पड़ोसन की कुंवारी चूत चोदकर प्रेग्नेंट कर दी

यह हॉट फ्रेंड सेक्स कहानी पड़ोस में एक परिवार की एक कुंवारी लड़की की है. उसकी चूत मैं चोदना चाहता था. मैंने कैसे उसकी चूत मारी और मौका कैसे मिला?

माय डियर रीडर्स! मेरा नाम विशाल है. मेरी उम्र 27 है और मैं वाराणसी का हूँ।
मैं दिखने में लम्बा और साफ रंग का लड़का हूँ. मेरा लौड़ा 7 इंच का है और काफी मोटा भी है.

लंड को लेकर मैं दावा कर सकता हूं कि कोई भी लड़की लेगी तो खुश हो जायेगी।

तो अब सीधा हॉट फ्रेंड सेक्स कहानी पर आते हैं। ये तब की बात है जब देश में लॉकडाउन लगने वाला था.

उसी के कुछ दिन पहले होली थी. मेरे घर पर सभी लोग होली मनाने के लिए गांव चले गए थे और लॉकडाउन लगने से पहले वापस न आ सके.

मैं अब घर में अकेला रह गया था.

मेरे पड़ोस में एक परिवार रहता है. वो सब भी किसी शादी में चले गए थे. सिर्फ उनकी लड़की और एक बूढ़ी अम्मा घर में थी. उसी की देखभाल के लिये लड़की यहां रुक गयी थी.

ये सारी बातें उसने मुझे बाद में बताई थीं मगर उससे पहले हमारे बीच में बहुत कुछ हुआ था और वही सब मैं आप लोगों को बताने जा रहा हूं.

उस लड़की का नाम फ़ातिमा है. उसकी उम्र 23 है. दिखने में वो बहुत सेक्सी है. उसका फिगर 36-30-34 का है. दिखने में वो बिल्कुल माल लगती थी।

मेरी और फ़ातिमा की बचपन से दोस्ती थी और हमारे घर वालों की भी खूब बनती थी.

फ़ातिमा को छोटे कपड़े पहनने का बहुत शौक था तो वो मेरे सामने क्रॉप टॉप और शॉर्ट्स में रहती थी. अपना जिस्म खुल कर दिखती थी. मेरे और उसके बीच में हर तरह की बातें शेयर होती थीं.

मतलब कि आग दोनों तरफ लगी हुई थी. तब मैंने एक आईडिया निकाला कि इसको हॉट मूवीज दिखाई जाएं तो क्या पता काम बन जाये और ये चूत दे दे!!

तब मैंने रागिनी एमएमएस-2 डाउनलोड कर ली और उसको अपने घर बुलाकर दिखाने लगा.
वो मेरे घर पर आई, वो मेरे साथ चिपक कर बैठी थी क्योंकि मूवी डरावनी थी. वो मेरे बदन से सटी हुई थी और मेरा लंड खड़ा होने लगा.

उस सेक्सी मूवी में जब सनी लियॉन का किस सीन आया तब वो भी थोड़ा ज्यादा चिपकने लगी.
उसका नर्म चिकना बदन मुझे उसकी चुदाई के लिए उकसा रहा था. मेरे लंड में झटके लग रहे थे.

मैंने उसकी कमर में हाथ डाल लिया और उसकी कमर सहलाने लगा.
वो एक बार के लिए मेरी तरफ मुड़ी और देखकर स्माइल करने लगी मगर फिर से मूवी देखने लगी.

मुझे तो बस ग्रीन सिग्नल मिल गया था. अब मैंने कामुकता से उसके बदन पर हाथ चलाना शुरू किया.
लड़कियों को वैसे भी लड़कों की छुअन बहुत जल्दी समझ में आ जाती है.

मेरी कामुक हरकतों का वो कोई विरोध नहीं कर रही थी जिसका मतलब साफ था कि वो भी कुछ करना चाह रही थी.

धीरे धीरे मेरे हाथ उसके 36 के चूचों पर पहुंचने लगे.
फिर होते होते मैंने उनको दबाना भी शुरू कर दिया.

उसकी सांसें तेज चलने लगीं. वो धीरे-धीरे मेरी बांहों में पिघलने लगी.

