दिन में गांड चुत चुदाई का खेल खेला

हस्बैंड वाइफ सेक्स कहानी लॉकडाउन के बाद की है. लॉकडाउन के बाद जब हमारी बेटी कॉलेज गयी तो हमने दिन के उजाले में चुदाई का मौक़ा मिला.

नमस्ते दोस्तो, मैं आपकी दोस्त प्रतिभा, सोलापुर से, भूले तो नहीं?
मेरी पिछली कहानी थी: जुदाई चार दिन की फिर लम्बी चुदाई

मैं बहुत दिनों के बाद कोई सेक्स कहानी लिख रही हूँ.
कुछ लोग पूछ रहे थे कि अगली कहानी कब लिख रही हो.
उन सब लोगों के लिए और सभी पाठकों के लिए एक नयी कहानी मतलब चुदाई का किस्सा आपके सामने पेश कर रही हूँ.

यह कहानी सुनें.


कुछ गंदे लोग पूछ रहे थे कि सेक्स कहानी क्यों नहीं लिख रही हो, तो उनके लिए बता दूँ कि वो लोग मुझे गंदे मेल भेज रहे थे.
मैं सिर्फ अपने पति से चुदती हूँ. कोई सड़क छाप रंडी नहीं हूँ, जो किसी के भी सामने अपनी टांगें खोल कर नंगी हो जाऊं.

मेरी तमन्ना होती है कि मैं अपने पति से कैसे चुदती हूँ … वो मैं आपके सामने रख दूँ.

मैं अपने पति बहुत प्यार करती हूं, क्यों ना करूं … वो भी मुझे प्यार करते हैं.
वो मेरी चुदाई तो ऐसे करते है कि हर रोज चुदकर भी मैं उनसे चुदने के लिए बेकरार रहती हूं.

जब भी वो मुझे छूते हैं, तो ये सोचकर ही मेरी चुत पानी छोड़ने लगती है कि न जाने अब मेरे पति मुझे कैसे चोदेंगे.

खैर … आप तो हस्बैंड वाइफ सेक्स कहानी पढ़ने के लिए बेकरार होंगे, तो आपको ज्यादा नहीं तरसाऊंगी.

लॉकडाउन की वजह से सब कुछ बंद था और हमारी बेटी का कॉलेज भी बंद था तो मैं घर में ही रहती थी.

मेरी बेटी ऑनलाईन लेक्चर्स ज्वाइन करती थी इसलिए पति से मेरी दिन की चुदाई तो बंद ही थी, पर रात में जरूर जबरदस्त चुदाई होती थी.
जब तक मैं अपने पति का लंड चुत में लेकर चुदवा ना लूं, मुझे नींद आती ही नहीं थी.

एक दिन मेरी बेटी ने कहा- मुझे कल कॉलेज जाना पड़ेगा.
मैं बहुत खुश हो गयी और अपने प्यारे पति की तरफ देखकर मुस्कुराई.
पति समझ गए कि कल दिन में चुदाई का खेला होगा.

रात को हम दोनों ने चुदाई नहीं की क्योंकि कल दिन में मेरी चूत गांड की जमकर चुदाई होना तय थी.
और मैं चाहती थी कि कल ही पूरा मजा आए तो उस रात मैंने बिना चुदे ही सो जाना ठीक समझा.

सुबह उठकर मैं नहा ली और सिर्फ पेटीकोट और मैक्सी पहन ली.
अन्दर ना ब्रेजियर पहनी और ना चड्डी.

हमारी बेटी सब तैयारी करके 9 बजे कॉलेज निकल गयी.
वो शाम को चार बजे वापस आने की कह गई थी.

मैंने अपने प्यारे पति को भी नहाने के बाद चड्डी पहनने नहीं दी.
मैं तो अपने प्यारे पति से चुदने के लिए उतावली हुई जा रही थी.

मैंने पति को पीने के लिए दूध दे दिया.

