पड़ोसन लौंडिया की कुंवारी चुत का मजा- 1

देसी लड़की की सेक्सी कहानी मेरे मकानमालिक की बेटी के साथ मेरी दोस्ती और सेक्स की है. वह मेरे पास पढ़ाई में मदद के लिए आने लगी. बात आगे कैसे बढ़ी?

नमस्कार मित्रो, मेरा नाम लकी सिंह है. मैं भोपाल का रहने वाला हूं. मेरा कद 5 फुट 10 इंच है और मेरे लिंग का साइज सामान्य है.
मगर मेरा लंड लम्बी रेस का घोड़ा है और किसी भी महिला को पूरी तरह से संतुष्ट कर सकता है.

मैं अन्तर्वासना का बहुत पुराना पाठक हूँ. यहां पर आने वाली सेक्स कहानियों को मैं पढ़ता रहता हूं.
इधर प्रकाशित कुछ सेक्स कहानी बहुत ही अच्छी होती हैं, उनको बार बार पढ़ कर लंड हिलाने का मन होता है.

अन्तर्वासना पर सेक्स कहानियां पढ़ते हुआ लगा कि मुझको भी अपने जीवन की सत्य घटना आप लोगों से साझा करनी चाहिए. ये मेरे जीवन की पहली और बिल्कुल सच्ची कहानी है.
यह देसी लड़की की सेक्सी कहानी है.

हुआ यूं कि मैंने भोपाल में नौकरी के लिए एक निजी कम्पनी में आवेदन किया था, जिसमें मुझको साक्षात्कार के लिए बुलाया गया.
मैं गया और नसीब से मेरा चयन उस प्राइवेट कंपनी में हो गया.

मैं पहली बार अपने घर वालों से दूर भोपाल आकर रहने लगा था.
यहां पर मैंने एक कमरा किराये पर लिया था और जरूरत का कुछ सामान भी खरीद लिया था.

मैंने जिस घर में कमरा किराये से लिया था, उस मकान में एक परिवार और किराये से रहता था.
वो जो परिवार था, उसमें पति पत्नि और उनका एक 18 साल का बेटा था और एक 20 साल की बेटी थी.

यह घटना मेरी और उस 20 साल की लौंडिया के बीच की है. उस लौंडिया का नाम रीना रख लेते हैं, ताकि उसकी गोपनीयता बनी रहे.

रीना के पिता प्राइवेट कंपनी में काम करते थे. वो सुबह 9 बजे जाते थे और शाम को 7 बजे आते थे.
रीना की मां की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी, इसलिए वो अधिकतर समय सोई रहती थीं और ज्यादा किसी से बात नहीं करती थीं.

रीना का भाई स्कूल में पढ़ता था और रीना घऱ पर ही रहकर प्राइवेट पढ़ाई करती थी.

मैं रीना के बारे बता दूं. रीना का कद 5 फुट, रंग गोरा और उसके शरीर साइज बहुत ही कयामती था.
उसके बड़े बड़े दूध, पतली सी कमर … और गांड का साइज बड़ा मस्त था. उसकी गांड एकदम उठी हुई थी.

मैं भोपाल नया नया आया था और ज्यादा किसी से जान पहचान भी नहीं थी इसलिए ऑफिस से आने के बाद में पूरा समय घर पर ही रहता था.

वैसे तो सारी सुविधाएं अपने अपने रूम थीं, लेकिन पीने का पानी रीना के रूम के पास में आता था.
इसलिए जब भी पानी आता, तो पानी के बहाने मैं रीना के दर्शन भी कर आता.
पर उससे बात करने की मेरी हिम्मत नहीं होती थी क्योंकि मैं थोड़ा शर्मीला स्वभाव का हूँ.
इसलिए अपना काम करता और वापिस आ जाता.

ये सिलसिला कुछ दिनों तक चलता रहा.

फिर अचानक से मेरे ऑफिस का एक कर्मचारी कुछ काम से अपने गांव चला गया तो ऑफिस के अधिकारी ने मेरी ड्यूटी का समय बदल दिया.
ड्यूटी बदल जाने से मुझको कोई परेशानी नहीं थी.

