सपना का एक साथ दो लंड लेने का सपना

हॉट गर्ल वांट थ्रीसम सेक्स. यह कहानी मेरी कल्पना है पर मैं वास्तव में ऐसे ही करना चाहती हूँ. मैंने अपने आगे पीछे के छेद एक साथ भरवाना चाहती हूँ लंड से!

यह कहानी सुनें.

 

मैं सपना राठौड़ एक बार फिर आपसे मेरे सपने की एक सेक्स कहानी लिखकर साझा कर रही हूँ.

ये सेक्स कहानी मैं, अपनी पिछली सब कहानियों के कारण मिली प्रंशसा से प्रेरित होकर लिख रही हूँ.

पिछली कहानियां मेरे साथ हुई हकीकत में हुई घटनाएं थीं.

मेरी पिछली प्रकाशित कहानी थी: सहेली का अन्तर्वासना और पहला सेक्स

आज भी मैं जो लिख रही हूँ, वो भी मेरे मन की वो बात है, जो मेरा मन सदा से चाहता रहा था. मतलब मैं हॉट गर्ल वांट थ्रीसम सेक्स!

मैं समझती हूं कि लड़का और लड़की दोनों को ही सेक्स की बराबर की इच्छा होती है और सेक्स सबके जीवन का वो अभिन्न हिस्सा होता है, जिसके बिना जीवन अधूरा है.

ये केवल मेरे मन की सोच हो सकती है या शायद सबके मन की भी.

मैं जैसा सपना सोच रही हूं, आज वो आपके सामने पेश कर रही हूँ.

कुछ दिनों से मैं अकेली हूँ क्योंकि मेरे पति अभी 2 महीनों से अपनी ड्यूटी पर गए हुए हैं और शायद अभी और एक महीने तक नहीं आने वाले हैं.

मैं टीवी देखकर या फिर अन्तर्वासना पर कहानियां पढ़कर अपना टाइम पास कर रही हूँ.

अन्तर्वासना और फ्री सेक्स कहानी की साईट पर कुछ कहानियां तो इतनी अच्छी होती हैं कि बस चूत गीली हो जाती है.
ऐसा महसूस होने लगता है कि काश उस कहानी की नायिका की जगह मैं होती.

कुछ कहानियों में थ्रीसम सेक्स होता है, लड़की की चूत और गांड में एक साथ लंड चलते हैं.
ये सीन मुझे रोमांस से बेहद ज्यादा गर्म कर देता है. मैं सोचने लगती हूं कि उस जगह मैं होती तो कितना अच्छा होता.

मैंने एक कहानी पढ़ी थी, जिसमें एक लड़की और दो लड़के सेक्स कर रहे थे.
उसे पढ़कर मेरे तन बदन में आग लग गयी और मेरा मन विचलित हो गया.

मैं भी थ्रीसम सेक्स के बारे में सोचने लगी.

अब मेरा मन थ्रीसम सेक्स के बारे में जो सोच रहा था, आज वही मैं आपको ऐसे बता रही हूँ, जैसे मैं भी कर रही हूँ.

मैं अपनी तरफ से दो लड़कों के नाम लिख रही हूँ जो हकीकत में हैं नहीं, पर मन कर रहा है कि वो दोनों मेरे साथ एक मिलकर सेक्स करें.

मैं आज अपने एक पुरानी क्लास के साथ पढ़ने वाले लड़के से मिली.
ये मुलाकात बाज़ार में हुई थी.

आज बहुत दिनों के बाद वो मुझे मिला था.
उसका नाम प्रियांशु था और वो बहुत ही अच्छा लड़का था.

वो मुझे स्कूल टाइम से पसंद करता था पर कभी उसने मुझे इस बारे में नहीं कहा.

आज बाजार में जब मैं 11 बजे के करीब गयी थी, तो उससे पहले मैं एक थ्रीसम सेक्स कहानी पढ़ रही थी.

उस समय भी मेरे दिमाग में सेक्स वाली बात ही चल रही थी.

जब मैं प्रियांशु से मिली तो बड़ी खुशी हुई.
उसने मुझे ‘हैलो सपना …’ कहा और मेरे पास आ गया.

मैंने भी उससे हैलो कहा और हम दोनों एक तरफ खड़े होकर बातें करने लगे.

कुछ देर पुरानी बातें चलती रहीं.
फिर मैंने उसकी शादी के बारे में पूछा तो वो बोला कि कोई सपना जैसी मिली ही नहीं.

मैंने हंस कर कहा- मुझमें ऐसा क्या था?
वो बोला- कभी मिलने बुलाओ तब बताऊं तुम्हें.