अब मैं अपना हाथ उसकी क्रॉप टॉप के अंदर हाथ डाल कर उसकी चूची सहलाने लगा.
ब्रा के ऊपर से ही मेरे हाथ उसकी चूचियों पर चल रहे थे.

कभी उनको दबा रहे थे तो कभी सहला रहे थे. मेरे लंड में तूफान मचा हुआ था.
लड़की जब बदन से चिपकी हो और हाथ उसकी नर्म नर्म चूचियों पर हों तो मन बेकाबू हो जाता है.

धीरे धीरे वो पूरी गर्म हो गयी और उसने अपना चेहरा मेरी तरफ कर लिया.
अब मैं भी उसकी नज़र से नज़र मिला कर उसके गुलाबी होंठ चूसने लगा.

वो भी जैसे मेरे होंठ चूसते हुए कहीं खो गयी. दोनों एक दूसरे की पीठ को सहलाते हुए होंठों का रस पीते रहे.
कभी मैं उसकी चूचियों को छेड़ रहा था तो कभी वो मेरी पैंट में मेरे लंड को टटोल कर पकड़ लेती थी.

फिर हम हाँफते हुए अलग हुए क्योंकि किस करते हुए हमें 15 मिनट से भी ज्यादा हो गये थे.
वो बोली- विशाल, मैं तुमसे बहुत पहले से प्यार करती हूं. मगर हम एक नहीं हो सकते, उसका कारण तुम भी जानते हो और मैं भी!

मैं बोला- कोई बात नहीं, मैं समझता हूं लेकिन अब तो हम साथ हैं न? देखो किस्मत कितनी अच्छी है कि इस वक्त लॉकडाउन चल रहा है और हम दोनों घर में अकेले हैं.
वो मुस्कराने लगी.

मैं उसको फिर से किस करने लगा.
वो भी मेरा साथ देने लगी.

मैं उसकी जीभ को चूस चूसकर खींच रहा था.
वो भी मेरे होंठों को खाने में लगी थी.

अब मैंने उसके कपड़े उतारने शुरू किये. उसका टॉप उतारा और फिर उसकी ब्रा के ऊपर से चूचियों को चूमने लगा.
फिर मैंने उसकी पीठ पर चूमा.
उसकी गोरी कोमल पीठ बहुत ही सेक्सी थी.

फिर मैंने उसकी ब्रा के हुक खोल लिये. उसकी ब्रा को हटाया तो उसके कोमल गोरे चूचे नंगे हो गये जिनके निप्पल हल्के लाल मगर थोड़े से गुलाबी रंग के थे.

मैं उसकी दूध सी सफेद चूचियों को बारी बारी से मुंह में लेकर पीने लगा.
वो सिसकारने लगी- आह्ह … विशाल … ओह्ह … विशाल … आह्ह … स्स्स … जोर से … आह्ह … यस … आई लव यू … आह्ह।

उसकी ये सिसकारियां सुनकर मैं उसके निप्पलों को काटने लगा था और वो अधिक ज्यादा कामुक होती जा रही थी.

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फिर मैंने उसके शॉर्ट्स में से नीचे की ओर से हाथ दे दिया और उसकी पैंटी पर उंगली से उसकी चूत को छेड़ने लगा.
फातिमा ने मेरी उंगली को अच्छी तरह से चूत पर फिरवाने के लिए अपनी जांघें खोल दीं.

अब मैंने अच्छे से हाथ देकर उसकी चूत पर हाथ रख दिया और हथेली से सहलाने लगा.
उसकी पैंटी में गीलापन आ गया था. उसकी चूचियों के निप्पल बहुत टाइट हो गये. चूस चूस कर मैंने उसके बोबे लाल कर दिये.

फिर मैंने उसे नीचे लिटा लिया और उसके पेट को चूमते हुए नाभि से होकर शॉर्ट्स के पास आ गया.

मैंने उसके शॉर्ट्स का बटन खोला और उसको नीचे कर दिया. उसकी गोरी जांघों में फंसी उसकी लाल रंग की पैंटी मेरे सामने थी.
उसकी पैंटी पर चूत के मुंह के आगे गीला धब्बा हो गया था.

