लॉकडाउन में चुदासी भाभी और दो बहनों की चुदाई- 1

पड़ोसी की चुदाई कहानी में पढ़ें कि लॉकडाउन के दौरान मेरे साथ वाले फ्लैट में रहने वाली भाभी और उनकी किरायेदार दो लड़कियों के साथ मेरे सम्बन्ध कैसे बने.

अन्तर्वासना की समस्त पाठकों और चाहने वाले दोस्तो को सलाम. खास कर जयपुर की कामुक महिलाओं और सेक्स में नया चाहने वाली चुत वालियों को राज का सलाम.

ये अन्तर्वासना पर मेरी चौथी सेक्स कहानी है. हर बार मैंने अपने साथ हुए सेक्स अनुभवों को सेक्स कहानी के रूप में लिख कर आपके साथ साझा किया है. मेरी हरेक सेक्स कहानी सच पर आधारित होती है.

मेरी पिछली कहानी थी: अन्तर्वासना से मिले कपल संग चुदाई

मैं अपनी नई पाठिकाओं को अपना परिचय एक बार फिर से दे देता हूँ.

मैं राज जयपुर राजस्थान से हूँ और पेशे से गारमेंट और ऑनलाइन बिजनेस से जुड़ा हूँ.

मेरा दोस्त सन्नी और मैं, हम दोनों सिंगल या ग्रुप में जयपुर की हसीन और प्यासी महिलाओं को चोदकर खुश करते हैं. मैं और सन्नी बहुत ही प्रोफेशनल और मस्त सेक्स के लिए हमेशा रेडी रहते हैं.

मेरे लंड का साइज़ 7 इंच लंबा और 2.5 इंच मोटा है. वहीं सन्नी का लंड 7 इंच लंबा और 2.3 इंच मोटा है. हम दोनों जिम जाते हैं. जिस वजह से हमारी बॉडी मजबूत और अच्छी स्टेमिना वाली है,

जैसा कि आप सबको पता ही है कि कोविड-19 के कारण लॉकडाउन में सब लोग अपने अपने घरों में कैद थे. मैं भी अपने दोस्त सन्नी के किराए के फ्लैट में कैद था.
सन्नी अपने गांव जा चुका था.

मेरे बराबर के फ्लैट में एक कपल रहता था. उस कपल में जो भैया थे … वो मार्केटिंग की जॉब में थे ओर कंपनी के काम से दूसरे सिटी जाते रहते थे. वो महीने में दस दिन बाहर रहते थे. भाभी हाउस वाइफ थीं और अभी तक उनको बेबी नहीं है.

उन्होंने अपना एक रूम दो लड़कियों को पीजी में दे रखा है.

लॉकडाउन 25 मार्च 2020 को महीने के आख़िरी हफ्ते में हुआ था.
महीने का आखिरी हफ्ता होने के कारण भैया दूसरी सिटी में थे और अपना टारगेट पूरा करने में लगे थे. वो वहीं रह रहे थे.

अचानक से लॉकडाउन लग गया और वो वहीं फंस कर रह गए. भैया कंपनी के गेस्टहाउस रहने लगे थे.

यहां पर केवल भाभी और उनकी 2 किराएदार लड़कियां ही रह गई थीं. उनमें से एक लड़की एक कंपनी में जॉब करती थी और दूसरी वाली उसकी छोटी बहन थी. वो वहीं रह कर सरकारी एग्जाम की तैयारी कर रही थी.

सेक्स कहानी आगे लिखने से पहले मैं आपको उन तीनों के फिगर बता देता हूँ.

भाभी 29 साल की गोरी और कद में छोटी थीं. उनका फिगर साइज़ 36-30-38 का था. भाभी की चुचियां शेप में एकदम पपीता के जैसी थीं. भाभी हमेशा कुर्ती या टी-शर्ट और प्लाजो में ही रहती थीं.

किरायेदार लड़कियों में बड़ी वाली बहन गोरी थी और उसका फिगर साइज़ 34-30-36 का था. उसकी चुचियां एकदम सामने की और उठी हुई थीं. वो हमेशा छोटे और मॉर्डन कपड़े पहनती थी. उसको अपने जिस्म की नुमाइश करने में मजा आता था.

छोटी वाली बहन कुछ सांवली और थोड़ी मोटी थी. उसका फिगर साइज़ 36-32-38 का था. वो हमेशा फुल लोंग ड्रेस या लोंग टी-शर्ट और लोंग शॉर्ट पहनती थी. उसकी चुचियां एकदम मोटे गुब्बारे जैसे थे.

