युवा विधवा की अन्तर्वासना तृप्ति- 2

हॉट विडो हिंदी ब्लू स्टोरी एक विधवा की है जिसे अपने पड़ोसी से सेक्स का आकर्षण हो गया. आग दोनों तरफ लगी थी तो एक दिन यही आग दोनों को एक बिस्तर पर ले आई.

फ्रेंड्स, अर्णव और मोहिनी की दबी हुई वासना को इस सेक्स कहानी के माध्यम से आप मजा ले रहे थे.
कहानी के प्रथम भाग
युवा विधवा की अन्तर्वासना
में अब तक आपने पढ़ा था कि मोहिनी और अर्णव एक कैफे में गए थे और उन दोनों ने दोस्ती के हाथ मिला लिए थे.

अब आगे हॉट विडो हिंदी ब्लू स्टोरी:

फिर अर्णव ने दो कॉफ़ी का आर्डर दे दिया और मोहिनी से बातें करने लगा.

अर्णव ने बताया कि मैं 38 साल का हूँ. मेरी बीवी मुझे छोड़ कर विदेश में बस गयी है. मेरे भाई बहन पहले से ही नहीं थे, अब माता पिता भी नहीं रहे, सो मैं इस दुनिया में बिल्कुल अकेला हूँ.
मोहिनी ने भी कहा- मैं भी एकदम अकेली हूँ. मेरा एक बेटा है, जो विदेश में पढ़ रहा है.

अर्णव ने कहा- वाओ … आप देखने में लगती नहीं हैं कि आप इतने बड़े बच्चे की मां हैं. आप तीस से ज्यादा की नहीं लगती हैं.
इस पर मोहिनी मुस्करायी, पर अन्दर ही अन्दर वो अपनी इस तारीफ पर बहुत खुश थी.

अर्णव खेला खाया इंसान था, उसे पता था कि ऐसी औरतों को कैसे खुश किया जाता है.
इसी लिए वो अपना इम्प्रैशन जमाने के लिए उसे इस कैफे में लाया था.

उसका पहला कदम कामयाब रहा था. मोहिनी उससे काफी इम्प्रेस थी और उसने उसकी दोस्ती भी स्वीकार कर ली थी.

मोहिनी ने बताया कि मैंने आपकी गाड़ी एजेंसी भिजवा दी है, दो दिन में ठीक हो कर वापिस आ जाएगी.
अर्णव ने कहा- अरे आपको ऐसा करने की कोई जरूरत नहीं थी. मैं खुद ठीक करवा लेता.

कैफे से फ्री होकर दोनों अपनी सोसाइटी में पहुंच चुके थे.
कार पार्क करके वो एक लिफ्ट से ऊपर जा रहे थे. अपना फ्लोर आने पर मोहिनी ने अर्णव को अपने घर आकर कॉफ़ी के बोला.

तो अर्णव थैंक्स बोलते हुए कहा- फिर किसी दिन मैं जरूर आपके साथ में कॉफ़ी पीने आऊंगा.
उस दिन मोहिनी ने दो ड्रिंक लिए और डिनर करके वो बेड पर सोने के लिए आ गयी.

थोड़ी देर वो आज दिन के बारे में और अर्णव के साथ हुई बातचीत, उसके साथ कैफे में जाने के बारे में ही सोचती रही.
फिर वो इंटरनेट पर सेक्स स्टोरीज पढ़ने लगी.

और जब गर्म हो गयी, उसने अपने कपड़े उतार दिए और अपनी चूत में उंगली करने लगी.

उंगली करते हुए वो अर्णव के बारे में ही सोच रही थी.
उसकी बॉडी याद करके मोहिनी का दिल कर रहा था कि काश इस वक़्त अर्णव उसके साथ होता और उसकी प्यास बुझा देता तो कितना अच्छा होता.

जब वो कुछ शांत हुई तो उसे थोड़ी ग्लानि भी हुई.
अपने पति की मौत के बाद आज उसने पहली बार किसी पर पुरुष को अपने ख्यालों में आने दिया था.

उसे खुद पर हैरानी थी कि कितने ही पुरुष उसके साथ एक कप कॉफ़ी पीने के लिए तैयार रहते थे, पर उसने किसी को भी अपने पास नहीं फटकने दिया था.
आज कैसे वो अर्णव के साथ कॉफ़ी हाउस चली गयी.

