गैर मर्द के साथ सुख मिला

अपने पति के साथ मे अपना पतनिधर्म निभाती, पर आज मै यहाँ आज़ाद हूँ अपने हिसाब से अपनी ख्वाहिशें पूरी करने केरने के लिए. विराल का आधा लिंग मेरे मुँह मे समा गया था. वो अपनी आँखें बंद किए अपनी मदहोश आवाज़ों से मेरा नाम लिए जा रहा था
फिर उसने मुझे हटा दिया और एक कॉंडम का पॅकेट दिया, मेने कॉंडम फाड़ के उसके लिंग पे अच्छे से चढ़ा दिया, और सीधी लेट गयी, विराल ने मेरी चूत पे लिंग टीकाया और हल्का सा पुश किया.
हफ्तें भर से कमलेश ने मेरी चुदाई नही की थी जिससे मेरी चूत का मुंहाना थोड़ा सिक्युडा था तो विराल का लिंग अंदर घुस नही रहा था. उसके लिंग का टोपा ही इतना मोटा था की मुझे भी थोड़ा दर्द हुआ. फिर उसने ज़रा चूत मे उंगली कर के चूत को थोड़ी लूस की और फिर हल्के से लिंग डाला तो पहलो बार एक गैर मर्द का लंड मेरी चूत मे गया.
मुझे हल्का सा दर्द हुआ. आआहह..सस्स.. पर ये दर्द आनंद वाला था. कमलेश के लिंग से अलग ऐएहसास दे रहा था, विराल का लिंग. कुछ देर मे विराल ने धक्के लगाने स्टार्ट किए. मेने कमर से कस के उसे पकड़ लिया. वो एक हाथ से मेरे माममे मसल रहा था, और मेरी ज़बान को अपने मुँह मे लेके चूस रहा था. इतना मज़ा शायद मुझे पहले भी नही आया था.
चुदाई के दौरान मेने विराल से पूछा की क्या मीना के अलावा तुमने किसी और के साथ किया है, तो उसने कहा नही, मीना के साथ मेने प्यार किया था, उसके अलावा मेने किसी और के साथ कभी नही किया. शादी से पहले भी नही और शादी के बाद भी नही, पर जब मेरा विश्वास टूट चुका है तो, मूज़े कुछ सम्झ मे नही आ रहा मै क्या करू. शायद तुम ही मेरा सहारा हो.
मेने विराल को दिलासा दिया की अगर हमारे बच्चों का सवाल ना होता तो हम उनसे अलग हो जाते मगर अगर हम अलग हुए तो बच्चों की ज़िंदगी बिखर जाएगी, इसलिए बच्चों के लिए ही उनसे सिर्फ़ नाम का रिश्ता निभाना होगा. बाकी हम ज़रूरी ख्वाहिशत अलग से पूरी कर लेंगे. विराल ने कहा, मै तुम्हारी बात से सहमत हूँ. तूमे कभी भी ज़रूरत पड़े चाहे आधी रात को भी क्यू ना हो मुझे बुला ले ना.
विराल का स्टॅमिना मुझे कमलेश से भी ज़्यादा पॅवरफुल लगा, फिर हम अपनी चुदाई की पहली चरम सीमा पे पहुचने वाले थे. आधे दिन की चुदाई मे विराल ने मुझे कई तरह से सुख दिया, फिर एक साथ हम दोनो स्लखित हुए और एक दूसरे की बाहों मे सो गये.
उस दिन की घटना के बाद विराल और मै कई बार मिले कभी किसी होटेल मे या किसी दिन घर पे, या कहीं गार्डेन मे. विराल और मै हम एकदुसरे मे ही अपना सुख हासिल करते, कहीं और जाने की हम ए ज़रूरत नही थी.

More Sexy Stories  भाई बहन की रोमांटिक सेक्स स्टोरी

Pages: 1 2