सेक्सी पंजाबी भाभी की कामुकता शांत की

देसी चुदाई काहानी के प्यारे दोस्तो मैं आ गया हू फिर से आपकी सेवा में हाज़िर, काफ़ी दीनो से बिज़ी होने के कारण कोई देसी सेक्स स्टोरी नही पोस्ट कर सका, इसलिए आप के साथ लेटेस्ट स्टोरी ही शेयर करता हू, 2 दिन पहले की बात है.

अमृतसर में बहुत बरसात हो रही थी, मैं घर पर अकेला था, सुबह के 8 बजे थे और में चाय पीते पीते पॉर्न देख रा था, मेरा मन भी बहुत उतावला हो रा था सेक्स करने के लिए, सोचा की मूठ मार लेता हू पर लंड को तो चुत ही चाहिए थी, तभी दिमाग़ मैं एक आइडिया आया.

मेरी एक भाभी है नमन जो की एक बार मुझे आज़मा चुकी थी जिसकी कहानी मैं पहले ही शेयर कर चुका हू जिसका नाम था “मेरी चूत का बुरा हाल कर दिया”, उन्होने फिर से मुझसे चुधने की बात कही थी.

तभी मैने सोचा एक बार ट्राइ कर लेता हू शायद वो मान जाए, मैने उनको कॉल किया और बता दिया की मैं आज अकेला हू घर पर और रात तक कोई नही आएगा.

भाभी ने जवाब दिया की वो वैसे भी आने का सोच ही रही थी क्यू की उनकी भी छुट्टियाँ चल रही है, वैसे वो दो दिन बाद आने वाली थी..पर क्यू की आज चुदवाने का मौका है इसलिए वो अभी आ जाएगी अपनी बेटी के साथ, उनकी बेटी 4-5 साल की है.

ये सुनकर तो मेरा मन बाग बाग हो गया और मैं बेसब्री से भाभी का इंतज़ार करने लगा, उनको कम से कम 2-3 घंटे लगने थे आने में, तबतक मैं गेस्ट रूम पूरा चमका दिया और ब्रेकफास्ट भी बाहर से ही ले आया.

11:30 बजे मैने नोटीस किया की कोई गाड़ी घर के बाहर आई है मैं फटा फट दरवाजा खोला और देखा की वो भाभी ही थी, मौसम बारिश की वजह से काफ़ी खुशनुमा सा था. उनकी बेटी सफ़र में थकान की वजह से शायद सो रही थी.

मैने भाभी के लिए कॉफी बनाई और ब्रेकफास्ट सर्व किया, भाभी खुश हो कर बोली वा रॉबिन जी आज बड़ी सेवा कर रहे हो, मैने स्माइल करते हुए आख मारी और कहा अभी तो बॅस शुरुआत है.

भाभी बोली उस दिन की तरहा जानवरो जैसे मत करना, मैने कहा ठीक है, भाभी ने अपनी बेटी को मेरे रूम मे लेटा दिया.

हम दोनो गेस्ट रूम मे चले गये, मौसम वैसे ही काफ़ी ठंडा था पर मैने फिर भी एसी ओन कर दिया, मैं कपड़े उतार के बेड पर आ गया और उपर ब्लॅंकेट ले लिया.

भाभी कमरे में आई, मुझे बेड पर देख के बोली तेरे इरादे आज भी ख़तरनाक ही लग रहे है, उन्होने पहले तो अपनी गोलडेन सलवार उतारी और फिर रेड कलर का कमीज़ भी उतार दिया और चेरी कलर की ब्रा पैंटी में मेरे साथ ब्लॅंकेट में आ गई.

भाभी बोली रॉबिन नॉर्मल ही करेंगे जैसे एक पति पत्नी करते हैं, प्यार से चोदेन्गा तो बार बार मौका दूँगी चोदने का नही तो पछताएगा, मैं उनकी हामी भरी और हम एक दूसरे का बदन सहलाने लग गये.

मैं भाभी की गॅंड पर हाथ फेर रा था और भाभी अंडरवेर के उपर से मेरा लंड सहला रही थी, फिर मैने भाभी के मूह में मूह डाल दिया और उन्हे फ्रेंच किस करने लगा.किस करते करते मैने भाभी को अपने उपर ले लिया, मैने उनकी ब्रा की हुक खोल दी और ब्रा निकाल के फेक दी, भाभी मेरे होंठो को चुस्स रही थी और मैने उनके बूब्स को दबाना शुरू कर दिया.