लेकिन जब पानी आना होता था … उसी टाइम मेरा ऑफिस होता था … इसलिए मैंने थोड़ी हिम्मत करके रीना से बात की.

मैंने उससे बोला- मेरी ड्यूटी का टाइम चेंज हो गया है … क्या आप मेरी एक बाल्टी पानी की भर दिया करेंगी!
तो उसने बहुत ही प्यार से हां बोल दिया.

मैं उसको बाल्टी देकर ऑफिस आ गया.

रात को जब मैं घर पहुंचा, तो बाल्टी भरी हुई मेरे रूम के सामने रखी हुई थी. मैंने मन ही मन उसको धन्यवाद बोला.

इस तरह कुछ दिनों यूं ही चलता रहा.

कुछ ही दिनों में सर्दी का मौसम आ गया.
मैं छुट्टी वाले दिन अपनी छत पर धूप सेंक रहा था.

थोड़ी देर बाद रीना भी छत पर कपड़े सुखाने आई.
मेरी उससे नजरें मिलीं, मैंने उसको गुड मॉर्निंग बोला और रोज मेरा पानी भरने के लिए धन्यवाद भी कहा.
वो मुस्कुरा दी.

इस तरह पहली बार कुछ बात हुई.
मैंने बात आगे बढ़ाते हुए उससे उसका नाम पूछा तो उसने अपना नाम रीना बताया.

उसने मुझसे मेरे बारे में पूछा. इस तरह हमारी बात थोड़ी थोड़ी होना चालू हो गई.

अब जब भी हम कभी एक दूसरे को मिलते, तो थोड़ी हाय हैलो हो जाती … लेकिन ज्यादा बात नहीं होती थी.

दस बाद दिन रीना छत पर बैठ कर पढ़ाई कर रही थी.
मैं भी छत पर पहुंचा.

वो कुछ गणित के सवाल हल नहीं कर पा रही थी.
मैं पढ़ाई में शुरू से ही होशियार हूँ और गणित तो मेरा मनपसन्द विषय है.

मैंने रीना से पूछा- क्या मैं तुम्हारी कुछ मदद कर सकता हूँ?
तो उसने हां मैं सर हिला दिया.

मैंने एक मिनट में सवाल हल कर दिया.
वो मेरा चेहरा देखती ही रह गई.

रीना ने बताया कि मेरा गणित अच्छी नहीं है. मैं कल से परेशान हो रही थी.
उसने मुझको धन्यवाद बोला.

मैंने कहा- मेरा गणित बहुत अच्छी है, तुमको जब भी कोई दिक्कत हो. कुछ पूछना हो तो बेहिचक पूछ लिया करो, किसी तरह का संकोच मत करना.

More Sexy Stories  अस्पताल में मिली लंड की प्यासी भाभी

इस तरह से हमारी बात अब थोड़ी ज्यादा होने लगी.
उसको जब भी कोई सवाल समझ में नहीं आता, वो आकर मुझसे पूछ लेती.

एक दिन मैं अपने ऑफिस से घर आया, तो वो गेट पर ही मेरा इंतजार कर रही थी.

मुझको आता देख कर रीना बोली- क्या आप अभी मुझको अभी एक सवाल समझा सकते हैं, मेरा कोचिंग में टेस्ट है आज!
मैंने तुरंत ही हां कर दिया.

मुझसे सवाल समझ कर वो बिना कुछ कहे जल्दी ही चली गई.

शाम को मैं छत पर टहल रहा था तो वो भी छत पर आ गई और उसने मुझे धन्यवाद बोला.

मैंने पूछा- तुम बिना कुछ कहे क्यों चली गई थीं?
उसने बताया- मैं अपनी क्लास के लिए लेट ही रही थी और मैं आपके आने का इंतजार कर रही थी.

मैंने उसको बोला- अगर तुमको कोई भी दिक्कत हो, तो मुझसे मोबाइल पर पूछ लिया करो. मुझको कोई परेशानी नहीं है.

