फूफाजी ने मुझे खिलाकर कलि से फूल बनाया- 2

हॉट गर्ल सेक्स Xxx कहानी मेरी बुर की पहली बार चुदाई की है. मुझे मेरे फूफाजी ने होटल के कमरे में चोदकर मेरे कुन्वारेपन का भोग लगाया. मुझे भी मजा आया.

हैलो फ्रेंड्स, मैं कुमकुम एक बार फिर से आपके सामने अपनी कुंवारी चूत में फूफा जी के लंड लेकर उनसे चुदने की सेक्स कहानी लेकर हाजिर हूँ.
हॉट गर्ल सेक्स Xxx कहानी के पिछले भाग
फूफाजी ने मेरी अन्तर्वासना जगायी
में आपने अब तक पढ़ा था कि मेरे फूफा जी से मेरी पक्कमपाक दोस्ती हो गयी थी. वे मेरी जवानी को चखना चाहते थे इसलिए मुझे यहाँ वहां छूते रहते थे. फूफाजी की कामुक हरकतें मुझे बहुत पसंद थी तो मैं भी उनके साथ अश्लील कारनामे करने से नहीं चूकती थी.
हालत ये थे कि मौक़ा मिलते ही हम दोनों सेक्स के लिए आतुर थे. औसा अवसर पाने ही मैं उनके साथ दिल्ली जा रही थी घूमने के बहाने!

अब आगे हॉट गर्ल सेक्स Xxx कहानी:

पिछले दो-तीन महीनों में हुए इन इंसिडेंट के कारण मेरे शरीर में काफी बदलाव आ गए थे.

अरे हां … पिछले भाग में मैं आपको अपने फिगर के बारे में तो बताना ही भूल गई.
मेरी हाइट 5 फुट 5 इंच है और मेरा फिगर 28-26-32 है. मेरे बाल मेरी पीठ तक आते थे, ज्यादा बड़े तो नहीं थे लेकिन ठीक थे.

मेरा रंग एकदम गोरा, चेहरा फूला हुआ था.

आप मान सकते हो कि मैं दिखने में एक सुंदर लड़की थी. कोई भी मुझे देखकर 22-23 साल की भरी हुई माल बोल सकता था.
यदि किसी की इमेज से आप तुलना करना चाहें तो मैं अलीना डिक्रूज की तरह दिखती हूँ.
एक पतली सी, कम उम्र की लड़की. मेरा फिगर था ही ऐसा.

उस दिन मैंने स्किन टाइट डार्क ब्लू कुर्ता और लाइट ब्लू जींस पहनी थी जिसमें मेरा फिगर अलग ही लग रहा था.
मैंने बालों पर एक बैंड लगा रखा था और पीछे बाल खुले थे.

फूफाजी भी ब्लैक जींस और ग्रीन टी-शर्ट में थे. उनकी उम्र भी 30 साल के करीब लग रही थी, वैसे वो 35 साल के थे.

हमारे पास लगेज के नाम पर सिर्फ एक एक लैपटॉप वाला बैग था जो हमने पीछे लटकाया हुआ था.
बाकी का सामान हवाईजहाज में लोड हो गया था.

एयरपोर्ट के अन्दर जाते ही हमें कोई जान पहचान वाला नहीं दिखा.
अब हम लोग एकदम फ्री हो चुके थे जिसके कारण मैं उनके हाथों में हाथ डालकर चल रही थी और हम दोनों किसी गर्लफ्रेंड ब्वॉयफ्रेंड की तरह घूम रहे थे.

हमारी फ्लाइट आने में अभी आधा घंटे का समय था. इस दौरान हम लोग एयरपोर्ट पर घूमे.

फिर फ्लाइट आने का अनाउंसमेंट हो गया तो हम लोग अन्दर की ओर चल पड़े.

कुछ ही समय में हम फ्लाइट में बैठ गए. फूफा जी और मेरे बीच हंसी मजाक का दौर चलता ही रहा.

फ्लाइट में बैठते ही फूफा जी ने मुझे बताया कि उनका दिल्ली में काम सिर्फ 2 या 4 घंटे का है, उसके बाद वह फ्री हो जाएंगे. फिर 2 दिन और 2 रात दिल्ली घूमने के लिए मिलेंगे. वे मुझे सारी दिल्ली घुमा सकते हैं.

