जवान भतीजी की चुदाई

मैंने उसे बहुत आत्मविश्वास के साथ कहा प्रिया तुझे जो भी चहियेगा मुझे चुपचाप बता दिया कर उसने कहा सच मौसा जी ? मम्मी को तो नहीं बताओगे न ? मैंने कहा पगली क्यों बताऊंगा उसे ? हम दोनों को मार पड़ेगी।
मैं धीरे धीरे उसके हाथों और बाँहों पर हाथ फेरने लगा ,और फिर मैं धीरे से झुका और उसके होंठ चूम लिए ,वो अजीब नजरों से मुझे देखनी लगी लेकिन मैंने तुरंत ही कहा अरे प्रिया बता तुझे कितने रूपए वाली जीन्स चाहिए ? तब उसने कहा मौसा जी मुझे बस बहुत अच्छी जीन्स चाहिए
उसके इतना कहते ही मैंने कहा की सुन जो भी बात हमारे बीच में होगी वो बाहर नहीं जानी चाहिए उसने कहा मौसा जी अगर जीन्स दोगे तो सच में किसी को भी नहीं कहूँगी बस ये मेरे लिए इतना काफी था और तभी मैंने धीरे से उसकी दायीं दुद्दी पर हलके से हथेली रख दी ,और सहालयी उसकी दुद्दी बहुत मुलायम थी और लगभग क्रिकेट की बाल थोड़ी सी बड़ी थी उसने समीज भी नहीं पहनी थी उसने मेरा हाथ नहीं हटाया ,फिर मैंने उसकी दूसरी दुद्दी दबायी तो उसने हलके से अपनी कमर हिलायी उसने आँखें बंद कर के कहा मौसा जी जीन्स तो लोगे न मेरे लिए ?
प्रिया को शायद अच्छा लग रहा था मैंने उसे कहा की हाँ तेरे लिए बहुत कुछ लूंगा पर नाप तो दे दे मुझे जीन्स के लिए ,उसने कहा की ठीक है आप नाप ले लो ,मैंने उसे कहा की चल अब खड़ी हो जा वो खड़ी हो गयी और मैंने अलमारी से एक इंच टेप निकाल लिया।
मैंने उसे कहा प्रिया अपना मुँह आगे की तरफ कर ले और तभी मैं इंच टेप लेकर नीचे उकडू बैठ गया मैंने प्रिया को कहा की प्रिया अपनी फ्रॉक उठा तभी तो नाप ले सकूंगा मेरे इतना कहते ही उसने अपनी फ्रॉक जैसे ही ऊपर करी उसकी गोरी जांघें देख कर मेरा हलक सुख गया। ..आह क्या गोरी टाँगें थी ,मैंने दो तीन बार टेप आगे पीछे घुमाया और फिर कहा अरे यार। .. ऐसे तो सही नाप नहीं आ रहा है उसने कहा मौसा जी जल्दी ले लो न कँही मम्मी न आ जाये ? मैंने उसे कहा अरे एक काम कर अपनी कच्छी नीचे कर जल्दी ,वो कुछ सकुचाई और कहा मौसा जी कितनी नीचे करूँ ?
