कॉलोनी में पड़ोसन भाभी चूत चुदवाने आई

हॉट सेक्सी भाभी चुदाई कहानी मेरे पड़ोस में आयी एक भाभी की है. भाभी की फीगर शानदार थी पर उनके पति उनको वक्त नहीं देते थे. मैंने उनके पति से दोस्ती कर ली.

मेरा नाम रवि कुमार साहू है और मैं छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से हूँ.

सबसे पहले मैं अन्तर्वासना के सुधि पाठकों को धन्यवाद देता हूं जिन्होंने मुझे प्रोत्साहित करके अगली सेक्स कहानी लिखने के लिए प्रेरित किया.

पहली स्टोरी
कर्जदार की बीवी से मिला चुदाई का सुख
से मुझे बहुत ज्यादा मेल आए थे, उससे मैं बहुत प्रभावित हुआ और आज मैं अपने साथ घटित हुई एक और सेक्स कहानी आप सभी को बताने जा रहा हूँ.

अन्तर्वासना में यह मेरे दूसरी सेक्स कहानी है जो एकदम सच्ची है.
ये हॉट सेक्सी भाभी चुदाई कहानी 5 महीने पहले की है.

मैं रायपुर के शंकर नगर में रहता हूँ.

एक दिन वहां पर रहने के लिए एक नए किराएदार आए.
उन्हें देख कर लग रहा था जैसे अभी कुछ साल पहले ही शादी हुई हो.
शायद इसीलिए उनकी कोई सन्तान साथ में नहीं थी.

सबसे अच्छी बात यह हुई कि वह दूसरे फ्लोर पर शिफ्ट हुए और ठीक मेरे रूम के बगल में.
उन भाई साहब के बारे में बताऊं तो वह आबकारी विभाग में थे.
उनका नाम आनन्द दुबे था, उम्र लगभग 40 साल की थी.
भाभी जी का नाम नेहा दुबे था. उनकी उम्र 33 साल थी. भाभी की फिगर 34-30-36 की थी.

वो गजब की खूबसूरत थीं, एकदम दूध की तरह उजली, आंखें कटीली, होंठ गुलाबी और रसीले. मतलब जितनी भी तारीफ की जाए, उतनी कम!
एक बार भाभी जिसे नजर भर कर देख लें, तो समझिए उसका काम तमाम हो जाए.

जब वह हमारी कॉलोनी में आईं, तब उस समय मैं कॉलोनी में नहीं था, मैं अपने काम के सिलसिले में बाहर गया हुआ था.

लगभग 5 दिन बाद जब मैं वापस आया, तब पता चला कि हमारी कॉलोनी में पटाखा माल आयी है.
कॉलोनी के सभी मादरचोद लौंडे उन्हीं भाभी के बारे में बात कर रहे थे.

मेरा एक दोस्त मुझे देख कर बोला- बधाई हो रवि, अब तुम रोज अपनी आंखें अच्छे से सेंक पाओगे. वो माल तेरे बगल में ही है, सच में यार कमाल की अप्सरा भाभी आयी है.
मैंने उसकी बात को ज्यादा गम्भीरता से नहीं लिया और अपने रूम पर आ गया.

मैं बहुत ज्यादा थक गया था इसलिए सो गया.
शाम को 4 बजे नींद खुली.
फिर फ्रेश होकर नीचे गार्डन में चला गया और व्यायाम करने लगा.

ये मेरी हमेशा की आदत है. मैं फिट रहना चाहता हूँ.

वहां पर मेरी मुलाकात आनन्द जी से हुई जो मेरे नए पड़ोसी बन गए थे.
बातों बातों हम दोनों में दोस्ती हो गई.

आनन्द जी ने ही बताया कि वह आबकारी विभाग में काम करते हैं.
अब आनन्द जी से मिलना, बात करना आदि रोज वाली बात हो गई.
हम दोनों में दोस्ती हो गई थी; उनके साथ ड्रिंक आदि भी चलने लगी थी.

एक दिन मैं मार्किट में सामान खरीद रहा था, अचानक आनन्द जी और उनकी बीवी नेहा जी से मुलाकात हुई.
वह लोग भी शॉपिंग करने आए थे.

भाभी को देख कर तो मन कर रहा था कि अभी के अभी निपटा दूँ … क्या आइटम दिख रही थीं.
वे एकदम भोजपुरी हीरोइन आम्रपाली दुबे की तरह दिख रही थीं.