ये सब सोचते सोचते उसे नींद आ गयी. सुबह 6 बजे उठ कर वो जिम के लिए चली गयी.

जिम से निकलते हुए अर्णव उसे दिखाई पड़ गया.
उसने उसे हैलो बोला और पूछा- आप यहां कैसे?
वो बोला कि मैं तो यहां रोज़ ही आता हूँ.

मोहिनी ने स्पोर्ट्स ब्रा और जॉगिंग पेंट पहन रखी थी, वो इन कपड़ों में बेहद सेक्सी लग रही थी.
अर्णव की निगाह उसके शरीर पर ही टिकी हुई थी. उसकी नजरें मोहिनी के 34 इंच के बूब्स से हट नहीं रही थीं.

मोहिनी को भी अन्दर ही अन्दर मज़ा रहा था.
फिर दोनों साथ ही वापिस आए, ऑफिस भी साथ में गए.

अब ये सिलसिला चल पड़ा था.
कभी मोहिनी अर्णव की गाड़ी में ऑफिस जाती, तो कभी अर्णव मोहिनी कार में साथ जाता.
दोनों की मुलाकातें बढ़ने लगी थीं.

एक संडे को जिम से वापिस आते हुए मोहिनी ने लिफ्ट निकलते हुए अर्णव का हाथ पकड़ कर खींच लिया और उसे अपने फ्लैट में कॉफ़ी पिलाने के लिए ले आयी.
अन्दर आते ही मोहिनी ने जिम वाली टॉवल को एक तरफ फेंका और अर्णव को बैठने के लिए बोल कर कॉफ़ी बनाने चली गयी.

वापस आयी तो अर्णव वहां पड़ी सेक्सी मैगज़ीन देख रहा था.
मोहिनी कभी कभी कहीं से ये मैगज़ीन ले आती थी. इसमें काफी सेक्स रिलेटेड आर्टिकल्स आते थे.

मोहिनी ये देख कर थोड़ा झेम्प गयी, फिर कप पकड़ाती हुई बोली- लो कॉफ़ी पी लो.

अर्णव कॉफ़ी पीते हुए मोहिनी की तारीफ करने लगा कि आप खुद को कितना मेन्टेन रखती हैं. इसीलिए आपकी उम्र तीस से ज्यादा नहीं लगती.

मोहिनी उसकी बातों पर मुस्कराती रही, कॉफ़ी पीते हुए अर्णव उसके शरीर को ही देखता रहा.

उसे मोहिनी की चूचियों की घाटी बहुत उत्तेजित कर रही थी.
स्पोर्ट्स बनियान में थोड़े थोड़े से झांकते मोहिनी के दूध उसकी उत्तेज़ना को और बढ़ा रहे थे.

मोहिनी अर्णव की हालत समझ रही थी और मन ही मन मुस्करा भी रही थी.
पर अर्णव कोई पहल नहीं कर रहा था. यदि वो करता, तो शायद मोहिनी उसकी बांहों में बिछ जाती.

फिलहाल अर्णव कॉफ़ी पी कर उसे बाय बोल कर अपने घर चला गया.

मोहिनी भी नहाने के लिए बाथरूम में घुस गयी और कपड़े उतार कर शॉवर के नीचे खड़ी हो गयी.
जब मोहिनी ने अपना नंगा जिस्म सामने आईने में देखा, तो उसे खुद से ही प्यार हो गया.

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वो सोचने लगी कि क्या वो सचमुच इतनी खूबसूरत और सेक्सी है कि अर्णव, जो उससे उम्र में काफी छोटा भी है और हैंडसम भी है, उसे पाने के लिए पागल हो जाएगा.
सारा दिन मोहिनी ने रिलैक्स किया. दोपहर के बाद बारिश का मौसम हो गया था.

मोहिनी कॉफ़ी का कप ले बाल्कनी में आ गयी.
तभी अर्णव का फ़ोन आ गया.

उसने मोहिनी से बाहर चलने की पेशकश करते हुए कहा- चलो कहीं अच्छी सी जगह चलते हैं, अगर तुम्हें बुरा न लगे तो ड्रिंक भी ले लेंगे और साथ में डिनर करके वापिस आ जाएंगे.
मोहिनी ने सोचा कि आज ये आप से तुम पर आ गया.

