पड़ोसन प्यासी आंटी की चुत चोदकर मजा लिया

इंडियन पंजाबी सेक्स की कहानी मेरे पड़ोस में रहने वाली आंटी की है. एक बार मैं उनके घर के सामने से निकला तो अंदर से ब्लू फिल्म की आवाज आ रही थी.

हैलो फ्रेंड्स … मेरा नाम अनीश गोयल है और मेरी उम्र 25 साल है. मैं चंडीगढ़ में रहता हूँ. यह इंडियन पंजाबी सेक्स की कहानी बिल्कुल सच्ची है.

एक दिन मैंने भी सोचा कि मैं भी अपनी सच्ची सेक्स स्टोरी आप सभी के सामने रखूं.

मुझे सेक्सी कहानियां पढ़ना बहुत अच्छा लगता है, तो हो सकता है कि आपको भी अच्छा लगता हो और आपको मेरी यह कहानी पसंद आ जाए. इसी लिए मैंने यह इंडियन पंजाबी सेक्स स्टोरी लिखी है.

इस सेक्स कहानी में मैंने अपने घर के पास रहने वाली एक पंजाबी आंटी की चूत चोदी थी.

यह घटना कुछ महीनों पहले की ही है.
उस समय मेरे पापा मम्मी को कोई जरूरी काम था और वो कुछ दिनों के लिए शहर से बाहर गए हुए थे.
मैं अकेला ही घर पर अकेला रह रहा था.

मेरा खाना पीना बाहर ही हो जाता था.

मेरे घर के पास एक पंजाबी आंटी रहती थीं. उनका अपना कोई बच्चा नहीं था. उनके पति भी घर पर बहुत कम आते थे क्योंकि वो दूसरे किसी शहर में एक कम्पनी में नौकरी करते थे.

एक दिन मैं किसी काम से बाहर गया हुआ था और घर वापस आ रहा था.
मैंने देखा कि आंटी के घर पर टीवी चल रहा था … जिसमें से ‘आह्ह उह्ह्ह …’ की आवाजें आ रही थीं.

मैंने उनके घर की खिड़की से ध्यान से देखा तो एक लड़का, लड़की को चोद रहा था. मतलब आंटी ब्लू-फिल्म देख रही थीं.

मैं कुछ देर बाद अपने घर आ गया और रात को सोते समय मैं सोचने लगा कि आंटी वो सब क्यों देख रही होंगी.
क्या उन्हें लंड की जरूरत है.

यही सब सोचते सोचते मुझे नींद आ गयी.

जब मैं सुबह सोकर उठा, तो मुझे फिर से वो बात याद आ गई और मुझे लगा कि मुझे आंटी के घर जाना चाहिए.

मैं नहा धोकर आंटी के घर गया और उनसे बात करने लगा.

आंटी मुझे देखकर बहुत खुश हो गईं.
वो बोलीं- कि बेटा आज मेरे घर पर कैसे आना हुआ?

मैंने कहा- आंटी बस ऐसे ही .. मेरे मम्मी-पापा घर पर नहीं हैं. वो कुछ दिनों के लिए किसी काम से बाहर गए हुए हैं. मैं घर पर अकेला बोर हो जाता था … तो मैंने सोचा कि आपसे थोड़ी सी बात करने आ जाऊं.

आंटी बोलीं- तुम बहुत दिनों के बाद आए हो … पहले तो हर दिन बात करने आते थे.
ये सच था कि पहले मैं और आंटी एक दूसरे से बहुत मज़ाक किया करते थे.

फिर आंटी ने मुझसे पूछा- आजकल तू घर पर अकेला रहता है क्या … तुझे रात को डर नहीं लगता?
मैंने कहा- आंटी मैं अब बड़ा हो गया हूँ.

आंटी जोर से हंसी और बोलीं- तू क्या … तेरा तो अब सब कुछ बड़ा हो गया होगा.
मुझे आंटी की यह बात सुनकर थोड़ा अजीब सा लगा.

मैंने कहा- आंटी आपका इस बात से मतलब है कि मेरा बड़ा हो गया होगा?
आंटी बोलीं- तू समझ तो गया है कि मेरा मतलब क्या है … फिर भी क्यों पूछ रहा है?

इस पर मैंने कुछ नहीं कहा और मैं जाने की कहने लगा.

आंटी बोलीं- अरे तू तो शर्मा गया है नितिन, चल अन्दर आ जा. तू जब तक टीवी देख मैं तेरे लिए नाश्ता लाती हूँ.

मैं आंटी के रूम में जाकर बैठ गया.

मैंने टीवी चालू किया तो ब्लू फिल्म चल पड़ी.
उसमें एक लड़का, एक लड़की की चूत में लंड डालकर जोर जोर से धक्के दे रहा था और वो लड़की जोर जोर से चिल्ला रही थी.
उसकी चूत से खून भी निकल रहा था.

