बहन की चुदक्कड़ जेठानी को खूब पेला- 3

हॉट माल सेक्स कहानी में मैंने 50 साल से ऊपर की एक सेक्सी लेडी को चोदा. वो खुद सेक्स के लिए इतनी पागल थी कि उसे लगातार चुदाई चाहिए थी.

मैं चन्दन सिंह पुन: आपकी सेवा में सेक्स कहानी के साथ हाजिर हूँ.
कहानी के पिछले भाग
बहन की चुदक्कड़ जेठानी चुद गयी
में अब तक आपने पढ़ा था कि रात को जोरदार चुदाई के बाद हम दोनों सो गए थे.

अब आगे हॉट माल सेक्स कहानी:

सुबह हुई.

मुझसे पहले नंदा उठ चुकी थी. वो बाथरूम से होकर आ गई थी और आकर मेरे ऊपर लेट कर खेलने लगी थी.
मेरा लंड नींद में भी लगभग खड़ा था. सुबह के समय अक्सर मेरे लंड के साथ ऐसा होता है.

वो मेरे लंड को अपनी चुत में डाल कर मेरी चुदाई करने लगी.
उसकी चुदाई से मेरी आंख खुल गयी.
मैं चुपचाप पड़ा रहा. वो मुझे पेलती गयी.

उसे आधा घंटा पेलने में लगा. जब उसे लगा कि मैं स्खलित होने वाला हूँ, उसने आसन में बदलाव कर दिया और जोर जोर से चुदाई करने लगी.
जब हम दोनों स्खलित हुए तो होंठों को होंठों से चिपका दिया.

आखिर वो उठी और भीगे हुए लंड को चाटने लगी. मुरझाया हुआ लंड फिर फुंफकारने लगा.
नंदा के एक बार और चुदाई करने की इच्छा हुई.

मैं उससे पेशाब का बहाना करके उठा और बाथरूम जाकर फ्रेश होकर ही बाहर निकला.
जब नंदा ने मुझे फ्रेश देखा तो वो बोली- कम से कम एक राउंड और हो जाए.

मैंने उससे कहा- घड़ी देखो, हम जिस काम से आए हैं, पहले वो काम कर लेते हैं.
होटल वाले को इंटरकॉम से कॉफी बिस्किट मंगवाए, तब तक नंदा ने अपने सूटकेस से नए कपड़े निकाले.

तभी दरवाजे की बेल बज उठी.
मैंने उठ कर दरवाजा खोला.

वेटर ट्रॉली लेकर सामान को टेबल पर रख कर चला गया.
दरवाजा वापिस बंद करके हम दोनों ने कॉफी पी.

उसके बाद नंदा नहाने चली गयी.

जब वो नहा कर आई तो उसे मॉर्डन कपड़ों में देख कर मैं हैरान हो गया.
मैंने उससे कहा- हम कोई हनीमून मनाने नहीं आए हैं, लड़का देखना है. अगर लड़के ने ऐसा देखा, तो सगाई होने से रही.

तब नंदा ने वापिस कपड़े बदले.
वो ड्रेस बदलती हुई बोली- ठीक है, तुम्हारे कहने से साड़ी पहन लेती हूं. लड़का देखने के बाद एक बार वापिस यहां आकर कपड़े बदल कर घुमाने लेकर जाओगे न!
मैंने ओके बोलते हुए कहा- तुम जल्दी तैयार हो.

उसने साड़ी पहनी और हमने होटल के बाहर आकर टैक्सी ली.

टैक्सी वाले को पता बताया और हम दोनों लड़के के कमरे पर पहुंचे.
वो हमारे आने का इंतजार कर रहा था.

नंदा ने लड़के से कुछ सवाल जवाब किए, अपने मोबाइल से फोटो खींचे.
फिर लड़के का मोबाइल नम्बर लेकर उसे अपनी लड़की के फोटो भेजे.

वहां से फ्री होकर वापिस होटल आते समय टैक्सी में बैठे नंदा को कोई बार दिख गया.
उसने टैक्सी रुकवा दी और वो मुझे बार में ले गयी.

मीनू मंगा कर स्टेंडर्ड वाइन का पैग मंगवाया.
सुबह के समय बार में सिर्फ हम दो ही थे इसलिए हम दोनों की गुफ़्तगू को सुनने वाला कोई नहीं था.

जब घड़ी देखी तो हमें बार में आए दो घंटे हो चुके थे.
नंदा को समझा कर मैंने उठाया और वापिस टैक्सी पकड़ कर होटल पहुंच गए.