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भाभी अब मस्त होने लगी, फिर मैने उनको लेटा दिया और खुद उपर आ गया, भाभी के सारे बदन को चूमते चूमते मैं नीचे आ गया, मैंने उनकी चेरी कलर की पैंटी भी उतार दी और उनकी चूत की चेरी को उंगली के साथ सहलाने लगा.

भाभी उत्तेजित हो उठी, उत्तेजना से भाभी अब आअहेइए भरने लगी, चुत पर एक भी बाल नही था , भाभी की चुत बहुत मोटी और प्लफ्फि थी, मैने चुत में 2 उंगलियाँ डाली और अंदर बाहर करना शुरू कर दिया.

भाभी अह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह !!!! ऊह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह !!! करने लगी, मैने 5 मिंट तक फिंगरिंग के साथ साथ उनकी चुत चाटता रा और भाभी को पूरी तरहा से गरम कर दिया.भाभी की अह्ह्ह्ह्ह्ह !! आआअह्ह्ह्ह !! आअह्ह्ह्ह !!! उम्म्म्मम !!!! की सिसकियों से सारा कमरा गूँज उठा.

उनकी चुत ने भी पानी छोड़ना शुरू कर दिया, धीमी धीमी आवाज़ में अब वो खुद कह रही थी..”चोदो, चोदो मुझे रॉबिन, ” इधर मेरा लंड भी बाहर आने को उत्सुक था.

अगर मैं ना निकालता तो शायद खुद ही अंडरवेर फाड़ के बाहर आ जाता, मैने अब अपना अंडरवेर निकाल दिया, मैने लंड सीधा उनके मूह की तरफ कर दिया, भाभी पहले तो मना करने लगी मैने थोड़ी ज़बरदस्ती की तो उन्होने मूह में ले लिया और थोडा थोडा अंदर डाल के चूसने लगी.

थोड़ी देर बाद मैने उनका सिर पकड़ा और लंड सारा उनके मूह में डाल दिया, भाभी की आँखों में पानी आ गया, मैने खुद ही लंड उनके मूह के अंदर बाहर किया जिससे लंड पूरी तरहा गीला हो गया.
भाभी मेरी तरफ गुस्से में देख रही थी, पर मेरे लंड का काम तो हो गया था, लंड का लोहा बन चुका था, मैने उनको बेड पर डॉगी बनाया और उनके पीछे आ गया, भाभी ने अपना हाथ पीछे कर के खुद लंड पकड़ के अपनी चूत पर रखा.

मैने हल्का सा ज़ोर लगाया और लंड भाभी की चूत में समा गया, भाभी ने उउउउउउउउह !!! करके एक लंबी सी अयाया भरीऔर फिर धीरे धीरे गॅंड आगे पीछे करने लगी.

भाभी आराम आराम से खुद लंड अंदर बाहर करके ऊह्ह्ह्ह्ह !!! आआह्ह्ह्ह्ह्ह्ह !!! की मधाम मधाम सिसकियाँ भरने लगी, इस आराम आराम की चुदाई में मज्जा तो आ रा था पर मेरा लंड काफ़ी दीनो से प्यासा था और आफ़त मचाने के चक्कर में था, मैने भाभी की गॅंड पकड़ी और झटके मरने शुरू कर दिए.

अब भाभी की सिसकियों ने दम पकड़ा और ऊऊऊह्ह्ह !!! ओऊओह्ह !! की जगह अब आअह्ह्ह्ह्ह्ह !!! आआह्ह्ह्ह्ह !!! हाअवव !!! हावव !!! की आवाज़ आने लगी, ज़ाहिर था की भाभी अब लंड का लोहा फील कर रही थी, फिर मैने भाभी को सीधा लेटा दिया और उनकी टाँगें पीछे की तरफ फोल्ड करके घुटने उनकी चेस्ट पर लगा दिया.

अब मैं सच में आफ़त मचाना चाहता था.उनकी चूत बहुत लूझ थी इसलिए मैने भाभी को कहा की भाभी गॅंड मारनी है भाभी बोली मैने कभी नही गॅंड मे डलवाया, मैने उनकी गॅंड को थोड़ा सा गीला किया और लंड रख दिया उनकी गॅंड पर.

भाभी मना करती रही पर मैं नही माना, गॅंड बहुत टाइट थी काफ़ी ज़ोर लगाने के बाद भी लंड आधा ही अंदर जा रा था, भाभी अपने दोनो हाथो से अपना मूह दबा रही थी, आअधे लंड को ही मैं अंदर बाहर करने लगा, भाभी मुझे दूर करने की कोशिश कर रही थी पर मैं उनको समझने में लगा था की भाभी पहले थोड़ा दर्द होगा पर बादमे आपको मज्जा आएगा,

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मैने लंड को बाहर निकाल के थोड़ी देर उनकी चूत में डाला जिससे लंड लूब्रिकेट हो गया और आसानी से अंदर बाहर हो सकता था.

