पहले प्यार की मस्त चुत चुदाई का मजा

हॉट गर्लफ्रेंड सेक्स स्टोरी में पढ़ें कि मैंने कैसे अपनी क्लास की सेक्सी लड़की को पटाया. उसे सेक्स के मना कर किराए के कमरे में उसकी सील तोड़ी.

हैलो, मैं आपका दोस्त सैम हूँ. मेरे दोस्त मुझे बाबा जी कह कर बुलाते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि मुझमें सेक्स का ज्ञान बहुत भरा हुआ है.

मैं हरियाणा के भिवानी जिले का रहने वाला हूं और दिल्ली की एक मल्टीनेशनल कंपनी में सीनियर इंजीनियर के पद पर कार्यरत हूं.

मेरी हाइट 5 फुट 7 इंच है और मेरे लंड का साइज 6.5 इंच है.

अन्तर्वासना पर यह मेरी पहली और सच्ची सेक्स कहानी है.
मैं उम्मीद करता हूं कि आप लोगों को हॉट गर्लफ्रेंड सेक्स स्टोरी पसंद आएगी.

यह कहानी तब की है जब मैं 12वीं कक्षा में पढ़ता था.
मैं हिंदी मीडियम में पढ़ता था.

उसी समय इंग्लिश मीडियम वाले सेक्शन में एक लड़की पढ़ती थी, जिसका नाम अनु था.
अनु की हाइट 5 फुट 3 इंच की थी.

उसका फिगर लगभग 32-28-34 का था. पतले और गुलाबी होंठ, गोरा रंग, बिल्कुल अप्सरा थी.
उसे देख आर मेरा दिल धड़कने लगता था और अन्दर से एक अजीब सी बेचैनी सी होने लगती थी.

मुझमें ठरक शुरू से ही भरी हुई थी, मैं मुठ मारने लग गया था, पर साला लंड लगाने के लिए किसी की चुत नहीं मिल पा रही थी.

मैं 12वीं कक्षा तक लगभग 18 लड़कियों को प्रपोज कर चुका था, पर पता नहीं क्यों हर किसी से ना ही सुनने को मिला.
इसलिए अनु को देख कर लंड फड़फड़ा रहा था.

एक दिन हमारा फिजिक्स का पीरियड चल रहा था और अनु नीचे बैठकर कुछ काम कर रही थी.
मैंने पहली बार उसकी शर्ट में से उसकी गुलाबी रंग की ब्रा को देखा और उसमें उसके दोनों कबूतर कसे हुए देखे.

मेरा मन तो किया कि उन्हें अभी पकड़ कर दबा दूं … पर मैं कुछ कर भी नहीं सकता था.

फिर मैंने धीरे धीरे अनु से बात करनी शुरू की.
जहां पर वह ट्यूशन पढ़ने जाती थी, वहीं पर मैंने भी ट्यूशन जाना शुरू कर दिया.

धीरे-धीरे हमारी बातें होने लगीं और वह भी मुझे पसंद करने लगी.

यह बात भी मुझे तब पता लगी, जब उसने अपने जन्मदिन पर अपनी सहेली के हाथ मेरे लिए चॉकलेट भिजवाई.

मैंने उससे एक दिन उसका नंबर मांगा.
उस वक्त हमारे पास पर्सनल फोन तो होते नहीं थे तो उसने अपनी मम्मी का नंबर मुझे दे दिया.

धीरे-धीरे हमारी बातें बढ़ने लगीं.
मौका मिलता … तो हम फोन पर भी एक दूसरे से बात करने लगे.
पर हमने एक दूसरे से अपने प्यार का इजहार नहीं किया था.

ऐसे करते करते 3 महीने निकल गए.
फिर 7 फरवरी 2008 प्रपोज डे आया, यह दिन मैं कभी नहीं भूल सकता.
इस दिन मैंने उसे प्रपोज करने का प्लान बनाया था.

मैंने उसे फोन करके कहा- तुम आज ट्यूशन मत जाना और पार्क में मिलना.

वह सही वक्त पर पार्क में आ गई और उसके पार्क में आते ही मौसम ने भी हमारा बहुत साथ दिया.
उसके आते ही बारिश आनी शुरू हो गई.