धीरे से मैंने उसकी चूत पर नाक लगायी और उसके कामरस की महक लेने लगा.
क्या खुशबू थी उसकी चूत की. मजा आ गया यार … इतनी मस्त खुशबू कि लंड एकदम से टनटना गया.

फिर मैंने उसकी पैंटी को ही चाटना शुरू कर दिया. उसकी चूत के ऊपर से ही उसको दांतों में खींचने लगा.
वो मदहोशी की ओर जाने लगी.

फिर मैंने धीरे से उसकी पैंटी उतार दी.
उसको मैंने अब पूरी नंगी कर दिया.

फिर उसकी चूत को ध्यान से देखा. एकदम से लाल चिकनी चूत थी. चूत पर आये बालों को साफ किया गया था.

मैंने उसकी चूत में उंगली दी तो वो उचक गयी.
फिर मैंने उसकी चूत में धीरे धीरे उंगली चलानी शुरू की. उसको हल्का दर्द हो रहा था.

अब मैं उसकी टांगों के बीच में मुंह देकर लेट गया और उसकी चूत में जीभ देकर उसको चूसने लगा.

वो एकदम से सिहर गयी और फिर अपनी चूचियों को दबाने लगी.
मेरी जीभ अब तेजी से उसकी चूत के अंदर बाहर हो रही थी.
वो तेजी से सिसकार रही थी- आह्ह … आह्ह … ओह्ह नो … नो … ओह्ह … विशाल … वि ..शा … वि श्स … आह्ह आह्ह … ओह्ह ओह्ह फक।

उसकी ऐसी कामुक आवाजें सुनकर मैं चूत को दांतों से काटकर खाने लगा.
उसके दाने को मैंने दांतों से भींचकर खींच लिया. वो मेरे सिर के बालों को नोंच कर मेरे मुंह को चूत में घुसाने लगी.

बार बार उसकी चूत मेरे मुंह की ओर ऊपर उठकर आ रही थी.

फिर उसने एकदम से अपनी टांगें मेरे सिर पर लपेट लीं और पूरी ताकत लगाकर मेरी नाक को अपनी चूत में घुसा लिया.

मेरे मुंह पर एकदम से उसकी चूत का फव्वारा छूट पड़ा. पहली बार लड़की की कोमल गुलाबी चूत का पानी नसीब हुआ था.
मैं तो उसकी चूत का रस पीकर निहाल हो गया.

वो थोड़ी देर के लिये शांत हो गयी तो मैंने उसके हाथ में लंड दे दिया. वो मेरे लंड से खेलने लगी.

अभी मैंने पैंट नहीं निकाली थी. वो चेन में से ही मेरे लंड से खेल रही थी.

फिर धीरे धीरे मैं भी अपने कपड़े उतारने लगा. वो कपड़े उतारने में मेरी मदद कर रही थी.
अब मैं उसके सामने अंडरवियर में था. मैंने उसके मुंह को पकड़ा और कच्छे में तने लंड पर दबा दिया.

उसने एक बार मुंह लंड पर ले जाकर टच किया और फिर हटा लिया.
उसके बाद मैंने अपना अंडरवियर निकाल दिया.
मेरा लंड उछल कर बाहर आ गया.

मैंने उसको लंड चूसने के लिए बोला तो उसने मना कर दिया.
फिर मैंने उसको गोदी में उठा लिया और बेडरूम में ले जाने लगा.
अंदर ले जाकर मैंने उसे बेड पर लेटा दिया.

उसके ऊपर आकर मैं उसके नंगे जिस्म को बेतहाशा चूमने लगा. उसकी चूची खूब दबाने लगा. वो भी बहुत ज्यादा गर्म हो रही थी और बार बार मुझे अपने ऊपर खींचकर मेरे होंठों को चूमने की कोशिश कर रही थी.

मेरा हाथ कभी उसके चूचों पर आ जाता तो कभी उसकी चूत पर पहुंच जाता. कभी मैं उसके निप्पलों को मसल देता तो कभी उसकी चूत में उंगली दे देता. इस तरह से मैंने उसको चुदाई के लिए तड़पा दिया.

उसके नंगे जिस्म को मैंने अपने थूक से नहला दिया.
वो बोली- बस … विशाल … अब मुझे अपना बना लो … मेरे अंदर डाल कर मुझे पूरी कर दो. मैं तुम्हारा लंड लेना चाहती हूं.

