हॉट मधु की चूत का मधु निकाला- 2

हार्ड फक़ नेक्स्ट डोर गर्ल का मजा मुझे दिया पड़ोस की लड़की ने मेरे कमरे में आधी रात को आकर! हम दोनों पहेल ही दोस्त बन चुके थे, सेक्स की बातें भी कर लेते थे.

दोस्तो, मैं आशीष पुन: अपनी पड़ोसन लौंडिया के साथ हुई अपनी चुदाई की कहानी आपको सुना रहा था.
कहानी के पहले भाग
सेक्सी लड़की बीच रात में मेरे कमरे में
में अब तक आपने पढ़ा कि वो रात लगभग बारह बजे वो मेरे फ्लैट का दरवाजा खटखटा रही थी.
मैंने दरवाजा खोला तो सामने एक नाइट ड्रेस में खड़ी थी और बड़ी ही कामुक लग रही थी.

अब आगे हार्ड फक़ नेक्स्ट डोर गर्ल का मजा:

मैंने उसे देखा तो लगा कि आज पहली बार देख रहा हूं.

मैंने पूछा- क्या हुआ?
वो कुछ नहीं बोली, बस अन्दर आ गई.

मैंने दरवाजा बन्द कर दिया और उसे घूरने लगा.
वो इस वक्त मेरी तरह अपनी गांड किये हुई खड़ी थी.
मैं उसके तरबूज जैसी गांड देख रहा था.

वो मुड़ी और बोली- सिर्फ देखोगे ही या कुछ करोगे भी?
मैं जिस ग्रीन सिग्नल का इंतजार कर रहा था, वो आ चुका था.

मैंने उसे अपनी दोनों बांहों भर लिया और उसे बेतहाशा गर्दन पर चूमने लगा.

वो गर्दन ऊपर करके मेरा साथ दे रही थी.
मैंने उसे चूमते चूमते दीवार से चिपका दिया और उसे चूमे जा रहा था.

उसने चुम्बन में मेरा साथ देते देते मेरे चेहरे को दोनों हाथों से पकड़ लिया और मेरे होंठों पर किस करने लगी.

अब उसने मुझे धकेलना शुरू किया और मुझे धकेलती हुई वहां रखी टेबल पर बैठा दिया.

हम दोनों मुँह में मुँह डाले एक दूसरे को किस कर रहे थे.
उसने मेरे मुँह में जीभ डाल दी और मैं आइसक्रीम की तरह उसे चूसने लगा था.

फिर मैंने भी उसके मुँह में अपनी जीभ डाल दी और वो उसे चूसने लगी.

मेरे हाथ उसके चूचों को नाइटी के ऊपर से दबा रहे थे.
वो उस समय ब्रा नहीं पहनी हुई थी.

जब मैंने उसके निप्पलों को मसला तो उसके मुँह से एक ‘आहह …’ निकल गई.

मैं अपने दोनों हाथ से उसकी दोनों घुंडियों को पकड़ कर मींज रहा था और उसकी गर्दन को चूम रहा था.

वो मेरे सर को पकड़ कर अपने पूरी गर्दन को चुमवा रही थी.

मेरे हाथ उसके मम्मों को दबा रहे थे, वो पूरे मजे से आहें भर रही थी.
उसने कहा- बेड पर चलें?

मैंने उसे अपनी बांहों में उठाया और बेडरूम में ले गया.
उसके मुँह में मुँह डाले हुए मैंने उसे बेड पर पटक दिया.

फिर जैसे ही मैं उसके ऊपर चढ़ने लगा, तो उसने मुझे रोका और मेरे शॉर्ट्स के ऊपर से मेरे लंड को पकड़ लिया.
मैं समझ गया कि ये क्या चाहती है.

मैंने अपने शॉर्ट्स को खोला और जांघिया के साथ उतार दिया.
वो मेरे लंड को देख कर अवाक रह गई. उसकी आंखें खुली की खुली रह गईं जैसे उसने पहली बार इतना बड़ा लंड देखा हो.

वो बोली- कितना बड़ा है तुम्हारा!
मैंने पूछा- पसंद नहीं आया क्या?

वो शरारत भरी नजरों से मेरी आंखों से देखने लगी और मेरे लंड को मुँह में ले लिया.
मुझे उस वक्त स्वर्ग की अनुभूति हुई. मेरे मुँह से ‘आह …’ निकल गया.

परम सुख का आनन्द पहली बार मिल रहा था.
वो मेरे लंड को लॉलीपॉप की तरह ऐसे चूस रही थी, जैसे उसे मस्त चीज मिल गई हो.

