अनजान भाभी से मुलाकात और सेक्स- 2

पोर्न भाभी की चुदाई होटल में की मैंने! तब तक मैंने कभी सेक्स नहीं किया था पर अन्तर्वासना की कहानियां पढ़ कर कुछ हद तक ज्ञान प्राप्त कर लिया था.

हैलो फ्रेंड्स, मैं युवराज एक बार फिर से आपको अपनी परिचित रीटा के साथ अपनी सेक्स कहानी को लेकर हाजिर हूँ.
पोर्न भाभी की कहानी के पहले भाग
अनजान भाभी की अन्तर्वासना
में अब तक आपने पढ़ा था कि रीटा मेरे साथ सेक्स करना चाहती थी मगर मैं हिचकिचा रहा था. वो मुझसे फोन पर बातें करने लगी थी.

अब आगे पोर्न भाभी की चुदाई होटल में:

इसके बाद हमारी बातों का सिलसिला चल पड़ा.
वो अपने दुख सुख की बातें भी मुझसे बतियाती रहती थी.

रीटा और उसके पति के संबंध ठीक नहीं थे, उसके कहे अनुसार वो दोनों ना तो साथ रहते हैं और न ही उसका पति उसको खर्चे के पैसे देता है.

इससे मुझे उससे सहानुभूति भी हो गई थी.
वो मुझसे मिलने के लिए बेचैन थी और मेरे पास आना चाहती थी.

तीन महीने बाद उसने आने का प्रोग्राम फिक्स किया और मुझे बता दिया.
मैं उन दिनों अपनी नौकरी के चलते नोएडा शिफ्ट हो गया था.

हमने 9 फरवरी, 2017 को मिलने का तय किया और वो दिल्ली आ गई.
मैंने पहले ही उसके कहे अनुसार ओयो रूम बुक कर दिया था.

मैं उसे नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर लेने पहुंच गया.
उसने मुझे देखते ही गले लगा लिया.
मुझे पहली बार किसी गैर महिला ने गले लगाया था, वो भी बीच सड़क पर, जो मुझे बेहद अच्छा महसूस हो रहा था.

उसने गाड़ी में बैठते ही सबसे पहले मुझे आई लव यू बोला, जिसके जवाब में मैंने भी आई लव यू टू कह दिया.
दस मिनट बाद हम दोनों होटल पहुंच गए और चैकइन कर लिया.

मैं बहुत घबरा रहा था क्योंकि ना तो मैंने पहले संभोग किया था और ना किसी होटल में इस तरह गया था.
ऊपर से जैसे मैंने शुरूआत में बताया था कि लड़कियों से बात करने में भी मुझे हिचक होती है.

खैर … अब तो मैं ओखली में सिर दे ही चुका था.

होटल का सर्विस बॉय हमें हमारे कमरे तक ले गया.

अन्दर जाते ही रीटा ने मुझसे कहा- नजर घुमा कर देख लो, कहीं कैमरे तो नहीं लगे हैं.

ये बात सुनकर मेरी घबराहट कम हुई और खुद को हिम्मत देते हुए समझाया कि अब मूसल देने की बारी है, तो काहे का डर.

मैंने औपचारिकता करते हुए पूरे कमरे की जांच की और रीटा को आश्वस्त किया कि कोई कैमरा नहीं लगा है.

मैं हिम्मत जुटाते हुए उसके करीब पहुंच गया. उसको कसके अपने गले से लगाया और उसने भी मुझे जकड़ लिया.

मैंने उसकी गर्दन को चूमना शुरू किया और साथ में उसके मोटे और मुलायम चूतड़ सहलाने लगा.
वो मदहोश होने लगी थी.

ऐसा करते हुए हमने होंठ से होंठ मिला दिए.
इस वक़्त मेरा एक हाथ उसकी कनपटी पर था, मैं होंठ से होंठ चूस रहा था और हल्के हाथ से उसकी चूत को उसकी लैंगिंग्स के ऊपर से सहला रहा था.

ऐसा करते करते हमारी उत्तेजना बढ़ गई और हम दोनों बेड पर गिर पड़े.

उसने ऊपर एक सफेद कमीज़ पहन रखी थी, जिसमें पीली धारियां थीं.
उसके 36 के रसीले चूचे पूरे आकार में साफ़ दिख रहे थे.

बेड पर गिरने के बाद मैंने उसके चेहरे को चूमना शुरू कर दिया.
साथ में अपनी उंगलियों के साथ में उससे खेल रहा था.

होंठ चूसते हुए मैंने उसके रसीले आम दबाने शुरू कर दिए और चूमते हुए उसकी गर्दन तक आ गया.
लव बाइट दे देते हुए मजा देने लगा.

इसी दौरान उसने मेरी पैंट खोलना शुरू कर दिया और मैंने भी उसकी कमीज़ का एक एक बटन खोलना शुरू कर दिया.
जिधर जिधर से उसका वक्ष स्थल उजागर होता, मैं वहां वहा चूमता जाता.

