मौसी के साथ पहली चुदाई

मेरा नाम ज़य है, मैं पुणे महाराष्ट्रा से हू, मेरी उमर 23 ईयर है, मैं एक एमएंके कंपनी मे जॉब करता हू, ये हिन्दी सेक्स स्टोरी सच्ची है, जो कुछ दीनो पहले 10 मार्च 2016 को ही हुई है.

हमारे घर मे ,मैं मेरा एक भाई और मोम- डॅड है, ये कहानी मेरे और मेरी मौसी( मेरे मा की छोटी सिस्टर) के बीच हुई है, मेरी मौसी की एज 34 ईयर है और वो शादी शुदा है, और वो दिखने मे थोड़ी च्यूबी टाइप है, मुझे थोड़ी हेल्ती लड़किया पसंद है.

एक दिन मेरी मौसी कुछ काम के लिए हमारे घर आई थी, मैं सुबह 11 बजे मौसी को स्टेशन लेने गया, मौसी को देखकर मैं खुश हो गया, मैं बहोत दीनो के बाद मैं मौसी को मिल रहा था, मौसी बोली तू बहोत बड़ा हो गया है.

फिर मौसी और मैं घर आगया, आते टाइम बाइक पे मौसी मेरे पीछे बैठ गयी, और मौसी की छोटी लड़की आगे बैठ गयी, मेरे घर और स्टेशन की दूरी 20 मिनट की थी, आते टाइम मौसी मुझसे बात करने के लिए चिपक के बैठी थी तो मौसी के बूब्स मुझे महसूस हो रहे थे, उससे मेरा खड़ा हो गया था.

फिर मौसी और मैं घर आ गये, फिर मैं बाहर चला गया, रात को सब खाना खा के सोने की तैइय्यारी कर रहे थे तब मैं घर पर पहुच, मैं बाहर से खाना खा के आया था.

हमारे घर मे एक हॉल और 2 बेडरूम्स है, एक मे मोम डॅड एंड दूसरे मे मैं और मेरा भाई सोता है, तब मोम डॅड अपने कमरे मे चले गये, मौसी की छोटी लड़की मेरी मा के साथ सोने चली गयी, मैं और मौसी मेरे कमरे मे आ गये.

फॉर्चुनेट्ली उस दिन मेरा भाई अपने दोस्तो के साथ मुंबई गया था इसलिए मुझे ही सुबह मौसी को लेने जाना पड़ा था, हम दोनो भाई एक ही बेड पे सोते है, तो मैं आके सो गया, मौसी आई बैठी, थोड़ी देर बाद मैं फिर मेरे मोम से बाते कर के चली गयी, तब तक मैं सो गया था.

मुझे पता भी नही चला मौसी कब आके सो गयी मेरे साइड मे, करीब 12: 30 बजे, मेरी नींद खुली, तब मैने देखा मेरी मौसी मेरे साइड मे सोई है, तो मैं बहोत खुश हो गया, मैने फिर धीरे से मौसी की साड़ी उठाने की कोशिश करने लगा.

गर्मी के दिन थे इसलिए मौसीने ब्लॅंकेट वगेरे कुछ लिया नही था, मैने मौसी की साड़ी कमर तक उपर कर ली, और मैं उनके नंगे गोरे बदन से खेलने लगा मैं उनके पैंटी के उपर से हाथ फिराने लगा, मेरी हिम्मत भढ़ गयी.

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फिर मैने मौसी के ब्लाउस के उपर के 2 बटन खोल दिए, मैं अब मौसी के ब्लाउस मे हाथ डाल कर उनके बूब्स दबाने लगा, मैं एक हाथ से मौसी के बूब्स दबा रहा था और दूसरे हाथ से पैंटी के उपर से हाथ फेर रहा था.

मैने अब मौसी की पैंटी के अंदर हाथ डाला, मुझे उनके छोटे छोटे बाल महसूस हुए, अब मैने अपनी एक उंगली मौसी की चुत मे डाली, बहोत सॉफ्ट और गीला मुझे महसूस हुआ, मेरे उपर सेक्स का भूत सवार था.

मैने अब मौसी के ब्लाउस के सारे हुक खोल दिए, अब वो सिर्फ़ ब्रा मे थी., और उनकी साड़ी कमर तक उपर थी, मेरा लंड कड़क हो गया था, अब मैने ज़ोर से मौसी के बूब्स दबाना चालू कर दिया, थोड़ी देर मसलने के बाद मैने मौसी की पैंटी घुटनो तक नीचे ली अपने हाथो से, और मैं उंगली करने लगा.

मुझे बहोत डर भी लग रहा था, लेकिन मुझे समझ मे नही आरहा था इतना करने के बाद भी मौसी की नींद कैसे खुली नही थी, मुझे पता था मेरी मौसी की नींद बहोत गहरी थी

लेकिन मैने बहोत जोरसे उनके बूब्स दबाए थे और उंगली भी की थी, अभी तक हम साइड बाइ साइड सोए थे, पता नही मुझ मे कहा से इतनी हिम्मत आ गई, और मैं उठ के मौसी की टाँगो के उपर आके उनकी पुसी चाटने की कोशिश कर रहा था.

