मेरी कुंवारी चूत में भाई के दोस्त का लंड

देसी सेक्सी हॉट गर्ल चुदाई कहानी मेरी अपनी है कि कैसे मैंने अपने भाई के दोस्त को शह देकर उसे मेरी चूत की चुदाई करने के लिए उकसाया.

यह कहानी सुनें.

हैलो फ्रेंड्स, मेरा नाम रिया है. मैं दिल्ली से हूँ. मेरी फैमिली में मामी पापा और एक छोटा भाई रोहन है.
मेरी उम्र 21 साल की है. मैं बीए के पहले साल में हूँ.

मैं एक देसी सेक्सी हॉट गर्ल हूँ. मेरा रंग एकदम गोरा है और मेरा फिगर 34-24-36 का है.
मुझे देखकर गली के लड़कों के लंड खड़े हो जाते हैं और कई बार तो मैंने लड़कों को अपने लंड मसलते हुए भी देखा है.

मेरे पापा एक बिजनेसमैन हैं और वो अपने काम के चलते ज्यादतर बाहर ही रहते हैं.
मेरी मॉम एक सरकारी अध्यापिका हैं और बच्चों को ट्यूशन पढ़ाती हैं.
उन्हें अपने स्कूल के काम से जब तब बाहर जाना पड़ता रहता था.

मेरा भाई 12 वीं क्लास में है. उसका एक दोस्त है. उसका नाम समीर है. वो बहुत हट्टा-कट्टा है और थोड़ा गुंडा टाइप का लड़का है. उससे स्कूल में सब डरते हैं.

मैं रोहन और समीर हम तीनों साथ में ही कॉलेज जाते और आते हैं.

मुझे समीर काफी पसंद था.
वो मुझे देखता रहता था और उसकी निगाहों को मैं पढ़ती रहती थी.
मैं खुद भी उसे गर्म करने का कोई मौका नहीं छोड़ती थी.

मेरी इन सब बातों को मेरा भाई रोहन भी समझने लगा था.

एक दिन रोहन ने मुझसे पूछा- क्या तुम समीर को पसंद करने लगी हो.
मैंने कहा- क्यों पूछ रहे हो?

वो बोला- समीर एक अच्छा लड़का नहीं है.
मैंने कहा- मुझे उससे शादी नहीं करनी है.

वो समझ गया और बोला- अच्छा मतलब उसे टाइम पास आइटम समझती हो?
मैं हंस दी और उससे बोली- हां तुमने सही समझा है.

मेरे भाई ने कहा- मगर वो तुम्हें सेक्स के नजरिये से देखता है.
मैंने कहा- तो क्या हुआ … मैं कोई घिस थोड़ी न जाऊंगी.

मेरा भाई समझ गया कि मैं उससे चुद भी लूंगी तो घिस थोड़ी ना जाऊंगी.
उसने मुझसे कहा- ठीक है … जैसा तुम ठीक समझो.

अब मेरा भाई भी इस बात को समझ चुका था कि मैं समीर से चुदना चाहती हूँ.

हम दोनों के बीच उस तरह का खुलासा होना मेरे लिए एक अच्छी बात थी.

एक दिन मेरे कॉलेज में प्रोग्राम था तो उस दिन मैं मिनी स्कर्ट पहन कर कॉलेज गई थी.
मेरा स्कर्ट काफी ऊंचा था और टॉप खुले गले का था.
इसके साथ ही मैंने अन्दर ब्रा भी नहीं पहनी थी.

मैं कॉलेज गई और उधर सारा प्रोग्राम बढ़िया तरह से हो गया.

फिर मैं कॉलेज से लौटने लगी.
मेरे कॉलेज से थोड़ी दूरी पर ही रोहन का स्कूल था तो मैं उसके स्कूल आ गई.

वहां पर रोहन ओर समीर मेरा ही इन्तजार कर रहे थे.

समीर मुझे देख कर मेरे भाई से बोला- अरे वाह, तेरी बहन तो इस ड्रेस में मस्त माल लग रही है. मेरा तो मन कर रहा है कि इसे यहीं पटक कर चोद दूँ.