थोड़ी देर सोचने के बाद उसने मेरा नम्बर मांगा, मैंने दे दिया.
तो उसने अपने मोबाइल में मेरा नम्बर सेव कर लिया और अपने नम्बर मिसकॉल करके दे दिया.

इस तरह से हमने अपने नम्बर एक दूसरे को शेयर किए.
उसको जब भी कोई परेशानी होती, वो कॉल कर लेती या मुझको मैसेज कर देती.

इस तरह हमारी बात रोज ही होने लगी थी.
लेकिन अभी ये बात सिर्फ पढ़ाई के विषय में ही होती थी. इसके अलावा और कोई बात नहीं होती.

एक रात को मैं अपने बिस्तर में लेटा हुआ था, तभी रीना का मैसेज आया.

उसमें लिखा हुआ था- सो गए क्या … क्या कर रहे हो?

पहले कभी हमारी और कोई बात नहीं हुई थी … इसलिए मुझको इस तरह का मैसेज देख कर थोड़ा अजीब लगा.

मैंने जब रिप्लाई दिया- जाग रहा हूँ, बोलो!
तो उसने कहा- कल मेरा एग्जाम है और मुझको कुछ दिक्कत हो रही है … वो क्लियर करने के लिए क्या आप अभी मेरे घर आकर मुझे कुछ समझा सकते हैं?

मैं थोड़ी देर बाद उसके घर गया, तो घर में सब लोग थे.
उसने अपने घरवालों को मेरे बारे मैं पहले ही बता दिया था इसलिए मुझको कोई परेशानी नहीं हुई.

मैंने उसको उस रात 12 बजे तक पढ़ाया, इसके बाद मैं अपने घर आकर सो गया.

इसके बाद अगले दस दिनों तक उसका न कोई मैसेज आया और न ही कॉल आया.

दस दिनों के बाद उसका मैसेज आया, जिसमें लिखा हुआ था ‘कैसे हो?’
मैंने जानबूझकर कोई जबाब नहीं दिया और मैं अनदेखा करने की कोशिश करने लगा.

एक दिन रविवार के छुट्टी थी तो मैं छत पर कपड़े सुखाने गया हुआ था.

तभी मेरे पीछे रीना भी आ गई और मुझसे बोली- आप तो बहुत बहुत बिजी हो … न रिप्लाई करते हो … न दिखाई देते हो?
मैंने भी उखड़े हुए मन से बोल दिया- तुम ही कभी मैसेज नहीं करती हो, जब तक तुमको काम न हो.

रीना बोलने लगी कि मेरे एग्जाम थे इसलिए आपको मैसेज नहीं किया.
उसने सॉरी भी बोला.

मैंने भी ‘ठीक है, कोई बात नहीं …’ बोलकर बात खत्म कर दी.

रात को सोते समय उसका मैसेज आया, जिसमें फिर से सॉरी लिखा हुआ था.

मैंने ‘इट्स ओके …’ लिख कर रिप्लाई कर दिया.
उसने मुझको गुड नाईट बोला और मैंने भी उसको गुड नाईट बोल दिया.
फिर मैं सो गया.

सुबह सोकर उठा तो रीना के 4 मिस कॉल पड़े हुए थे.

मैंने रिप्लाई किया तो उसने बताया- मेरे बाथरूम में पानी नहीं आ रहा है, तो क्या हम लोग आपका बाथरूम यूज़ कर सकते हैं?
इस पर मैंने हामी भर दी.

अब रीना के परिवार वाले एक एक करके मेरे घर आए और सभी नहा धोकर चले गए.
अंत में रीना नहा कर चली गई.

जब मैं नहाने बाथरूम में गया तो देखा कि वहां रीना के कपड़े पड़े हुए थे.
उनमें ब्रा और पैंटी भी थी.

मैंने ब्रा को हाथ में लेकर देखा, तो उस पर 28 का साइज टैग लगा हुआ था और उसकी ब्रा में से बहुत ही भीनी भीनी खुशबू आ रही थी.
मेरा लंड खड़ा हो गया और मैंने नहाते समय मुठ मारकर सारा माल उसकी ब्रा में गिरा दिया.