मैंने अपनी टी-शर्ट को उतार कर दूर फैंक दिया.
उसने मेरे सिक्स पैक एब्स को अपने हाथों से छूकर अपने लिए एक मस्त मर्द को महसूस किया और गु गु करने लगी.
वो मस्ती से लंड को चूसती गई.

मैंने उसे रोका और खड़ा कर दिया.
फिर उसकी नाइटी का फीता खोल दिया. वो उसके अन्दर कुछ नहीं पहनी थी.

जैसे ही मैंने नाइटी को उतारा, उसका संगमरमर की मूर्ति सा बदन मेरी आंखों के सामने खुल गया था.
मैं उसे आंखें फ़ाड़ कर देख रहा था.

मुझे काफी अच्छा लग रहा था तो थोड़ा दूर होकर मैं उसे निहारने लगा.

सफेद लाइट में उसके लाल निप्पल वाले फूले हुए चूचे मस्त चमक रहे थे.

उसकी चूत पर हल्की हल्की झांटें उगी थीं.
वो ऊपर से नीचे तक एक कोकाकोला की बॉटल लग रही थी.

उसकी नाभि के चारों तरफ़ एक टैटू बना हुआ था.
क्या बताऊं दोस्तो … कमाल का माल लग रही थी वो!

उसके आम जैसे चूचों पर छोटे छोटे निप्पल ऐसे लग रहे थे जैसे आइसक्रीम के ऊपर दो चैरी रख दी गई हों.

वो मुझे यूं देख कर शर्मा गई और अपने चूचों को ढकने लगी.
मेरा मन तो कर रहा था कि अभी के अभी इसकी चूचियों को खा जाऊं.

पर कहते हैं ना सब्र का फल मीठा होता है.
फिर ये फल तो शहद से भी ज्यादा मीठा था.

मैं उसके पास गया और प्यार से उसके होंठों पर किस करने लगा.
वो भी अपने हाथों को चूचों से हटा कर मेरा साथ देने लगी.

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मेरे सीने से उसके चूचे टकराने लगे.
मैं उसके होंठों को प्यार से पी रहा था.
वो भी मेरे होंठों का स्वाद बेहिसाब ले रही थी.

मैं अपने एक हाथ को उसकी चूत की तरफ ले गया और उसे सहलाने लगा.
उसकी चूत गीली हो रही थी.

चूत पर मेरा हाथ पाकर उसके शरीर में जैसे सिहरन सी दौड़ गई.

मेरा लंड खड़ा होकर उसकी नाभि और चूत के बीच के हिस्से को रगड़ रहा था.

वो भी अपना एक हाथ नीचे ले गई और उसने मेरे खड़े लंड को पकड़ लिया.
मेरा लंड एक कड़क लोहे की रॉड की तरह टाइट था और इस वक्त उसके हाथों में था.

वो लंड को आगे पीछे करने लगी.

मैं थोड़ा आगे बढ़ा और वो पीछे हटने लगी.
इसी कोशिश में वो बेड पर गिर गई और मैं उसके ऊपर आ गया.

मेरा लंड उसके पेट को दबा रहा था.
उसकी चूचियां मेरे सीने से मसली जा रही थीं, उसके होंठ मेरे होंठों का रस पी रहे थे.

हम दोनों बहुत ही गर्म हो गए थे.
उसने कहा- अब मेरी चूत चाटो और अपना लंड मेरे मुँह में दो.

मैं 69 की पोजिशन में उसके ऊपर लेट गया.
उसके मुँह में लंड देकर अपनी जीभ चूत में डाल कर मजा लेने लगा.

मैं उसकी मक्खन चूत को चाटने लगा, उसकी चूत मुझे इतनी प्यारी लग रही थी कि मुझसे रहा नहीं जा रहा था.

कभी मैं उसकी चूत में उंगली करता और जीभ अन्दर ठांस कर उसकी चूत का रस पीने लगता.
वो भी मेरा लंड मुँह में लिए गुं गूं कर रही थी.

फिर उसने कहा- तुम तो बोल रहे थे कि कभी सेक्स नहीं किया, पर माहिर खिलाड़ी लग रहे हो.
मैंने कहा- क्या हुआ बेबी … जो मैं घोड़ी नहीं चढ़ा, बारातें तो बहुत देखी हैं.
वो हंसने लगी.

मैं अपनी जीभ से उसकी चूत को चोदने में लगा रहा और हाथों से उसकी चूत के दाने को रगड़ने लगा.
वो आहें भरने लगी.