तो मैंने कहा कि मेरी तो शादी हो गई है, अब मुझमें तुम्हें कुछ नहीं मिलेगा. वैसे भी अब तो मैं पुरानी हो गई हूं, तो तुम कहीं और देखो.
वो बोला- तुम तो पहले से भी ज्यादा सुंदर लग रही हो, मन करता है कि तुम्हारी सुंदरता को मैं अभी के अभी चूम लूं.

मैंने हंस कर कहा- अब मैं तुम्हारे से संतुष्ट नहीं होने वाली. मेरी शादी को काफ़ी टाइम हो गया है और मेरे दो बच्चे भी हो गए हैं, तो अब तुमसे मैं संतुष्ट नहीं होने वाली.

मेरे दिमाग में उस वक्त थ्रीसम सेक्स का कीड़ा चल रहा था और ये मौका भी मिल रहा था कि यदि प्रियांशु सैट हो जाए … तो कुछ काम बन सकता है और मेरे मन की चाहत पूरी हो सकती है.

प्रियांशु ने कहा- सपना, चलो कहीं बैठकर कोल्डड्रिंक पीते हैं.
मैंने भी हां कर दी और एक रेस्टोरेंट में चले गए.

वहां पर ज्यादा लोग नहीं थे तो हम दोनों एक कोने की टेबल पर बैठ गए और प्रियांशु मेरे साथ चिपक कर बैठ गया.
उसकी जांघ मेरी जांघ से टच हो रही थी पर मैं अनजान बन कर बैठी थी और एक लड़के के पास होना रोमांस फील कर रही थी.

वो बोला- सपना, तुम्हारी सेक्स लाइफ कैसी चल रही है?
मैंने कहा- कुछ खास नहीं. मियां जी अपनी डयूटी पर बाहर रहते हैं. एक साल में 3 बार छुट्टी आते हैं बस.

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ये सुनकर वो कुछ रोमांटिक बातें करने लगा.
फिर वो खुलता गया और अंत में उसने मुझसे सेक्स के लिए बोल दिया.

कुछ नानकुर के बाद मैंने भी हां कर दी पर मैंने उससे ये भी कहा कि मुझे संभालना तुम्हारे अकेले के वश का नहीं है.
वो बोला कि तो फिर किसी और को भी साथ लेकर आऊं क्या?

मैंने भी सकुचाते हुए कहा कि देख लेना.
वो समझ गया कि दिस हॉट गर्ल वांट थ्रीसम सेक्स!
उसने मेरा फ़ोन नम्बर लिया और वो चला गया.

उससे इतनी बात हो जाने के बाद मेरे मन में एक विशेष हलचल होने लगी थी और मेरा मन चुदाई के लिए धाड़-धाड़ करने लगा था.
ऐसा लग रहा था जैसे वो अभी ही मुझे आकर चोद दे.

मैं किसी तरह घर पहुंची और नंगी होकर बाथरूम में खुद पानी के फव्वारे के नीचे खड़ी होकर अपनी चूत में उंगली करने लगी.

उसी शाम को वो व्हाटसअप पर बात करने लगा.
जल्दी ही वो पूरी तरह से खुल गया.

वो मुझसे हर तरह की बात करने लगा.
मैं भी उससे खुल गयी और सेक्स की सब बातें करने लगी.

हमारी ये बातचीत चलने लगी और हम दोनों वीडियो चैट करते हुए एक दूसरे को अपने जिस्म दिखाने लगे.

एक दिन वो बात कर रहा था तो मैंने उसे बताया- आज मेरे घर पर कोई नहीं है.
वो बोला- आज मैं आ जाऊं क्या?
मैंने कहा- आ जाओ.

वो बोला- किसी को साथ लाना हो तो अभी बताओ.
मैंने पूछा- दूसरा कौन है?

तो उसने अपने किसी दोस्त का नाम लिया- उसका नाम संतोष है.
मैंने पूछा- वो किसी से कुछ कहेगा तो नहीं ना?
वो बोला- नहीं कहेगा.

मैंने भी उससे हां कह दिया और शाम को आने का बोल दिया.

शाम को मैंने अपने आपको हर तरह से एकदम क्लीन किया और एक सेक्सी सा गाउन पहनकर तैयार हो गयी.

वो दोनों ठीक टाइम पर आए और मैंने उनको सोफे पर बैठने को कह दिया.

मैं उनके लिए स्नैक्स ओर कोल्डड्रिंक्स लाई.
हम सबने नाश्ता किया और बात करने लगे.