कमरे में कपड़े बदलते हुए वो बोली- चन्दन, अगर एक बात कहूँ, तो बुरा मत मानना. अगर मेरी चुदने की इच्छा हो तो क्या मेरे साथ बिना किसी हां ना के सम्भोग कर सकते हो? तुम ऐसा ही समझ लो कि मैं तुम्हारी परीक्षा ले रही हूँ. अगर तुम मेरी परीक्षा में खरे उतरे, तो दो मेरी दोनों लड़कियां, जो अभी कली हैं, तुम उन्हें फूल बना लेना.

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नई लड़की के चक्कर में मैंने हां कर दी. नंदा ने अभी तक साड़ी ब्लाउज और पेटीकोट को समेट कर वापिस सूटकेस में रख दिया था. वो बेड पर मेरे पास आकर मेरे कपड़े खोलने लगी.

जब कपड़े खुल गए तब उसे बेड पर लिटा कर मैं उसकी चुदाई में लग गया.

जब मुझे थकान लगने लगी तो वो मेरे ऊपर आकर मेरी चुदाई करने लगी.

अभी तीन घंटा पहले ही चुदाई की हुई थी और कल की तीन चुदाई के कारण दोनों का स्खलन नहीं हो रहा था.

नंदा भी थक कर बोली- अब तुम ऊपर आओ.
इस तरह एक घंटा की चुदाई के बाद हम दोनों स्खलित हुए.

वो मुझे बांहों में लेकर बोली- आज की तारीख में मेरी दो बार और चुदाई कर देना, फिर तुम्हारा इनाम पक्का.
हम दोनों उठे, वापिस कपड़े पहने.

अब दोपहर के डेढ़ बजने को हो रहे थे. लंच की इच्छा हुई तो हम दोनों नीचे जाने को रेडी हुए.

नीचे जाने से पहले वाइन के दो दो पैग पीकर लंच करने चले गए.

फिर वापस कमरे में आकर मैंने नंदा से कहा कि अब कम से कम पांच बजे से पहले मुझे उठाना मत.
हम दोनों एसी को फुल ठंडा करके सो गए.

नंदा ने मोबाइल में टाइमर लगा दिया था. ठीक पांच बजे मोबाइल का टाइमर बजने से आंख खुली.

हम दोनों उठे और फ्रेश होकर नंदा ने पैग बना कर मुझे दिया.
वो बोली- लो हेंग ओवर मिट जाएगा.

इस तरह तीन पैग पीते हुए कपड़े पहन कर होटल से निकले.
टैक्सी लेकर उसे ट्रेवल एजेंसी वाले के यहां चलने को बोला.

उसने नजदीक ही एजेंसी वाले से मिलवा दिया.

टैक्सी वाले को इंतजार करने को कहा.
एजेंसी वाले से दो टिकट मुम्बई के लिए पूछा.

उसने कम्प्यूटर देख कर बताया कि आज रात आठ बजे की फ्लाईट है.

नंदा ने उसे कल का देखने को बोला.

एजेंसी वाले ने एक बार फिर से कम्प्यूटर देख कर बताया कि कल फुल बुक है.
मैंने नंदा को आंख से इशारा करते हुए चुप रहने को कहा और दो टिकट मुम्बई के आज के बनाने को बोला.

टिकट लेकर टैक्सी लेकर वापिस होटल पहुंच कर मैंने नंदा को उदास देखा.
तब मैंने उसे बताया कि आज की बाकी की रात मुम्बई के किसी होटल में पूरी कर लेंगे.

तब उस के चेहरे पर रौनक आई.

हम तैयार होकर एयरपोर्ट पहुंच गए.
नियत समय पर उड़ान उड़ी, मुम्बई पहुंच कर फाइव स्टार होटल पहुंचे, तब तक रात के साढ़े दस बज चुके थे.

सामान कमरे में रख कपड़े बदलने से पहले एक बार फ्रेश होकर नीचे बार में पहुंच कर वाइन पीकर आने लगे और डिनर ऊपर ही भेजने का बोल दिया.
हम दोनों कमरे में आ गए.

नंदा को बता दिया कि डिनर लेने के बाद कुछ देर विश्राम की जरूरत रहती है.
तभी डिनर आ गया.

नंदा बोली- वैसे भी बार में पीते समय चखना ज्यादा खा लिया, मैं डिनर नहीं लूंगी तो भी चलेगा. पर मेरी दो ट्रिप बाकी हैं. ये मत भूलना.
मैंने हॉट माल सेक्स चैलेंज को समझ लिया.

पूरी रात में मैं दो की जगह चार ट्रिप करके सूर्योदय होने तक उसके साथ चुदाई करता रहा.