मैं अपने लंड से मैं उसके मुँह को चोद रहा था और वो एक पोर्न स्टार की तरह बड़े मजे से मेरे लंड को चूस रही थी.

जब उसकी चूत का पानी निकलने को हुआ तो उसने मेरा लंड मुँह से बाहर निकाल दिया और जोर से अकड़ने लगी और आहें भरने लगी- आह … आह … आह … आशीष मेरा पानी निकाल दो … आह … माई … गॉड … याह जान आह … आहह … बहुत अच्छे मेरे राजा!

बस यही सब कहती हुई वो झड़ने लगी.

मैं उसका सारा पानी पीने में खुद को तैयार करने लगा और जोर जोर से चूत को चाटने लगा.

अगले ही पल उसकी प्यारी सी चूत से धार से बह रही थी.
वो अपनी गांड पटक पटक कर झड़ने लगी और मैं उसका पानी पीने लगा.

उसके पानी का स्वाद नमकीन था जो मुझे और जोश में ला रहा था.

कुछ पल बाद वो शांत हो गई और हम दोनों 69 से हट कर सीधे हो गए.

अब मैं उसको किस करने लगा और उसकी चूत में उंगली करने लगा.

वो भी मेरे लंड को पकड़ कर हिलाने लगी. मैं उसके चूचों को चूस रहा था.

वो बोली- तेरा घोड़ा बहुत देर से खड़ा है. अभी तक इसका पानी नहीं निकला है.
मैंने कहा- तुम्हारी मुनिया के अन्दर ही पानी निकलेगा मधु रानी.
वो हंसने लगी.

मैं उसके चूचों को पिए जा रहा था.
वो भी मेरे लंड को मसले जा रही थी.

कुछ देर बाद वो फिर से गर्म हो गई और बोलने लगी- राजा, अब इसे डाल भी दो.
मैंने कहा- कहां और किसे?

मैं हंसने लगा.

मधु- अबे चूतिए … अपने लंड को मेरी चूत में पेल दे और बुझा दे मेरी प्यास … आह … अब मैं और नहीं सह सकती.

मैंने अपने लंड को चूत पर सैट किया और उसकी चूत में एक करारा झटका दे मारा.
मगर मेरा लंड फिसल गया और गांड की साइड में सरक गया.

वो बोली- आराम से जान … इतनी जल्दी क्या है … अब तो मैं तुम्हारी ही हूं. मेरी चूत तुम्हारे इस अजगर के सामने छोटी है.

मेरा 7 इंच लम्बा और 3.5 इंच मोटा लंड उसने अपने हाथों से पकड़ा और अपनी चूत पर सैट कर दिया.
फिर बोली- अब धीरे से डालो.

मैंने धीरे से जोर लगाया तो उसकी चूत को चीरता हुए मेरे लंड का टोपा अन्दर घुस गया.

उसकी आह निकल गई.
अब लंड चूत में सैट हो गया था.

मैंने उसके होंठों पर अपने होंठ रखे और लंड का एक जोरदार झटका मारा.
लंड चूत को फाड़ता हुआ आधा घुस गया.

वो चिल्लाने की कोशिश करने लगी, पर मैंने अपने होंठों से उसके होठों को पकड़ा हुआ था.

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सारी आवाज उसके मुँह से निकाल कर मेरे मुँह में आ गई.
वो हाथों से मुझे ऐसे मारने लगी जैसे कह रही हो कि बाहर निकालो अपने लंड को.
पर मैं कहां सुनने वाला था.

उसके चेहरे को पकड़ कर मैंने एक और झटका दे मारा.
इस बार मेरा पूरा लंड चूत में चला गया.

उसकी आंखों से आंसू निकल आए.
मैं वैसे ही उसको किस करते हुए उसके ऊपर लेटा रहा.

धीरे धीरे उसने मुझे मारना बंद कर दिया और थोड़ी देर बाद वो शांत हो गई.
जब वो शांत हो गई तो उसने मेरे किस का जवाब देना शुरू कर दिया.

अब मैंने उसके होंठों से अपने होंठ हटाए तो वो गालियां देने लगी- कुत्ते साले … धीरे करने का बोला था ना … हरामी साले तूने मेरी चूत फाड़ दी.
“अच्छा मेरी जान चूत फटती भी है?”

वो बोली- हां फट गई मेरी चूत.
मैंने कहा- साली फटी हुई चूत में लंड लिया है तूने … दुबारा चूत कैसे फट सकती है.
वो चुप हो गई.