फिर प्रियांशु बोला- चलो अब बेडरूम में चलते हैं.
तो मैंने कहा- हां चलो.

मैं उनको बेडरूम में लेकर आई तो प्रियांशु ने मुझे पीछे से पकड़ लिया और बोला- अब शुरू करें!
मैंने कहा- आराम से.

पर वो तो उतावला हो रहा था.
तो मैंने भी सोचा कि चलो ठीक है, चुदाई तो करना ही है.

अब वो मुझे चूमने लगा.
संतोष तब तक आराम से खड़ा रहा.

प्रियांशु ने मेरा गाउन ऊपर कर दिया और मेरे दूध चूसने लगा.

मुझे आनन्द आने लगा तो मैंने भी उसके सर में उंगलियां घुमानी शुरू कर दीं.

अब उसने संतोष को पास आने का इशारा किया तो वो भी पास आ गया और मेरा गाउन निकालने लगा.
मैंने अपने हाथ ऊपर किए तो गाउन निकल गया.

तब मैंने प्रियांशु के लिंग पर हाथ फिराया तो उसने अपनी पैंट को खोल दिया और अंडरवियर को भी उतार दिया.
मैंने जब उसके लिंग को हाथ में लिया, तो उसका साइज 5 इंच का लगा.

मुझे हल्की सी मायूसी सी हुई पर मैंने सोचा कि संतोष का शायद ज्यादा बड़ा हो, पर अभी तक देखा नहीं था.

संतोष ने मेरी पैंटी उतार दी और मेरी चूत को सहलाने लगा.
मुझे मजा आने लगा तो मैं भी प्रियांशु के लंड को हाथ से दबाने लगी.

वो भी ताव में आ गया और मेरे मम्मों से खेलने लगा और दोनों थनों को बारी बारी से जोर जोर से चूसने लगा.

संतोष ने भी मेरी चूत पर किस किया तो मैं एकदम से मचल उठी और अपने पैरों पर खड़ी नहीं रह पाई; मैं प्रियांशु के ऊपर ढेर सी होने लगी.
प्रियांशु ने मुझे बेड पर लिटा दिया और अपना लंड मेरे चेहरे की तरफ कर दिया.

अभी तक कोई थ्रीसम वाली बात नहीं हुई, पर मुझे तो केवल वही चाहिए था.
संतोष मेरी चूत पर हमला बोल रखा था और प्रियांशु मुँह को चोद रहा था.

दोनों अपने अपने इस काम में जैसे माहिर थे.

कुछ देर बाद दोनों ने अपने अपने आसन बदले.
प्रियांशु मेरी चूत चूसने लगा और संतोष अपने कपड़े उतारकर मेरे मुँह के पास लंड ले आया.

संतोष का लंड कुछ 6 इंच का था, पर पतला बहुत था.
मुझे तो केवल थ्रीसम सेक्स करना था और मैंने अन्तर्वासना पर ये भी पढ़ा हुआ था कि लंड ज्यादा बड़ा होना जरूरी नहीं होता; सेक्स में संतुष्टि ज्यादा जरूरी होती है.

तो मैं भी उसी बात को याद करके सेक्स में ध्यान लगाने लगी.
पहली बार दो अजनबी मर्दों के साथ सेक्स करने में मजा आ रहा था और ऐसा लग रहा था कि ये पल यहीं ठहर जाए.

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कुछ देर बाद आनन्द से सराबोर होकर मैं झड़ गयी और मैंने अपनी चूत का पानी प्रियांशु के चेहरे पर निकाल दिया.

प्रियांशु ने अब मेरे बूब्स दबाने शुरू कर दिए ताकि मैं फिर से गर्म हो सकूँ.
मुझे तो बार बार थ्रीसम सेक्स की ही याद आ रही थी तो उसी चक्कर में और उन दोनों की मेहनत से जल्दी ही मैं फिर से उत्तेजित हो गयी.

मैं प्रियांशु को लिटाने लगी ताकि मैं अपने मन के सेक्स की इच्छा को खुद से शुरू कर सकूं.

प्रियांशु नीचे लेट गया तो मैंने भी जल्दी से उसके लंड को चूत पर सैट किया और जोर से बैठ गयी.

लंड चूत में लेते ही एक सुकून भरी सिसकारी मेरे मुँह से निकल गयी.

प्रियांशु ने शायद ये सोचा होगा कि उसके लंड के एक झटके में चूत में जाने से मैंने सिसकारी भरी है, पर मैंने ये आह दो लंड से चुदने के बारे में सोच कर भरी थी.