सब काम 10 बजे खत्म करके मैं अपने पति के पास आ गयी और उनसे लिपट गयी. हमारे होंठ एक हो गए. हम दोनों में होंठ चूसने की जैसी होड़ लगी थी.

मेरे रसीले होंठों को चूसते चूसते मेरे प्यारे पति पीछे से पेटीकोट उठाकर मेरे मोटे गोरे चूतड़ों पर हाथ फेरने लगे और आगे हाथ लाकर मेरी चुत सहलाने लगे.

मुझे मालूम था कि आज मेरी नाजुक चुत की धज्जियां उड़ना पक्का है.
मैं और मेरी चुत इसके लिए तैयार थी.

मेरे प्यारे पति ने मुझे धीरे से बेड पर लिटाया और मेरी पूरी मैक्सी उठाकर गले तक ला दिया.
वो मेरे मोटे मोटे गोरे मम्मों के साथ छेड़खानी करने लगे, उंगलियों से निप्पल दबाने लगे, हाथ से हल्का हल्का दबाने लगे.

इससे मेरे बदन में चींटियां रेंगने लगीं.

बीच बीच में वो मेरी नमकीन चुत पर हाथ फेर देते, उससे मेरी आग और भड़क रही थी.

अब वो मेरा एक निप्पल मुँह में लेकर धीरे धीरे चूसने लगे.

मेरे प्यारे पति ने मेरी सबसे बड़ी कमजोरी पर हमला कर दिया था. एक हाथ की उंगली से मेरी चुत का दाना मसल रहे थे.

मेरी नाजुक चुत चुलबुला उठी, मेरी चुत से रस बहने लगा.

मैंने प्यारे पति की पैंट निकालकर उनका सात इंच का मस्त लंड हाथ में ले लिया और उसे मसलने लगी थी.

अब मुझे बर्दाश्त नहीं हो रहा था, मेरी चुत प्यारे पति का लंड अन्दर लेने के लिए तड़फ रही थी.

मैंने अपने प्यारे पति को अपनी तरफ खींच लिया और उनका तना हुआ लंड मुँह में लेकर चूसने लगी.

मैंने लंड चूसकर पूरा गीला कर दिया.

फिर मैंने पति का लंड मुँह से निकाला और घूम गयी.

मैंने अपनी मदमस्त गोरी गांड बेड के किनारे रख कर अपने दोनों पैर अपनी तरफ उठा लिए.
मेरे प्यारे पति नीचे खड़े हो गए थे और लंड चूत की फांकों में घिसने लगे.

मेरी नाजुक गुलाबी चुत भी पति के लंड को अन्दर आने की अनुमति दे रही थी.

फिर वो पल आ गया जब मेरे प्यारे पति का तगड़ा लंड मेरी कोमल गुलाबी नाजुक चुत को चीरता हुआ अन्दर दाखिल होने के लिए झटके मारने लगा था.

तभी मेरे प्यारे पति ने लंड हटाया और अपने हाथ की दो उंगलियों से मेरी चुत की फांकों को अलग करके अपने होंठ मेरी चुत पर लगाकर उसे चूम लिया.

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उन्होंने मेरी चुत के दाने को अपने होंठों में पकड़कर खींचकर छोड़ दिया, फिर जीभ से हल्का हल्का कुरेदने लगे.

हाय रब्बा, मेरा पूरा शरीर थरथरा गया, मैं बड़बड़ाने लगी- आहा स्स चूसो … और चूसो जोर से.

मैं अपनी गोरी गांड ऊपर उठाने लगी और अपने प्यारे पति से कहा- मेरी जान, अब मत तरसाओ … अपना लंड मेरी चुत में उतार दो … आंह जल्दी से चोद दो मुझे … आह ऊई मां.

मेरे प्यारे पति ने लंड का सुपारा चुत पर रखकर दबा दिया, तो लंड का सुपारा मेरी चुत के अन्दर सट से घुस गया.

मैंने अपने होंठ दांत के नीचे दबा लिए. मुझे कुछ समझती इसके पहले पति ने और एक झटका मारा और उनका पूरा 7 इंच का तगड़ा लंड मेरी नाजुक चुत की दीवार को चीरता हुआ अन्दर दाखिल हो गया.

