ऑफिस की मैम की चूत और गांड

मेम ने मुझे हॉल में बिठाया और बेडरूम में चेंज करने चली गईं.

कुछ दस मिनट बाद मेम एक पारदर्शी बेबी डॉल नाइटी पहन कर आईं और मेरे बाजू में बैठ गईं.

मैंने व्हिस्की के हल्के सुरूर में मेम को देखा और कहा- मेम यार आप तो परी लग रही हो.
मेम बोलीं- इस परी के साथ शाम रंगीन नहीं करोगे?
मैंने उन्हें उसी पल अपनी बांहों में ले लिया और किस करने लगा.

वो मुझसे बोलीं- शकील, ये सब किसी को बताओगे तो नहीं ना.
मैं बोला- नहीं … पक्का वादा.

अब वो मुझे किस करने लगीं, मेरा हाथ पकड़ कर मुझे बेडरूम में ले गईं. मैं भी उन्हें किस करने लगा. किस करते हुए मैं उनके तने हुए मम्मों को दबाने लगा. उनकी चुदास मुझे गर्म करती जा रही थी. मैंने धीरे धीरे उनकी नाइटी उतार दी. वाओ यार … सच में मेम अप्सरा लग रही थीं.

मैं मेम को किस करते हुए बोला- आज तो मेरे घी में पापड़ सिक गए. मैं आपके साथ बहुत मजे करूंगा.
वो भी मुझे कातिल नजरों से देख कर मुस्कुरा दीं. मैं उन्हें अपने जिस्म से लिपटा कर प्यार करने लगा, किस करते हुए उनके मदमस्त मम्मों को दबाने लगा.
मेम ‘आहह … ओह..’ करने लगीं.

मैंने मेम की ब्रा और पेंटी बड़ी नजाकत से उन्हें सहलाते हुए उतार कर बेड से दूर फेंक दी. उन्होंने भी मेरी शर्ट के बटन तोड़ दिए और शर्ट उतार कर फेंक दी.

मेरी पेंट और फ्रेंची को भी उन्होंने बड़ी अदा से उतार दी. फिर मेम मेरे सामने अपनी दोनों टांगें खोल कर लेट गईं.

उन्हें लगा कि अब मैं अपना लंड सीधे ही उनकी चुत में पेल कर उनको चोद दूंगा. पर मैंने वैसा नहीं किया. मैं वापस उन्हें किस करने लगा और उनके रसभरे मम्मों को दबाने लगा. साथ ही एक उंगली को मेम की चूत में करने लगा.

कुछ पल बाद कौसर मेम बोलीं- शकील यार क्या कर रहे हो … अब डाल भी दो ना … अपने इस मूसल को … मेरे राजा जी जल्दी से चोद दो … मुझसे रहा नहीं जा रहा है.
मैं बोला- हां जान … अभी लो.

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मैं उनके शरीर पर किस करते हुए नीचे आया और मेम की चूत में जीभ डाल कर चूत चाटने लगा.
जैसे ही मैंने अपनी जीभ मेम की चूत पर लगाई, मेम की एक मस्त सीत्कार निकल गई ‘उम्म्ह… अहह… हय… याह…’

वो चुदास से मचलने लगीं. इस तरह से अपनी चूत चटवाने में उन्हें बहुत मजा आ रहा था. वो अपनी पूरी चूत पसार कर मेरी जीभ से चूत की खाज मिटवाने लगीं.
कुछ दस मिनट में मेम अपनी गांड उठाते हुए चीखने लगीं और उन्होंने अपनी चूत का रस मेरे मुँह में छोड़ दिया.

मेम झड़ने के बाद एकदम से हांफने लगीं. वो कुछ पल बाद बोलीं- शकील तुम यार बहुत ग्रेट हो … मजा आ गया.
मैं अपनी जीभ से चटखारा लेते हुए बोला- हां मेरी जान … अब आप मेरा लंड मुँह में ले लो और इसे भी चूस दो.

वो एकदम से लंड चूसने के लिए राजी हो गईं और मेरे लंड का स्वाद लेने लगीं. हम दोनों 69 में आ गए. मैं मेम की गांड को ज़ोर ज़ोर से मसलने लगा और उनकी चूत में जीभ डालकर चूसने लगा.

कोई 5-7 मिनट में ही मेरे लंड का जूस कौसर मेम के मुँह में निकल गया.
कौसर मेम मेरे रस को खाते हुए बोलीं- वाह यार शकील, आपका लंड तो बहुत मस्त है.

वो अपने पति को गाली देते हुए बोलीं- साला मादरचोद मुझे कभी ढंग से चोद भी नहीं पाता है.
मैं बोला- मेम आपने पहले बताया होता … तो अब तक तो एकाध बच्चा भी पैदा कर देता.
मेम हंस कर बोलीं- शकील ये बात तो तुमने ठीक कही. अब बताओ तुम क्या करने वाले हो.
मैं बोला- आज मेम मैं आपकी चूत में जीभ डालकर इसे चूस चूस कर सुबह तक भरपूर मजा दूँगा और खूब चोदूंगा.

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वो मुझसे लिपट गईं और हम दोनों किस करने लगे.
कुछ देर बाद मैं मेम से बोला- अब मैं आपकी चूत में लंड डालूंगा.
वो भी चूत खोल कर तैयार थीं.

मेम बोलीं- हां मेरी जान, आ जाओ और जल्दी से मेरी चूत में अपना मूसल लंड पेल दो.

मैंने उनकी दोनों टांगें पकड़ा कर चित लिटाया और बीच में आकर अपने लंड को मेम की चूत में सैट कर दिया.
लंड सैट करते ही मैंने मेम की एक चूची दबाई और उनको इशारा किया. मेम अभी सर हिला ही पाई थीं कि मैंने एक ज़ोर का धक्का दे मारा. मेरा आधा लंड मेम की चूत घुसता चला गया.

एकदम से लंड घुसेड़ने से मेम की हवा निकल गई. वो थरथराते हुए बोलीं- आह … मर गई … मेरी जान धीरे धीरे डालो.

मैं किस करते हुए मेम के मम्मों को दबाने लगा और लंड को चूत में आगे पीछे करने लगा. मेम के मुँह से मादक सिसकारियां निकलने लगीं.

मैंने और ज़ोर से धक्का मारा, तो मेरा लंड चूत की जड़ में सैट हो गया.
मेम- आह चूत को फाड़ना है क्या … धीरे धीरे चोदो मेरी जान … प्लीज़ …

मैं मेम को धीरे धीरे चोदने लगा. मेम को भी चुदाई में मज़ा आने लगा. वो भी नीचे से अपनी गांड उठाते हुए चूत ऊपर उठाने लगीं. मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी और ज़ोर ज़ोर से चोदने लगा. करीब 15 मिनट में हम दोनों ने किस करते हुए मस्त और धकापेल चुदाई की.

मैं उनके मम्मों को अपनी मुठ्ठी में भरके दबादब चोदे जा रहा था. कुछ ही देर में हम दोनों का रस एक साथ निकल गया.
मैंने मेम को अपनी बांहों में भर लिया और मेम भी मेरे सीने से चिपक कर अपनी सांसों को संतुलित करने लगीं.

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