तभी मौसी हिली और मेरे सर को पकड़ के बोली ये मत कर बहोत गंदा है, मुझे समझ नही आ रहा था की मैं क्या बोलू, मैं 10 सेकेंड वैसे ही मौसी को देख ता रह गया.

फिर मौसी ने अपना हाथ मेरे तने हुए लंड पे रखा और बोली “आता बघतच बसनार आहेस की पुड़े काही करनार आहेस”(मुझे देखता ही रहे गा की या आगे भी कुछ करेगा”)

मेरे होश उड़ गये की मौसी क्या बोल रही है.

फिर मौसी बोली की” मला माहित आहे तुला माझ्या बरोबर करयाच आहे, मागच्या वेला घरी आला होता तेव्हा पन तू असच साड़ी वर करुन माझा अंगशी खेलट होता”( मुझे सब पता है की तुझे मेरे साथ करना है पिछली बार जब तुम घर आए थे तभी तुमने मेरी साड़ी उपर कर के मेरी बॉडी के साथ खेला था.)

तब मुझे याद आया की मैने 6 मंथ पहले मौसी के घर गया था तभी रात को मैने एसा ही किया था लेकिन उस टाइम मैने अपनी एक उंगली मौसी के चुत मे डाल के मैने अपना लंड हिलाया था, और सो गया था.

अभी भी मैं थोड़ा डॅरा हुआ लग रहा था, अब मौसी बोली “. घाबरू नकोस मी कोनाला नाही सान्गनार तुला जे करइचा आहे ते कर, आनी माला पन थोड़ा आनंद दे” (टेन्षन मत ले मैं किसिको कुछ नही बोलूँगी तू जो करना चाहता है कर ले, और मुझे भी थोड़ी खुशी दे)

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फिर मैने हिम्मत कर के मौसी को किस करना स्टार्ट कर दिया, उनको लिटा के हम दोनो पॅशनेट्ली किस करने लगे, मैं पागलो की तरहा उन्हे किस कर रहा था, अब मैने उनके नेक पे किस किया और वो और भी गरम हो गई.

अब मैने उनकी ब्रा निकाल दी, उनके बूब्स चूसने लगा, कभी एक हाथ से दबा रहा था और एक मूह मे लेकर चूस रहा था.

अब मैं उनके पेट पर किस कर रहा था, मैने उनकी घुटने तक निकली हुई पैंटी को निकाल दिया, और उनकी पूरी साड़ी और पेटिकोट निकाल दिया, अब वो मेरे सामने पूरी नंगी थी.

मैने भी अपने कपड़े निकाल फेंके, फिर मैं मौसी के उपर आके किस करने लगा, उनकी बॉडी को लीक करने लगा, बूब्स दबाने लगा, मैं उनकी पुसी को लीक करना चाहता था.

लेकिन उन्होने कहा आज नही, तो उन्होने कहा उनके पीरियड्स अभी 2 दिन पहले ही ख़तम हुए है, इसलिए इन्फेक्षन हो सकता है, मैं बता दू मेरी मौसी मेरा बहोत ख़याल रखती है, फिर भी मैने उनके पुसी के उपर वाली जघा किस किया.

अब मौसी बोली ” टाक ना तुझा आत”, ( डालो ना अंदर), मैं बोला की ” मैं कॉंडम लाता हू मेडिकल से”.

तब मौसी बोली ” जाउ नको तुझा काका तार तुच मला ठोकला आहे, कही घाबरू नकोस माझा ऑपरेशन्स झाला आहे”, ( जे तेरे मौसा के बाद सिर्फ़ तूने ही मुझे चोदा है, डर मत मेरा ऑपरेशन हुआ है).

फिर मैने अपना लंड मौसी के चुत पर सेट कर के अंदर डाला, वो बहोत ईज़िली अंदर चला गया, पूरा अंदर जाने के बाद मौसी ने चीख निकाली, और आवाज़ निकाली ” आईगा”.

फिर मैने आगे पीछे करना चालू कर दिया, करीब 3-4 मिनट करने के बाद मेरा निकल गया, और मैने अंदर ही निकाल दिया, और वैसे ही मौसी को किस किया और मौसी के उपर लेट गया.

मौसी बोली” तू पहिल्यन्दा केला का कोना बारोबार?”(तूने पहेली बार किया क्या किस के साथ?), मैं बोला ” हा मौशी”, मौसी बोली ” त्या मूलेच एेवध्या लावकर झाला तुझा”( इसलिए इतनी जल्दी हुआ तेरा).

फिर वैसे ही मौसी के उपर लेट गया, और पता नही मैं कब सो गया, आगे की स्टोरी बाद मे बताउन्गा की सुबह मेरी नींद खुलने के बाद क्या हुआ.

अगर आपको मेरी सच्ची फर्स्ट हिन्दी सेक्स स्टोरी अछी लगी हो तो मेरी मैल आईडी है

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