दोस्तो, लड़की के मुंह से लंड शब्द जितनी बार भी सुनो कम लगता है.
जब ये लंड या लौड़ा शब्द लड़की बोलती है तो उत्तेजना कई गुना बढ़ जाती है.
मन करता है उसको रंडी की तरह रगड़ कर चोद दो.

मैं नीचे गया और उसकी चूत पर ढेर सारा थूक लगा लिया. मगर लंड डालने की बारी आयी तो ध्यान आया कि सारी दुकानें बंद हैं.
अब कॉन्डम का जुगाड़ कैसे होगा?

फातिमा को मैंने ये बात बताई तो वो बोली- अरे पागल हो गये हो क्या … तुमसे किसने बोला कि मैं तुमसे कॉन्डम के साथ सेक्स करूंगी? मैं तो तुम्हारा बिना कॉन्डम के ही लेना चाहती हूं. यही तो प्यार होता है.

उसकी बात सुनकर मुझे उस पर बड़ा प्यार आया.
हालांकि मैं तो उसकी चूत के पीछे पागल था लेकिन शायद वो मुझे लेकर सीरियस थी.

मैं अब जोश में आ गया और मैंने अपना 7 इंची लंड उसकी चूत पर टिका दिया. मैं लंड को उसकी चूत पर ऊपर नीचे फेरने लगा.

मिशनरी पोजीशन में लंड को रगड़ते हुए मैंने एक ज़ोरदार धक्के के साथ अपना आधा लंड उसकी चूत के अंदर डाल दिया.

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ये हम दोनों का पहला सेक्स था तो उसकी चूत से खून बह निकला.
वो चिल्लाते हुए रोने लगी तो मैंने तुरंत अपने होंठ उसके होंठों से सटा दिये और दबाये रहा ताकि उसकी आवाज बाहर न जाये.

मैं उसके जिस्म को सहलाते हुए चूसने लगा.
फ़ातिमा को उससे थोड़ा आराम मिला.

फिर मैंने एक और धक्का लगाया जिससे मेरा लंड उसकी उनकी चूत के अंदर जाकर उसकी बच्चेदानी तक पहुंच गया.

कुछ देर में लंड को घुसाये हुए ऐसे ही उसके ऊपर लेटा रहा.
बहुत ही आनंद देने वाले क्षण थे वो.
जब नीचे एक मलाई जैसे जिस्म वाली कमसिन लड़की लेटी हो और उसकी चूत में एक गर्म लंड घुसा हुआ हो.

फ़ातिमा- तुमने तो मेरी जान ही निकल दी … ऐसे भी कोई पेलता है क्या? थोड़ी देर ऐसे ही मेरे ऊपर सोये रहो.
मैं- अरे जान … अब तुम्हें दर्द नहीं … मज़ा आयेगा … एक बार नीचे देखो … कैसे तुम्हारी चूत को मेरे लंड ने फैला दिया है और अब वो उसको जन्नत दिखायेगा.

वो बोली- वो तो मैं देख ही रही हूं. मेरी छोटी सी चूत ने तुम्हारा लंड पूरा ले लिया है. पता नहीं इतनी भूख कैसे हो गयी इसमें? इतना बड़ा लंड लेकर बैठी है.

अब मैं फ़ातिमा की चूत के अंदर धीमे धीमे धक्के मारने लगा.
वो भी मेरा पूरा साथ दे रही थी. मेरे नीचे लेटी हुई वो मेरे धक्कों से अपने धक्के मिला रही थी.

मैंने अब चुदाई का टॉप गियर लगाया और ज़ोर ज़ोर से धक्के मारते हुए उसकी चूत का भोसड़ा बनाने लगा.
चूत को चोदते हुए मैं उसके लब भी खा रहा था. उसकी चूचियों को चूस-काट रहा था.

वो भी मेरा खूब साथ दे रही थी चुदने में!
उसकी 36 की चूची खूब बाउंस कर रही थी.

कुछ देर के बाद हम चुदाई में जैसे खो ही गये. वो भी सिसकारियां लेकर पागल हो चुकी थी.

फिर हम दोनों को चुदाई करते हुए 25 मिनट हो चुके थे. हम दोनों अब भी मिशनरी पोजीशन में सेक्स कर रहे थे.

