मामी की पहली बार चुदाई

हाय फ्रेंड्स रिहान इस बॅक अगेन अनदर सूपर दूपेर हॉट स्टोरी, तीस स्टोरी इस बिलॉंग्स टू बिट्वीन मे आंड मी मामी, तो आपको जयदा बोर ना करते हुए स्टोरी शुरू करता हू,

मेरी मॉं जो की 60 या 65 साल की हो चुकी है काम वगेराह जयदा नही कर पाती तो इसलिए उन्होने जोगिंदर मामा को फोन लगाया की, भैया तुझे तो पता है मेरी तबीयत ठीक नही है भाभी को या रानी को थोड़े दिन के लिए हमारे यहा भेज दे, काम वगेरह करने के लिए.
तो मामा जी ने कहा की रानी के तो पेपर चल रहे है तुम्हारी भाभी आ जाएगी, रिहान को भेज दो आकर ले जाएगा, तो फोन पर और भी कुछ बात हुई और फोन काट दिया फिर मॉं ने मुझे कहा बेटा फरीदाबाद चला जा अपनी मामी को ले आ मेने कहा मामा जी से बोल दिया क्या तो मॉं कहने लगी की मेने फोन पर बात करी थी उन्होने कहा है की रिहान को भेज दो आकर अपनी मामी को ले जाएगा.
तो मेने कहा ठीक है और शाम को मेने बाइक स्टार्ट की और एक घंटे मे ही मै मामा के घर पहुच गया वाहा मेने चाय वगेरह पी और उन्हे वाहा से लेकर अपने घर की तरफ चल दिया और थोड़ी ही देर मे हम घर पहुच गये.

मामी ने घर मे आते ही मम्मी के पाओ छुए थोड़ी देर बैठी फिर थोड़ी देर बाद वो खाना वगेरह बनाने मे लग गई, फिर रात को खाना खाने के बाद हम सब लोग लेट गये फर्श पर बिस्तर बिछा कर, रात को मेरी आँख खुली तो मेने देखा की मेरा एक हाथ मामी के पेट पर था और मामी सो रही थी, और कुछ भी रेस्पोन्से नही दे रही थी.
अब मेर नींद भी उड़ चुकी थी, फिर मेने धीरे से अपना हाथ उठाया और सीधे मामी के बूब्स पर रख दिया और इस बार भी मामी कुछ नही बोली, फिर मेने धीरे से उनके बूब्स दबाए अब नींद मेरी आँखो से कोसो डोर हो चुकी थी, हा मेने उनके बूब्स दबाए और वो अब भी कुछ नही बोल रही थी.

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फिर मेने इधर उधर देखा तो मम्मी नही थी शायद बाथरूम गयी होंगी, मै अभी भी मामी के चुचे दबा रहा था, बड़ा ही मज़ा आ रहा था एक तो उनके चुचे बड़े बड़े और काफ़ी मुलायम थे बहुत ही मज़ा आ रहा था.
अब मुझसे रहा नही जा रहा था मेरा लोड्ा एकदम खड़ा था बिल्कुल एक नाग की तरह, फिर मेने मामी का एक हाथ लिया और उसे अपने हाथ मे पकड़ के अपना लॅंड उनके हाथ मे दे दिया और मुट्त् मरवाने लगा.

करीब 10 15 मिनिट मुट्त् मारने के बाद मेरा लॅंड ने अपना पानी छोड़ दिया और वो सारा मामी के हाथो मे गिरा और उनका पूरा हाथ मेरे वीर्य से भर गया, मेरी तो फट ही गयी यार ये मेने मज़े मज़े मे क्या कर दिया कही मामी ने मम्मी को बता दिया तो बड़ी बदनामी होगी.
फिर जेसे तेसे रात निकली और सुबह मै जिम से लौटा ही था तो मामी कहने लगी कुछ शेक वगेरह लोगे बड़ी मेहनत करने लगे हो आजकल और एक अजीब सी स्माइल देते हुए वो किचन मे चली गयी, फिर वही नॉर्मली डेली वाला काम वगेरह करने लगी कोई दोपहर का समय रहा होगा मै बाहर से आया तो मम्मी शायद बाहर गयी हुई थी.

मामी ने सलवार सूट पहना हुआ था और वो झाड़ू लगा रही थी, जब वो झाड़ू लगा रही थी तो उसके मोटे मोटे चुचे लटक रहे थे, जिसे देखकर मेरा लॅंड एकदम से खड़ा हो गया जिसे देख लिया था मामी ने और कहने लगी क्या देख रहे हो जी.
फिर मै एकदम से हड़बड़ा गया और बोला कुछ नही मामी बस ऐसे ही, तो वो कहने लगी एक मिनिट रूको गर्मी जयदा है मै मॅक्सी पहेन कर आती हू तुम कही जाना मत दीदी भी घर पर नही है कही घर खुल्ला छोड़ कर कही बाहर मत निकल जाना, मेने कहा ठीक है आप कर लो कोई बात नही मै यही पर हू.

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फिर जब वो मॅक्सी पहें कर आई तो और भी जयदा सेक्सी लग रही थी, फिर धीरे धीरे झाड़ू मारने लगी फिर थोड़ी देर बाद वो बिस्तर वगेरह सही करने के लगी, जिसके लिए वो आगे की तरफ झुक कर काम कर रही थी.
मेने भी थोड़ी हिम्मत करते हुए इन्हे पीछे से पकड़ लिया और मेरा खड़ा लॅंड उन्हे अपनी गांद पे महसूस हुआ और उन्होने मुझे धक्का देकर कहा पागल हो गये हो क्या ये क्या कर रहे हो मै तुम्हारी मामी हू.
फिर मेने कहा क्या तुम्हे मेरे लिए कोई फीलिंग नही है बॉय फ्रेंड वाली तो वो कहने लगी कुछ भी नही हमारे बीच ये सब कुछ नही हो सकता, फिर मै उनसे अलग हुआ और मेने कहा ठीक है आज के बाद मुझसे कभी बात मत करना पहले तुमने ही लिफ्ट दी तभी तो मेने इतनी हिमत की और मै जीने से उतार गया और गली मै बैठ गया और अपने दोस्तो के साथ बाते करने लगा, और मामी मुझे उपर से देख रही थी.

तभी थोड़ी देर बाद मामी ने मुझे इशारा किया मुजे उपर अओ पर मेने उनकी तरफ ध्यान नही दिया फिर वो अपने कान पकड़ कर सॉरी कहते हुए मुझे उपर आने के रिक्वेस्ट करने लगी.
फिर मै आ गया और उन्होने कहा जीने को ढंग से बंद करते हुए आना फिर मेने जल्दी से जीना बंद किया और उपर चला आया तो मामी कहने लगी देखो तुम और मै दोनो शाहदीशुदा है और हमारा रिश्ता और अगर किसी को पता चल गया तो हम दोनो की बहुत बदनामी होगी.
फिर मेने उनका हाथ अपने हाथ मे लिया और उनसे कहा देखो ना तुम किसी को बताना और ना ही मै किसी को बतौँगा फिर किसी को भी कैसे पता चलेगा, और मेने उनका दूसरा हाथ पकड़ कर अपने लॅंड पर रख दिया और कहा बोलो मंजूर है अगर हा तो ठीक है वरना ये सब यही ख़तम.

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