चूंकि मेरा भाई रोहन समीर से डरता भी था और उसे मेरी कामना के बारे में पता भी था इसलिए रोहन समीर से कुछ नहीं बोला.

मैंने समीर के मुँह से ये बात सुन ली थी.
मैं उसे देख कर थोड़ा सा मुस्कुरा दी.

समीर भी मुझे मुस्कुराते हुए देख कर बोला- क्या हुआ रिया … तू क्यों मुस्कुरा रही है?
मैंने कहा- मैंने तेरी बात सुनी तो है मगर मैं ढंग से नहीं सुन पाई हूँ.

वो बोला- चल रहने दे … सुन कर क्या करेगी, सीधे देख ही लेना.
मैंने ड्रामा करते हुए पूछा- क्या दिखाएगा?

वो आंख दबा कर बोला- परफोर्मेंस.
मैंने कहा- तेरी कौन सी परफोर्मेंस होनी बाकी है?

वो बोला- इकसठ बासठ वाली परफोर्मेंस.
मैं समझ तो गई थी कि साला मुझे चोदने की परफोर्मेंस की बात कह रहा है.

मगर मैं बनती हुई बोली- ये कौन सी परफोर्मेंस हुई?
मेरा भाई भी समझ गया था, वो बात खत्म करने की नजर से बोला- चलो यार घर चलते हैं … ये सब बातें बाद में कर लेना.

फिर हम तीनों घर की तरफ चल दिए.

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थोड़ी देर में बारिश शुरू हो गई और हम सब भीगने लगे.
हमने सोचा कि चलो आज बारिश में भीगते हुए ही घर चलते हैं.

पर मैंने तो आज अन्दर ब्रा नहीं पहनी थी और बारिश की वजह से मेरे बूब्स साफ दिखने लगे थे.
मुझे आज समीर से चुदने का मन करने लगा था.
मेरी मम्मी आज घर पर नहीं थीं वो अपने स्कूल के काम से शहर से बाहर गई हुई थीं और मेरा भाई मेरे लिए कोई समस्या नहीं था.

समीर मेरे मम्मों को घूर रहा था और मैं भी उसे अपने दूध दिखा कर गर्म कर रही थी.
ये सब मेरा भाई रोहन भी देख रहा था. वो समझ चुका था कि आज उसकी बहन की चुदाई हो सकती है.

हमारा घर समीर के घर से पहले पड़ता है. थोड़ी देर बाद हमारा घर आ गया.

समीर ने कहा कि मैं भी यहीं रुक जाता हूँ. थोड़ी देर बाद घर चला जाऊंगा, बारिश बहुत तेज हो रही है.

ये कह कर समीर भी हमारे घर ही रुक गया.

तभी मैंने देखा कि जो कपड़े मैंने आज सुबह धोकर सूखने डाले थे, वो सब भीग गए थे … और मैं जो कपड़े पहनी हुई थी, वो भी पूरे भीग चुके थे.

मैंने अपने ऊपर एक तौलिया लपेट ली.

उधर समीर को भी रोहन के कपड़े नहीं आ रहे थे इसलिए समीर ने बस रोहन का अंडरवियर पहना था, जिससे समीर का आधा लंड अंडरवियर में से बाहर निकल रहा था.

रोहन ने दूसरे कपड़े पहन लिए थे.

हम सब बैठ कर टीवी देखने लगे.

समीर रोहन से बोला- यार, कॉफ़ी पीने का मन कर रहा है, बना दे.

रोहन ने मना कर दिया.
मैंने रोहन को आंख मार दी तो वो समझ गया कि आज मेरा मन समीर से चुदने का कर रहा है.

तभी समीर मेरे सामने ही रोहन से बोला- साले बड़े नखरे कर रहा है. कॉफ़ी बना दे, नहीं तो तेरी बहन चोद दूँगा.