अब हम दोनों का माल निकलने को हो रहा था. उसकी बच्चेदानी का मुंह खुल चुका था.

तभी मेरे लंड ने माल छोड़ना शुरू कर दिया और वो उसकी बच्चेदानी को नहलाने लगा. उधर से फातिमा की चूत ने भी रस बरसा दिया.

जब मेरे लंड से रस की आखिरी पिचकारी छूटने लगी तो फातिमा ने अपनी टांगों को मेरी कमर फंसा लिया और मेरे लंड का टोपा उसकी बच्चेदानी के मुंह के अंदर घुस गया.

मैं बोला- यार … ये क्या कर दिया. ऐसे तेरे को बच्चा हो गया तो?
वो सिसकारते हुए बोली- आह्ह … हां वही तो चाहती हूं मैं. होने दो बच्चा. मैं तुम्हारा बच्चा चाहती हूं.

उसकी बातों से मैं बिल्कुल पिघल गया. मैंने अपना स्पर्म उसके गर्भ में भर दिया.

फिर हम दोनों उसी हालत में थककर सो गए. जब 1 घंटे बाद मेरी नींद खुली तो फ़ातिमा वैसे ही मेरे नीचे सो रही थी.

मेरा लंड अभी भी उसकी चूत में था लेकिन सिकुड़ गया था.

मैंने उठकर फातिमा को जगाया. वो उसी हालत में मुझे पकड़ कर किस करने लगी जिससे मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया.

एक बार फिर से मैंने उसको चूमना शुरू कर दिया. उसकी चूत में उंगली की और उसकी चूचियों को मसल मसल कर उसकी चूत को फिर से गर्म कर दिया.

अबकी बार मैंने उसके सामने लंड कर दिया तो उसने चूसने से भी मना नहीं किया.
उसने मेरे लंड को मुंह में भर लिया और जोर जोर से चूसने लगी.

अबकी बार मैं जन्नत की सैर कर रहा था. वो मस्ती से लंड को चूसे जा रही थी.

चूंकि एक बार मैं उसकी चूत में खाली हो चुका था तो अबकी बार मुझे माल छूट जाने का भी ज्यादा डर नहीं था.

मैंने उसको 15 मिनट तक लंड चुसवाया. इतनी देर में उसकी चूत से पानी निकल कर उसकी जांघों को भिगोने लगा था.

उसके बाद मैंने फिर से उसकी चुदाई शुरू कर दी.
अबकी बार मैंने उसको मिशनरी और घोड़ी की पोज में चोदा.

आधे घंटे तक चुदाई चली और फिर मैं एक बार और उसकी चूत में खाली हो गया.

उसकी चूत फूलकर पाव रोटी हो गयी. चूत का मुंह पूरा सूजा हुआ अलग से दिख रहा था और लाल हो गया था.
चूत से मेरा माल रिस रहा था.

उसके बाद वो वॉशरूम में जाकर साफ हुई और फिर अपने घर चली गयी.

जब तक उसके और मेरे घर वाले नहीं आये मैंने उसको रोज चोदा.
कभी मेरे घर में चुदाई की और कभी उसके घर में चुदाई की.

इस तरह से वो एक महीने के अंदर प्रेग्नेंट हो गयी.

वो अपनी तरफ से तैयार थी. फिर मैंने उसे बहुत समझाया मगर वो नहीं मानी. वो मेरा बच्चा पैदा करना चाहती थी.

बहुत लड़ाई झगड़ा हुआ दोनों परिवारों में और आखिरकार चुपके से मैंने उससे शादी कर ली.

हम लोग अब परिवार से अलग रहते हैं. फातिमा ने मुझे अपनी एक सखी से भी मिलवाया. मैंने उसकी सहेली की चुदाई भी की.
वो कहानी मैं आपको फिर कभी बताऊंगा.

आपको मेरी ये हॉट फ्रेंड सेक्स कहानी कैसी लगी इस बारे में जरूर लिखें. आप कहानी पर कमेंट्स में भी लिख सकते हैं और अपनी राय को अपने मैसेज द्वारा भी भेज सकते हैं. आशा करता हूं कि आपने कहानी में मजा लिया होगा.
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