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गंदी फिल्म देख कर मैं कुछ डर सा गया और टीवी बंद करके चुपचाप ऐसे बैठ गया जैसे मैंने कुछ किया ही ना हो.

तभी आंटी मेरे लिए नाश्ता लेकर आ गईं.

फिर मुझे एक आईडिया आया और मैंने उनसे कहा- आंटी टीवी चालू कीजिए ना!

उन्हें शायद याद ही नहीं था कि सीडी प्लेयर चालू है.
जैसे ही उन्होंने टीवी शुरू किया तो ब्लूफिल्म चल पड़ी.

मैं आंटी की शक्ल देख रहा था और उनके चहरे पर तो 12 बजे हुए थे.
वो टीवी को जल्दी से बंद भी नहीं कर रही थीं क्योंकि मैं वही देख रहा था और मेरा लंड खड़ा हो गया था.

मेरा लंड कड़क होकर पूरा साढ़े छह इंच का हो गया था.
आंटी ने उसे देखा और वहां से चली गईं.

मैं भी उनके पीछे चला गया और मैंने उनसे कहा- आंटी, वो क्या था?
आंटी ने कहा- नितिन तुम प्लीज़ यह बात किसी को मत बताना.

मैंने कहा- ठीक है … लेकिन मुझे वो पूरा देखना है.
आंटी ने हां कर दी और रूम में आ गईं

उन्होंने टीवी फिर से चलाया और मुझे अकेला बैठा कर आंटी दूसरे रूम में चली गईं.

थोड़ी देर बाद वो फिर से रूम में किसी काम से आईं तो मैंने उन्हें भी अपने पास बैठा लिया.

हम दोनों ब्लूफिल्म देखने लगे. उस टाईम मैं आंटी की गांड देख रहा था.

मुझे जोश चढ़ गया और मैंने अचानक से खड़े होकर आंटी को पीछे से पकड़ लिया.
आंटी एक बार को सकपका गईं लेकिन वो खुद ही ये सब चाहती थीं … तो कुछ नहीं बोलीं.

मैंने उनके बड़े बड़े मम्मों को दबाना शुरू कर दिया.
वो ऊपर ऊपर से मना कर रही थीं … लेकिन मेरे साथ साथ मज़ा भी ले रही थीं.

कुछ देर बाद मैं धीरे धीरे अपना हाथ उनकी चूत पर ले गया और चुत मसल दी.

आंटी मचल गईं. उनके मुँह से मदभरी आवाज निकल गई.

आंटी बोलीं- ये क्या कर रहा है, तुझे क्या चाहिए?
मैंने चुत दबाते हुए कहा- मुझे यह चाहिए.

वो हंस कर बोलीं- तो ले लो … मैं कहां मना कर रही हूँ.
मैं समझ गया कि पंजाबन आंटी मेरा लंड चूत में लेना चाहती हैं.

उन्हें मैं उनके बेड पर ले गया और उनके होंठों पर किस करने लगा.
वो भी मजा लेने लगीं.

दस मिनट तक किस करने के बाद मैंने उनके कपड़े उतारने शुरू किए.
वो भी मेरा साथ दे रही थीं.

कुछ ही पलों में आंटी बस ब्रा और पैंटी में मेरे सामने थीं.

फिर मैंने अपने भी कपड़े खोले और मेरा 6.5 इंच का लंड उनके सामने लहरा दिया.

मेरा लंड देखकर आंटी पागल हो गईं.
वो बोली- तेरा इतना बड़ा है … मैं तो सोच ही नहीं रही थी कि तेरा इतना बड़ा होगा.
मैं लंड आंटी के मुँह तक लेकर गया और कहा- देखो कहां बड़ा है … यह तो अभी बहुत छोटा है.

आंटी हंस दीं और वो लंड को मुँह में लेकर उसे लॉलीपॉप की तरह चूसने लगीं.

आंटी मुंह से लंड निकाल कर उसकी सख्ती का मजा लेते हुए कहने लगीं- तुम्हारे अंकल मेरी चूत चोद ही नहीं मार पाते हैं, क्योंकि उनका लंड बहुत छोटा सा है. फिर आजकल तो सही से खड़ा भी नहीं होता है.

मैंने कहा- आंटी, मेरा लंड भी तो आप ही का है. आज के बाद जब चाहो मुझे बुला कर ले लेना.

आंटी बहुत खुश हो गईं और फिर से लंड को आगे पीछे करके चूसने लगीं.
मैं उनके मम्मों को दबा रहा था.

दस मिनट लंड चूसने के बाद मेरा पूरा वीर्य उनके मुँह में निकल गया और वो सारा रस पी गईं.