मैने फिर से भाभी की टाँगें पीछे की और इस बार एक ज़ोर का झटका मारा जिससे लंड पूरा अंदर चला गया, भाभी आआअह्ह्ह्ह्ह !!! उह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह !! उह्ह्ह्ह्ह्ह्ह !!! करके चीख रही थी, मैने गॅंड की चुदाई ज़ारी रखी.

10 मिनट की मुशक्कत के बाद जब भाभी को थोड़ी ठीक लग रही थी और आराम महसूस कर रही थी, मैने उनके आँखों से बह रहे आँसुओं को सॉफ किया, मैने लंड बाहर निकाला, नीचे देखा तो उनकी गॅंड पर खून लगा हुआ था, वर्जिन गॅंड का मज्जा पहली बार आया थंऐन भाभी के पास आ के लेट गया.

भाभी गुस्सा हो गई थी, भाभी बोली रॉबिन हरामी कही के , तू आदमी नही जानवर है, मैने कहा भाभी अब मज्जा भी आपको ही आएगा देख लेना आपकी सारी शिकायते दूर हो जायेंगी.

फिर मैने उनको टेढ़ा (साइड पोज़ ) में लेटया और उनकी उपर वाली टाँग को थोड़ा सा आगे करके पीछे से उनकी गॅंड में लंड डाला, इस बार कोई मुस्किल नही हुई और लंड आसानी से अंदर बाहर होने लगा.

अब भाभी को भी आनंद आने लगा और भाभी भी उउउह्ह्ह्ह !!! उउउफफफफफफ्फ़ उउम्म्म्म !!! की मोन करने लगी, 10 मिनट तक मैं भाभी को इसी तरहा चोदता, फिर भाभी बोली रॉबिन चुत मे डालो, भाभी को सीधा लेटा के मैने उनकी टाँगें फेला दी और बीच मे आ के लंड उनकी चूत में डाल के चोदने लग गया.

भाभी ने मुझे बाहों मे भर लिया और हम स्मूच करने लगे, पता ही नही चला कब हमारी ज़ोरदार चुदाई ने रोमॅंटिक चुदाई का मोड़ ले लिया, भाभी सस्स्सिईईईई !!!! ऊउउउह्ह्ह्ह्ह !!! आआअह्ह्ह्ह !!! ससिईईईईईईई !!! की सिसकियाँ भरने लग गई.

मैं भाभी का सारा चेहरा चूमने लग गया और उनके बूब्स भी दबाता रा, फिर हम दोनो बेड से नीचे आ गये, भाभी ने मेरी तरफ फेस करके अपनी एक टाँग उठा के बेड उपर रख ली, मैं उनके सामने आ गया, थोडा सा मैने अपने आप को अड्जस्ट किया था की लंड उनकी चुत के सामने आ जाए.

हम दोनो ने फिर से एकदुसरे के मूह में मूह डाल लिया, भाभी ने लंड पकड़ के अपनी चूत में डाल लिया, मैने फटाफट झटके मारने शुरू किए, झटको की बढ़ती तेज़ी के साथ भाभी की किस भी ज़ोर पकड़ रही थी, मैं अब झड़ने वाला था, भाभी को भी इसका एहसास हो गया था.

भाभी बोली मेरे अंदर मत झड़ना प्लीज़, मैने कहा भाभी आपने पिछली बार भी मना कर दिया था, भाभी बोली फिर गॅंड मैं डाल ले, चूत मे रिस्क है, मैने लंड निकाला और फटाफट भाभी को दीवार की तरफ फेस करके घोड़ी बना के लंड गॅंड में डाल दिया.

कहानी पढ़ने के बाद अपने विचार नीचे कॉमेंट सेक्षन मे ज़रूर लिखे, ताकि देसीकाहानी पर कहानियों का ये दौर आपके लिए यूँ ही चलता रहे.

मैने ज़ोरदार झटके मारने शुरू कर दिए थे की मेरे लंड में एक बूँद भी ना बचे, भाभी हहाम !! अम्म्म्मम !!! अम्म्म्म!!! की आआहएं भारती रही और मैने उनकी गॅंड में झड़ के उनकी गॅंड भर दी, मैने काफ़ी देर तक यू ही लंड उनकी गॅंड में रखा और पीछे से उनको हग करके खड़ा रा, हम दोनो लंबी लंबी साँसें भर रहे थे.