मेरी चाची के साथ पहली चुदाई

Aunty Sex Story : सभी लंड धारियों को मेरा लंडवत नमस्कार और चूत की मल्लिकाओं की चूत में उंगली करते हुए नमस्कार। के माध्यम से आप सभी को अपनी स्टोरी सुना रहा हूँ। मुझे यकीन है की मेरी सेक्सी और कामुक स्टोरी पढकर सभी लड़को के लंड खड़े हो जाएगे और सभी चूतवालियों की गुलाबी चूत अपना रस जरुर छोड़ देगी।

हेलो, दोस्तो मैं पवन आज अपनी कहानी आप को बताने जा रा हूँ. ये कहानी मेरी जिंदगी से जुड़ी हुई है और ये कहानी थोड़ी पुरानी है पर मजेदार है मुझे उमीद है आप को मेरी ये इंडियन आंटी सेक्स स्टोरीस कहानी पसंद आएगी.

तो चलिए मैं अपनी कहानी शुरू करता हूँ.

दोस्तो, ये बात तब की है जब मैं 12थ क्लास मे था और मेरी उमर 18 साल की थी मुझे 11 साल की उमर मे ही सेक्स की सारी नॉलेडेज हो गयी. मेरे अंदर बचपन से ही सेक्स की इछा बहोत थी इस लिए मेरा लंड का साइज़ भी काफ़ी बड़ा और मोटा हो गया था. मेरी पैंट मे से मेरा लंड सॉफ चमकता था.

हम शुरू से ही सारी फॅमिली एक साथ रहती थी मेरी फॅमिली मे मेरी सग़ी तीन चाची है पर उन सब मे से मुझे अपनी छ्होटी चाची मधु बहोत ही पसंद थी. मैं उन्हे बचपन से ही बहोत पसंद करता था और जब से मुझे मूठ का पता चला तो मैं उनको सोच कर मूठ मरता था. उनके मोटे मोटे बूब्स और चुत्तर मुझे बहोत अछे लगते थे.

कुछ टाइम बाद हुमारी एक साथ रहने वाली फॅमिली अलग हो गई और अब ये हाल था की हम डेली कभी कोई किसी के घर जा रा है तो कभी कोई मेरे घर के साथ ही मेरी मधु चाची का घर और मैं अपने घर से ज़्यादा उनके घर रहना पसंद करता था. मेरे चाचा एक बड़ी कंपनी मे काम करते थे इस लिए उनका घर आने का कुछ नही पता आते है तो वो आधे दिन मे आ जाते है और अगर नही आते तो 10 दिन तक घर नही आते.

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चाची के दो बच्चे भी है एक लड़का और एक लड़की दोनो के दोनो मुझसे उमर मे छ्होटे है और चाची ने उन दोनो को एक ही बोर्डिंग स्कूल मे डाला हुआ है क्योकि वाहा का माहॉल थोड़ा ऐसा ही है और वो नही चाहते की उनके बच्चे इस मोहल मे बिघड़ जाए.

चाची मुझसे इस लिए ही बहोत प्यार करती थी और इस लिए मैं बिना किसी टेन्षन के उनके घर जब मर्ज़ी आता जाता रहेता था. जब मैं 10थ क्लास मे हुआ तो मेरे अंदर सेक्स की भावना और भी ज़्यादा हो गयी. अब मैं चाची को और भी ज़्यादा गौर से देखने लग गया. मुझे अब उनके जिस्म को देखने मे और भी ज़्यादा मज़ा आने लग गया. मुझे अब उन्हे चोदने का दिल करता था और मेरा लंड उनके लिए मरा जा रा था.

जब मेरे चाचा कंपनी से नही आते थे तो चाची अपने घर मे सोने के लिए किसी ना किसी को बुला लेती और उन सब मे सबसे पहले मैं ही आता था. एक रात चाचा जी घर नही आए तो चाची ने मुझे सोने के लिए अपने घर बुला लिया और रात चाची नीचे ज़मीन पर लेट गयी और मैं और उसका लड़को जो की आज तक घर आया हुआ था मैं उसके साथ उपर बेड पर लेट गया.

कुछ ही देर मे सब सो गये पर मेरी आँखो मे दूर दूर तक नींद नही थी मेरी आँखो मे तो चाची के मोटे मोटे बूब्स और चुत्तर घूम रहे थे. मैं लगातार चाची को देख रा था मुझे वो बहोत ही मस्त लग रही थी. मुझसे और नहि रहा गया और मैं बेड से उठा और नीचे चाची के पास जा कर लेट गया क्या कमाल की खुशबू आ रही थी चाची की जिस्म से. मैने अपना लंड बाहर निकाल लिया और अपने एक हाथ से उसे उपर नीचे करने लग गया.

चाची ने अचानक करवट ली और मैं डर गया अब चाची का मूह मेरे सामने था पर वो गहरी नींद मे सो रही थी मैने जल्दी से उनके गुलाबी होंठो को देख कर मूठ मारी और अपने लंड का सारा पानी उनके नाइट सूट पर निकाल दिया और फिर चाची के पास ही सो गया. ये कहानी आप देसी कहानी डॉट नेट पर पढ़ रहे है.

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अगले दिन जब मैं उठा तो चाची ने मुझे टी दी और मेरी तरफ मुस्कुराते हुए देख कर चली गयी. मैं कुछ समझ नही पाया फिर मैं टी का कप ले कर बाहर आया तो उनका लड़का मुझे दिख नही रा था शायद वो अपने स्कूल वापिस चला गया इसका मतलब था की अब मैं चाची घर मे बिल्कुल अकले थे. मैं चाची को ढुनडने लग गया वो मुझे कही पर भी नही मिल रही थी.

फिर मुझे बाथरूम से पानी की आवाज़ आने लगी मैं जल्दी से बाथरूम की और गया और चुपके से बाथरूम मे से देखा तो चाची पूरी नंगी हो कर शोवेर के नीचे खड़ी नहा रही थी. ये सब देख कर मेरा लंड एक दम से खड़ा हो गया और मैं पागल सा होने लग गया मेरा दिल कर रहा था की अभी अंदर जाउ और चाची को चोद डालूं.

फिर मैने एक प्लान बनाया मैं चुप चाप सोफे पर आ कर बैठ गया जब चाची नहा कर अपने कमरे मे आई और कपड़े डालने लगी तब मैं जान कर उनके कमरे के सामने गया और जब उन्होने मुझे देखा तो मैं उनकी आँखो मे एक बार देख कर वापिस आ कर बैठ गया. मुझे नही पता था की अब मेरा क्या होगा मैं चाची के आने का इंतज़ार करने लग गया. जब चाची मेरे पास आई तो उन्होने मेरी तरफ देखा और मुस्कुरा कर किचन मे चली गयी मैं समझ गया की बात बन गयी.
मैं उनके पीछे पीछे चला गया और फिर चाची बोली – तुम कपड़े चेंज करते हुए देख रहे थे या मुझे ऐसे ही कोई ग़लती हुई है.

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