुझे बहुत अछा लगा और मुझे सेक्स के बारे मे थोड़ी नालेज भी हुई.
तो दोस्तो ऐसा ही कुछ मजेदार हादसा मेरे साथ पिछले हाफते ट्रेन मे हुआ. जिसे आज मैं आप सब को बताने जा रहा हूँ. मुझे उमीद है आप को मेरी ये कहानी पसंद आएगी. और दोस्तो मैं पहले ही माफी माँग लेता हूँ अगर मुझसे कोई लिखने मे ग़लती हो जाए. क्योकि मैं आज अपनी पहली कहानी लिखने जा रा हूँ.
तो चलिए शुरू करते है.
मेरा नाम सागर मैं और मेरी उमर 25 साल है. मैं बिहार का रहने वाला हूँ. पिछले हफ्ते मुझे एक बहुत ज़रूरी काम से देल्ही जाना था इसलिए मैं पहले ही सूपरफास्ट ट्रेन मे अपनी एक सीट बुक कर ली थी. सफ़र काफ़ी लंबा था इसलिए मैं उपर वाली स्लीपर सीट बुक की थी. ताकि आराम से सो कर भी जा सकूँ. मुझे मूवीस और वीडियो सॉंग देखने का बहुत ज़्यादा शॉंक है इसलिए मैं अपने साथ अपना लॅपटॉप भी ले आया.
मेरी ट्रेन शाम के 7:30 ब्जे की थी. इसलिए मैं टाइम से पहले ही स्टेशन पर आ गया था. स्टेशन पर आते ही मेरे सामने बहुत सारी खूबसूरत लड़किया आ गयी थी. क्या कमाल की लड़किया थी एक दम नोकीले बूब्स जिसे देख कर ऐसा लगता था मानो ये दिल मे ही घुस गये हो. और कमाल के होंठ और गान्ड के तो क्या कहने. उन्हे देख कर मेरी पॅंट मे कुछ कुछ होने लग गया था.
खैर मेरी ट्रेन आ गयी मैं ट्रेन के लिस्ट मे अपनी सीट देखी तो मुझे बहुत आसानी से मेरी सीट मिल गयी. उसके बाद मैं अंदर गया और अपनी उपर वाली सीट के एक साइड मे अपना समान रख दिया. और दूसरी साइड मैं आराम से बैठ गया. मेरे पास काफ़ी सीट थी जिस पर मैं आराम से लेट भी स्कता था. तभी मैने देखा की मेरे नीचे वाली दोनो सीट एक फॅमिली ने बुक की है. उस फॅमिली मे दादा दादी और एक शायद उसकी बेटी थी. और उसके 3 बचे थे दो लड़के थे और उन सब मे बड़ी एक लड़की थी.
देखने मे ** या ** साल की लग रही थी. पर उसके बूब्स और गान्ड एक 20 साल की लड़की के जेसे थे. उसका रंग गोरा और होंठ गुलाबी बूब्स काफ़ी बाहर आए थे और साथ ही गान्ड भी. मैं उसे ही देख रा था इतने मे ट्रेन चल पड़ी. और मेरा सारा ध्यान उस लड़की ने अपनी तरफ खींचा हुआ था. सच मे काफ़ी क्यूट और स्वीट सी लड़की थी. मैं उसके लिए अपने माइंड मे कोई गलत ख़याल नही लाना चाहता था. पर जब मैं उसके बूब्स देखता था तो अपने आप मेरा लंड खड़ा हो जाता था.
उसने एक टाइट टी-शर्ट डाली हुई थी और नीचे उसने एक स्कर्ट डाली हुई थी. जिसकी वजह से मुझे उसकी गोरी और चकिनी टाँगे दिख रही थी. जिसने मेरे लंड को मचलने पर मजबूर कर दिया था. मेरा मन कर रा था की उसे केसे भी कर मैं चोद दूं. पर मैं उसे केसे चोद पाता उसकी पूरी फॅमिली उसके साथ बैठी हुई थी. इतने मे ट्रेन चल पड़ी और इसी बीच उसकी फॅमिली वालो से मेरी बाते शुरू हो गयी थी.