बस उसके इतना कहते ही मैंने उसकी कच्छी की एलास्टिक पकड़ी और उसके चूतड़ों से नीचे खींच दी ,आह साले क्या गजब गोरे गोरे चुत्तड़ थे साली के ?मजा आ गया मैंने इंच टेप से नापने के बहाने उसके चूतड़ों पर हाथ रख दिया और कहा हाँ अब आया मजा और उसके चुत्तड़ दबा दिए वो थोड़ा असहज दिख रही थी ,मैंने उसे कहा प्रिया थोड़ा सा आगे को झुक और बैड पर हाथ टिका ले ,उसके ऐसा करते ही मांस की एक मोटी लम्बी उभरी फांक दिखाई दी ,उस पर कोमल भूरे भूरे रेशे उगे हुए थे ,मेरे सामने निहायत ही जवान चूत तन कर खड़ी थी मेरा लौड़ा सनसनाने लगा था ,मन तो हुआ की साली कि चूत अपने मुंह में भर लूँ पर मैंने बेहद संयम से काम लेते हुए हुए कहा अरे प्रिया ये क्या है तेरी जांघों के बीच में ? उसने कहा मौसा जी मैं यहीं से तो पेशाब करती हूँ आपके भी तो होगी ? मैंने कहा नहीं मेरी नहीं है पर मेरी कैसी है तुझे अभी बताऊंगा जब नाप ले लूंगा तेरी।
मुझे पता था की जवान होती हुई लड़की को अगर एक बार लौड़ा दिखा दो तो वो फिर सब कुछ भूल जाती है। इसलिए मैंने उसे कहा प्रिया एक काम कर पीछे से तो तेरी नाप ले ली अब सीधी खड़ी हो जा और मेरी तरफ घूम जा उसने ऐसा ही किया मैंने झूठ मुठ नाटक किया और फीता उसकी नाभि से लेकर जांघों तक 5 -6 बार ऊपर नीचे किया यहाँ तक कि उसकी एक जांघ तक नापने का बहाना किया और इसी बहाने उसकी गोरी मोटी चूत पर हाथ फेर दिया प्रिया ने अपना एक हाथ मेरे सिर पर टिका दिया था और तभी मैंने देखा की उसकी चूत से बिलकुल पानी की तरह की दो मोटी से बून्द लटकी हुई हैं ,प्रिया गरम हो गयी थी और उसकी बुर पानी छोड़ने लगी थी ,
मेरा लौड़ा भी फूलने लगा था हालाँकि मेरा लौड़ा सिर्फ साढ़े पांच इंच लम्बा था लेकिन काफी मोटा था ,अब टाइम आ गया था की मैं उसे अपना लौड़ा दिखा दूँ क्योंकि उसने ही कहा था की मौसा जी आपकी भी तो होगी न ?
मैंने तभी वो बून्द ऊँगली पर ली और उसके सामने ही ऊँगली अपने मुंह में डाल दी उसने मुझे देखा और कहा अरे मौसा जी ये तो गन्दी बात है मैंने कहा नहीं नहीं अरे मैं तो तेरा मौसा हूँ इसलिए तू गन्दी थोड़े ही है ,और इतना कह कर मैं खड़ा हुआ मेरे कच्छे के किनारे पर गिला पन साफ़ दिखाई दे रहा था ,प्रिया ने कहा अरे मौसा जी आपके कच्छे पर भी तो पानी है मैंने उसकी बात का ध्यान नहीं दिया और अपने अंडरवियर को जांघों तक उतार दिया मेरा आधा तना हुआ मोटा लौड़ा देखते ही उसके मुंह से आह निकल गयी और उसने तुरंत कहा मौसा जी मुझे नहीं देखना कोई आ जायेगा ,
वो देखना भी चाह रही थी और डर भी रही थी मैंने उसका हाथ पकड़ा और कहा ले देख जी भर कर मैंने गेट पर ताला मार दिया है घबरा मत।
और ये कह कर उसके हाथ में लण्ड दे दिया ,वो उसे अपलक निहारने लगी मेरा लौड़ा उसकी मुट्ठी में नहीं समां रहा था ,
मैंने उसका हाथ पकड़ा और कहा कि प्रिय घबरा मत और न ही शरमा ले इसे अच्छी तरह से पकड़ और आगे पीछे कर ,वो मेरे काफी नजदीक आ गयी थी ,उसकी उठती हुई छाती बता रही थी की साली गरम हो गयी है उसकी मुट्ठी की पकड़ बढ़ती जा रही थी ,वो लगातार मेरी आँखों में देख रही थी और मैं उसकी आँखों में ,मेरे मुंह से भी आनंद के मारे सिसकारियां निकलने लगी ,मेरे लौड़े की खाल पीछे जा चुकी थी ,

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