जब सूर्य उदय हो गया, तब वो बोली- मेरी दो बेटियां के लिए तुमसे अच्छा कोई मर्द नहीं मिल सकता. मैं नहीं चाहती कि कोई चूतिया लड़का मेरी तरह मेरी लड़कियों को मिले और वो दोनों भी सेक्स के मजे से अधूरी रहें. मुझे उम्मीद है कि जो सेक्स का मजा तुमने मुझे दिया, वो मजा मेरी बेटियों को भी दोगे. मैं जल्दी ही तुम्हें बुलाऊंगी.
मैंने उसे चूम लिया.

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नंदा आगे बोली- सच में तुम्हारी उम्र मेरे से मैच करती है. इस उम्र में अठारह साल जैसे अपने आपको कैसे मेन्टेन रखते हो.
मैंने उससे कहा- ये सब एक बाबा जी की कृपा है.

नंदा बोली- मैं जानती हूं मेरी लड़कियों को आज का युवा तुम्हारी तरह सुख नहीं दे पाएगा. मैं चाहती हूँ तुम उन्हें इतना सुख दो कि वो तुम्हारे सिवाय किसी की इच्छा ही न करें. अब मेरे जयपुर जाने की व्यवस्था कर दो.
मैं चकित हुआ.

जहां तक मुझे उसका रहने का आईडिया था, वो गलत निकला.
मैंने इंटरकॉम से जयपुर की फ्लाइट का पूछा. रिसेप्शन से बताया गया कि तीन घंटा बाद है.

मैंने वापिस पूछा- क्या टिकट भी बुक हो सकता है?
उसने हां कहा.

मैंने नंदा के नाम से टिकट बुक करवाया. हम दोनों सामान को पैक करके बैठे थे.
नंदा बोली- जाते जाते दो पैग हो जाएं.

उसकी इच्छा को पूरा करने के बाद मैं बोला- चलें अब एयरपोर्ट?
वो घड़ी देख कर बोली- अभी आधा घंटा बाद चलते हैं.

अचानक से वो मेरे समीप आई, मुझे बेड पर लिटा कर रोने लगी. उसकी आंखों से आंसू निकलने लगे.
जब मैंने पूछा- अब इस तरह क्यों रो रही हो?
तब उसने रोते रोते बताया कि मेरे पास दौलत, शोहरत, नाम सब कुछ है. सिर्फ एक कमी है, जिसकी तुमसे ही उम्मीद है.

जब उससे पूछा- क्या उम्मीद करती हो मुझसे?
तब वो बोली- काश तुम मेरे पति बन कर मेरे साथ रहते.

जब मैंने उसे वापिस परिवार की बातें याद दिलाईं, तब वो बोली- अब तक तुम्हारे साथ रह कर मैंने पत्नी की तरह महसूस किया. ये यादें ज़िंदगी भर दिल में रहेंगी.
मैंने किसी तरह उसे चुप कराया.

एक बार वापिस मुँह धुलवाया, फिर उसे लेकर बाहर आया.
होटल का बिल नंदा ने ही दिया.

होटल वालों ने एयरपोर्ट तक अपनी टैक्सी भेजी.
टैक्सी में बैठे उसने मेरा बैंक अकाउंट नम्बर पूछा.
मेरा मन तो नहीं था, फिर भी व्हाट्सअप पर बैंक डिटेल भेज दी.

हवाई अड्डे पहुंच कर हम दोनों फ्लाईट आने का इंतजार करने लगे.
नियत समय पर उसे फ्लाइट में बैठा कर मैं अपने घर लौट आया.

घर पहुंचते ही पत्नी ने पूछा कि बहुत दिन बाहर रहे. कहां गए थे?
जब उसे मैंने बताया कि कम्पनी के काम से गया था.
वो शांत हुई.

अपने कमरे में जाकर मैंने दो पैग जमा कर लंच किया और टांग पसार कर सो गया.
शाम को छह बजे मेरी आंख खुली.

कुछ देर लैपटॉप पर कम्पनी में मेरे जाने के बाद की जानकारियां लीं.
तभी बहू डिनर के लिए आई.

लैपटॉप बंद करके वाइन की बोतल खोल कर पैग बनाया और धीरे धीरे पीने लगा.
मैं कल की सोच रहा था कि कम्पनी में जाकर अगला काम क्या करना है.

नंदा इस समय दिमाग से बाहर थी. मैं एक घंटा तक पीता रहा.
बहू दुबारा से आकर बोली- डिनर ठंडा हो जाएगा.

वो मुझे पीता देख कर रुकी नहीं, बस बोल कर चली गयी.

फिर डायनिंग टेबल पर बैठ कर डिनर करके मैं वापिस अपने रूम में आ गया.
सिगरेट पीकर बिस्तर पर सो गया.

सुबह उठते ही नियमित दिनचर्या के बाद सही समय से ऑफिस पहुंच गया.
पूरा दिन कार्य में व्यस्त रहा.

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