बस में मिली माल लड़की और उसकी सहेली को चोदा

दोस्तो, ये मेरी पहली सेक्स स्टोरी है. बहुत दिनों से मैं अन्तर्वासना पर स्टोरी पढ़ता आ रहा हूँ. अब तो आलम ये हो गया है कि सुबह उठते ही पहले एक स्टोरी पढ़ कर लंड हिलाओ, उसके बाद कोई दूसरा काम देखा जाएगा.
आज आपको मैं भी अपनी एक मस्त सेक्स स्टोरी सुनाना चाहता हूं.

मैं एक बार बस में जा रहा था. उस समय भी मैं अपने मोबाइल पर अन्तर्वासना की एक हॉट सेक्स स्टोरी पढ़ रहा था.

उसी वक्त एक लड़क़ी मेरे पास आ कर बैठ गई. वो दिखने में बहुत ही सुंदर लग रही थी. उसकी आँखें बड़ी और एकदम काली थीं. उसके होंठ मस्त रसीले और गुलाबी थे. ब्रेस्ट का साइज़ 34 इंच, रंग गोरा.. एकदम दूध सा सफेद, मानो उसमें एक चुटकी सिन्दूर मिला दिया गया हो.

अगर उसकी एक तरफ से तारीफ़ करने बैठ जाऊं तो सेक्स स्टोरी के लिए भी जगह नहीं बचेगी, इसलिए उस रूप की रानी कह कर आगे की दास्तान का मजा लेते हैं.

तो दोस्तो, वो बस के अन्दर आई, उस समय मैं अन्तर्वासना की सेक्स स्टोरी को पढ़ रहा था. वो मेरे बाजू में आकर बैठ गई. तो मैं सेक्स स्टोरी का मजा लेते हुए उसको भी देखता जा रहा था. मोबाइल मेरे हाथ में होने की वजह से उसकी चूची से मेरी कोहनी बार बार लग रही थी. वो कुछ नहीं बोली तो मैं अपनी कोहनी से उसकी चूची को ओर जोर से दबाता हुआ अपनी स्टोरी पढ़ने लगा.

वो भी बस बार बार बार मुझे देखती और कुछ नहीं कहती. इधर पैन्ट में मेरा लंड उसके स्पर्श को पाकर एकदम अकड़ गया.
कुछ पल बाद वो खुद बोली- प्लीज, अपनी कोहनी को हटा लो.

मेरी तो समझो हवा ही निकल गई, मैंने तुरंत कोहनी तो हटाई और उससे सरक कर दूर को बैठ गया. थोड़ी देर बाद उसने अपना पैर मेरे पैर पर रखा तो मैं चौंक गया.

मैंने उसकी तरफ देखा तो वो धीरे से मुस्कुराई और बोली- क्या नाराज हो गए?
मेरी तो लॉटरी लग गई, मैं बोला- मैं किस लिए नाराज होऊंगा!
वो बोली- आपकी कोहनी से मुझे प्रॉब्लम हो रही थी.
मैंने ‘सॉरी…’ बोला.

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अब मैंने उसके एक हाथ की तरफ इशारा करते हुए अपना हाथ बढ़ाया और अपनी जांघ पर रख लिया. उसने मुझे देखते हुए मेरे हाथ पर हाथ रख दिया. उसका हाथ रखना क्या हुआ यार… मेरा तो दिल जोर से धड़क धड़क करने लगा.

मेरा दिमाग बोला कि गुरू मिल गई चूत… सच में मेरा लंड बहुत जोर से उछल गया.

मैंने उसका हाथ सहलाते हुए पूछा- क्या नाम है आपका?
तो उसने अपना नाम काजल बताया.
मैंने- कहां जाना है?
तो बोली- अलीगढ़ जाना है.

अब हम दोनों बातें कर रहे थे. मैं अपनी कोहनी से उसकी चूची को सहलाए जा रहा था. तभी उसने मुझसे बैग निकलने को बोला.

मैंने जब बैग दिया तो उसने उस बैग को अपनी और मेरी टांगों पर रख दिया. अभी मैं कुछ समझता इससे पहले उसने बैग के नीचे से हाथ डाल कर मेरे लंड को पकड़ लिया और दबाने लगी.

आह.. उसका हाथ लंड पर आया और मुझे भी मजा आने लगा.
वो बोली- तुम भी अन्तर्वासना पर सेक्स स्टोरी पढ़ते हो?
मैं बोला- हाँ..
तो वो बोली- जब मैं यहां आ कर बैठी तो तुमको पढ़ते देख कर मुझे भी कुछ हुआ.. मैं भी पढ़ती हूँ.

उसकी बात सुनकर मुझे बहुत अच्छा लगा. मैं बोला- तुम्हारी फ़ेवरेट स्टोरी कौन सी है?
तो बोली- जो तुम पढ़ रहे थे.
मैं- मैं कौन सी स्टोरी पढ़ रहा था बताओ?
तो वो बोली- बड़ी बहन को पटाया और छोटी चुद गई

मैं उसकी जुबान से खुल्लम खुल्ला चुद गई सुन कर चौंक गया- यार तुम्हारी आँखें है या गिद्ध की आँखें?

अब हम दोनों एक दूसरे को देख कर हंसने लगे. इसके बाद हम दोनों की बातें शुरू हो गईं. इन बातों में ही चुदाई का प्रोग्राम भी बन गया. लेकिन अभी ये तय नहीं हुआ था कि लंड चूत का खेल कब और किधर होगा.

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कुछ ही देर में अलीगढ़ आने वाला था, तो वो बोली- राहुल, हम स्टॉप से पहले उतर जाते हैं.
मैंने पूछा- क्यों?
बोली- वहाँ पापा मुझे लेने आ सकते हैं.

मैं एक रेस्टोरेंट देख कर उतर गया. हम दोनों ने हल्का नाश्ता किया. फिर मैंने उससे पूछा- होटल चलें?
तो पहले उसने मना कर दिया. फिर बोली- तुम्हारे पास कितना टाइम है?
मैं बोला- तुम्हारे लिए तो टाइम ही टाइम है.
तो वो बोली- चलो मेरी फ्रेंड के घर चलते हैं.

उसने अपनी फ्रेंड को कॉल करके पूछा, तो उसने आने को बोल दिया.

हम दोनों सिल्क की चॉकलेट, फैंटा की बोतल और नमकीन आदि लेकर उसकी फ्रेंड के घर जा पहुँचे. उसने भी आते ही काजल को गले लगाया और हम दोनों को बिठाया.

वो सब सामान लेकर किचन में गई. मैंने काजल को पकड़ा और हम दोनों किस करने लगे. इतने में काजल की फ्रेंड माधुरी आ गई और हमें चूमाचाटी करते देख कर बोली- अभी रुक जाओ यार.. पहले नाश्ता कर लो.

हम दोनों अलग हुए, सभी ने नाश्ता किया.

काजल ने माधुरी को इशारा किया तो वो हँसते हुए काजल की पीठ पर हाथ मारते हुए बोली- मेरी जान तेरी सुहागसेज तैयार है.. ले जा अपने ठोकू को.
माधुरी के हाथ मारते हुए मुझे कमरे में ले गई. कमरा भी मस्त था.. बेड पर कुछ फूल पड़े थे.

ये देख कर मैं और काजल मुस्कुरा उठे. अब मैंने काजल को गोदी में उठा कर बेड पर लिटा दिया और खुद भी उसके ऊपर चढ़ गया. कभी मैं उसको किस करता, कभी मम्मे दबाता.. तो कभी चूत सहलाता.

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