माशूका की जवान बेटी की कामवासना

न्यूड टीन गर्ल सेक्स का मजा लिया मैंने अपनी माशूका की बेटी की के साथ! उसकी कुंवारी चूत की सील तोड़ चुका था। लेकिन मुझे उसकी चुदाई करने का दोबारा मौका जल्दी मिल गया.

नमस्कार दोस्तो! मैं राकेश, एक बार फिर से अपनी एक नई और सच्ची कहानी लेकर आपकी ख़िदमत में हाज़िर हूं!
मेरी पिछली कहानी
माशूका की जवान बेटी की चुदाई
आप लोगों ने पढ़ी और उसे खूब सराहा भी।
इसके लिए आप सब का बहुत बहुत आभार।

आप लोगों में से इस कहानी की तारीफ में बहुत से महिलाओं और पुरुषों के मुझे मेल भी आये, मुझे बहुत अच्छा लगा।

तो चलिए दोस्तो, अब आज की न्यूड टीन गर्ल सेक्स कहानी की ओर बढ़ते हैं।
मेरी इसके पहले आयी कहानी में आपने पढ़ा कि मेरी माशूका नीरू की बीस साल की जवान बेटी शीना की सील मैंने तोड़ी थी।
वो कहानी जानने के लिए आप मेरी पिछली रचना पढ़ सकते हैं।

दोस्तो, उस दिन शीना मुझसे चुदाई करवाने के बाद मेरा लन्ड चूस कर अपने घर चली गयी और अगले दिन दोबारा आने का वादा कर गयी।
उसके जाने के बाद पहले तो मैं नहाया, फिर दो पेग लगा कर खाना खाया और सो गया।

शाम को करीब पांच बजे मेरे मोबाइल पर रिंग बजी तो मैं उठा और देखा कि नीरू की कॉल थी।
मेरी गांड फट गई कि कहीं नीरू को हमारी चुदाई का पता तो नहीं चल गया?

हो सकता है कि शीना अपनी चुदाई की बात छुपा न सकी हो।
ऐसे कई ख्यालात एकदम से मेरे दिल में आने लगे।

मैंने खुद को संभाला और कॉल रिसीव की तो नीरू बोली- जरा घर आओ, कुछ बात करनी है।
मेरी फिर से गांड फट गई।
मैंने पूछा- क्या हुआ?

वो बोली- पहले घर आओ, फिर बताउंगी।
मैं बोला- थोड़ी देर में आता हूं।
कह कर मैंने फ़ोन काट दिया।

अब मैं सोचने लगा कि क्या बात हो सकती है?
फिर मैंने दिल पक्का किया और अपने आप से बोला कि जो होगा देखा जाएगा।

मैंने हाथ मुंह धोया और तैयार होकर नीरू के घर पहुँचा।

मैं डरते-डरते उसके घर में दाखिल हुआ।

वो दोनों मिया-बीवी बाहर गार्डन में ही बैठे थे।

मुझे देख कर नीरू का पति खड़ा हुआ और मुझसे हाथ मिलाकर मुझे बैठने को कह दिया।

इतने में शीना चाय की ट्रे लेकर आ गयी।
उसने मुझे हँस कर नमस्ते कहा।

ये देख मेरी जान में जान आयी कि सब ठीक ही लग रहा है।

मैंने उनसे मुझे बुलाने का कारण पूछा।

नीरू का पति बोला- यार राकेश, हमें कल अचानक फरीदाबाद जाना पड़ रहा है लेकिन शीना नहीं जा सकती क्योंकि उसकी क्लास है। क्या तुम्हारी वाइफ या तुम यहाँ रुक सकते हो?
ये सुन कर मेरी बांछें खिल गयीं।
मैंने चोर आंखों से शीना की तरफ देखा तो वो भी मन्द मन्द मुस्करा रही थी।

फिर मैं बोला- मेरे भी बीवी बच्चे अम्बाला गए हैं, मैं भी अकेला ही हूं।
ये सुनकर नीरू बोली- कोई बात नहीं, आप यहां ही सो जाना। आपका खाना भी शीना बना देगी।
मैं बोला- ठीक है। लेकिन आप लोगों की वापसी कब होगी?