फिर उसकी ब्रा को धोकर वहीं रख दिया, ताकि उसको शक न हो.

शाम को उसका मैसेज आया, जिसमें थैंक्यू लिखा हुआ था.
मैंने भी वेलकम लिख कर रिप्लाई कर दिया.

इस तरह रोज हमारी थोड़ी थोड़ी बात होने लगी.

लेकिन जब भी रीना मेरे सामने आती, मैं बस उसके बूब्स को देखता रहता.
अब सुबह दोपहर शाम रात पूरे दिन हम फोन पर मैसेज में बात करते रहते.
दोनों की पसंद ना पसंद सभी तरह की बातें होने लगी थीं.

एक दिन मैंने उससे उसके ब्वॉयफ्रेंड के बारे में पूछा तो उसने मना कर दिया कि कोई नहीं है.
उसने मेरी गर्लफ्रेंड के बारे में पूछा, तो मैंने भी मना कर दिया.

इस तरह हमारी बहुत सारी बातें होने लगीं.

एक दिन मैंने मैसेज में उसको ‘आई लव यू …’ लिख कर सेंड कर दिया.
जिसको पढ़कर वो गुस्सा हो गई और दोबारा मुझसे ऐसी बात न करने को बोला.

मैंने भी उस दिन के बाद से उसको मैसेज करना बंद कर दिया.
रीना का मैसेज आता तो मैंने रिप्लाई देना भी बंद कर दिया.

More Sexy Stories  टेलर मास्टर को कुंवारी चूत की तलब लगी

उसने मुझको कई बार मैसेज किया लेकिन मैंने उसके मैसेज को कोई जबाब नहीं दिया.

एक दिन मैं ऑफिस से घर आया तो वो गेट पर ही खड़ी हुई थी.
जैसे ही मैं अन्दर आया तो बोलने लगी- बात क्यों नहीं कर रहे हो?
मैंने जबाब दिया- मैं अपना रूम शिफ़्ट करने वाला हूँ … इसलिए टाइम नहीं मिला.

यह बोलकर मैं अपने कमरे मैं आ गया थोड़ी देर बाद मेरे मोबाइल मैं मैसज आया- लकी मैं तुमसे मिलना चाहती हूँ … क्या तुम छत पर आ सकते हो?

मैं कपड़े बदल कर छत पर पहुंच गया.
वहां पर रीना मेरा इंतजार कर रही थी.

वो मुझसे रूम चेंज करने का कारण पूछने लगी.
तो मैंने उसे ठीक ठाक जवाब नहीं दिया और वहां से नीचे अपने कमरे में आ गया.

थोड़ी देर बाद मेरे मोबाइल में दोबारा मैसेज आया जिसमें लिखा हुआ था ‘प्लीज रूम चेंज मत करो.’
तो मैंने रिप्लाई किया- जब तुम मुझको पसंद ही नहीं करती हो, तो ऐसा क्यों बोल रही हो?

रीना का जवाब था कि वो भी मुझको पसंद करती है, लेकिन उसको थोड़ा टाइम चाहिए.
मैंने ओके लिख कर रिप्लाई दे दिया और अपने काम में लग गया.

अगले दिन मैं छत पर घूम रहा था तो रीना भी मेरे पास आ गई.

सर्दियों के दिन थे … तो कोई ज्यादा लोग छत पर नहीं थे.
मैंने अच्छा मौका देखकर उसका हाथ पकड़ लिया.

उसका हाथ बहुत ही कोमल था.
जब मैंने उसका हाथ पकड़ा तो मेरे अन्दर रोमांच भर गया और मेरा लंड खड़ा हो गया.

मैंने इसके पहले मैंने किसी लड़की का हाथ ऐसे नहीं पकड़ा था.

वो कुछ देर तक तो अपना हाथ मेरे हाथ में दिए रही फिर ‘कोई देख लेगा ..’ बोलकर नीचे चली गई.

उस दिन रात को मैंने रीना के नाम की दो बार मुठ मारी और रात को मेरी और रीना की मैसेज पर बहुत सारी बातें हुईं.