कितना सुहावना मौसम था, हम दोनों भाग कर एक पेड़ के नीचे खड़े हो गए और मैंने वहां उसे गुलाब का फूल निकालकर प्रपोज कर दिया.

‘आई लव यू अनु.’
उसने मेरे प्रपोजल को स्वीकार कर लिया और मुझे ‘आई लव यू टू बोला.

उस दिन हम मौसम का आनन्द लेते रहे और अपना पूरा ट्यूशन का समय वहीं पर बिताया.

मैंने भी उससे बात करने के लिए घरवालों से छुपकर एक फोन ले लिया और हम देर रात तक मैसेज में चैट करते रहते.

एक दिन मैंने उसे कैफे में चलने को कहा.

जिन दोस्तों को नहीं पता हो, उन्हें मैं बता दूं कि ज्यादातर कैफे एक ऐसी जगह होती है … जहां पर छोटे-छोटे केबिन बने होते हैं, जैसे कि हमारे साइबर कैफे में केबिन बने होते हैं. ये स्पेशली कपल्स के लिए बनाए जाते हैं.
उसमें दो कुर्सियां रखी होती हैं.

हम ट्यूशन से बंक करके कैफे में चले गए.
वहां पर हमने कुछ देर बातें की और उसके बाद मैं उसके हाथ को प्यार से सहलाने लगा.

मैंने उसे आंखें बंद करने को कहा और धीरे से उसके पास जाकर उसकी सांसों को महसूस करते हुए उसके लबों पर अपने होंठ रख दिए.

मैंने उसे जोर से हग किया और उसके लबों को चूसने लगा.
हमारी किस लगभग दस मिनट तक चली.

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उस वक्त ऐसा लग रहा था, जैसे मैं उसके लबों को बस चूसता ही रहूं.

फिर थोड़ी देर बात करने के बाद हम अपने अपने घर आ गए और हमारी उस दिन से सेक्स चैट शुरू हो गई.

हम एक दूसरे से मिलने के लिए पागल हो गए, कहीं से रूम का भी जुगाड़ नहीं हो पा रहा था.

फिर मेरे किसी दोस्त ने मुझे एक रूम के बारे में बताया, जिसका चार्ज 500 रूपए था.
उस वक्त 500 रूपए हमारे पास नहीं होते थे.

मैंने कहीं ना कहीं से जुगाड़ करके 500 रूपए का इंतजाम किया.

हम दोनों उस रूम में पहुंच गए. वहां पर एक कुर्सी, एक सिंगल बेड और एक कूलर था.
ये सब न भी होता तब भी हमें कोई फर्क नहीं पड़ने वाला था. हमें तो अपना वक्त बिताना था.

उस दिन उसने पीले कलर का पजामी सूट पहना हुआ था और वह उसमें बहुत ही प्यारी लग रही थी.

रूम में घुसते ही मैंने उसे गले से लगा लिया और उसको काफी देर तक महसूस करता रहा.

धीरे धीरे मैंने उसको गले लगाए लगाए उसे गले पर अपनी गर्म सांसों को छोड़ना शुरू कर दिया.
उसकी भी सांसें तेज होने लगीं.

मैंने उसे बिस्तर पर लेटाया और उसके गाल, माथे, आंखों पर हर जगह बहुत सारी किस करनी शुरू कर दी.

यह मेरा पहली बार का मामला था और मुझसे बिल्कुल भी सब्र नहीं हो रहा था.
मैंने फटाफट अपने कपड़े निकाल दिए और उससे भी कपड़े निकालने को बोला.

उसने नशीले अंदाज में कहा- जानू तुम ही निकाल दो ना!
मैंने उसके शर्ट और पजामी को निकाल दिया.

जब मैंने उसके कपड़ों को निकाला, तो मैं उसके शरीर की बनावट देखता ही रह गया.
बिल्कुल दूध से गोरे रंग पर काले रंग की ब्रा और पैंटी में वो हुस्न की मल्लिका लग रही थी.