नीरू बोली- हम वहां एक फंक्शन में जा रहे हैं, दो दिन लग जाएंगे।
मैं बोला- तो ठीक है, मैं ऑफिस से तीन दिन की छुट्टी ले लेता हूँ।

इन्हीं सब बातों के चलते चाय खत्म हुई और मैं जाने लगा।

तभी नीरू का पति बोला- घर क्या करोगे, अभी यहीं बैठ जाओ। रात का खाना खाकर चले जाना।
फिर शीना बोली- हां अंकल, यहीं रुक जाओ, मम्मी आज चिकन बिरयानी बना रही है।

मैं वहीं रुक गया और हम लोग इधर उधर की बातें करने लगे।
कुछ देर बाद शीना और नीरू किचन में चले गए।

नीरू का पति व्हिस्की की बोतल और चखना वगैरह लेकर आ गया।
हम दोनों पैग लगाने लगे।

कुछ देर बाद शीना हमें खाना खाने के लिए बोलने आयी।

हमने एक-एक ड्रिंक और ली, फिर हम खाना खाने चले गए।
खाने के बाद हमने कुछ देर बातें कीं, फिर मैं उन्हें शुभ रात्रि बोल कर अपने घर आ गया।

मैंने अपने कपड़े बदल कर एक सिगरेट पी और लेट गया।

इतने में शीना का मैसेज आया- क्या कर रहे हो अंकल जी?
मैं- बस तुम्हारे बारे में ही सोच रहा था। और अब तुम मुझे अंकल मत बुलाया करो।
शीना- क्या बुलाऊँ आपको?

मैं- कुछ भी बुलाओ लेकिन अंकल नहीं।
शीना- नहीं, आप ही बताओ कि मैं आपको क्या बुलाऊँ?
मैं- तुम्हारी माँ मुझे जानू बुलाती है। तुम भी मुझे जानू ही बुलाओ।

शीना- ठीक है मेरे और मेरी मम्मी के जानू! अच्छा क्या सोच रहे थे आप मेरे बारे में?
मैं- यही कि कल से हम दोनों दो दिन के लिए अकेले हैं। कितना मजा आएगा।
शीना- ओके जानू, मम्मी बुला रही है। सुबह मिलते हैं … गुड नाइट!

इतना लिख कर वो ऑफलाइन हो गयी।

मैंने फिर एक सिगरेट जलाई और टैरेस पर खड़ा हो गया और सोचने लगा कि क्या मैं सही कर रहा हूं?
अगर नीरू को इसके बारे पता चल गया तो क्या होगा?
शीना तो हाथ से जाएगी ही, साथ में नीरू भी मुझसे रिश्ता तोड़ लेगी।

मैंने सोचा कि नहीं … अब शीना के साथ ऐसा कुछ नहीं करूंगा।
उसे भी बोल दूंगा कि मैं नीरू को धोखा नहीं दे सकता।

फिर मैं अंदर गया और लेट गया।

नींद मेरी आंखों से अभी कोसों दूर थी।
मेरी आँखों के आगे बार-बार शीना का नंगा बदन आ रहा था। उसके गुलाबी निप्पल वाले मम्में, मखमली चिकनी चूत, गोरी चिकनी सुडौल जाँघें, मस्त गोल मोटी गांड व उसके सपाट गोरे पेट के बीच सुंदर सी नाभि के बारे में सोच कर मेरा मन विचलित हो रहा था।

मैं बहुत कोशिश कर रहा था कि ऐसा न हो। मैं उठा और शराब के दो मोटे मोटे पेग लगाए और मैं फिर से ये सोचते हुए लेट गया कि अब शीना से ऐसा कोई रिश्ता नहीं रखना।
ऐसे ही सोचते सोचते कब मेरी आँख लग गयी पता ही नहीं चला।