अब संतोष ने मेरी गांड को संभाल लिया और अपने लंड को छेद पर लगाकर आराम से घुसाने लगा.

कुछ दर्द भी अनुभव हुआ क्योंकि उसने मेरी गांड को गीली नहीं की थी.
फिर चाहे कैसा भी लंड हो, जब दोनों छेद में एक साथ जाएंगे, तो दर्द होता ही है.

धीरे धीरे संतोष ने पूरा लंड घुसा दिया.
तब दोनों ने मुझे पकड़कर आगे पीछे करना शुरू कर दिया.

मुझे बहुत अच्छा लग रहा था.
मैं पहली बार एक साथ दो लंड से चुदने का मजा ले रही थी; मैं सातवें आसमान में उड़ रही थी.

वो दोनों भी मजे से मेरी चुदाई कर रहे थे.
कभी एक लंड अन्दर जा रहा था तो कभी दोनों एक साथ अन्दर आ जा रहे थे.

एक लंड अन्दर जा रहा था और दूसरा बाहर आ रहा था, कभी दोनों एक साथ बाहर आ रहे थे.

ये सेक्स का एक निराला ही अंदाज़ था जो उस वक़्त मुझे मिल रहा था.
मेरी चूत ओर गांड एकदम टाइट थी क्योंकि मैंने आज से पहले अपनी गांड में कभी लंड नहीं लिया था और चूत इसलिए टाइट थी क्योंकि मेरे दोनों बच्चे सर्जरी से हुए थे, तो चूत ढीली नहीं हुई थी.

इन दोनों के लंड के लिए दोनों छेद एकदम फिट थे और वो दोनों ये फील भी कर रहे थे कि सपना एकदम टाइट आइटम है.

दोनों अपनी अपनी स्पीड में लगे हुए थे और आनन्द के साथ चुदाई का तालमेल बनाए रखे थे.

मैं बीच में सैंडविच बनी हुई चुदाई का आनन्द ले रही थी.

मैं भी जोश में जोर जोर से उनके धक्कों का अपने अंदाज में रिप्लाई कर रही थी.

आज मुझे भी जैसा मैंने अन्तर्वासना पर पढ़ा था, वैसा आनन्द प्राप्त हो रहा था.

जब दो लंड साथ चुदाई कर रहे हों, वो भी एक ही लड़की की चुदाई हो रही हो, तो वो चाहे कितनी भी साइज के लौड़े हों, पर आखिर में हार लड़की की ही पहले होगी.

और हुआ भी यहीं.
दोनों छेदों में लंड होने के कारण … और पहली बार दो लंड एक साथ लेने के कारण मेरी चूत से नदी बह गई और मैं थ्रीसम का आनन्द पहली बार लेकर एकदम निढाल हो गई.

मैंने उनसे कहा- मैं झड़ गयी हूँ, अब तुम दोनों भी अपना पानी निकाल लो.

पर वो तो दोनों ऐसे लगे थे जैसे आज पहली बार चूत के दर्शन किए हों.
दोनों अपनी ही धुन में लगे हुए थे.

फिर आखिर में मेरे टाईट छेदों के सामने उनका लंड भी जवाब दे गया और दोनों ने एक साथ पानी छोड़ दिया.
दोनों ने मेरी तरफ देखकर मेरा आभार प्रकट किया.

मेरी भी इच्छा पूरी हुई पर वो दोनों तो जैसे चुदाई के बरसों से प्यासे थे तो बोले- अभी एक बार और करने दो.

मैंने भी उनका दिल नहीं तोड़ा और बोली- पहले बाथरूम जाना है और खाना खाकर करना.

उस दिन एक बार और थ्रीसम सेक्स किया, जैसे उन दोनों ने चाहा मेरी गांड चूत चोदी.
मेरी इच्छा भी पूरी हो गई.

यह आपकी सपना का हसीन सपना है, जो मैंने आपके सामने कहानी के रूप में लिखा है
ये सब मेरे मन की इच्छा है, जो कभी मेरी किस्मत में हुआ तो मैं जरूर करूंगी.

मैं समझती हूं कि हर एक इंसान के मन में सपना होता है, चाहे वो सेक्स का हो या कुछ और का हो. पर सपना हकीकत भी बनता है … और किसी किसी का सपना, सपना ही रह जाता है.

जो मेरा सपना है हॉट गर्ल वांट थ्रीसम सेक्स का … वो मैंने आपके सामने रखा है. आशा है कि आप मेरी फीलिंग को समझते हुए मेरे सपने को पसंद करेंगे. थैंक्स.
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