फिर आनन्द जी मुझसे बोले- आज शाम आपको हमारे घर आना है. नेहा जी का जन्मदिन है.
मैं भी कहां ऐसे मौके को हाथ से जाने देता, झट से हां बोल दी और सामान खरीदने लगा.

मार्किट से वापस आया तो आनन्द जी मेरा इंतजार कर रहे थे.
जैसे ही मैं आया, उन्होंने मुझसे कहा- यार, मैंने अपनी बीवी के जन्मदिन के बारे में किसी से नहीं कहा है कि आप भी किसी को मत बोलना.
मैंने बोला- हां ठीक है.

मैंने भी मन में सोचा कि कौन कवाब में हड्डी बुलाएगा.

ठीक 8 बजे हमने तीनों ने मिलकर केक काटा और मैंने भाभी जी को गिफ्ट दिया.

फिर आनन्द जी ने ड्रिंक का सामान निकाला और मटन के साथ शुरू हो गए.

मैंने 2 पैग लिए, आनन्द जी 4 पैग पी गए.

उनकी बीवी नेहा ने उन्हें मना भी किया, फिर भी नहीं माने.

चार पैग के बाद श्रीमान जी औंधे हो गए.
मैंने उनको उठाया, फिर भी नहीं उठे.

अब मैंने और नेहा भाभी मिलकर उनको किसी तरह सहारा देकर बिस्तर पर सुलाया.

इसी बीच नेहा भाभी जी का दुपट्टा नीचे गिर गया और उनके गोरे गोरे दूध मुझे दिखने लगे.
ये देखते हुए नेहा भाभी ने मुझे देख लिया.
उनसे नजरें मिलते ही मैंने भी आंख चुरा ली.

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फिर मैं जाने लगा, तब नेहा भाभी बोलीं- खाना खाकर जाना.
नेहा जी और मैं साथ में खाना खाते हुए बात कर रहे थे.

मेरा ध्यान उनके बूब्स पर बार बार जा रहा था.
भाभी भी समझ रही थीं मगर वह कुछ नहीं बोलीं.

बस वो आनन्द के बारे में बता रही थीं कि आनन्द रोज ऐसे ही ड्रिंक करके बिना खाए सो जाता है. वो पति अच्छा है पर मैं उससे प्यार के लिए हमेशा तरसती हूँ.
मैं भाभी की बात का मतलब समझ रहा था.

नेहा भाभी बोलीं- आनन्द ने मुझे सब कुछ दिया है, कोई कमी नहीं की है. बस वो प्यार नहीं देता.
ये कह कर भाभी रोने लगीं.

मैंने उनका हाथ पकड़ा और अपने गले से लगा कर उन्हें चुप कराने लगा.
अब दो पैग मेरे अन्दर भी थे और न जाने कब से मैं भाभी के अमृत कलश देख कर गर्म हुए जा रहा था.

मुझसे रहा नहीं गया और मैं भाभी के होंठों को चूमने लगा.
अचानक भाभी ने धक्का दिया, तो मुझे होश आया कि मैं ये क्या करने लगा था.

मैं एक बार को डर गया कि अब इज्जत की माँ चुदी.

वो बोलीं- ये आप क्या कर रहे हो?
मैं डर गया था कुछ बोलते ही न बना.
बस उधर से उठा और अपने रूम पर आ गया.

मैं सोचने लगा कि अब इस हालत से कैसे निजात पाई जाए.

तभी अचानक से डोरबेल बजी.

जैसे ही मैंने दरवाजा खोला, नेहा भाभी ने कपड़े बदल लिए थे वो एक नाइटी में थीं.
दरवाजा खुलते ही भाभी अन्दर आ गईं.

वो बोलीं- आप क्या कर रहे थे मेरे साथ?
मैं थोड़ा घबरा कर बोला- भाभी मुझे भी नशा सा हो गया था, फिर आपकी बात सुनकर कुछ जज्बाती हो गया था.

मैंने ऐसा बोला, तब नेहा भाभी हंस दीं और आप से तुम पर आती हुई बोलीं- जबसे तुम्हें पहली बार पार्क में देखा और पता चला कि तुम मेरे पड़ोसी हो, तब से तुम पर मेरी नज़र है.