लॉकडाउन में सब घरों में ही रहते थे और किसी तरह से अपना टाइम पास कर रहे थे. जो लोग फ्लैट में रहते हैं, उनको पता होगा ही कि फ्लैट वालों का अधिकतर टाइम पास बाल्कनी में ही होता है. मेरा और उन भाभी का फ्लैट अगल बगल में ही था. हम दोनों की बाल्कनी भी एक साथ लगती थीं.

मैं सुबह शाम बाल्कनी में ही रहता था. उस समय वो भाभी भी वहीं रहती थीं.

मैं आपको उन सभी का नाम बताना भूल गया. भाभी का नाम मनीषा था और उनकी किराएदार बहनों के नाम हेलीमा और गुलजान थे.

मनीषा भाभी रोज अपना पूरा टाइम बाल्कनी में देती थीं और मैं भी. क्योंकि लॉकडाउन में टीवी में कुछ नया नहीं आ रहा था.
उस समय वेब सीरीज भी पुरानी ही आ रही थीं. इस कारण से अधिकतर लोगों का टाइम पास बाल्कनी में ही निकलता था.

मैं भी डेली बाल्कनी में अपने शॉर्ट और टी-शर्ट में ही रहता था. सुबह शाम दोनों टाइम मैं बाल्कनी में ही कसरत किया करता था. कसरत के समय मैं बिना टी-शर्ट के कसरत करता रहता था, जिसे वो भाभी और उनकी किरायेदार लड़कियां देखती रहती थीं.

उसमें से छोटी वाली लड़की हमेशा ही मुझे देखकर अपने होंठों पर जीभ फिरा देती थी. वो ये सबसे छुपाकर करती थी. चूंकि मैं लड़कियों से जब तक मिला नहीं होता हूँ तब तक थोड़ा रिजर्व रहता हूँ. एक बार उनसे बात हो जाती थी, तब मैं बहुत मस्ती कर लेता हूँ.

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कुछ दिन ऐसे ही चलता रहा.
फिर बड़ी वाली लड़की भी मुझे कुछ इशारे करने लगी. पर भाभी के होने के कारण मैं उन पर कोई तवज्जो नहीं देता था.

एक दिन मैं बाल्कनी में कसरत कर रहा था, तो भाभी ने मुझे देख कर मेरी बॉडी की तारीफ की और कहने लगीं कि आपने बड़ी अच्छी बॉडी बना रखी है.

मैंने भाभी को थैंक्स कहा तो वो मेरे और मेरे काम के बारे पूछने लगीं.
साथ ही भाभी अपने बारे में भी बताने लगीं.

हमारी बातचीत बढ़ी, तो उन्होंने मुझे चाय के लिए कहा. हम लोग अपनी अपनी बाल्कनी में बैठ कर चाय पीते हुए बातें करने लगे. जल्द ही हम आपस में काफी खुल गए.

भाभी ने मुझसे मेरी गर्लफ्रेंड के बारे में पूछा, तो मैंने मना कर दिया.
इस पर भाभी बोलीं- क्यों झूठ बोल रहे हो. इतनी अच्छी बॉडी बना रखी है और एक भी गर्लफ्रेंड नहीं है. मैं नहीं मान सकती.
मैंने भाभी से कहा कि मेरी एक गर्लफ्रेंड पहले थी … पर अभी मैं सिंगल हूँ.

मेरी और मनीषा भाभी की बातें कुछ इस तरह से हुईं.

भाभी- तो तुमको गर्लफ्रेंड क्यों छोड़ कर गई?
मैं- क्या बताऊं भाभी, उसमें और मुझमें कुछ इश्यू हो गए थे, जिस वजह से हम दोनों ने अलग होने का फ़ैसला कर लिया था.

भाभी- तो कुछ किया गर्ल फ्रेंड के साथ या अभी तक डक्कन भी नहीं खुला?

मुझे भाभी के एकदम से खुल कर बोलने पर झटका सा लगा. पर मैंने सोचा कि जब भाभी की चूत में आग लगी है और वो सामने से हाथ में लंड पकड़ रही हैं, तो मैं क्यों मना करूं.

मैं- अब क्या बताऊं भाभी … किया तो सब कुछ था और हम अलग भी उसी ‘सब कुछ ..’ के कारण ही हुए थे.
भाभी- कुछ अच्छे से नहीं हुआ होगा तुमसे. इसी लिए तो कहीं बेचारी छोड़ कर नहीं चली गई?

मैं- अरे नहीं भाभी, ये बात नहीं थी.
भाभी- तो क्या बात थी?

मैं- भाभी, मुझे तो उसकी हमेशा और रोज ही लेनी होती थी … और वो मुझे मना करती रहती थी. जब वो रेडी होती तो कहती थी कि जल्दी जल्दी कर लो. तो मैंने उससे बोल दिया कि अगर मेरे साथ मस्ती करना है, तो तुझे मेरे हिसाब से चलना होगा. इस पर उसने मना कर दिया था और हम दोनों अलग अलग हो गए.