सुबह 9 बजे कामवाली ने आकर बेल बजाई तो मेरी आँख खुली।

काम वाली अपने काम में लग गयी और मैं भी फ्रेश होकर नहाने चला गया।

तैयार होकर मैं चाय पीने बैठा ही था कि नीरू के पति का फ़ोन आ गया।
वो बोला कि वो लोग निकलने लगे हैं, घर आ जाना।

मैंने उसे निश्चिन्त होकर जाने को कहा।
आधे घण्टे बाद मुझे शीना का फ़ोन आया।

वो बोली- क्या कर रहे हो जानू?
मैं बोला- कुछ नहीं, बस अभी नहाकर फ्री हुआ हूं।
शीना- अकेले ही नहा लिए?? मैं सोच रही थी कि आज आपके साथ ही नहाऊंगी।

मेरे दिमाग में फिर वही रात की बातें आने लगी।
उसकी ऐसी बातें सुन कर मेरे दिल-दिमाग अलग-अलग दिशा में सोचने लगे।
दिल कह रहा था कि भोग ले फिर से शीना को … और दिमाग ये सब करने को मना कर रहा था।

मैंने शीना से कहा- मैं थोड़ी देर में घर आ रहा हूँ। कुछ जरूरी बात करनी है। तब तक नहा लो।
वो बोली- नहाऊंगी मैं आज आप के साथ ही … और आप मत आना, मैं ही आप के घर आ रही हूं।

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ये बोल कर उसने फ़ोन काट दिया।
दस मिनट बाद शीना मेरे घर पहुंच गई।

काम वाली अपना काम करके जा चुकी थी।

शीना अंदर आयी।
उस वक़्त उसने एक गुलाबी टीशर्ट और लोअर डाल रखा था, हाथ में एक पैकेट पकड़ रखा था।
वो सीधे मेरी गोद में बैठ गयी।

मैंने उसे उठाने की बहुत कोशिश की लेकिन वो नहीं उठी।

उसने जबरदस्ती अपने गुलाबी होंठ मेरे होंठों से चिपका दिए और पागलों की तरह मुझे चूमने लगी।

मेरा लन्ड खड़ा हो चुका था … दिल बेईमान हो चुका था।
मैं कल रात की सारी बातें भूल चुका था।

मैंने अपने हाथ उसके टॉप में डाल दिये और उसके मम्में दबाने लगा।
हम दोनों की जीभ आपस में टकराने लगीं।

कुछ देर बाद वो अलग हुई और बाथरूम में चली गयी।
मैंने सिगरेट सुलगायी।

अब मेरे सिर से शराफत उतर चुकी थी और वासना मुझ पर हावी हो चुकी थी।

फिर मैंने सोचा कि जब नीरू को पता चलेगा, तब की तब देखेंगे।
और क्या पता कि कभी पता चले ही ना!

मैंने जल्दी से सिगरेट पी और बैठकर शीना का इंतज़ार करने लगा।

पांच मिनट बाद वो बाहर आयी।
उसे देख कर मैं देखता ही रह गया।
वो बाथरूम से अपने कपड़े निकाल कर आई थी।

उसने इस वक़्त एक डेनिम शॉर्ट्स और ऊपर सिर्फ एक संतरी रंग की ब्रा पहन रखी थी।

उसके शॉर्ट्स बहुत ही टाइट थे और छोटे ऐसे कि जिससे सिर्फ उसकी चूत ही ढक रखी थी।

वो मेरे सामने आई और बड़ी अदा से घूम कर बोली- कैसी लग रही हूं जानू?
जब वो घूमी तो उसके शॉर्ट्स ने उसकी आधी गांड को ही ढक रखा था।

उफ्फ … इतनी सेक्सी गांड … बला की कामुक लग रही थी वो!
मैंने बैठे बैठे ही उसका हाथ पकड़ कर अपने पास खींचा।