मुझसे रहा ही नहीं जा रहा था.
मैंने उसे बिस्तर पर धकेला और फटाफट उसके ऊपर जाकर चढ़ गया मैंने उसके होंठों को अपने होंठों में लेकर चूसना शुरू कर दिया.

हम एक दूसरे के मुँह में जीभ डाल कर एक दूसरे से जीभ लड़ाने लगे.
मैं धीरे-धीरे उसकी गर्दन पर चूमने लगा.

गर्दन पर चूमते चूमते मैंने उसकी ब्रा की पट्टी को खोल दिया और उसकी ब्रा को निकाल कर फैंक दिया.

आह … उसके नर्म बूब्स देखकर मजा आ गया.
उसके बूब्स ऐसे थे जैसे किसी ने सीने पर 32 नंबर की दो रुई की कटोरियां रख दी हों. उसके निप्पल ऐसे तने थे जैसे उन दोनों कटोरियों के ऊपर दो किशमिश रखी हों.

मैंने उसके बूब्स पर हल्के हल्के होंठ फिराने शुरू किए और उसके निप्पल को दांतों में लेकर काटने लगा.
वह जल बिन मछली के जैसे तड़पने लगी और मेरा सर पकड़ कर अपने मम्मों पर दबाने लगी.
मैं उसके मम्मों को जोर जोर से चूसने लगा.

काफी देर तक उसके मम्मों को चूसने के बाद मैंने उसके पेट पर चूमना शुरू किया और उसकी नाभि में अपनी जीभ घुसा दी.

फिर मैंने दांतों से पकड़ कर उसकी पैंटी को निकाल दिया और उसकी चिकनी मुनिया को देखने लगा.
उसकी मुनिया का रंग हल्का सांवला था पर बिल्कुल छोटी सी प्यारी सी चूत थी.

मैंने उसकी चुत पर अपने होंठ रख दिए और उसके चुत के छेद में जीभ घुसा घुसा कर चूसने लगा.

दस मिनट तक चुत चूसने के बाद मैंने उसे अपने लंड को मुँह में लेने को कहा पर उसने मना कर दिया.
मैंने भी कोई जबरदस्ती नहीं की.

मैं उसके ऊपर 69 की स्थिति में लेट गया और उसकी चुत को चूसना शुरू कर दिया.
उसकी चुत के छोटे-छोटे होंठों को मैं अपने होंठों में लेकर खींचने लगा.

थोड़ी देर मचलने के बाद उसने मेरे लंड को अपने होंठों के बीच में दबा ही लिया.
धीरे-धीरे वो मेरे लंड को चूसने लगी.

अब हाल ये था कि जितना मैं उसकी चुत में अपनी जीभ घुसा रहा था, उतना ही वह मेरे लंड को अपने मुँह में भर लेती.

थोड़ी देर ऐसे ही चूसने के बाद हम दोनों एक दूसरे के मुँह में झड़ गए.

फिर हम थोड़ी देर एक दूसरे से चिपक कर बातें करते रहे और एक दूसरे को किस करते रहे.

वह मेरा लंड पकड़ कर सहलाने लगी.
मेरे लंड ने फिर से करवटें लेनी शुरू कर दीं.

दस मिनट में ही मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया.

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अब मैं उसके ऊपर लेट गया और उसको किस करने लगा.
किस करते करते मैंने उसकी टांगों को खोला और उसकी गीली हो चुकी चुत पर अपना लंड रख दिया.

उसने भी अपनी गांड हिला कर लंड को चुत पर टिकवा लिया.

मैं धीरे धीरे लंड को उसकी चुत में घुसाने लगा.
वह पहली बार लंड ले रही थी तो दर्द से तिलमिलाने लगी.

मुझे अन्तर्वासना की कहानियां पढ़ कर इतना ज्ञान तो हो गया था कि अब नहीं तो कभी नहीं.

मैंने बिना सोचे समझे उसको जोर से चिपका कर एक करारा झटका मारा और नतीजा ये निकला कि मेरा आधे से ज्यादा लंड उसकी चुत में घुस चुका था.

उस समय अगर मैंने उसके होंठों को अपने होंठों की कैद में ना किया होता तो उसके चिल्लाने की आवाज कमरे से बाहर तक चली जाती.