फिर वो मुस्कुराती हुई बोली- नहीं, मैं बाहर नहीं जाना चाहती हूँ. हफ्ते भर की थकान से रिलैक्स होना चाहती हूँ. अगर तुम चाहो, तो मेरे घर आ जाओ, हम दोनों ड्रिंक यहीं ले लेंगे और डिनर आर्डर कर देंगे.

अर्णव को उसका प्रपोजल पसंद आया.
वो बोला- ठीक है, मैं अभी बाहर जा रहा हूँ. एक घंटा में वापस आ जाऊंगा और वहीं से स्नैक्स पैक करवा लाऊंगा.

मोहिनी के होंठों पर स्माइल आ गयी.
फिर वो उठ चेंज करने के लिए बेडरूम में आ गयी.

बाहर मौसम रोमानी था और मोहिनी का दिल भी अब रोमांटिक हो गया था.
उसने अपने आपको शीशे में निहारा, तो उस पर वासना हावी होने लगी.

उसने सोचा कि क्यों न आज की शाम को एक यादगार शाम में तब्दील कर दिया जाए.
उसने वार्डरॉब से ब्लैक कलर शिफॉन की साड़ी निकाली, साथ में रेड कलर का ब्लाउज और रेड कलर की ही ब्रा पैंटी निकाल बाथरूम में घुस गयी.

उसने अपनी चूत की सफाई की और शॉवर लेकर नंगी ही बाहर आ गई.
अपने आपको नंगी देखती हुई उसने चेंज कर लिया और तैयार हो गयी.

वो ब्लैक और रेड कलर के कॉम्बिनेशन में पूरी काम देवी लग रही थी.

अपने बालों को उसने पीछे ढीला सा बांध लिया था और माथे पर लाल रंग की छोटी सी बिंदी लगा ली थी.
आज वो निहायत खूबसूरत लग रही थी. जैसे इंद्र देव की सभा से कोई मेनका या उर्वशी नीचे उतर आयी हो.

वो शीशे में खुद को देख कर थोड़ा मुस्करायी और फिर ड्राइंग रूम में जाकर उसने ड्रिंक के लिए गिलास बोतल सजा दिए.
फ्रिज में आइस वग़ैरह चैक करके अर्णव के आने का इंतज़ार करने लगी.

जैसे डोर बेल बजी तो मोहिनी ने दरवाज़ा खोला.
अर्णव की निगाहें तो मानो मोहिनी पर जम ही गयी थीं.

लाल रंग के ब्लाउज में कसे हुए उसके बूब्स ऐसे लग रहे थे, जैसे हुक तोड़ कर बाहर आने को आतुर हों.
पीछे ब्लाउज की डीप बैक मोहिनी को और सेक्सी बना रही थी.

साड़ी में से झांकता उसका सपाट पेट और नाभि से नीचे बंधी साड़ी में मोहिनी आज सच में काम देवी लग रही थी.

अर्णव का तो देखते ही बुरा हाल था.
वो आकर अन्दर बैठ गया.

नमकीन के पैकेट उसने मोहिनी को थमा दिए थे.
मोहिनी किचन से प्लेट में नमकीन डाल कर ले आयी.

अर्णव ने वोडका के दो ड्रिंक बनाए, दोनों ने चियर्स किया और सिप करने लगे.

पर अर्णव की नजरें मोहिनी के ऊपर से हट ही नहीं रही थीं.
ये देख कर मोहिनी अन्दर ही अन्दर बहुत खुश थी.

मोहिनी ने उठ कर म्यूजिक सिस्टम चालू कर दिया.
हल्का संगीत, शराब का नशा और मोहिनी की खूबसूरती ने इस शाम को और रंगीन बना दिया था.

दो ड्रिंक लेने के बाद मोहिनी ने बस बोला तो अर्णव ने कहा- नहीं मेरी खातिर एक और लो न!
मोहिनी ने मुस्कराते हुए गिलास पकड़ लिया.

वह जानती थी कि अर्णव पर उसकी खूबसूरती का जादू पूरा चल चुका है, पर वो शाम को और मदहोश बनाना चाहती थी.
मोहिनी ने हल्के नशे में कहा- बाहर बारिश हो रही है, चलो बाल्कनी में चलते हैं.

दोनों अपना अपना ड्रिंक ले कर बाल्कनी में आ गए.
दोनों रिलेशनशिप के मुद्दे पर बातें कर रहे थे.

अर्णव मदहोश हो रहा था. वो जम कर मोहिनी की तारीफ कर रहा था.
ड्रिंक का असर तो मोहिनी पर भी था.