मैं भी खुश थी.

इस बीच हम लोग बातचीत करते रहे और पता ही नहीं चला कि कब 2 घंटे बीत गए.

आज उन्होंने मेरे बारे में कुछ ख़ास जाना, कुछ मैंने भी उनके बारे में जाना.

हां फ्लाइट में हम लोग सबसे पीछे वाली सीट पर बैठे थे. ये फूफा जी ने जानबूझकर सिलेक्ट की थी, जहां पर लोग आते जाते नहीं थे.
इसका फायदा भी उन्होंने खूब उठाया.

बीच-बीच में वह मेरे पूरे शरीर को सहला देते थे और एक दो बार मेरे गालों पर किस भी ली.
जिसका मैं हंसकर विरोध कर देती थी और उन्हें आगे और किस लेने के लिए इनवाइट करती.

हम दोनों एक अच्छे कपल की तरह फ्लाइट में ट्रेवल कर रहे थे.

करीब 1:00 बजे हम लोग दिल्ली पहुंच गए.

फ्लाइट से उतर कर हम लोगों ने लंच किया और हम लोग फूफाजी के काम से एक ऑफिस गए. जहां पर फूफा जी को अपना काम खत्म करने के लिए करीब 3 घण्टे लग गये.

फिर फूफाजी ऑफिस से बाहर निकले और उन्होंने मुझे बताया कि उनका काम खत्म हो गया है और अब वे फ्री हैं.

फूफा जी ने मुझे बताया कि उन्होंने पहले से ही एक रिजॉर्ट में रुकने के लिए रूम बुक कर रखा है. जिसमें हम लोगों को रहना है.

हम लोग रिजॉर्ट की तरफ निकल पड़े.
काफी शानदार और हमारा रूम फर्स्ट फ्लोर पर था.

हम लोग रिजॉर्ट में करीब 6:30 बजे पहुंच गए.
वहां सामान रखकर फूफाजी बोले कि अब रात को हम डिस्को चलेंगे.
मैंने हां कह दी.

वो बोले- तुम पहले कुछ डिस्को के हिसाब से कुछ कपड़े ले लो.

हम दोनों रिजॉर्ट के पास ही बने एक मॉल में गए.
जहां मेरे लिए फूफा जी ने एक रेड शॉर्ट फ्रॉक ले ली.
उसका साइज भी एक नम्बर छोटा लिया.

जबकि मैं बता रही थी कि मुझे मीडियम साइज लगती है.
इस पर वो बोले- ट्राई तो करो पहले!

लेकिन समय की कमी के कारण हम लोग रिजॉर्ट वापस आ गए.

अब आठ बजे का समय था.
फूफाजी बोले- अकेले में मुझे तुम राज कहकर बुलाना.
मैंने ओके कहा.

वो बोले- जल्दी से तैयार हो जाओ.
मैं जब तक फ्रेश होने गई और फ्रेश होकर बाहर आए, तब तक फूफा जी तैयार हो चुके थे.

उन्होंने मुझसे कहा- तुम भी जल्दी तैयार हो जाओ. मैं रिजॉर्ट के डिस्को में टिकट रिसीव कर लेता हूं कि हमें कोई परेशानी ना हो.

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इसके बाद फूफा जी रूम से निकल गए और मैं तैयार होने लगी.

मुझे तैयार होने में करीब 20 मिनट लगे. उसके बाद मैं अपने बालों को ठीक करने लगी थी, हल्का मेकअप कर रही थी.

कुछ देर बाद मैं पूरी तरह तैयार हो चुकी थी और आईने में खुद को देख रही थी कि तभी फूफा जी अन्दर आ गए.

वो मुझे देख कर बोले- वाह कुमकुम, यू आर लुकिंग हॉट. मैंने आज से पहले तुम्हें कभी ऐसा नहीं देखा. तुम्हें ऐसे देख कर तो कोई भी तुम पर फिदा हो जाए.