मैं उसके चूचे दबाए जा रहा था और वो गालियां दिए जा रही थी- आंह साले बहन के लंड … मेरी चूत फाड़ न … अब रुका क्यों है मादरचोद चोद ना!
“मेरी रानी लौड़े का मजा लेगी. ले कुतिया … लंड का मजा ले.” ये कह कर मैं चालू हो गया.

उसकी गालियों से मुझे मजा आ रहा था.
जब लड़की चुदाई के समय गालियां देती है तो चुदाई का मजा दुगना बढ़ जाता है.

ये मैंने बस सुना ही था पर आज सच में मजा आ रहा था.

मैंने धीरे धीरे लंड चूत में चलाना शुरू कर दिया. वो अपनी गांड उठा उठा कर मेरा साथ दे रही थी.

‘आह … आह … और जोर से पेल मेरी जान और जोर से आह … आह …’
मैंने उससे कहा- देखती जा मेरी जान … आज इतने मजे दूंगा कि तू मेरी रांड हो जाएगी.

वो- आह … आह … अब तो मैं तेरी ही रांड हूँ जान … फाड़ से मेरी चूत को. बना ले मेरी चूत को अपने लंड का गुलाम. बहुत दिनों से खुजला रही थी ये साली आह!

मैंने अपना लंड निकाला और उसके पीछे से आसन सैट कर लिया.

अपने फनफनाते हुए लंड को उसकी चूत में पीछे से डाल दिया.
उसकी मादक सिसकारियां मुझे बहुत आनन्द दे रही थीं.
वो मेरे बालों को पकड़वा कर अपनी गर्दन को किस करवा रही थी.

मैं अपने दोनों हाथों को नीचे करके उसके चूचों के ऊपर रखे हुए था और उनको मसल रहा था; साथ ही उसे किस करता जा रहा था.

पीछे से अपनी कमर हिला हिला कर उसकी चूत में लंड चल रहा था.
मैं पूरा लौड़ा बाहर निकाल कर चूत पेल रहा था.

वो ‘आह … आह …’ करती हुई अपनी टांग उठा कर अपनी चूत में लंड लिए जा रही थी.

हर शॉट के साथ वो कराह भरती हुई आवाज निकाल रही थी- आह … जान चोदते रहो ऐसे ही.

मैं सटासट उसकी चुदाई करता जा रहा था. वह हार्ड फक़ आ आनन्द ले रही थी.
अब वो अपनी गर्दन घुमा कर मेरे होंठों को चूमने लगी.
मैंने भी पोजीशन बदल दी.

उसको अपने ऊपर ले लिया और खुद लेटा रहा.
उसने घोड़े को सवारी शुरू कर दी. वो चूचियां उछालती हुई और आंहें भरती हुई मेरे लंड की सवारी कर रही थी.

मैंने उसके दोनों चूचे पकड़ लिए और मसलते हुए चोदने लगा.

वो ‘आह … आह …’ करती हुई उछल उछल कर चुदवा रही थी. उसने स्पीड बढ़ा दी और बोलने लगी.
‘आह … राजा मेरा होने वाला है.’
मैंने कहा- हां बेबी … मेरा भी होने वाला है आह रानी और अन्दर ले लो आह.

हम दोनों की मादक आवाजों से पूरा कमरा गूंज रहा था.

मैंने पूछा- शीरा कहां लोगी मेरी रानी?
उसने गांड उछालते हुए कहा- मेरी चूत में ही टपका दो राजा.
‘कुछ हो गया तो?’

वो बोली- मेरे पीरियड्स जल्दी ही आने वाले हैं … ये सेफ टाइम है … आह.
हम दोनों आहें भरते हुए एक दूसरे में झड़ गए. वो हार्ड फक़ से थक कर मेरे ऊपर निढाल होकर गिर गई.

मैंने उसके होंठों पर एक किस जड़ दिया और उसके होंठ पीने लगा.
वो बेड पर एक तरफ होकर लेट गई. उसके चेहरे पर संतुष्टि थी.

रात के 2 बज चुके थे और हम दोनों थक चुके थे.

हम दोनों एक दूसरे की तरफ देखने लगे.
उसने मुस्कुरा कर कहा- क्या हुआ?
मैंने कहा- मजा आया जान?
उसने बोला- बहुत … अब सो जाओ कल ऑफिस भी जाना है.
हम दोनों नंगे ही सो गए.

फिर तो मेरी और उसकी हर रात चुदाई होने लगी.

दोस्तो, कैसी लगी हार्ड फक़ नेक्स्ट डोर गर्ल की कहानी … बताइएगा जरूर!

आपका आशीष धन्यवाद.
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