अब मेरे दिल दिमाग से अब ये बात बिल्कुल काफूर हो चुकी थी कि मैं नीरू यानि शीना की माँ के साथ विश्वासघात कर रहा हूं।

अब मैं बस ये सोच रहा था कि शीना को अब दोबारा न चोदा तो शायद फिर कभी टीन गर्ल सेक्स नहीं कर पाऊंगा।

मैंने उसकी गांड को अपने मुंह की तरफ घुमाया और उसे झुका दिया और उसकी गांड का नंगा हिस्सा चूमने चाटने लगा।
फिर मैंने उसके चूतड़ों में टाइट शॉर्ट्स की वजह से बन रही दरार पर अपने दांत गड़ा दिए।

वो सिसकारी- आह्ह … उफ्फ … जानू … क्या कर रहे हो, दर्द हो रहा है।
फिर मैंने उसे अपनी गोद में बिठा लिया।

उसकी पीठ मेरे सीने से चिपकी हुई थी।

मैंने अपने हाथ आगे किये और उसकी ब्रा से उसके मम्में बाहर निकाल दिए।
मैं उसके निप्पलों को मींझने लगा!

आह्ह … ऊईई … करके उसकी सिसकारियां निकलने लगीं।

कुछ देर बाद वो बोली- जानू … क्या यहीं बैठे बैठे ही सब करोगे, बेडरूम में चलो ना?
ये बोल कर वो खड़ी हुई और मुझे भी उसने खड़ा कर दिया।

जब मैं खड़ा हुआ, उसने देखा कि मेरा लन्ड लोअर में बिल्कुल तम्बू की तरह अकड़ा हुआ था।

उसने मेरे लन्ड को लोअर के ऊपर से ही मसला और बोली- देखो ये भी कितना तरस रहा है मेरी चूत में जाने को!
मैं उसकी बातें सुन कर हैरान हो गया कि वो एक ही दिन में कितनी खुल गयी है।

वो मेरे आगे आगे बेडरूम की तरफ जाने लगी।
मैं पीछे से उसकी मटकती हुई गोल गांड को देख रहा था।

एक बार मन में आया कि आज इसकी गांड का भी छेद खोल दूँ।

लेकिन फिर सोचा कि कहीं कोई दिक्कत न हो जाये, पता नहीं उसकी गांड मेरा लन्ड झेल भी पाएगी या नहीं।

यही सोचते हुए मैं उसके पीछे बेडरूम में दाखिल हुआ और दरवाजा बंद करने लगा।
वो बोली- दरवाजा क्यों बन्द कर रहे हो जानू, यहां कौन सा कोई देखने वाला है।
ये बोल कर वो अपनी दोनों टांगें चौड़ी करके बेड पर बैठ गई।

मैं उसके पास गया तो वो थोड़ा आगे सरकी और मेरा लोअर नीचे सरका दिया।
फिर मेरे अंडरवियर में से मेरा लन्ड निकाल कर पहले उसने सूंघा और बोली- आह … क्या महक है जानू तुम्हारे लन्ड की!
ये बोल कर वो उसे चूसने चाटने लगी।

मुझे विश्वास नहीं हो रहा था कि ये वही शीना है जिसे कल तक ये सब करने में घिन आ रही थी।

मैं टांगें खोल कर खड़ा हुआ अपना लन्ड चुसवा रहा था और शीना गपागप मेरा लन्ड चूसे जा रही थी।

अब मैंने थोड़ी देर बाद उसके मुंह की चुदाई शुरू कर दी और अपना लन्ड उसके गले की गहराई तक पहुंचा दिया।

शीना की आंखें बाहर आ गयीं और उसके मुंह से थूक लार बनकर बाहर बहने लगा जिससे मेरा लन्ड भी सन गया।

उसकी आँखों से पानी निकलने लगा।
मैंने अपना लन्ड उसके मुंह से बाहर निकाला तो उसकी सांस में सांस आयी।