बात करते करते अर्णव मोहिनी से बोला- तुम्हारे होंठ बहुत खूबसूरत है. मेरा दिल कर रहा है कि मैं तुम्हें चूम लूं.
मोहिनी इसके जवाब में हल्की सी मुस्करा दी.

अर्णव पर शराब का सुरूर हो चुका था मोहिनी पर भी शराब का असर हो रहा था.
मोहिनी बाल्कनी की ग्रिल के ऊपर झुक कर खड़ी थी, तभी अर्णव ने पीछे से उसे अपनी बांहों में भर लिया.

इस अचानक हुए हमले से मोहिनी सकपका गयी पर अर्णव ने अपने होंठ उसकी गर्दन के पीछे रख दिए.
वो उसकी गर्दन को चूमता हुआ उसके कान की लौ को चूमने लगा.

एक तो शराब का असर था, दूसरे अर्णव की गर्म सांसें मोहिनी को मदहोश कर रही थीं.
उसकी आंखें बंद हो गयी थीं. वो चाह कर भी विरोध करने की हालात में नहीं थी.

अर्णव उसे लगातार चूम रहा था, मोहिनी की पीठ पर लगातार चुम्बनों की बरसात कर रहा था.
उसके हाथ मोहिनी के पेट को सहलाने लगे.
मोहिनी की भी सांसें उखड़ने लगीं.

अर्णव ने मोहिनी को अपनी तरफ घुमा कर उसके होंठ चूमने चाहे तो मोहिनी को थोड़ा होश आया कि वो ये सब बाल्कनी में हो रहा है.
अगर किसी की नज़र उन पर पड़ गयी तो गड़बड़ हो जाएगी.

वो अर्णव से छूट कर अपने बेडरूम में आ गयी और शीशे के सामने खड़ी हो अपनी सांसों को संयंत कर ही रही थी कि तभी अर्णव ने पीछे से आकर फिर से उसे अपनों बांहों में भर लिया और लगातार उसकी गर्दन और कान को चूमने लगा.

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मोहिनी की आंखें भी बंद थीं और वो उसके चुम्बनों का पूरा मज़ा ले रही थी.
बरसों बाद वो किसी मर्द की बांहों में थी.

तभी अर्णव ने उसे अपनी तरफ घुमाया और उसकी गर्दन से चूमता हुआ उसने अपने होंठ मोहिनी के होंठों से मिला दिए.
मोहिनी भी साथ देने लगी.

दोनों एक दूसरे के होंठों को चूमे जा रहे थे.
मोहिनी ने अपनी जीभ अर्णव के मुँह में डाल दी और वो मोहिनी की जीभ चूसने लगा.

अर्णव के हाथ मोहिनी की पीठ को सहला रहे थे, उसके हाथ मोहिनी के वक्ष स्थल पर आ गए.
पहले वो वहां हाथ से सहलाता रहा, फिर उसने हल्के से एक दूध को दबा दिया.

मोहिनी की आह निकल गई और वो अर्णव से चिपट गयी.

अर्णव ने उसके कान में बोला- मोहिनी, मैं तुम्हें आज पाना चाहता हूँ.
मोहिनी ने भी बोला- हां अर्णव, मैं भी आग में जल रही हूँ. सालों से अधूरी हूँ आज मुझे अपने में समा लो.

अर्णव ने मोहिनी की साड़ी खोलनी शुरू कर दी.
थोड़ी देर में साड़ी फर्श पर थी.

तभी अर्णव ने मोहिनी को घुमाया और उसके कधों को चूमना शुरू कर दिया.
फिर उसकी पीठ पर चूमते हुए उसके ब्लाउज के हुक खोल दिए.

अर्णव ने ब्लाउज मोहिनी की बांहों से निकाल कर नीचे फर्श पर ही फैंक दिया और दूसरे हाथ से उसने उसके पेटीकोट का नाड़ा खींच दिया.
नाड़ा खुलते ही पेटीकोट मोहिनी के पैरों में आ गिरा था.

अब मोहिनी लाल रंग की पैंटी और ब्रा में थी.
अर्णव सुंदरता के इस शानदार मुज्जसमे को निहार रहा था.

मोहिनी पहली बार किसी गैर मर्द के सामने नंगी थी.
फिर वो अर्णव से चिपट गयी और उसकी शर्ट के बटन खोलने लगी.