रोहन कॉफ़ी बनाने चला गया पर उसे पता था कि आज सचमुच उसकी बहन चुदने वाली है.

मैं टीवी पर सीरियल देख रही थी.

रोहन बोला- न्यूज़ लगा दो.

मैंने मना कर दिया, वो मुझसे रिमोट छीनने लगा.
रिमोट छीनते समय समीर ने मेरे तौलिया खोल दी और मैं नंगी हो गई. वो अभी भी मेरे ऊपर चढ़ा हुआ था.

मैंने उसे जल्दी से अपने ऊपर से हटाया और तौलिया लपेट ली.
फिर मैंने चुपचाप उसे रिमोट दे दिया और हंसती हुई कमरे में चली गई.

समीर मेरे पीछे पीछे कमरे में आ गया और मुझसे बोला- बाहर क्यों नहीं चल रही हो?
मैंने मना कर दिया तो वो मेरा हाथ पकड़ कर खींचने लगा और कहने लगा- चलो यार बाहर टीवी देखने चलो.

इतने में उसने फिर से मेरी तौलिया खींच दी और एक बार मैं फिर से उसके सामने नंगी हो गई थी.

बाहर अब भी जोर जोर से बारिश हो रही थी, जिससे शोर हो रहा था.

आपको तो मालूम ही है कि बारिश में सेक्स कितना ज्यादा चढ़ता है, मुझे भी अन्दर से चुदास चढ़ रही थी.

मैंने इस बार अपनी तौलिया लपेटने की कोशिश नहीं की.
मैं समीर को वासना से देखने लगी.

समीर ने ये देख कर कमरे का दरवाजा लगा दिया और मेरी तरफ देख कर अपना लंड हिलाने लगा.

मैंने स्माइल पास कर दी और अपने दूध मसलने लगी.

समीर मुझे किस करने लगा और जोर जोर से मेरे मम्मों को दबाने लगा.

अहहहह … मुझे उसके हाथ अपने मम्मों पर मस्त लगने लगे थे.

तब भी मैं ड्रामा करती हुई उससे छूटने की नाकाम कोशिश करने लगी.
समीर इतना ताकतवर था कि मैं उससे छूट ही नहीं पाई.

उसने मुझे बहुत जोर से पकड़ा हुआ था.
वो मुझे लगातार चूम रहा था और मेरे दूध मसल रहा था.
मेरा मूड भी बनने लगा था.

धीरे धीरे मैं भी गर्म हो गई और थोड़ी देर बाद मैंने उसे खुद को सौंप दिया.

अब मैं भी उसे किस करने लगी.
वो एक हाथ से मेरे मम्मों को मसल रहा था और एक हाथ से मेरे चूतड़ दबा रहा था.

मेरे मुँह से मीठी कराहें निकलने लगीं- अहहह उंहाअ समीर … क्या कर रहे हो … आह धीरे करो न … सीईईईई

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फिर कुछ मिनट बाद वो नीचे बैठ गया और मेरी चुत चाटने लगा.
मैं जल बिन मछली जैसी तड़प रही थी.
उसने मेरी चुत में अपनी पूरी जीभ घुसेड़ दी थी.

मुझे तो मानो आग लग गई थी और मेरे मुँह से ‘अहह हाह … सउउउ …’ की आवाज निकलने लगी थी.

इसी बीच मैं एक बार झड़ गई.
उसने मेरा सारा माल चाट लिया.

अब उसने अपना अंडरवियर भी उतार दिया.

मैं उसका लंड देख कर हैरान रह गई.
सच में कितना बड़ा था उसका लंड … लंबा और मोटा.

उसने अपना लंड मेरे मुँह में दे दिया और मेरा मुँह चोदने लगा.

अहह हहह मुझे नशा सा छा रहा था. मैं फिर से गर्माने लगी थी.
वो अपनी गोटियों तक लंड को मेरे मुँह में ऐसे डाल रहा था जैसे किसी कुतिया को चोद रहा हो.

शायद आज वो भी पहली बार किसी लड़की को चोद रहा था.