हांफते हुए वो बोली- जानू, आपने तो मेरी जान ही निकाल दी!
ये बोल कर वो अपने उल्टे हाथ से अपने होंठ साफ करने लगी।

मैंने उसका हाथ पकड़ लिया और अपने होंठ उसके होंठों पर रख दिए और हम दोनों एक दूसरे के होंठ पागलों की तरह की तरह चूमने-चूसने लगे।

कुछ देर बाद मैंने उसे बेड पर लिटा दिया।

मैंने अपनी टीशर्ट भी निकाल दी और अब मैं सिर्फ वी शेप के अंडरवियर में था।
शीना के बदन पर भी न के बराबर सिर्फ एक शॉर्ट्स ही था।
उसकी ब्रा मैंने पहले ही निकाल दी थी।

मैं उसके ऊपर आया और फिर से उसके होंठ चूसने लगा।

शीना भी मेरे बालों और पीठ पर हाथ फेर कर मेरा पूरा साथ दे रही थी।

अब मैं उसकी गर्दन को चाटते हुए उसके मम्मों पर आ गया।
मैं उसके एक चूचे को मुंह में लेकर चूसने लगा और दूसरे चूचे के निप्पल को एक हाथ से मींझने लगा।
मैंने अपना दूसरा हाथ उसके शॉर्ट्स में डाल दिया और उसकी चूत पर फेरने लगा।

शीना के मुंह से मीठी सिसकारियां निकलने लगीं।
मेरे ऐसा करने से शीना बहुत उत्तेजित हो गयी और उसका शरीर कांपने लगा।
मैंने अब तक उसके शॉर्ट्स को नहीं निकाला था।

फिर मैं उसके ऊपर से हटा और उसकी टांगें फैला दीं।
मैं उसके पैरों की तरफ अपने घुटने मोड़कर बैठ गया और उसकी एक टांग को हाथों में लेकर उसके पैर के निचले हिस्से को चाटने लगा।
फिर मैं उसके पैर के अंगूठे को मुंह में लेकर चूसने लगा जिससे शीना मस्त होकर शॉर्ट्स के ऊपर से ही चूत पर हाथ फेरने लगी।

एक हाथ से वो अपने निप्पल मसलने लगी।

फिर मैंने ऊपर की ओर आते हुए उसकी जांघों को चूमना शुरू कर दिया।

शीना बहुत ज्यादा गर्म हो चुकी थी जिससे उसने मुझे अपने ऊपर खींचना शुरू कर दिया।

मैं फिर से उसके ऊपर गया और कुछ देर उसके होंठ चूस कर उसका गोरा चिकना पेट चूमने चाटने लगा।
शीना बुरी तरह से छटपटाने लगी।

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अब मैंने उसके शॉर्ट्स का बटन खोला और उसकी ज़िप नीचे सरका दी।
उसकी चूत बिल्कुल नंगी थी, न्यूड टीन गर्ल सेक्स के लिए तैयार थी.

मैं उसके शॉर्ट्स नीचे खींचने लगा।

शीना ने अपनी गांड ऊपर उठाकर शॉर्ट्स नीचे करने में मेरा सहयोग किया।
नंगी होते ही सामने का नजारा देख मैं पागल हो गया।

आह … क्या चूत थी उसकी! कल से ज्यादा चिकनी लग रही थी।

मैं झट से उसकी टांगों के बीच आया और उसकी चूत पर हाथ फेर कर एक चुम्बन लिया और शीना की तरफ देखा।
वो मुस्करा रही थी।

मैं बोला- ये आज कुछ ज्यादा ही चिकनी लग रही है।
वो बोली- हां, सुबह सबसे पहले मैंने इसी को चिकनी किया था। कल रात को सोते समय पोर्न मूवी देखी थी मैंने जिसमें आपकी उम्र का एक आदमी एक लड़की को चोद रहा था। मैंने सीन देखकर चूत में उंगली की और आपके बारे में सोचने लगी। उंगली करते हुए मेरी चूत से ढेर सारा पानी निकला जैसे कि मेरा मूत निकल गया हो। मेरी पूरी पैंटी बुरी तरह से भीग गई।