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उसके बाद मैंने उनकी बालों से भरी चूत देखी … तो उसे चाटने लगा.

मैंने अपनी जीभ उनकी चूत में पूरी डाल दी और मुझे चूत चाटने में बहुत मज़ा आ रहा था.

थोड़ी देर बाद आंटी भी झड़ गईं और मैंने उनका पूरा रस पी लिया.

हम दोनों नंगे लेट कर आपस में बातें करने लगे.
इसी बीच आंटी मेरे लंड को सहला रही थीं और मैं उनकी चूची चूस रहा था.

दस मिनट बाद मैंने उनसे कहा- मुझे अब आपकी चूत चोदनी है.
आंटी बोली- हां ठीक है, मगर पहले मेडिकल स्टोर पर जाओ और कंडोम ले आओ.

मैंने कपड़े पहने और दवा की दुकान से कंडोम ले आया.
आंटी घर पर नहीं दिखीं तो मैंने आवाज दी.
पर उनका उत्तर नहीं आया.

फिर मैंने देखा कि बाथरूम से पानी गिरने की आवाज आ रही थी मतलब आंटी बाथरूम में थीं.

मैंने थोड़ा इंतजार किया और ब्लूफिल्म देखने लगा.

फिल्म देखते देखते मैंने अपने सारे कपड़े निकाल दिए और पूरा नंगा हो गया.

तभी आंटी बाथरूम से निकल आईं.
वो एकदम नंगी थीं और उनकी चूत बिल्कुल साफ थी.

मैं तो आंटी की नंगी चिकनी चुत देखकर पागल हो गया.

जैसे ही आंटी ने मुझे नंगा देखा, तो वो भी जल्दी से मेरे पास बेड पर आ गईं और मुझे किस करने लगीं.

हम दोनों ने 5 मिनट किस किया.
फिर मैं उनकी चूत चाटने लगा.

थोड़ी देर में उनका पानी निकल गया और वो निढाल हो गईं.
इधर मेरा लंड तना हुआ खड़ा था.

मैंने लंड पर कंडोम लगाया और आंटी की गीली चूत में लंड डालने लगा.
लेकिन आंटी को थोड़ा थोड़ा दर्द हो रहा था, तो वो आआहह आवाज़ निकाल रही थीं.

फिर मैंने एक झटका दिया तो एक बार में ही आधा लंड चूत में घुस गया और आंटी की चीख निकल गयी- आईईई ओह्ह माँ … मैं मर गयी!

मैं थोड़ा सा रुका और मैंने दूसरा झटका दे दिया.
उन्होंने दोनों पैर उठा लिए और जोर से रोने लगीं.

मैंने धीरे धीरे झटके देने चालू कर दिए. थोड़ी देर में आंटी भी शांत हो गईं और चुदाई का मज़ा लेने लगीं.

आंटी कहने लगीं- चोद दे कुत्ते … मेरी चूत को फाड़ डाल. इस तरह से तेरे अंकल ने कभी नहीं मारी, आज तू मुझे पूरा चोद डाल!

उनकी इस तरह की बात सुनकर मुझे और जोश आ गया.
मैं पूरे जोश से चूत चोदने लगा.

आंटी की इस उम्र में भी उनकी चूत बहुत टाईट थी क्योंकि अंकल का लंड छोटा था और वो आंटी को कभी कभी चोदते थे.

मैं पूरी ताकत से आंटी की चुत चोद रहा था और पूरे रूम में बस छप छप की आवाज़ आ रही थी.

मैंने 20 मिनट आंटी की चूत बजाई और उन्हीं की चुत में झड़ गया.
आंटी तब तक दो बार पानी छोड़ चुकी थीं.

इतनी मस्त चुदाई से आंटी बहुत खुश हो गई थीं.

फिर हम दोनों एक साथ नहाने गए. उधर आंटी ने मुझसे एक बार फिर से चुदवाया.

कुछ देर बाद नहाकर हम दोनों बाहर आ गए और साथ में खाना खाकर सो गए.

रात बारह बजे मैंने फिर से उनकी चूत चोदी और उनकी चुत में लंड पेल कर सो गया.

फिर जब तक मेरे घर वाले नहीं आ गए, मैं आंटी की चुत चोदता रहा.
मैंने आंटी को कभी उनके घर पर चोदा, तो कभी अपने घर पर लाकर पेला.

वो भी मस्त होकर चुदवाती रहीं और लंड के मजे लेती रहीं.

आपको पंजाबन आंटी की चुदाई की कहानी कैसी लगी, मुझे मेल करें.

इस इंडियन पंजाबी सेक्स की कहानी पर आपके अच्छे कमेंट्स मिले तो मैं अपनी दूसरी देसी भाभी सेक्स कहानी भी लिखूंगा.

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