मेरी चुत चिकनी थी. लंड को अन्दर जाने में जरा भी दिक्कत नही हुई थी.
फिर भी मेरी मुँह से हल्की चीख निकल गई.

पहले धक्के से मैं अभी संभली भी नहीं थी कि पति ने अपना लंड मेरी चुत से पूरा बाहर निकाला और फिर से जोर का झटका मारकर पूरा लंड चुत में पेल दिया.

मेरे मुँह से चीख निकली- हाय मां, थोड़ा धीरे से चोदो न, मैं कहां भागी जा रही हूं … मुझे दर्द हो रहा है.

पति ने मेरी एक ना सुनी और ऐसे ही जोर जोर के झटके मारते रहे.

मेरे पति का लंड मेरी बच्चेदानी को ठोक रहा था. मेरे प्यारे पति का तगड़ा लंड मेरी बच्चेदानी से जब पहली बार टकराया तो उसी वक्त मेरी नाजुक चुत ने पानी बहा दिया था.

मैं अपने हाथ से पति के पेट को पीछे धकेलने लगी तो पति ने अपना लंड मेरी चुत से बाहर निकाला और मुझे कुतिया बनाकर मेरे पीछे से अपने घुटनों पर खड़े होकर मेरी कोमल सी चुत में अपना लंड पेल दिया.

फिर वो धीरे धीरे से लंड चुत में अन्दर बाहर करके मुझे चोदने लगे.
ये पोज मुझे बहुत पसंद है और मेरे पति को ये पता है.

पन्द्रह मिनट तक मुझे यूं ही चोदने के बाद पति देव ने मुझे पीठ के बल लेटने के लिए कहा.

मेरे सीधे लेटने के बाद पति मेरी कमर के दोनों बाजू पैर रखकर खड़े हो गए.

मैं तो डर गयी क्योंकि अब असली चुत की चुदाई होनी थी. मैं पति से विनती करने लगी- प्लीज़ धीरे से चोदना.
तो पति ने कहा- अरे लंड चुत में डालने तो दो.

मैंने कहा- डालो, लेकिन मुझ पर रहम करके चोदना.
उन्होंने हंसते हुए मुझे देखा और मेरी चुत पर नीचे बैठते चले गए.

मैंने भी अपने पैर खोल कर बेड फैला दिए, तो पति ने अपनी गांड पीछे ले जाकर अपना तगड़ा लंड हाथ से मेरी चुत में घुसा दिया.

लंड का सुपारा चुत में दाखिल होते ही पति ने एक झटके में ही पूरा लंड चुत में पेल दिया.

उनके लंड ने अन्दर घुसते हुए मेरी बच्चेदानी पर ही हमला कर दिया.

‘उई मां मैं मर गयी … कितना जोरदार झटका मारा तुमने, मुझे दर्द हो रहा है थोड़ा बाहर निकालो.’

लेकिन पति कहां कुछ सुनने वाले थे; उन्होंने फिर से एक और तगड़ा हमला मेरी बच्चेदानी पर कर दिया, तो मैं दर्द से चिल्ला उठी.

मैं उनकी जांघों को पकड़कर उनको पीछे धकेलने की कोशिश कर रही थी पर मेरे पति अपनी ही रफ्तार में मेरी नाजुक कोमल चुत को चोद कर मजा ले रहे थे.

अब तो मेरे पेट में दर्द हो रहा था.

मेरे प्यारे पति को मुझ पर तरस आ गया, तो उन्होंने अपना मूसल लंड चुत से बाहर निकाला.
मुझे बेड पर सीधा लिटा कर मेरे ऊपर चढ़ गए.

उन्होंने मेरा एक पैर उठाकर अपने दोनों पैर के बीच ले लिया और अपना एक पैर मेरे दोनों पैरों के बीच में कर दिया.