उसकी बातें सुनते हुए मैं लगातार उसकी चूत में उंगली कर रहा था।
मैंने पूछा- तो क्या पैंटी फिर धो दी तुमने?
शीना- नहीं, वो बाथरूम में ऐसे ही पड़ी है। आपसे मिलने की जल्दी थी तो आज टाइम नहीं मिला।

मैं बोला- तो चुदाई के बाद वो पैंटी लेकर आना।
शीना- क्या करोगे?
मैं- जो करूंगा, तुम्हारे सामने करूंगा, खुद देख लेना।

कुछ देर बाद मैं अब खड़ा हुआ तो शीना भी खड़ी हुई और उसने मेरा अंडरवियर निकाल दिया।
अब हम दोनों बिल्कुल नंगे थे।

मेरा लन्ड बिल्कुल तनकर एक लोहे की रॉड जैसा लग रहा था।
शीना ने मेरा लन्ड पकड़ा और उसे चूमने लगी।

फिर उसने अपने मुंह में ढेर सारा थूक इकट्ठा किया और मेरा लन्ड चूसने लगी।
उसका थूक लार बन कर उसके मुंह से बहने लगा।

वो बीच बीच में मेरे लन्ड की मुट्ठ मारती, कभी चूसती, कभी टोपे पर जीभ फेरती।
यानि वो इस वक़्त किसी पोर्न एक्ट्रेस की तरह मेरे लन्ड से खेल रही थी।

कुछ देर बाद शीना ने मुझे पीठ के बल लिटा दिया और वो खुद मेरी छाती पर अपने घुटने इस तरह मोड़ कर बैठी कि उसकी चूत बिल्कुल मेरे मुंह के सामने आ गई।

मैंने शीना की गेंद पकड़ी और अपनी जीभ उसकी चूत में डाल दी और उसकी चूत को जीभ से कुरेदने लगा।
शीना भी अपनी चूत मेरे मुंह पर दबाने लगी।
मैं तेजी से अपनी जीभ उसकी चूत में चलाने लगा।

कुछ देर बाद शीना जोर जोर से सिसकारियां भरने लगी और उसने मेरा मुंह चूत में दबा दिया और मुंह के अंदर झड़ने लगी।
मैंने उसकी चूत के रस की एक एक बूंद चाट ली।

मैंने उसकी चूत में उंगली देकर देखा तो मेरी उंगलियां चूत के रस में भी गयीं।

मैंने वो चूतरस से सनी उंगलियां उसके मुंह में दे दीं जिसे वो चाट गई।

अब मैंने उसे पीठ के बल लिटा दिया और उसकी चूत पर लंड को रगड़ने लगा।
वो तरसने लगी और चोदने के लिए कहने लगी। वो अपनी गांड उठा कर लन्ड चूत में लेने की कोशिश करने लगी।

मैंने भी और देर करना मुनासिब नहीं समझा और लन्ड को उसके चूत द्वार पर रख एक ही झटके में अपना पूरा उसकी चूत में उतार दिया।
वो जोर से चीख पड़ी।

उसकी चूत की सील सिर्फ एक दिन पहले ही टूटी थी; उसे दर्द होना लाज़मी था।
वो मुझसे छूटने की कोशिश करने लगी।

मैंने शीना को अपने नीचे दबा रखा था, वो छूट नहीं सकती थी।
अब मैंने उसके होंठ चूमने शुरू किए और बीच बीच में उसके चूचे भी चूसने लगा।
उसकी आँखों से आंसू बह रहे थे और वो कुछ नहीं कर पा रही थी।

कुछ देर बाद वो नॉर्मल हुई और खुद अपनी गांड उठा कर ऊपर नीचे करने लगी।
फिर उसने गर्दन हिला कर मुझे धक्के लगाने को कहा।
मैंने धीरे-धीरे धक्के लगाने शुरू किए।

