स्टूडेंट की मा को चोदा

तो वो बोली साल मे एक बार चोद्ते है ये जब घर आते है तब.. तो मै बोला मुझे तो लगा आप तो औरों से भी बोहोत चुदाई करवाती होगी. तो उसने कहा, नही ऐसा नही है मै हर एक के साथ चुदाई नही करती हूँ, कोई अच्छा , अच्छे घर का आदमी हो तो उसे सिड्यूस करती हूँ काम बन जाए तो ही चुदाई होती है.. बाकी वक़्त मै मूली से काम चला लेता हूँ.
उसकी बातें सुन के मेने हल्के हल्के धक्के लगाने चालू कर दिए थे और अब तो पूरा लंड चूत मे घुसा दिया था.कमरा उसकी कामुक आवाज़ों से भर गया था. आआहह उउऊयईीई माआ आरााम से सर माररर गाययईी ससस्स उसके उच्छलते बूब्स मुज़मे नया कामजोश जागते और मै उमंग से धक्के लगता.

इतनी सेक्सी चुदाई से आधा घंटे मे मेरा निकल गया.. और मै बेड पे लेट गया. फिर उसने दोबारा मेरा लंड चूस के खड़ा किया तो इस बार मैने उसके मोटे मोटे बूब्स के बीच में लंड ले गया ओर चोदने लगा.
उसके बाद मै घर चला गया. और फिर दूसरे दिन शाम को उसके घर गया. कुछ देर ठीक वेसे ही रवि को पढ़ाया और किसी बहाने से उसे बाहर भेज दिया उसकी मा ने तो फिर हमारी कामलीला शुरू हो गयी.

मै उसे बाहों मे पकड़ के कमरे मे लाया और पिछली बार की तरह वैसे ही ठुमक ठुमक के उसने मुझे पूरा नंगा कर दिया फिर सेक्सी अदाओं के साथ मेरा लोड्ा अपने मुँह मे लेके चूसने लगी. मेने उसके चुतताड पे तमाचे लगाने लगा. कमरे मे आवाज़ गूंजने लगा. उसको भी बड़ा मज़ा मिल रहा था.
फिर मैने उसकी गांड के छेद मे उंगली डाली और वेसेलीन से उसकी गांड का छेद थोड़ा फ्लेक्सिबल किया और गांड चोदने लगा. चूत की तरह गांड भी बड़ी टाइट थी. ऐसी गांड भी मै ज़िंदगी मे पहली बार चोद रहा था शायद.

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फिर अचानक ही किसी ने दरवाजा खट्ट खाटाया तो उसने आवाज़ लगा के पूछा कोन है तो रवि ने कहा वो है. तो वो झुंझला के उठी नाइटी पहनी और बाहर से रवि को भगा दिया.

और फिर से मै उसकी गांड मरने मे लगा गया. इस तरह मै हर शाम उसके घर जाता रवि को ट्यूशन दे के उसे चोदता. एक बार मै उसे चोद रहा था मेरी निगाह खिड़की पे गयी, रवि खिसकी के कोने से हमे चुदाई करता देख रहा था और मूठ मार रहा था, मेरी निगाह उससे मिली तो वो देख के मुस्कुराया फिर चला गया.

बाद मे अकेले मे मेने उसे पकड़ के कहा, देख बेटा ये बात किसी को बताना मत मै तो मर्द हूँ मुझे कोई कुछ नही कहेगा तेरी मा की ज़्यादा बदनामी होगी. और फिर तेरी मा तो तेरे लिए ही सब कर रही है ना तो तू भी मन लगा के पढ़ाई कर मा की मेहनत को बेकार मत होने देना. समझा..
तो वो बोला मै सम्झ गया सर अपने मेरे और मेरी मा के लिए जो कर रहे है ना उसका मै एहसानमंद रहूँगा. फिर मेने उसका कंधा थपथपाया. और फाइनल एग्ज़ॅम मे अच्छे नंबर. से पास करा दिया. उसके बाद भी कई बार मैने रवि की मा को चोदा है.

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