इसी बीच रीटा ने मेरी पैंट और मेरे कच्छे को एक साथ उतार दिया.
वो मेरा लंड अपनी चूत में लेने के लिए बहुत उतावली हो रही थी.

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मैंने अब तक संभोग ना किया हो सही, पर अन्तर्वासना की सेक्स कहानियां पढ़ कर कुछ हद तक अनुभव प्राप्त कर लिया था.

मैं भी उसे तड़पाना चाहता था. मैं देखना चाहता था कि एक औरत किस हद तक तड़पती है और कैसे तड़पती है.

वो मेरे 7 इंच के लंड को हिलाने लगी.
उसी दौरान मैंने उसकी कमीज़ उतार दी थी और हाथों से उसके मम्मे दबोचते हुए उसके पेट को चूम रहा था.

अब बारी उसकी लैंगिंग्स को उतारने की थी, तो में खड़ा हो गया और उसे चूमने की बजाए उसकी कमर के पास उंगलियां घुमाने लगा, जिससे वो और भी ज्यादा मचलने लगी.
उसने मुझे अपने ऊपर खींच लिया.

अब मैं उल्टा घूम गया यानि कि 69 की पोजिशन में आ गया और उसे लौड़ा चुसवाने लगा.
उसकी लैंगिंग्स धीरे धीरे हटाने लगा और चुत चूमने लगा.

उसकी लैंगिंग्स घुटनों तक करने के बाद में उसकी लाल रंग की पैंटी, जिसपर सफेद रंग से कलाकृति बनी हुई थी, के आस पास चूमने लगा.
योनि के ठीक ऊपर जहां से पैंटी गीली हो चुकी थी, पर उंगली से मसलने लगा.

रीटा बुरी तरह तड़प रही थी.
उसने अपनी एक टांग से मेरे सिर को अपनी चूत पर ले जाने की नाकाम कोशिश की.

मेरा लौड़ा सख्त हो चुका था जिसे रीटा ने चूस चूस कर तैयार कर दिया था.

अब मैं वापस घूम गया और रीटा की गीली चूत पर लंड से घर्षण करने लगा.
मैं अब भी उसकी गीली पैंटी के ऊपर से लंड घिस रहा था.

रीटा के मम्मों को मैंने अभी तक अपने लबों से नहीं लगाया था.
अब उनकी बारी आ गई थी.

मैं रीटा को आग लगा कर छोड़ रहा था और दूसरी जगह लग जाता था.
जैसे चूत पर लंड का रगड़ना और फिर उसके मम्मों की ओर बढ़ जाना.

उसके मम्मों के पर्दे को, यानि उसकी लाल ब्रा को हटाकर मैंने अपने मुँह में उसके रसीले आम भरने शुरू कर दिए.
अपने दांतों से मैं उसके निप्पल काटने लगा.

रीटा मेरे बालों को नौंच रही थी और चोदने की गुहार लगा रही थी.
यही तड़प मैं देखना चाहता था.

मेरा पहली बार संभोग होना था तो मैं ये भी जानता था कि पहली बार में जल्दी स्खलित हो सकता हूं, इसी लिए मैं उसे पहले ही उस चरम पर ले जाना चाहता था, जिससे उसको असंतुष्टि ना हो!

और ऐसा हुआ भी.

उसके आम जी भरके चूसने के बाद मैं उसकी चूत की ओर बढ़ा.
उसकी पैंटी के ऊपर से उसकी चूत को चूम लिया, फिर पैंटी को निकाल दिया.

अब मेरा एक हाथ उसकी चूत पर था और दूसरा उसके निप्पल मसल रहा था.
इसके साथ ही मैंने अपनी गर्म जीभ उसकी चूत पर टिका दी.
उसने लंबी और गहरी सांस खींची.

पहले मुझे चूत को जीभ से चाटना बेहद अजीब लगा लेकिन फिर भी मैंने चूत को चाटना जारी रखा और उसकी चूत की गहराई को जीभ से ही नापने लगा.

उसकी कामुक आवाजें मेरे कानों में आने लगी थीं.
वो मुझे और भी उत्तेजित कर रही थीं.

उसने मेरे बाल जोर से खींचे और बोली- प्लीज अन्दर डाल दो प्लीज़!

तड़प के साथ उसको गुस्सा भी आने लगा था.

मैंने जीभ हटा ली और लंड को चूत के पास ले गया.
वो हाथ से लंड पकड़ कर अन्दर डालने लगी तो मैं उसकी ओर देख कर मुस्कुरा दिया.

मैंने उसके हाथ को पकड़ लिया और लंड को दूसरे हाथ से पकड़ कर उसकी चूत पर रगड़ने लगा.
वो बिलखने लगी और तड़पती आवाज़ में बोली- बहनचोद डाल दे … क्यों सता रहा है?

मैंने पूछा- क्या डालना है?
वो बोली- तुम्हारा वो!

मैंने पूछा- वो क्या?
वो बोली- पेनिस!
मैंने कहा- हिंदी में बोलो.
वो बोली- लंड!

इस दौरान मैं लंड चूत पर रगड़ रहा था और उसको ऐसे देख कर मुझे मजा आ रहा था.