बस भाभी मुझे प्यार से किस करने लगीं.
मैंने भी उन्हें बाहों में भर लिया और उनके मखमली बदन को सहलाने लगा.
मेरा लंड खड़ा होने लगा.

नेहा भाभी जान गई थीं कि लंड को क्या चाहिए.
भाभी खुद उसी के लिए मेरे रूम में आई थीं.

फिर भाभी ने मुझे धक्का देकर बेड पर गिरा दिया और मेरा टी-शर्ट और पैंट उतार मुझे निक्कर पर कर दिया.
इसके बाद भाभी किसी भूखी शेरनी की तरह मुझ पर टूट पड़ीं, मेरे होंठों को खूब चूसा, फिर सीने को चूमती हुई मेरे निक्कर को उतारने लगीं.

मैं मंत्र मुग्ध सा भाभी को महसूस करते हुए मस्त हो रहा था.

भाभी ने मेरे लंड को पकड़ा और चूमने लगीं.
वो कहने लगीं- आज तुमसे चुदने में मज़ा आएगा क्योंकि तुम्हारा लंड बड़ा है. ये मेरे पति से बड़ा है.

वो जोर जोर से लंड चूसने लगीं.
मुझे भी लंड चुसवाने में मज़ा आने लगा.

कुछ देर बाद मैं उठा और मैंने उनकी नाइटी को उतार दिया.
क्या बताऊं क्या लग रही थीं. लाल कलर की पैंटी और ब्रा में भाभी हूर की परी लग रही थीं.

आप कल्पना कर सकते हो कि आम्रपाली दुबे की तरह भाभी उसके जिस्म का कॉपी राइट लिए मेरे सामने चुदने खड़ी थीं. तो मेरा क्या हाल हो रहा होगा.

मैं उन्हें टू पीस में देख कर एक पल के लिए खो सा गया था.
फिर मैंने भाभी को बेड पर लेटाया, उनके होंठों को प्यार से किस करने लगा, गाल चूमने लगा, धीरे धीरे उनके गले को चूमा.

फिर भाभी की ब्रा के ऊपर से उनके दोनों बूब्स को दबाने लगा.
भाभी बोलीं- ब्रा उतार का चूसो न!

मैंने झट से भाभी की ब्रा उतार कर उनके कबूतरों को आज़ाद कर दिया और दोनों हाथों से चूचे दबाना और मसलना चालू कर दिया.
एक को चूसता रहा दूसरे को भींचता रहा.

नेहा भाभी के मुँह से मादक आवाजें आने लगीं- आह चूस लो … आह खा जाओ.

दस मिनट तक मैं भाभी के दोनों मम्मों से खेलता रहा, फिर उनके गोरे गोरे पेट को सहला कर चूमने लगा, उनकी नाभि को चूमने लगा.
फिर मैंने अपना एक हाथ उनकी पैंटी में डाल दिया.

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जैसे ही पैंटी में हाथ डाला, समझ आ गया कि चूत पानी से सराबोर हुई पड़ी है.
भाभी जी की बुर एकदम रसमलाई हो चुकी थी. चूत ने पानी छोड़ दिया था.

मैं पैंटी के ऊपर से भाभी की फुद्दी को चूमने लगा. मादक सुगंध आ रही थी.
मैंने उनकी पैंटी को उतार दिया.

आह मैंने नजरा देखा तो समझो दो पैग का नशा और हो गया था.
एकदम मस्त सफाचट चूत मेरे सामने रो रही थी.

भाभी के शरीर के हिसाब से क्या अलसाई सी मासूम सी चूत थी.

मैंने अपनी पूरी जिंदगी में नेहा भाभी की तरह की लड़की नहीं देखी थी.
क्या खूबसूरत चेहरा, भरे हुए दूध, पकौड़ी सी फूली चूत, एकदम मस्त माल.

फिर मैंने भाभी की टांगों को फैलाया और उनकी चूत को चाटना चालू कर दिया.
भाभी ने भी पागलों की तरह फड़फड़ाना चालू कर दिया. मैं उनकी चूत के दाने को अपनी जीभ से खेल रहा था और वो मस्ती में पागल हो चुकी थीं.

उनका पानी दो बार निकल चुका था. फिर हम दोनों 69 पोजिशन में आ गए.
एक दूसरे का खूब चुसाई का मजा लिया.