अब हमारी बातें धीरे धीरे सेक्स की तरफ भी होने लगीं.

एक दिन मैसेज पर मेरी रीना से बात हो रही थी.
तभी मैंने रीना से गले मिलने के लिए बोल दिया.

पहले तो उसने मना किया लेकिन मेरे मनाने पर मान गई.

लेकिन हम दोनों को गले मिलने के लिए कोई जगह नहीं थी तो मैंने उसको अपने कमरे में ही आने के लिए बोला.

उसने कहा- मौका मिलेगा, तो मैसेज करूंगी.

थोड़ी देर बाद रीना का मैसेज आया. जिसमें लिखा हुआ था- अपने रूम का गेट खोलकर रखो … मैं आ रही हूँ.

मैंने कमरे का दरवाज़ा खोला.

दो मिनट बाद रीना मेरे सामने खड़ी हुई थी वो तैयार होकर आई हुई थी.

जब वो रूम में आई, तो मैं उसको देखता ही रह गया.

उसने लाल कलर का टॉप और जींस पहनी हुई थी. टॉप में उसकी बड़ी बड़ी चूचियां साफ नजर आ रही थीं.
उसके बदन से परफ्यूम की बहुत अच्छी महक आ रही थी, जिससे मेरी मादकता और बढ़ गई.

मैंने उसकी तरफ अपनी बाँहें फैला दीं और वो कटी डाल की तरह मेरी बांहों में समा गई.

मैंने उसकी चूचियों की सख्ती को अपने सीने पर महसूस करना शुरू कर दिया. मेरा लंड खड़ा होने लगा था.

मैंने उसके होंठों पर अपने होंठ रखे तो वो भी मेरे होंठों को चूमने लगी.

दस मिनट बाद मैंने कहा- मुझे दूध पीना है.
वो बोली- तो पी लो.

मैंने उसकी चूची दबाई तो वो हंसने लगी और बोली- इनमें अभी दूध नहीं आता.
मैंने कहा- चैक करने दो न!

वो चुप हो गई तो मैंने उसके टॉप को उतार दिया और उसकी ब्रा में कैद चूचियों को देख कर एकदम से बौरा गया.

मैंने ब्रा को सरका कर एक निप्पल अपने होंठों में दबा लिया और चूसने लगा.
वो भी सीई सीई करके मेरे सर को अपने मम्मों पर दबाने लगी.

कुछ देर बाद हम दोनों बिस्तर में लेट गए और एक दूसरे के शरीर से खेलने लगे.

मैंने उससे कहा- क्या मुझे अपनी जवानी से खेलने दोगी?
वो बोली- खेल तो रहे हो.

मैंने कहा- अभी तो ऊपर ऊपर से खेल रहा हूँ, अन्दर डालने दो न.
वो इठला कर बोली- क्या?

मैंने उसका हाथ अपने लंड पर रख दिया और कहा- ये.
वो बोली- धत्त … अभी ये सब नहीं.

मैंने कहा- अच्छा तो देख तो लो.
वो वासना से मेरी आंखों में देखने लगी और उसने मेरे लंड पर हाथ रख दिया.

मैंने पूछा- कैसा है?
वो बोली- मोटा.

मैंने कहा- मुँह में लोगी?
उसने छी: कह कर मना कर दिया.

इसी तरह से कुछ देर बाद मैंने उसे पूरी नंगी होने को कहा.
तो वो सोचने लगी.

मैंने कहा- तुम चाहती हो तो मेरा साथ दो … वरना कोई जबरदस्ती नहीं है.
वो मेरी आंखों में देखने लगी.

मैंने उसे समय दिया और सीधा लेट गया, वो मेरे सीने पर सर रख कर लेट गई.

अगली सेक्स कहानी मैं आपको बताऊंगा कि कैसे मैंने उस नाजुक हसीना को चोदा.

आपको ये देसी लड़की की सेक्सी कहानी कैसी लगी प्लीज़ मुझे मेल करना न भूलें.
[email protected]

देसी लड़की की सेक्सी कहानी जारी रहेगी.

Dont Post any No. in Comments Section

Your email address will not be published. Required fields are marked *