जवान भतीजी की चुदाई

दोस्तों ये बात पिछले तीन साल पहले की है , मेरी उम्र इस समय ३८ साल है ,मेरी साली की एक लड़की है जिसकी उम्र इस समय लगभग 18 साल है ,मेरी साली दीपावली की छुट्टियों से पहले मेरे घर रहने आयी और साथ में उसकी बेटी थी ,उसका नाम प्रिया है ,मेरी साली ने मुझे कहा की जीजा जी ऐसा है सुनो मैं और दीदी तो कल जा रहे हैं शॉपिंग करने , लंच के तुरंत बाद निकलेंगें ,और हाँ अगर आप हो सके तो हाफ डे ले लेना अगर मिला तो वर्ना प्रिया घर पर ही रहेगी ,उस दिन रात को मैं प्लानिंग करता रहा कि प्रिया की चूत कैसे मारी जाये क्योंकि बहुत रिस्क था ,प्रिय का बदन भरा हुआ तो था पर फिर भी एक जवान मर्द के लिए तो वो छोटी ही थी ,मैं पिछले छह महीने से उसे छुप छुप कर देखता था साली के कन्धों तक लहराते काले बाल ,गुलाबी होंठ ,चिकने गोरे गाल ,गोल चेहरा नशीली आँखें ,गोरी कलाई ,घर में वो अकसर टॉप और स्कर्ट में रहती थी कभी कभार जीन्स पहनती थी ,
जब वो हमारे घर आती थी तो डायनिंग टेबल पर खाना परोस कर जाती थी तो उसके आने से ही एक मस्त खुशबु का झोंका मेरी सांसों को तर कर जाता था। तब मेरा मन करता था की साली को कली से फूल बना दूँ पर ये सब इतना आसान नहीं था ,

उसी रात मैंने उसे मौका दख कर कहा प्रिय तू भी अपने लिए जीन्स मंगवा ले अपनी मम्मी से पर मेरा नाम मत लेना ,खैर सुबह हो गयी मैं ओफ्फिस चला गया और दिन में घर आ गया ,

घर पर सिर्फ मेरी साली की लड़की रह गयी थी और मैं ,वो बहुत गुस्सा थी क्योंकि उसकी मम्मी ने उसे जीन्स लेने के लिए मना कर दिया था उस समय दिन के दो बजे थे ,मेरी साली और मेरी घरवाली दोनों उसे रोता हुआ छोड़ कर चले गए थे ,मेरे मन में उसे देख कर ख्याल आया की अगर इसे विश्वास में लिया जाये तो आज इसकी चिकनी चूत मारने का मौका मिल सकता है पर मुझे अपने लण्ड की मोटाई से डर लगता था कि प्रिया की उम्र अभी सिर्फ 14 साल और 8 महीने ही है ऐसे में क्या मेरा लण्ड ले पायेगी ? मेरे लण्ड का साइज तनने के बाद साढ़े पांच इंच था और मोटाई इतनी थी की अंगूठे और साथ वाली ऊँगली के बिच में करीब एक सेंटीमीटर की जगह छूट जाती थी ,ऐसे में मुझे बहुत रोमांच हो रहा था ,

More Sexy Stories  एक जल्दी वाला राउंड

उससे पहले मुझे जब भी मौका मिलता था तो मैं प्रिय को सोते हुए देखता था उसके भोले चेहरे पर एक अजीब सी नादानी रहती थी जब वो इससे पहले हमारे घर आयी हुई थी तो एक दिन मैंने उसके कमरे में जा कर देखा कि वो करवट ले कर लेती हुई थी उसकी स्कर्ट थोड़ी ऊपर उठी हुई थी ,मेरी नजर उसकी चिकनी जांघों पर गयी तो मेरा लौड़ा हरकत में आ गया मेरी बीबी और साली छत पर बतिया रही थी जब मेरे से रहा नहीं गया तो मैंने धीरे से उसकी स्कर्ट ऊपर उठायी तो मुझे उसके मोटे मोटे गोरे चुत्तड़ दिखाई दिए ,उसकी गांड करीब 28 इंच ही रही होगी ,प्रिया उस समय नौवीं क्लास में पढ़ रही थी ,मैंने धीरे से उसकी कच्छी की स्ट्रिप और थोड़ी सी खिंच कर साइड करके उठायी ,आह। … उसकी गांड के छेद पर जैसे ही नजर पड़ी मेरे लौड़े ने अंगड़ाई ली ,छेद का रंग भूरा था और काफी झुर्रियां एक छोटे से गड्ढे में समा रही थी मन तो हुआ की साली की गांड में ऊँगली घुसेड़ दूँ पर मन मारना पड़ा लिया फिर मुझे उसकी जांघों के बीच में एक मांस की काफी मोटी उभरी हुई फांक दिखाई दी ,जिसके बीच में एक चीरा सा लगा हुआ था ,और उस फांक पर छोटे छोटे भूरे रेशे उगे हुए थे। यानि की अभी उसकी झाँटें नहीं उगी थी ,मैंने जल्दी से फ़ोन से उसकी वीडियो बनायीं ,फिर मैंने अपना चेहरा उसकी गांड के करीब किया और एक लम्बी साँस ली ,आह क्या गजब की सेक्सी खुशबु थी कुछ माँस की ,कुछ पसीने की और कुछ पेशाब की ,कुल मिला कर मन हो रहा था कि अपने मोटे लण्ड से प्रिया की चूत फाड् दूँ ,पर ये टाइम ऐसा नहीं था बस उसकी गांड और चूत की खुश्बू से दिमाग तर हो गया ,उसकी माँस की लम्बी फांक के काफी नीचे एक माँस की गांठ दिख रही थी जो काबुली चने बराबर रही होगी ,बाकि कुछ नहीं दिख रहा था। मुझे यही डर था की कहीं मेरी साली और बीबी न आ जाये ? मैंने तुरंत ही न चाहते हुए भी उसके कपडे वैसे ही कर दिए और चुपचाप अपने बैडरूम में लेट गया ,मैंने वीडियो अपनी मेल से अटैच कर दी।

More Sexy Stories  दोस्त की प्यारी बीवी कृतिका

पर इतने दिनों बाद मुझे फिर मौका मिल गया था ,मैंने तुरंत फैसला लिया और प्रिय के कमरे की तरफ जाने से पहले मेन गेट पर ताला जड़ दिया मैं उस समय सिर्फ बनियान और अंडरवियर में था ,मैं जैसे ही प्रिया के कमरे में गया वो सुबक रही थी मैंने प्यार से उसके सिर पर हाथ फेरा उसने मुझे कहा मौसा जी मेरी बात कोई नहीं सुनता मुझे छोड़ दो ,मैंने उसके गाल थपथपाये और कहा अरे इतनी छोटी सी बात नहीं मानी तेरी मम्मी ने ? बहुत गन्दी है चलो छोड़ मैं लूंगा तेरे लिए जीन्स। बस चुप हो जा अब ,मैंने बैड के किनारे बैठ कर उसे अपनी जांघ पर खींच लिया पहले तो वो सकपकायी फिर नार्मल हो गयी ,

Pages: 1 2 3 4