मैंने जो रेड कलर की शॉर्ट फ्रॉक पहनी थी वह मुझे काफी टाइट हो रही थी. जिसके कारण मेरे बूब्स का साइज 28 से 30 दिखने लगा था.
ये फ्रॉक नीचे मेरे घुटनों के 3 इंच ऊपर थी.

फ्रॉक काफी शॉर्ट थी, मुझे हल्की शर्म भी आ रही थी कि इन कपड़ों में मैं कैसे बाहर निकलूंगी. लेकिन फूफा जी के कहने पर मैं तैयार थी.

फ्रॉक पीछे से बैकलेस थी और एक पट्टी से मेरी गर्दन पर हुकअप थी. आगे से फ्रॉक का गला बंद था तो कुछ नहीं दिख रहा था, लेकिन पीछे से फ्रॉक पूरी बैकलेस थी.

मैंने अपनी हल्की हील वाली सैंडल पहनी, जो काले रंग की थी.

अब राज और मैं दोनों डिस्को पहुंच गए.
जी हां, अब फूफा जी मेरे लिए राज हो गए थे.

मैंने डिस्को में देखा तो सारे ही कपल थे और सब इंजॉय कर रहे थे.
मैं और राज भी अन्दर जाकर 10 मिनट तक बैठे और उधर का नजारा लेते रहे.

उसके बाद राज ने मेरे साथ कुछ देर डांस किया, इसके बाद राज और मैं वापस अपनी सीट पर आ बैठे.

इस बार राज ने 2 पैग वोदका मंगाई थी.
उन्होंने एक पैग मुझे पीने के लिए इंसिस्ट किया जिससे मैं खुल कर एन्जॉय कर सकूँ.
मैं पी गई.

हम लोग फिर से डांस करने लगे लेकिन इस बार राज मेरे साथ फ्री होकर डांस कर रहे थे. कभी वे मेरे हाथ को पकड़ कर डांस करने लगते, तो कभी मेरी कमर को पकड़ का, कभी मुझे अपने सीने से लगाकर डांस करते, तो कभी मेरे पीछे खड़े होकर डांस करने लगते.

उन्होंने तो मानो डांस के दौरान ही मेरे सारे शरीर में खलबली मचा दी थी और मुझसे भी शर्म दूर दूर तक हो गई थी क्योंकि मैंने भी वोडका का एक पैग लगा लिया था.

इस तरह डांस करते करते हम दोनों ने 2 घंटे बिताए.
इस दौरान मैंने वोडका के चार पैग अपने हलक के नीचे उतार लिए थे.
मैं मस्ती में झूम रही थी और राज के साथ एकदम बिंदास थी.

लास्ट डांस करने के बाद हम लोग वहां से निकल गए और डिनर करने के लिए रिजॉर्ट के रेस्टोरेंट में आ गए.
जहां हमने डिनर किया.

डिनर करने के बाद समय देखा तो रात 11:30 बज रहे थे.

राज बोले- चलो अब रूम में चलते हैं.
हम दोनों रूम की ओर निकल पड़े.

रूम पहुंचने पर राज ने दरवाजा खोला. रूम में एंटर होते ही मैं सामने लगे शीशे के सामने जाकर खड़ी हो गई और राज पीछे से डोर लॉक करके मेरे पास आ गए.

वो मेरे पीछे खड़े हो गए और मेरे बालों को एक हाथ से आगे करके और दूसरे हाथ से मेरी कमर को आगे से हाथ डालकर मुझे अपनी ओर खींचा.
अब मेरी बैकलेस कमर उनकी छाती से टकरा गई थी.

हम दोनों की हाइट में एक दो इंच का ही फर्क था तो वो अब मेरी गर्दन पर मुँह रखकर किस करने लगे.
मुझे मदहोशी छाने लगी थी, मैं भी उनका साथ दे रही थी.

वह किस करते करते मेरी बैकलेस पीठ पर आ गए.
वहां भी उन्होंने किस स्टार्ट की और फिर ऊपर उठकर मुझे अपनी ओर घुमा लिया, मेरे गालों पर किस करना चालू कर दिया.

अब मुझसे रहा नहीं जा रहा था, मैं भी अपने होंठों को उनके होंठों के पास ले आई और हमारा स्मूच चालू हो गया.