पर मेरा पूरा ध्यान उनकी बेटी के उपर था. वो अपने दोनो छोटे भाइयो के साथ खेल रही थी. वो मुझे बार बार देख रही थी और मैं भी काफ़ी बार उसकी आँखो मे आँखें डाल कर देख रा था. ऐसे ही करते हुए करीब 1:30 घंटा बीत चुका था. मैं घर से ही अपनी कोल्ड ड्रिंक मे वोड़ोका मिक्स करके लाया था. मैं उसे निकाला और साथ ही मैने अपना लॅपटॉप भी निकाल लिया.
और आराम से लेट कर मैं कोल्ड ड्रिंक पीने लग गया. और लॅपटॉप मे कुछ वीडियो सॉंग भी देखने लग गया. सच मे नशे की हालत मे कोई और दुनिया मे भी आ गया था. मुझे बहुत अछा लग रा था. करीब 1 घंटा और बीत चुका था.
मैने नीचे देखा तो उसकी फॅमिली वाले सोने के लिए अपना बिस्तर लगा रहे थे. और मैने देखा की वो लड़की मेरे सेम उपर वाली सीट पर सोने लगी है. ये देख मैं काफ़ी खुश हो गया. पर अब मैं उसकी तरफ ज़्यादा ध्यान नही दे रा था.
मैं अपने लॅपटॉप मे ही वीडियो देखने मे बिज़ी हो गया था. कुछ ही देर मे मैने नोटीस किया कि वो लड़की मेरे लॅपटॉप मे देखने की कोशिश कर रही थी. मैने थोड़ा सा स्क्रीन उसकी तरफ कर दी. अब वो मेरे साथ वीडियो सॉंग्स के मज़े ले रही थी. मैं जल्दी से बची हुई कोल्ड ड्रिंक पी कर ख़तम कर दी. अब मेरे उपर नशा सा चाड़ने लग गया था. मैं उस लड़की से इशारे से पूछा की उसे वीडियो ठीक से दिख रा है या नही
आस पास देखने से पता चला की चारो तरफ पूरा अंधेरा हो गया था. और अब सिर्फ़ हम दोनो ही पूरी ट्रेन मे जाग रहे थे. अब मेरे माइंड मे एक आइडिया और मैं अपने लॅपटॉप मे कुछ सेक्सी और हॉट सॉंग्स की वीडियो चला दी. उसे देख कर अब मैं गरम हो गया और मेरा लंड खड़ा होने लग गया. मैं उसे बिठाने के लिए मैं उसे अपने हाथ से नीचे की और दबा रा था. नशे की वजह से मुझे अब वो लड़की एक मस्त लड़की लग रही थी जिसे चोदने का बहुत मन करने लग गया था.
अब मैने सोच लिया था कि अब मैने केसे भी कर के उसको चोदना है. मैने पहले चारो तरफ देखा और माहौल का जायज़ा लिया. मैने देखा सब सोए हुए है. और चारो तरफ सन्नाटा है. अब मैने उसे चोदने का प्लान बनाया, मैने नोटीस किया की वो लड़की बहुत ध्यान से लाटॉप मे देख रही है. इस लिए मैं लॅपटॉप को थोड़ा सा अपनी तरफ कर दिया. जेसे ही मैने लॅपटॉप इधर किया तो वो इधर उधर हो कर लॅपटॉप देखने लग गयी.
मैं जान कर बीच बीच मे उसे लॅपटॉप दिखा देता और फिर उससे छुपा लेता. मैं उसे ऐसा दिखना चाहता था की मुझसे अब लॅपटॉप प्कड़ा न्ही जा रा है. मैने उसे धीरे से कहा कि क्या तुम कुछ देर के लिए पकड़ सकती. उसने मुझे झट से हन कह दिया. और फिर मैने उसे लॅपटॉप दे दिया. पर उससे भी लॅपटॉप प्कड़ा नही जा रा था. मैने कहा अगर तुम बुरा ना मानो लॅपटॉप तुम अपनी सीट पर रख दो और तुम मेरी सीट पर मेरे साथ आ जाओ.