सच बताऊं दोस्तो … इस पोज में मेरी चुत में पति के लंड के जबरदस्त स्ट्रोक लगते हैं और पति का पूरा लंड मेरी चुत में घुस जाता है.

मेरे दूध पीते पीते मेरे पति मेरी चुत मस्त चोद रहे थे.

कुछ देर चुदाई के बाद फिर से मुझे दर्द का अहसास होने लगा, तो मैंने फिर से एक चाल चली.

मैंने पति से कहा- मेरी चुत ही चोदोगे … तो मेरी गांड कब मारोगे.
मेरे प्यारे पति मेरी तरफ देखकर मुस्कुराए और बोले- गांड तो मैं तुम्हारी चोदूंगा और जमकर चोदूंगा.

मैंने कहा- तो चोदो न मेरी गांड … देर क्यों कर रहे हो.
वो मुस्कुरा दिए.

मुझे उनके मुस्कुराने पर कुछ शक हुआ.

मेरे पति एक दो गिनने लगे, तो मैं समझ गयी कि अब ये क्या करने वाले हैं.

मैंने झट से अपनी टांगों से उनकी गांड को दोनों तरफ से पकड़ लिया और कहने लगी- प्लीज़ अपना लंड धीरे से निकालना, एकदम से मत निकालना.

लेकिन मेरे पति कहां कुछ सुनने वाले थे, उन्होंने अपना मोटा तगड़ा लंड पूरा जड़ तक मेरी चुत में घुसा दिया और एक दो तीन करने लगे.

मैंने अपनी आंखें बंद कर लीं और पति की चूतड़ों को कसकर पकड़कर रखा.

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तीन कहते ही पति ने अपना लंड एक ही झटके में मेरी चुत से पूरा निकाल दिया.

‘हाय दय्या, मैं मर गयी रे …’

मुझे ऐसा लगा, जैसे मेरी पूरी चुत अन्दर से पति के लंड के साथ बाहर आ गयी हो.

मैंने पति की गांड एक चपत लगाई, तो वो हंसने लगे.

दोस्तो इस चुदाई के दौरान मेरी चुत ने दो बार पानी छोड़ दिया था.

अब मेरे पति बेड के नीचे खड़े थे. उन्होंने मुझे फिर से घुमाकर मेरे मोटे और गोरे चूतड़ों को बेड के किनारे रख दिया.

मैंने भी अपने पैर अपनी तरफ खींच कर फैला दिए.
अब मेरी चुत और गांड के छेद मेरे प्यारे पति के सामने थे. अब मेरी गांड मेरे पति के लंड से चुदने वाली थी.

पति ने अपना मोटा लंड हाथ में पकड़ कर मेरी गांड की छेद पर रखकर लंड पर थूक दिया और हल्का सा दबा दिया.

पति महोदय का लंड का सुपारा मेरी नाजुक गांड में प्रवेश कर गया.
मेरे प्यारे पति का अभी सिर्फ सुपारा ही गांड में गया था कि वो उसी को गांड में अन्दर बाहर करके मुझे चोदने लगे.

पहले तो मुझे दर्द हुआ, फिर मुझे भी अच्छा लगने लगा.
उन्होंने फिर से लंड पर थूक कर लंड को अन्दर बाहर किया और यही करते करते थोड़ा सा जोर लगा दिया.

उन्होंने इस तरह का धक्का मारकर अपना आधा लंड मेरी गांड में घुसा दिया.

आधा ही लंड डालकर अन्दर बाहर करके चोदने लगे. अब मैं भी उनका साथ देने लगी.

फिर अचानक एक धक्का मारकर पूरा सात इंच का लंड मेरी गांड में घुसा दिया, तो मैं चीख पड़ी.

अब मेरे पति का तगड़ा लंड मेरी गांड में पूरा अन्दर बाहर हो रहा था.
वो अपनी उंगली से मेरी चुत के दाने को रगड़ रहे थे.

मैं मस्ती में चुदाई करवाने लगी.

