नौकर के साथ मज़े किए

सभी रीडर्स को आपकी अपनी मीतू का प्यार, देरी से आने के लिए माफी, पहली कहानी को बहुत प्यार मिला बहुत सारी मेल्स आई, बड़ा थॅंक्स अपने इस नाचीज़ को इतना प्यार दिया, तो आइए चलते है मेरी नयी कहानी की तरफ, हमारे घर मे मेरे इलावा मेरे मॉम-डॅड और एक भाई जो मुझसे 3 साल छोटा है और एक नौकर भी रहता है जो हमारे घर और खेत के काम देखता है, जिसे हमने घर के पिछले हिस्से मे एक कमरा दिया हुआ है, शमशेर के साथ हुई पहली चुदाई को काफ़ी टाइम हो गया था, उस दिन मुझे कॉलेज से छुट्टी थी, मैं घर मे मॉम की हेल्प कर रही थी, कपड़े धो के सुखाने तार पर डालने जा रही थी, तार घर के पीछे की साइड थी, जैसे ही मैं वाहा पहुँची, मैने देखा वाहा रामू हमारा नौकर नहा रहा था, उसके काले रंग पर पानी चमक रहा था, मैने देखा की गिल्ली होके उसकी अंडरवेर उसके बॉडी से चिपकी पड़ी थी जिसमे उसका लंड सॉफ महसूस होता था, सोया हुआ भी काफ़ी बड़ा लग रहा था, मैं कपड़े तार पर डालती बीच मे चोरी चोरी उसके लंड की तरफ देख लेती.

शायद उसने मेरी चोरी पकड़ ली थी, फिर मैं वाहा से आ गयी पर रह रह कर मेरे मन मे रामू के लंड का ध्यान आ रहा था, ऐसे ही रात हो गयी और मैं अपने कमरे मे लेटी थी पर मुझे नींद नही आ रही थी, बस मेरे आँखो के सामने लंड आ रहा था, मैं बस चुदना चाहती थी, फिर मेरे मन मे पता नही क्या आया मैं हौले हौले कमरे से निकली और फिर घर से बाहर फिर मैं घर के पीछे की साइड चली गयी मैने देखा रामू के रूम की लाइट चल रही थी, मैं हौले हौले उसके रूम की तरफ चल पड़ी, उसके कमरे के पास आके मैने हौले से उसे आवाज़ लगाई, वो धोती कुर्ता पहने हुए बाहर आया और बोला “क्या बात है बेबी जी इतनी रात को यहा” मैं कुछ ना बोली और कमरे के अंदर चली गयी वो भी पीछे पीछे अंदर आ गया, जैसे ही वो अंदर आये मैने उसे स्माइल दी और बोली “इस समय एक लड़की तुम्हारे कमरे मे भला क्यू आएगी, तुम समझदार हो!!” वो कुछ कुछ समझने लगा और कमरे की कुण्डी बंद करके बोला “सब समझता हूँ बेबी जी”.

फिर उसने मुझे अपनी तरफ खिच लिया और मेरे गाल चूमने लगा और बोला “आँख तो मेरी बड़ी बेबी जी पर थी पर उम्मीद नही थी की आप खुद आ जाएगी” फिर वो मेरे होंठ चूमने लगा , वो पागलो की तरह चूम रहा था, फिर उसने अपनी जीभ मेरे मूह मे उतार दी, मेरी आँखे बंद हो रही थी, उसके हाथ मेरे बदन पर चल रहे थे,तकरिबन 5 मिनट चूमने के बाद उसने मुझे अलग किया और मेरी चुन्नी उतार के एक साइड रख दी, सूट के उपर से ही मेरे मम्मे सहलाने लगा और मेरे हाथ को धोती के उपर से लंड पर रख दिया, उसका लंड अभी पूरा खड़ा नही था पर काफ़ी मोटा लग रहा था, फिर उसने मेरा सूट उतारा और सलवार भी उतार दी, अब मैं सिर्फ़ ब्रा और पैंटी मे थी, उसने अपनी धोती कुर्ता उतारा और एक छोटी सी अंडरवेर मे था, उसका लंड उसकी अंडरवेर को फाड़ के बाहर आने को तैइय्यार था, उसने मेरी ब्रा उतार दी और मेरे गोरे गोरे मम्मे चूसने लगा, काफ़ी टाइम मम्मे चूसने के बाद उसने मुझे वही पड़ी चारपाई पर लेटा दिया, उसने मेरे पैंटी के उपर से चुत पर किस की और हौली हौली पैंटी भी शरीर से अलग कर दी.