शीना ने अपनी दोनों टांगें मेरी पीठ पर लपेट दीं और तेजी से चोदने के लिए कहा।
मैंने भी अपने धक्कों की रफ्तार बढ़ा दी।
अब मेरा लन्ड उसकी बच्चेदानी से टकरा रहा था।

कुछ देर बाद मैंने उसे घोड़ी बनाया और खुद बेड के नीचे खड़ा हो गया।
मैंने उसकी चूत में लंड को पेल दिया और उसकी गांड पर चांटें मारने लगा।
वो आह्ह … आह्ह करने लगी।

मैं बोला- जानम … गांड भी चोद दूं क्या तेरी?
वो बोली- आपके इस लंड ने मेरी चूत की धज्जियां उड़ा दीं, गांड का तो क्या ही हाल होगा। मैं वादा करती हूं कि कभी गांड भी जरूर चुदवाऊंगी।

मैंने भी जिद करना ठीक नहीं समझा।

कुछ देर चोदने के बाद मैं बेड पर लेट गया और शीना को अपने लन्ड पर बिठा लिया।
वो मेरे लन्ड पर कूदने लगी।

कुछ देर बाद उसने अपने दोनों हाथ पीछे किए और बेड पर रख दिए।
अब मैं अपनी गांड उठा कर नीचे से धक्के देने लगा।

शीना अपने एक हाथ को अपनी चूत पर फेरने लगी।
शायद फिर से झड़ने वाली थी।

मैंने उसकी चूत में लन्ड डाले हुए ही उसे घुमाकर नीचे कर दिया और उसके ऊपर आकर उसे चोदने लगा।

अब मेरा भी लावा छूटने वाला था।
शीना भी समझ गयी और मुंह में माल छोड़ने के लिए कहने लगी।

चार पांच धक्कों के बाद मैंने लन्ड उसकी चूत से निकाला और घुटनों के बल बैठ गया।
शीना जल्दी से उठी और घोड़ी बन कर मेरा लन्ड चूसने लगी।

कुछ देर बाद ही मेरे लन्ड ने लम्बी और गाढ़ी पिचकारी छोड़ी और मेरा आधे से ज्यादा माल उसके मुंह में चला गया और कुछ उसके नाक, आंख, होठों पर भी फैल गया।

शीना सारा माल चाट गयी।

हम दोनों बुरी तरह से थक गए थे; हम एक दूसरे की बांहों में लेट गए।

कुछ देर बाद शीना उठी और मुझे भी उठाया और नहाने को बोलने लगी मैंने भी साथ चलने के लिए कहा।
वो बोली- पहले मैं सुसू कर लूं, बाद में तुम आ जाना।

वो जाने लगी तो मैंने उसे गोद में उठाया और ले जाकर बाथरूम के शेल्फ पर बैठा दिया।
फिर मैंने उसको सुसू करने के लिए कहा तो कहने लगी कि शर्म आती है।
पर मेरे जोर देने पर वो मान गयी।

उसने जैसे ही मूतना शुरू किया मैंने उसकी चूत को सहलाना शुरू कर दिया।
सर्र … की आवाज के साथ उसका मूत बाहर आया और मेरा सारा हाथ भीग गया।
उसके बाद मैंने फिर से उसकी चूत चाटी और उससे अपना लन्ड चुसवाया।

इसके बाद हम दोनों नहाये और कपड़े पहन कर खाना खाया।

फिर मैंने उसे उसकी गुलाबी कच्छी लेने भेज दिया और खुद एक सिगरेट सुलगाकर पीने लगा।

अभी हमारे पास चुदाई के लिए डेढ़ दिन और दो रातें थीं।

इस दौरान हमने क्या क्या किया ये बहुत जल्द बताऊंगा।
आपको ये न्यूड टीन गर्ल सेक्स कहानी कैसी लगी कृपया मुझे जरूर बताएं।
कमेंट्स में राय देना न भूलें।
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