कुछ मिनट बाद वो भी झड़ गया और उसका सारा पानी मैं पी गई.

इतने में मेरा भाई आ गया और दरवाजा पीटने लगा.

वो आवाज दे रहा था कि कॉफ़ी पी लो बन गई है.

समीर बिना चड्डी पहने बाहर निकला और राहुल से बोला- साले, क्यों गांड में उंगली कर रहा है … तेरे बहन मेरा लंड चूस रही है … वो कॉफ़ी नहीं पिएगी. चल तू बाहर बैठ और टीवी देख.

वो भी बेचारा क्या करता अगर कुछ बोलता, तो समीर उसे और गाली बकता, इसलिए वो चुपचाप जाकर टीवी देखने लगा.
उसे वैसे भी मालूम था कि मैं खुद समीर से चुदने को मचल रही हूँ.

फिर समीर अन्दर आकर मेरे ऊपर चढ़ गया और मेरे मम्मों को दबाने लगा.
मुझे खुद लग रहा था कि समीर मुझे जल्दी से चोद दे.

समीर मेरी चुत में उंगली करने लगा तो मुझे और भी ज्यादा चुदास चढ़ने लगी.

फिर उसने अपना लंड मेरी चुत पर सैट किया और एक जोरदार ठोकर दे मारी.

पर उसका लंड मेरी चुत के अन्दर नहीं घुस सका. मेरी चुत बहुत टाइट थी.

फिर उसने दुबारा अच्छे से लंड को मेरी चुत की फांकों में सैट किया और फिर से ठोकर मारी. इस बार उसके लंड का टोपा मेरी चुत में घुस गया.

“आआआ … आआ … आआआ …. उई मां मर गई … हरामी साले बाहर निकाल इसे आंह मर गई मेरी फट गई.”

मैं चीखने लगी तो समीर मुझे पेलते हुए गाली देने लगा.

“साली कुतिया रंडी … तुझे तो मैं बहुत दिन से चोदना चाहता था … आज तो मैं तेरी चुत फाड़ कर रख दूँगा साली … ले लौड़ा ले मादरचोद.”
ये कहते हुए उसने एक और तगड़ा झटका मार दिया और अपना पूरा लंड मेरी चुत में पेल दिया.

मुझे ऐसा लगा जैसे किसी ने गर्म लोहे का सरिया मेरी चुत में डाल दिया हो.

वो जोर जोर से मेरी चुत में ठोकर मारने लगा.

मैं लगातार तड़फ रही और चीख रही थी- अहहह उउईइ मांआ मर गई … मेरी चुत फट गई.

सच में मेरी चुत से खून निकलने लगा था और सील टूट चुकी थी.
मगर समीर मुझे किसी रंडी की तरह लगातार चोदता रहा.

कुछ देर बाद मुझे भी मजा आने लगा और मैं उसका साथ देने लगी.

फिर 20 मिनट बाद समीर ने अपना सारा पानी मेरी चुत में ही छोड़ दिया और मेरे ऊपर लेट कर लम्बी सांसें लेने लगा.
मुझे भी उस पर प्यार आ रहा था. मैं उसके सर को अपने मम्मों में दबा कर उसे प्यार करने लगी.

उसका लंड अभी भी मेरी चुत में था और धीरे धीरे सिकुड़ रहा था.

फिर हम दोनों अलग हुए और साथ में बाथरूम में आ गए.
उधर हम दोनों एक साथ नहाए और बाहर आ गए.

समीर रोहन से बोला- देख भोसड़ी के … चुद गई तेरी बहन मेरे लंड से.

मैं चल भी नहीं पा रही थी. लंगड़ा कर चल रही थी.

मेरा भाई कुछ नहीं बोला बस मेरी तरफ देखता रहा.
उसकी आंखें मेरी ख़ुशी देख कर खुश हो गई थीं.

ये थी देसी सेक्सी हॉट गर्ल चुदाई कहानी, आपको कैसी लगी, प्लीज़ मेल करें.
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