वो धीरे धीरे दोनों बेड की तरफ बढ़ रहे थे.
अर्णव ने मोहिनी को अपनी बांहों में जैसे बांध रखा था और उसे बेहताशा चूम रहा था.

अर्णव को धक्का देकर मोहिनी ने बेड पर गिरा दिया और कमान अपने हाथ में ले ली.

मोहिनी ने उसकी शर्ट उतार दी और उसके पेट को छूते हुए उसकी छाती पर चूमने लगी.
उसने धीरे से अर्णव के एक निप्पल पर किस कर दिया. फिर उसे थोड़ा सा जीभ से छेड़ा, तो अर्णव के मुँह से अस्स की आवाज़ निकल गई.

फिर मोहिनी चूमती हुई अर्णव के होंठों को चूमने लगी.
कभी वो अर्णव की जीभ अपने मुँह में ले कर चूसती, तो कभी अपनी जीभ उसके मुँह में दे देती.

कुछ देर ऐसे ही वो एक दूसरे को चूमते रहे; एक दूसरे के शरीर को सहलाते रहे.

फिर मोहिनी अर्णव के नीचे की तरफ आयी और उसकी जींस के बटन खोल कर जींस को उसकी टांगों से आज़ाद कर दिया.
मोहिनी ने जब फ्रेंची में से फूले हुए लंड को देखा तो उसकी आंखों में वासना के डोरे तैरने लगे.

उसने अर्णव के लंड पर हाथ फिराया तो अर्णव के मुँह से आह अस्स की आवाजें निकलने लगीं.
अर्णव ने मोहिनी को खींच कर अपनी बांहों में ले लिया और पलटी मार कर उसके ऊपर चढ़ गया.

अर्णव मोहिनी के कधों और गर्दन को चूमते हुए उसने उसके कान की लौ को अपने होंठों में दबा चूसने लगा.
मोहिनी काम वासना से तड़फ रही थी.

वो बोली- आंह अर्णव मत तड़फाओ, मैं बहुत दिन से इस आग में जल रही हूँ.

अर्णव फिर से उसके होंठ चूसने लगा.
फिर ब्रा के ऊपर से उसके मम्मों पर चूमने लगा.

अर्णव ने अपना हाथ पीछे ले जाकर मोहिनी की ब्रा का हुक खोल दिया.
मोहिनी के मम्मे ब्रा से आज़ाद हो गए.

फिर अर्णव ने ब्रा को भी बांहों से बाहर करते हुए मोहिनी के शरीर से आज़ाद कर दिया.

मोहिनी में मम्मे एकदम टाइट थे, चालीस की उम्र पार करने के बाद भी ढीले नहीं पड़े थे.
शायद कई सालों से किसी मर्द ने उन्हें मसला नहीं था, चूसा नहीं था.
वैसे भी मोहिनी अपनी फिगर का बहुत ख्याल रखती थी.

अर्णव उसके मम्मों की सुंदरता को एकटक देखता ही रह गया.
बिल्कुल गोरे रंग के बूब्स, उन पर हल्के भूरे रंग के चूचुक, जो बिल्कुल सख्त हो चुके थे.

अर्णव ने झुक कर मोहिनी के एक चूचुक पर जीभ फिराई और होंठों से चुम्बन ले लिया.

मोहिनी की मादक आह निकल गई.

फिर अर्णव एक हाथ से हल्के से मोहिनी के दूध को मसलने लगा; अपनी दो उंगलियों में एक चूचुक को मींजने लगा.

अब तक मोहिनी की चूत में पानी आ गया था.
अर्णव ने अपने एक हाथ में एक दूध को ले लिया और दूसरे मम्मे के निप्पल पर हल्के से जीभ फिराने लगा.

मोहिनी के मुँह से मादक सिसकारियां निकल रही थीं, उसकी आंखें बंद थीं.

फिर अर्णव ने एक निप्पल को मुँह में भर लिया और धीरे धीरे चूसने लगा.
मोहिनी ने अपने हाथ को अर्णव के सर पर रख दिया और उसे अपने निप्पल का मजा देने लगी.

आज मोहिनी को सच में अपने मम्मों से खेलते हुए अर्णव जैसे मर्द से काफी मजा मिल रहा था.

इसके आगे उन दोनों के बीच चुदाई कैसे हुई और क्या क्या हुआ, वो सब हॉट विडो हिंदी ब्लू स्टोरी के अगले भाग में लिखूँगा.
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