थोड़ी देर तक अनु दर्द से तड़पती रही और मैं उसके गोल गोल मम्मों को चूसता रहा.

थोड़ी देर में वह शांत हो गई और अपनी कमर ऊपर की तरफ करके मुझे आगे बढ़ने का संकेत देने लगी.

अब मैं उसके मम्मों को दबा रहा था और वह मेरे होंठों को चूसते हुए ‘ऊंह … ऊंह …’ की आवाज कर रही थी.

मैंने अपनी रफ्तार बढ़ाई और उसकी चुत में अपने लंड से एक्सप्रेस रेल चला दी.
मस्त मजा आने लगा.
मुझे तो उसकी कसी हुई चुत में लंड पेलने में बड़ा आनन्द आ रहा था.

थोड़ी देर बाद मुझसे चिपकती हुए वो झड़ गई.

अब मैंने उसे अपने ऊपर लेटने को कहा, तो वह मेरे ऊपर लेट गई और मेरे लंड को प्यार से सहलाने लगी.

फिर धीरे-धीरे मेरे लंड पर बैठते हुए मेरे लंड को उसने अपनी चुत में ले लिया और जोर जोर से हिलने लगी.

मैं उसके बूब्स को अपने होंठों में लेकर चूसता रहा और पूरा लंड उसकी चुत से अन्दर बाहर करता रहा.

अब मुझसे रुका नहीं जा रहा था, वह भी ‘आह … आह …’ की आवाज करती हुई मुझे उकसा रही थी.

मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी और उसको कसके पकड़ लिया.
इस वक्त मैं अपनी पूरी ताकत से तेज तेज शॉट लगाने लगा और उसके होंठों को जोर से चूसते हुए उसकी चुत में झड़ गया.

मेरी एक बार की चुदाई में वह दो बार झड़ चुकी थी.

हम दोनों काफी देर तक यूं ही लेटे रहे और वो मुझे सहलाती रही.

बीस मिनट के बाद हम उठे, उठकर जब हमने बेड को देखा तो पूरी बेडशीट खून से सनी हुई थी.
हम दोनों एक दूसरे की ओर देखकर मुस्कुरा दिए.

फिर हमने अपने कपड़े पहने एक दूसरे को लिप किस किया.

उसको किस करते करते मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया.
मैंने उसे एक राउंड और करने को कहा तो उसने चूत में दर्द का बोलकर मना कर दिया.

मैं मायूस सा हुआ तो वह हल्का सा मुस्कुरा दी और नीचे बैठ गई.

उसने मेरी पैंट की जिप खोलकर मेरे लंड को मुँह में ले लिया. उसने मेरे लंड को लॉलीपॉप की तरह चूसना शुरू कर दिया.
मुझे चुत चुदाई सा मजा आने लगा.
मैं आँख बंद करके उसके दोनों दूध मसलते हुए उसके मुँह को चोदने लगा.

उसने मेरा लंड चूस चूस कर खाली कर दिया और मेरा सारा माल पी गई.

फिर हम दोनों अपने कपड़े ठीक करके वहां से निकल आए और अपने-अपने घर आ गए.

लगभग ढाई साल हम एक दूसरे के साथ रिलेशन में रहे.
बीच में मैंने उसे 2 और लड़कों के साथ भी पकड़ा.
पर वह मेरा पहला प्यार था … तो मैं उसे माफ करता रहा.

एक दिन फिर से मैंने जब उसे किसी और तीसरे लड़के के साथ पकड़ा जो मेरा दोस्त था, तो मुझसे बर्दाश्त नहीं हुआ और हम दोनों अलग हो गए.

पर इन ढाई साल में मैंने उसके साथ रूम में, कैफे में … और तो और दोस्त की मोबाईल शॉप में लगभग 150 बार सेक्स किया होगा.
हॉट गर्लफ्रेंड सेक्स के वो पल मेरे लिए बहुत यादगार हैं.

यह थी मेरी जिंदगी की पहली लड़की की चुदाई की कहानी … आशा करता हूं आपको मेरी हॉट गर्लफ्रेंड सेक्स स्टोरी पसंद आई होगी.
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