कुछ देर मेरी गांड चोदने के बाद पति ने मुझे मेरे दोनों पैर के पंजे बेड के बाहर करके मेंढक की तरह बिठाया और पीछे से मेरी गांड में अपना लंड डालकर चोदने लगे.

मैं भी अपने चूतड़ आगे पीछे करके पति जी का लंड अन्दर तक लेते हुए चुदाई में उनका साथ देने लगी.

अब तो मेरी गांड खुल गयी थी और मेरे पति का तगड़ा लंड मेरी गांड में अन्दर तक जाकर चोद रहा था.

पति लंड गांड में ही रखवाए हुए मैंने बेड से नीचे उतरकर जमीन पर पैर रख दिए और अपना शरीर बेड पर रख दिया.
मैं झुक गयी.

अब पति जी अपना लंड गांड में रख कर मेरी गांड मार रहे थे और अपने हाथ आगे लाकर मेरे दोनों मम्मों को हल्का सा दबाते हुए मसल रहे थे.

मैं तो बस हवा में झूल रही थी.

फिर पति ने अपना लंड मेरी गांड में ही रखकर मुझे खड़ा कर दिया.
मैं उनसे चिपक गयी.
अब वो बड़े आराम से मेरे मम्मे दबाते हुए मेरी गांड मारने लगे.

यार … मैं तो मदहोश होकर उनका साथ देने लगी. काफी ज्यादा वक्त हो गया था. मेरे पति मुझे धकापेल चोद रहे थे. उनका लंड अभी तक खड़ा ही था.

मैंने अपने प्यारे पति से कहा- अब तुम नीचे लेट जाओ, मैं तुम्हारे ऊपर बैठकर अपनी गांड चुदवा लूंगी.

पति ने अपना लंड मेरी गांड से निकाला और बेड के ऊपर सीधा पीठ के बल सो गए.
मैं उनकी दोनों साईड पैर रखकर नीचे बैठ गयी.

फिर अपनी मुट्ठी में पति का तगड़ा लंड लेकर अपनी गांड के छेद पर सैट करके धीरे धीरे नीचे बैठने लगी.
उनका मूसल लंड भी धीरे धीरे मेरी गांड घुसता चला गया.

मैंने अपने पति का लंड पूरा गांड में ले लिया और अन्दर बाहर करने लगी.

अब मैं लंड को अपनी गांड में लेकर उछल उछल कर चुदाई करवा रही थी.
मेरे पति अपने हाथों से मेरे चूतड़ पकड़ रखे थे.

कुछ दस मिनट हो गए थे तो मेरे पति की मदभरी आवाजें निकलने लगीं और वो कहने लगे- आहा और चोदो जोर से … मेरा पानी निकलने वाला है … आंह जोर से.

मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी और कुछ धक्के मारने के बाद ही मेरे प्यारे पति ने अपने लंड पर से मुझे ऊपर उठने नहीं दिया.

उनका पूरा लंड मेरी गांड में था और तभी मेरे प्यारे पति के लंड ने गर्म गर्म लावा मेरी गांड में छोड़ दिया.

मेरी पूरी गांड पति के वीर्य से भर गयी. मैं भी वैसे ही पति के सीने पर लेट गयी.

हम दोनों थक गए थे.

कुछ देर बाद मेरे प्यारे पति का लंड मुरझाकर मेरी गांड से बाहर आ गया था और इसी के साथ उनका वीर्य भी बहकर बाहर आकर मेरी चुत के ऊपर से बहकर पति के आंडों पर गिरने लगा.

मैंने रस पौंछने के लिए उठना चाहा तो पति ने मुझे अपनी बांहों में जकड़ लिया.

मैं भी पति की बांहों में लेट गयी. मैं आज बहुत खुश थी. बहुत दिनों बाद भरी दुपहर में मेरी चुत और गांड की मस्त चुदाई जो हुई थी.

दोस्तो, मैंने अपनी सच्ची चुदाई की कहानी आपके सामने पेश की है.
आपको कैसी लगी यह हस्बैंड वाइफ सेक्स कहानी, जरूर बताना.
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