फिर नेहा भाभी बोलीं- अब बस भी करो कितना तड़पाओगे … अब डाल दो.
मैंने पूछा- क्या डाल दूँ?

वह बोलीं- अपना लौड़ा मेरी चूत में घुसा दो.

अब मैंने देर न करते हुए भाभी की टांगों को फैलाया और अपना लंड उनकी चूत के छेद पर सैट कर दिया.
लंड सैट होते ही मैंने धक्का दे मारा.
भाभी को थोड़ा दर्द हुआ, पर चूत एकदम गीली थी, इस कारण लंड अन्दर घुसता चला गया.

जैसे ही लंड चूत में घुसा, नेहा भाभी मुझे कस कर जकड़ लिया.
भाभी कराह कर बोलीं- आंह रुको.
मैं रुक गया.

थोड़ी देर कुछ देर बाद मैं फिर से भाभी को चोदने लगा.
अब वह भी कमर उठा उठा कर चुदवा रही थीं.
हम दोनों को खूब मजा आ रहा था.

उनकी चूत से पानी निकलने लगा था.

अब नेहा भाभी मेरे ऊपर आ गयी थीं. वो मेरे लौड़े की सवारी करने लगीं. वो खूब उछल उछल कर मज़ा ले रही थीं.

मेरे रूम में चुदाई की मस्त आवाजें गूंजने लगीं.
मुझे भी भाभी की चुदाई करने में बहुत मज़ा आ रहा था.

फिर नेहा भाभी थक गई और मैंने उन्हें लंड से उतार कर घोड़ी बना दिया.

उनकी दोनों चूचियों को हाथ में पकड़ कर पीछे से लंड डालकर खूब चोदा.
उनकी चूत से पुन: पानी निकल गया.

अब मैंने नेहा भाभी को बिस्तर पर लेटा कर उनकी दोनों टांगों को कंधों पर रख कर अपना लंड चूत में पेल कर चुदाई शुरू कर दी.

मुझे बहुत मज़ा आ रहा था और नेहा भाभी को दर्द हो रहा था क्योंकि मेरा पूरा लौड़ा उनकी चूत में अन्दर तक जाकर चोट कर रहा था.
आप विश्वास नहीं करेंगे, मुझे खुद भी भरोसा नहीं हो रहा था कि इतनी देर से मैं भाभी को चोद रहा हूँ.

हम दोनों को चुदाई करते लगभग आधा घण्टा हो चुका था.
अब मैं भी झड़ने वाला था.
मैंने नेहा भाभी से पूछा, तो वह बोलीं- अन्दर डाल दो.

मैं जोर जोर से भाभी को चोदने लगा.
हॉट सेक्सी भाभी चिल्लाने लगीं, मैंने उनके मुँह को हाथ से दबाया और अपने लंड का सारा पानी उनकी चूत में भर दिया.

मैं झड़ कर भाभी के ऊपर ही गिर गया.
कुछ मिनट बाद हम दोनों उठे और बाथरूम जाकर साफ किया.

फिर नेहा भाभी बोलीं- मेरी जिंदगी का सबसे बड़ा तोहफा तुमने मुझे आज दे दिया है, मुझे यह जन्मदिन याद रहेगा.

भाभी ने मुझे किस किया और वह अपने फ्लैट में चली गईं.
चार दिन बाद उनके पति 15 दिन के लिए बाहर गए और मैंने 15 दिन की छुट्टी ले ली.

उन पन्द्रह दिनों में मैंने नेहा भाभी को दिन रात खूब प्यार किया, उनकी खूब चुदाई की.

हमने एक दूसरे की जरूरत को पूरा किया.
नेहा भाभी ने बताया कि उनके पति सेक्स में ज्यादा रुचि नहीं रखते हैं.

मैं बोला- जब तक तुम यहां हो, मैं तुम्हारी हर जरूरत पूरा करूंगा.
आज 5 महीना हो गए. नेहा भाभी मुझे और मैं उन्हें बेहद चाहने लगा हूँ.

आप सभी को मेरी यह सच्ची हॉट सेक्सी भाभी चुदाई कहानी कितनी अच्छी लगी, ये मुझे जरूर बताएं ताकि मैं आगे और लिख सकूं और आप सबसे अपनी बातें शेयर कर सकूं.
मुझे आपके मेल का इन्तजार रहेगा.
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