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हिंदी में लंड चूत जैसे शब्द उसके मुँह से सुनना मुझे बहुत उत्तेजित कर रहा था.

मैंने कहा- पूरी बात कहो.
इस पर उसने बोला- अपना लंड मेरी चूत में डाल दो प्लीज.

अब मुझे भी तड़प बहुत हो रही थी तो और देर करना ठीक नहीं था.
मैंने एक झटके में पूरा लंड चूत में घुसा दिया जिस पर उसने फिर से गहरी और लंबी सांस खींची.

मुझे उसकी चूत एकदम गर्म भट्टी जैसी लगी और ऐसा लगा कि लंड पिघल सा गया हो.

मैंने तुरंत लंड बाहर निकाला और एक सेकंड रुक कर फिर से अन्दर पेल दिया.
लंड काफी देर से खड़ा था और बीच में सो भी गया था.

दोस्तो, अगर ऐसा 2-3 बार हो जाए, तो वीर्य जल्दी स्खलित नहीं होता.

फिर लगभग पांच मिनट तक मैंने उसकी चूत मारी और फिर दोनों एक साथ स्खलित हो गए.

उस दिन ना मुझे कोई जल्दी थी ना रीटा को … क्योंकि दिन के 2 बजे से लेकर अगली सुबह 10 बजे तक हम दोनों कमरे में ही रुकने वाले थे.

मैं अपने इस अनुभव को यादगार बनाना चाहता था.
इसलिए उस वक़्त तक वासना को लेकर मेरी जितनी भी कल्पनाएं थीं, मैंने सबको एक एक करके आजमाया और उसने अपना चमत्कार भी दिखाया.

हमने उस दिन 5 राउंड लगाए और अलग अलग तरीके से जैसे उसको आइस मसाज … मतलब अपने होंठों में बर्फ दबा कर उसके पूरे बदन को मसाज दिया.

आखिर में आइस क्यूब से उसकी चूत की भी मसाज की जिससे वो कराह उठी.
फिर मैंने क्यूब को उसकी चूत के अन्दर छोड़ दिया, जिससे वो और भी ज्यादा मचल उठी.

उसी समय मैंने पीछे से लंड भी उसकी चूत में घुसा दिया. इससे वो अगले ही पल ठंडे अहसास से गर्म अहसास की ओर चली गई.

इस बार मुझे स्खलित होने में दस मिनट का समय लगा.

तीसरे राउंड में मैंने फालूदे वाली रबड़ी का इस्तेमाल किया.

हम दूसरे राउंड के बाद मार्केट में घूमने गए थे तो आते वक़्त मैं लेकर आया था.
इससे हमें और एक अलग अनुभव मिला.

मुझे रबड़ी बहुत पसंद है.
जब मैंने रबड़ी रीटा के बदन पर लगायी, खास कर उसके मम्मों और निप्पलों पर, तो उसका स्वाद भी और निराला था.

रीटा तो आनन्द में गोते लगा ही रही थी क्योंकि वो भी पहली बार ये सब अनुभव कर रही थी.

गर्म बदन पर जब ठंडी रबड़ी लगी हो … और गर्म जुबान से मैं उसे चाट रहा था तो उसका मजा दस गुणा बढ़ रहा था.

जब मैंने ये रबड़ी उसकी चूत में भरी, तो रबड़ी का स्वाद नमकीन सा हो गया था.

फिर जब लंड ने रबड़ी से भरी गुफा में प्रवेश किया, तो लंड को भी अलग ही अहसास हुआ और इस बार चुदाई में समय भी कुछ ज्यादा लगा था.

चौथे और पांचवें राउंड में यही सब रीटा ने मेरे साथ किया.
जैसा मैंने उसको तृप्त कर दिया था, वैसे ही उसने मुझे तृप्त कर दिया.

उसने मेरे लंड पर रबड़ी लगा कर खूब चूसा और उसकी चूत में रबड़ी वाला लंड डाला, तो उसने उसका भी स्वाद अपनी जुबान से चखा.

इसके बाद हम दोनों नंगे ही चिपचिपे बदन के साथ सो गए.

सुबह उठ कर दोनों साथ में नहाने लगे और एक दूसरे के बदन को साबुन लगा लगा कर अच्छे से मसला.

फिर साबुन लगे लंड से फिर से रीटा को चोदा.
इसके बाद उसको चुत में जलन सी हुई. फिर बोरोलीन क्रीम लगाने के बाद उसको राहत मिली.

फिर हम दोनों ने चैकआउट किया और रीटा को पंजाब में किसी शादी में जाना था तो वो बस से जाने वाली थी.

उसको बस में बैठा कर मैं अपने फ्लैट पर चला गया.

इसके बाद एक दो घटनाएँ और भी हुई, उन्हें मैं समय मिलने पर फिर कभी बताऊंगा.

आपको मेरी ये पोर्न भाभी की चुदाई कैसी लगी, मुझे ईमेल के जरिए जरूर बताइएगा.
uccyu[email protected]