मेरी बात सुन कर वो सोच मे पड़ गयी. उसने पहले नीचे देखा की उसके सारे फॅमिली वाले सोए है या न्ही. और उसकी फॅमिली वाले सब सो गये थे उसने फिर मुझे आने के लिए हन कह दिया. वो धीरे मेरे पास आई और लॅपटॉप उसने अपनी सीट पर रख दिया. जेसे ही वो मेरे पास आई मैने उसे अपने कंबल मे ले लिया. उसकी गान्ड पर मेरा लंड टच कर रा था. कसम से बहुत अच्छी फीलिंग आ रही थी. आज पहली बार कोई लड़की इतने करीब मेरे पास आई थी.
हम सामने वीडियो देख रहे थे और मैं उसकी गान्ड को धीरे धीरे सहला रा था. वो मेरे साथ पूरी तरह चिपकी हुई थी. मैने धीरे से उसका नाम पूछा तो उसने मुझे अपना नाम नेहा बताया. उसने बतया की वो +2 क्लास मे पढ़ती है. ये सुनते ही मेरा लंड और भी फूल गया. फिर मैने बड़े प्यार से उसकी स्कर्ट को उपर किया. और उसकी नंगे पत्तो और चूतडो पर हाथ फेरने लग गया. वो धीरे धीरे गरम होने लग गयी. और फिर मैं धीरे से प्यार से किस कर दिया.
वो कुछ नही बोली मैने अपना हाथ उसकी पानटी मे डाल दिया. और उसकी चूत को रगड़ना शुरू कर दिया. फिर मैने उसकी पानटी पीछे से धीरे से नीचे करी और अपना लंड उसकी गान्ड मे फिट कर दिया. लंड टच होते ही उसका पूरा जिस्म कांप उठा और मैने धीरे धीरे उसकी गान्ड को अपने लंड से रगड़ने लग गया. उसके मूह से आहह आहह की आवाज़ निकल ली और मुझे पता था की उसकी गान्ड मे लंड जाना नमुन्किन था.
इसलिए मैं धीरे धीरे उसकी गान्ड पर लंड आगे पीछे करता था और फिर कुछ ही देर मे मेरे लंड ने अपना सारा पानी निकल दिया. मैं झट से अपन रुमाल से सारा पानी सॉफ कर दिया. थोड़ी देर उसको अपनी बाहों मे ले कर मैने किस किया और उसकी चूत को अपने हाथो से रगड़ने लग गया. फिर मेरा लंड खड़ा हो गया और अब मैं उसके उपर चॅड गया.
और उसकी पानटी को उतार दिया और अपना लंड उसकी चूत मे डालने लग गया. पर चूत सच मे काफ़ी ज़्यादा टाइट थी इसलिए लंड अंदर नही जा रा था.
इसलिए मैं ज़्यादा ज़ोर नही लगा सकता था क्योकि अगर उसके मूह से थोड़ी सी भी आवाज़ निकलती तो उसके घरवाले जाग जाते. और फिर हम दोनो की शामत खड़ी हो जाती थी. इसलिए मैने प्यार से उसकी चूत को अपने लंड से मालिश करता रा और कुछ देर बाद मेरे लंड फिर से उसकी चूत पर अपना पानी निकाल दिया.
अब मैं और कुछ न्ही कर सकता था. इसलिए मैने लास्ट टाइम उसके होंठो को कस्स कर अपने होंठो मे ले कर करीब 15 मिनिट तक किस किया. और फिर उसे उसकी सीट पर वापिस भेज दिया. और फिर वो और मैं दोनो आराम से सो गये. अगले दिन मैं उठा थोड़ा लेट और मैने देखा कि मेरे साइड मे एक पेपर पड़ा हुआ था जिस पर उसका नंबर लिखा हुआ था. और कुछ ही देर मे मेरा स्टेशन आ गया और मैं नीचे उतर गया सच मे उस दिन मैं बहुत ज़्यादा खुश था.