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अब मेरी चुत उसके सामने थी, उसने मेरी चुत को किस किया मैं तो जैसे अंदर तक हिल गयी, आज तक किसी ने मेरी चुत को किस नही किया था, फिर वो हौले हौले मेरी चुत पर अपनी जीभ का झाड़ू चला रहा था, मेरी हालत खराब हो गयी और मेरी चुत ने अपना पानी छोड़ दिया , अभ मैं चुदना चाहती थी, पर वो कुछ और करने के मूड मे था, मैने उससे कहा “मुझे चोद दो रामू, बुझा दो अपनी मालकिन की प्यास ,” वो बोला “ऐसे नही बेबी जी, आप खुद चुदोन्गि, मैं नही चोदुन्गा” फिर उसने मेरा हाथ अपने लंड पर रख दिया सहलाने को कहा, मैं उसका लंड आगे पीछे करने लगी, उसका लंड एक दम कड़क हो चुका था, पर वो अब भी कोई जल्दी नही दिखा रहा था, मैने फिर उसको कहा “चोद दो मुझे राजा”, फिर उसने मुझे चारपाई पर लेटा दिया, और अपना लंड मेरी चुत पर सेट किया एक ज़ोरदार धक्का लगा दिया, उसका आधा लंड मेरी चुत मे था, मेरी आँखे खुली रहह गयी, काफ़ी मोटा लंड था उसका, फिर उसने एक और धक्का दिया और पूरा लंड मेरी चुत मे पेल दिया.

मेरे मूह से चीख निकली, उसने अपने होंठ मेरे होंठो से लगा दिए, फिर हौले हौले वो मुझे चोदने लगा, मुझे उसके मोटे लंड से चुदकर काफ़ी मज़ा आ रहा था, कुझ देर ऐसे ही चोदने के बाद उसने मुझे गोद मे उठाया और चोदने लगा, इस तरह चोदने से उसका लंड सिदा मेरी बच्चेदानी तक पहुँच रहा था, मेरी एग्ज़ाइट्मेंट के कारण जान निकली जा रही थी, उसके धक्के मे काफ़ी स्पीड थी, मेरी आहे के आवाज़ उची हो रही थी, कमरे मे मेरी आवाज़े गूँज रही थी, फिर उसने मुझे गोद से उतारा और खुद चारपाई पर लेट गया, मुझे उसने अपने उप्र बैठने को कहा, मैं उसके लंड को अपनी चुत पर सेट कर के बैठ गयी, कुछ देर तक उसकी तरफ से कोई भी मूव्मेंट नही आई, फिर मैं खुद ही उसके लंड पर उपर नीचे होने लगी, सेक्स का खुमार मेरे सर पर था, मैं पता नही क्या क्या बोले जा रही थी, कुछ देर ऐसे ही करने के बाद उसने मुझे ज़मीन पर घोड़ी बनने को कहा, मैं घोड़ी बन गयी, फिर वो डॉगी स्टाइल मे मुझे पीछे से चुत को चोदने लगा.

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मुझे बहुत मज़ा आ रहा था, उसके लंड मे बड़ा दम था, मैं 4-5 वार झड़ चुकी थी, पर उसका होने का नाम ही नही ले रहा था, फिर उसने मुझे बालो से पकड़ा अपनी जिब को मेरी जिब से लगा दिया और स्मूच करने लगा, 3-4 मिनट तक ऐसे ही करने के बाद उसने मुझे ज़मीन पर ही पीठ के बॅल लेटा दिया और मेरी टांगे को हवा मे उठा के मेरी चुत पर अपना लंड सेट किया और फिर मुझे चोदने लगा, हमको चुदाई करते तकरिबन 45 मिनट हो चुके थे, मैं बुरी तरह थक चुकी थी, मेरी आहे कमरे का हाल ब्यान कर रही थी, फिर उसके धक्को की स्पीड तेज़ हो गयी , फिर उसने एकदम अपना लंड चुत से निकाला और अपना सारा माल मेरे मम्मो और पेट पर गिरा दिया, गरम गरम वीर्या की बूंदे गिरते ही मुझे शांति मिली और वो मेरे उपर गिर पड़ा, हमारी साँसे तेज़ चल रही थी, कुछ देर वैसे ही पडे रहने के बाद हमने अपने कपड़े पहने और अपने रूम की तरफ चलने लगे, रामू ने हमे चूमा और बोला “वेसए आपको भेजने का मन नही कर रहा पर अगली बार इस से भी ज़्यादा मज़ा आएगा”. कहानी पढ़ने के बाद अपने विचार नीचे कॉमेंट्स मे ज़रूर लिखे, ताकि हम आपके लिए रोज़ और बेहतर कामुक कहानियाँ पेश कर सके – डीके