भाभी- हम्म … लेकिन इतना दम तुम में रियल में है … या मेरे सामने सिर्फ फेंक ही रहे हो.
मैं- भाभी कभी भी ट्राइ कर लेना … अगर कभी आपकी ओर आपके यहां जो दो तितलियां हैं … उनको एक साथ चोद ना दूं, तो मेरा नाम बदल देना.

मेरी बातों को सुन कर भाभी की आंखों में चमक आ गई. भाभी ने अपने होंठों को गोल गोल घुमा कर मुझे अपनी जीभ से चुदाई जैसा पोज़ बनाते हुए आंख मार दी और कहा- क्यों न तुम्हारा टेस्ट ले ही लिया जाए.

मैंने देखा कि भाभी की छोटी किरायेदार लड़की छिप कर हमारी बातें सुन रही थी.

ये बात मैंने भाभी को बताई, तो भाभी हंस दीं.

भाभी- अरे परेशान मत हो, वो साली खुद चुदक्कड़ है और उसकी बड़ी बहन तो उसकी से भी बड़ी वाली है. दोनों के ब्वॉयफ्रेंड हैं और दोनों उनसे खूब अपनी खुज़ली शांत करवाती हैं.

वे आगे बोली- बड़ी वाली तो अपने वाले को यहां काम के नाम पर बुलाकर चुत चुदाई करवाती है. उसकी छोटी बहन को तो मैंने खुद अपनी आँखों से चुदवाते देखा है. हम तीनों आपस में खुली हुई हैं. अगर तुम चाहो तो तीनों को चोद सकते हो. अगर मुझे संतुष्ट किया तो वो दोनों भी चुत चुदवा लेंगी, वरना तुम अपना नया नाम खुद सोच लेना.

मैं- भाभी आप मुझे चैलेन्ज कर रही हैं. आप सोच लो वर्ना बाद में पीछे मत हट जाना.

भाभी- चैलेन्ज ही मान लो, लेकिन ये केवल लॉकडाउन के लिए ही है. मेरे पति के सामने नहीं. अभी हम तीनों को अपनी प्यास बुझानी है. तुम पहले वादा करो कि बाद में मुझसे तब तक कोई सम्पर्क नहीं करोगे … जब तक मैं नहीं चाहूँगी.

मैं- चिंता ना करो भाभी … वैसे मैं प्रोफेशनल हूँ इस वक्त लॉकडाउन की वजह से इधर फंसा हूँ. लॉकडाउन के बाद मैं खुद अपने घर चला जाऊंगा. ये मेरे दोस्त का फ्लैट है. उसने भी एक नया फ्लैट ले लिया है. जल्दी ही हम दोनों वहां शिफ्ट होने वाले हैं.

भाभी- अच्छी बात है, फिर तो आज रात ही प्लान कर लेते हैं.
मैं- जी बिल्कुल … तो आज का कवाब और शवाब आपकी ओर से पक्का रहा.
भाभी- हां पक्का … चलो मैं तैयारी करती हूँ और इन दोनों को भी बता देती हूँ.

भाभी अन्दर चली गईं. थोड़ी देर बाद छोटी लड़की बाहर आई और मुझे बाल्कनी के पास झुक झुक अपने बड़े बड़े चुचे दिखाने लगी.
जब मैंने उसे आवाज़ दी, तो वो अन्दर भाग गई.

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थोड़ी देर बाद बड़ी बहन फ़ोन पर बात करती हुई बाहर आई और मेरी ओर देख कर अपनी चूत और बूब्स पर हाथ फेरते हुए बात करने लगी.

मैं भी लौड़े को सहलाने लगा.

वो मुझे देखने लगी, फिर फ़ोन से फ्री होने के बाद वो मेरे पास आई और लंड की तरफ इशारा करते हुए बोली- शाम को इसका दम देखती हूँ.
उसने आंख मारी और अन्दर चली गई.

मैं भी अपने रूम में आकर सो गया, जिससे रात में थकावट ना हो. मैं हवस की भूखी उन 3 जवान चुतों को शांत कर सकूं.

रात के 8 बजे भाभी के फ्लैट में जाने को तैयार होकर मैं उनके फ्लैट के बाहर आ गया.
मैंने बेल बजाई, तो दरवाजा गुलजान ने खोला.

गुलजान ने एक लम्बी बिना आस्तीन वाली ड्रेस पहनी थी, जिसमें उसकी 38 साइज़ की चुचियां छोटी पहाड़ियों जैसी लग रही थीं. ड्रेस का गला थोड़ा बड़ा था, तो उसकी उठी हुई चुचियों के बीच की दरार एकदम घाटी जैसी लग रही थी.

