काजल को चुदाई की चुल्ल

हेलो दोस्तो मेरा नाम सुनील है. और मेरी उमर 21 साल है. मैं हरयाणा का जवान लड़का हूँ. मेरी बॉडी खेतो मे काम करके बहोत अच्छी बन चुकी है. जिससे लड़किया मुझे देख कर फिदा हो जाती है. कहने मैं गाओं का हूँ पर मुझे देख कर कोई भी गाओं का नही कह सकता है. मैं अपने आप को बहोत स्टाइल मे रखता हूँ.

मुझे ** साल की उमर मे ही चूत चोदने का बहोत दिल करता था. इसलिए मैने अपने घर के पास एक लड़की जिसका नाम नेहा था. उसे पटाना शुरू कर दिया था. नेहा को अपने जाल मे डाल कर मुझे उसकी चूत तक पहोचने मे. करीब 1 साल लग गया था. पर उसके बाद मैने किसी और लड़की को नही चोदा था और ना ही किसी और की तरफ देखा था.

क्योकि नेहा एक बहोत ही मस्त लड़की थी. उसकी उमर 18 साल है और एक नंबर की कच्ची कली है. मैने पहली बार किसी की चूत मारी तो वो चूत सील बंद थी. मेरी किस्मत ने मेरा पूरा साथ दिया था. इसलिए मैने उसको आराम आराम से पूरे मज़े से चोदा और अभी भी उसे ही चोदता हूँ.

घर के पास होने के कारण मैं उसे जब मर्ज़ी चोद देता हूँ. और जब उसका दिल चुदने का होता है वो मुझे कह देती है. और मैं अच्छा सा मोका देख कर उसकी चूत को शांत कर देता हूँ.

नेहा मुझे अक्सर कहती है मैं तेरे लंड की दीवानी हूँ. पहले मुझे लगता था की साली ये मुझसे ऐसे ही मज़ाक कर रही है. पर दोस्तो ऐसा नही था. वो सच मे मेरे लंड के लिए पागल हो चुकी थी. जब मैं उसे एक वीक तक नही चोदता था. तो वो मेरे लंड को पागलो की तरह प्यार करती थी. इससे मुझे पता चला की शायद ऐसा सच मे है. वो मेरे 7 इंच लंबे लंड के लिए पागल हो रखी है.

पर दोस्तो अब मैं नेहा को चोद चोद कर काफ़ी बोर हो चुका था. मुझे और मेरे लंड को अब कोई नयी चूत चाहिए थी. पर मुझे स्टडी और नेहा से टाइम ही नही मिलता था. पहले तो मैं सारा दिन स्टडी मे लगा रहेता था. और जब मैं स्टडी से फ्री होता था तो नेहा मुझे पकड़ लेती थी. इसलिए मेरे पास दूसरी लड़की को पटाने का टाइम तक नही मिल रहा था. पर कहते है ना भगवान के घर देर है अंधेर नही.

More Sexy Stories  कज़िन श्रेया की मस्त चुदाई

मेरे साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ दोस्तो. मेरा एक दोस्त है वो मेरे घर के पास ही रहता है. उसका नाम रवि है और हम दोनो एक ही उमर के है. हम दोनो स्कूल लाइफ से एक साथ है. हम दोनो बचपन मे एक साथ खेल कर ही बड़े हुए थे. इसलिए हम दोनो बहोत अच्छे दोस्त होने के साथ भाई भी थे. हम दोनो रेलवे का फॉर्म भरा था. अब हम दोनो को उसके एक्साम्स के लिए दिल्ली जाना था. घर को बताया तो उन्होने हम दोनो खुशी खुशी दिल्ली जाने के लिए हाँ कर दिया.

एक्साम्स सुबह 7 बजे था इसलिए हमे एक दिन पहले ही वाहा पर जाना था. खैर हम दोनो अपना अपना बैग ले कर दिल्ली आ गये. और एक्साम्स सेंटर के पास ही एक होटेल मे रुक गये. हम दोनो ने पूरी रात वाहा पर जाग कर स्टडी करी. और फिर सुबह ठीक 7 बजे एक्साम्स देने के लिए एक्साम्स सेंटर मे आ गये. एक्साम्स 3 घंटे का था पर उसके बाद एक छोटा सा टेस्ट एक और था. वो सब दे कर हम दोनो शाम को 4 बजे फ्री हुए.

मैने रवि से कहा चल यार घर चलते है रात को 9 बजे तक घर पहोच जाएगें. पर उसने कहा यार अब इतनी दूर आए है तो एक शादी अटेंड कर लेते है. मम्मी पापा ने कहा था की अगर मूड हो तो चले जाना. ये कहानी आप देसी कहानी डॉट नेट पर पढ़ रहे है.

मैने कहा चल यार शादी मे ही चलते है वैसे भी एक्साम्स ने गांड मार ली है हम दोनो की. मेरी बात सुन कर वो हसने लग गया. फिर हम दोनो ने अपना अपना बैग उठाया और होटेल से चेकआउट करने के बाद हम दोनो शादी वाले घर पर पहुचे.

More Sexy Stories  स्टूडेंट की मा को चोदा

मैं वाहा जा कर एक रूम मे अच्छे से तैयार हो गया. और साथ मे रवि भी तैयार हो गया. रात को 8 बजे डिनर का प्रोग्राम था इसलिए हम दोनो जल्दी से डिनर करने के लिए आ गये. हम दोनो एक कॉर्नर मे खड़े हाथ मे कोल्डड्रिंक लिए लड़कियो को देख रहे थे. तभी मैने नोटीस किया की एक लड़की मुझे ही बार बार देख रही थी. मैने उसे जब देखा था तब मैं इस घर मे आया था.

मुझे लगा शायद ही ऐसे ही मुझे वहाँ है. पर उसके 1 सेकेंड बाद ही वो फिर से मेरे सामने आई और मुझे सेक्सी सी स्माइल दे कर निकल गई. मैं समझ गया की आज तो मेरी लॉटेरी लग गई है. मै अच्छे से समझ गया था की आज मुझे इस शादी ने इसकी चूत ने भूलया है. पूरी रात 11 बजे तक हम दोनो मे नैन मटक्का चल रहा था. वो कभी मुझे देखती तो कभी मैं उसे देख कर आँख मार देता था.

शादी शुरू हो गई थी फेरे सुबह 4 बजे होने थे. इस लिए मंडप पर घर के ज़रूरी फैमिली वाले ही थे. और बाकी सब जगह देख कर सो गये थे. उसके चक्कर मे मुझे रात के 12 बजे गये थे. रवि मुझसे बोला यार चल सोते है फिर सुबह यहाँ से निकलना भी है. मैने कहा चल ठीक है. रवि को बिल्कुल भी नही पता था की मैं किसी लड़की के चक्कर मे पड़ गया हूँ.

Pages: 1 2