मैं उसकी चुचियों में खोया हुआ था, तभी गुलजान ने बड़ी ही हवस भरी आवाज़ में कहा- क्या हुआ … कहां खो गए. अन्दर आओगे या दरवाजे पर खा जाओगे.

उसके बोलने पर मेरी तंद्रा टूट गई और मैंने उसे आंख मारते हुआ कहा- मैं ऊंचे ऊंचे पहाड़ों का दीवाना हूँ. लगता है आह दूध की टंकियों में दूध लबालब है, आज तो इसको पूरी खाली कर दूँगा.

मेरे ऐसा बोलते ही गुलजान शर्मा गई और उसने मुझे अन्दर लेते हुए दरवाजा बंद कर दिया.

गुलजान बोली- दूध के अलावा और कुछ भी होता है. कहीं दूध पीकर ही फिसल न जाना. अगर ऐसा हुआ तो हम तीनों प्यासी रह न जाएं.
मैं- अरे मेरी जान चुचे चूसना और उनका दूध पीना मेरी कमज़ोरी है, लेकिन उनसे दूध पीकर मैं पूरी रात चोद सकता हूँ. तुम चिंता मत लो, कहो तो अभी चालू हो जाऊं.

मेरे इतना बोलने पर गुलजान मेरे पास आ गई और मुझे किस करने लगी.

इतनी देर में भाभी हॉल में आ गईं.
भाभी हम दोनों की ओर देख कर बोलीं- थोड़ा कंट्रोल करो, पहले खाना खा लेते हैं, फिर मज़े करेंगे. खाने की टेबल पर आ जाओ. डिनर लग गया है.

फिर हम सभी ने बातें करते हुए खाना खाया.
गुलजान और भाभी बर्तन लेकर रसोई में चली गईं.

मैंने हेलीमा से कहा- मुझे रूम में ले चलो. जब तक वो और गुलजान रसोई का काम पूरा करके आती हैं, तब तक बात करते हैं.

हेलीमा ने हामी भर दी और वो खुद मेरे आगे चलते हुए मुझे कमरे में ले जाने लगी.
उस टाइम उसने शॉर्ट टॉप और नीचे भी एक शॉर्ट ही पहना था. उसके शॉर्ट में उसके चूतड़ों की लचक देखकर मेरा लंड सलामी देने लगा.

कमरे में आकर मैं बेड पर बैठ गया और हेलीमा की ओर देखने लगा.

मैंने उससे पूछा- आज तीनों का ग्रुप सेक्स का इरादा कैसे बन गया?

हेलीमा- राज क्या बताऊं, आजकल गुलजान और मेरे पास एक ही ब्वॉयफ्रेंड है और भाभी से हम खुले हुए हैं. हम दोनों आजकल भाभी के साथ लेस्बियन सेक्स भी करती हैं. हम तीनों मिल कर ऐसे ही मज़े कर रही हैं.

वो आगे बोली- मगर भाभी बहुत प्यासी रहती हैं. तुम्हें तो मालूम ही है कि भैया महीने में 10-15 दिन बाहर ही रहते हैं. सामान्य दिनों में जब मैं और गुलजान अपने अपने ब्वॉयफ्रेंड को बुला कर अपनी चुदाई करवाती हैं, तो उन्हें चुल्ल होती है. उस समय तो वो जैसे तैसे काम चला लेती थीं, पर इस बार कुछ ज्यादा समय हो गया है. इस वजह से हम तीनों डेली लेस्बियन करते हुए खुद को शांत कर लेती हैं. पर अब हमारी सही वाली चुदास केवल लंड ही खत्म कर सकता है. भाभी ने बताया कि आप लोग केवल कुछ ही दिनों में यहां से चले जाएंगे, तो हमने आप से अपनी चुदास मिटाने का सोचा है.

उसके मुँह से ऐसा सुनकर मैं उठ कर हेलीमा के पास आ गया और उसके होंठ चूसने लगा.
हेलीमा भी मेरे सिर को पकड़ कर चुम्बन का मजा लेने लगी और मेरे बाल सहलाने लगी.
मैं भी आहिस्ता आहिस्ता चुचे दबाने लगा और उसकी गर्दन में किस करने लगा.

तभी भाभी और गुलजान भी रूम में आ गईं.

दोस्तो, आज मैं इस पड़ोसी की चुदाई कहानी को यहीं विराम दे रहा हूँ. आगे की सेक्स कहानी को मैं अगले पार्ट में लिखूंगा, तब तक आप सभी अपने विचार ओर कॉमेंट मुझे मेल करें.
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पड़ोसी की चुदाई कहानी का अगला भाग: लॉकडाउन में चुदासी भाभी और दो लड़कियों की चुदाई- 2