हम दोनों ने खड़े-खड़े ही कम से कम 10 मिनट तक एक दूसरे को किस की.

फिर उसके बाद फूफा जी ने पीछे से मेरे फ्रॉक के हुक को खोल दिया जिससे मेरा गला हल्का फ्री हो गया.

अब फूफा जी ने फिर से चूमाचाटी शुरू कर दी.
मुझसे रहा नहीं जा रहा था, मैं फूफा जी से चिपकी जा रही थी.
मुझे ऐसा लग रहा था मानो मेरे नीचे से पानी की धार बहना शुरू हो गई हो.

फूफा जी मुझे उठा कर बेड पर ले आए और मेरी सेंडल उन्होंने खुद ही उतार दी.
फिर फूफा जी मेरे पैरों से होते हुए ऊपर की ओर आ गए और हम दोनों एक दूसरे के ऊपर हो गए.

फूफा जी कब कहां और कितने कैसे मुझे किस करते रहे, कुछ याद नहीं.

मुझसे अब रहा नहीं जा रहा था, तो मैंने फूफा जी से कहा- राज, न जाने मुझे क्या हो रहा है.

इस पर वह अपना हाथ नीचे करते हुए मेरी पैंटी को निकालने लगे.

फ्रॉक के कारण उन्हें मेरी पैंटी निकालने में कोई परेशानी नहीं हुई. उन्होंने मेरी पैंटी को मेरे शरीर से अलग कर दिया.

अब मैं और फूफाजी दोनों सेक्स के लिए आतुर थे.

फूफा जी ने भी अपनी पैंट जल्दी से उतार दी और मेरे दोनों टांगों के बीच आ गए.

फूफा जी ने मेरे ऊपर आकर पूछा- क्या तुम आज तक जिस चीज का इंतजार कर रही थी, उसे लेना नहीं चाहोगी?

मैंने आंख मार कर फूफा जी को इशारा कर दिया, जिसे वो समझ चुके थे.

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फूफा जी ने अपना लंड, जिसे मैं अब तक देख भी ना पाई थी, उसे मेरी चुत पर रगड़ने लगे.

अब मुझसे चुप रहना बिल्कुल नामुमकिन सा हो चुका था.
मैं उन्हें अपनी ओर खींच रही थी और वह मेरी चुत रगड़े जा रहे थे.

जब मुझसे रहा न गया तो मैं बोली- राज, अब मुझसे और नहीं रहा जाता.

इस पर फूफा जी ने मेरी चुत पर अपने लंड को सैट किया और हल्का सा दबाव डाला.
उनका लंड मेरी चुत में दाखिल तो हुआ लेकिन मुझे हल्का दर्द हो रहा था.

मैंने उनसे और आगे होने के लिए कहा.
इस पर उसने हल्का दबाव और डाला.

अब फूफा जी का लंड मेरी चुत में घुस चुका था, मुझे काफी दर्द हो रहा था.
ऐसा लग रहा था मानो मेरी चुत फट गई हो.
शायद फूफा जी भी यही चाह रहे थे.

फूफा जी एक मिनट मुझे किस करते रहे. उसके बाद जब मैं थोड़ा नॉर्मल हुई, तो फूफा जी ने फिर से एक हल्का सा झटका मारा.

इस बार उनका लंड और अन्दर चला गया.
मैं दर्द से कराहने लगी.

इस पर वो फिर रुक गए. लेकिन इस बार जब मुझे मजा आने लगा तो मैंने उनसे कहा- हां अब करो.

इस पर फूफा जी ने अपना अंतिम शॉट जरा जोर से मारा जिसके कारण उनके लंड से मेरी चुत पूरी तरह खुल चुकी थी. दर्द से मेरी आंखों से आंसू निकल आए थे.

मेरा दर्द देख कर अब फूफा जी थोड़ी देर के लिए रुक गए और उन्होंने मेरे आंसू पौंछे, मेरे बालों को सहलाते हुए कुछ देर इंतजार किया.

जब मैं कुछ नॉर्मल हुई, तो फूफा जी ने कहा- मजा आया ना बेबी?
मैं ना में सर हिला रही थी लेकिन मुझे अन्दर ही अन्दर बहुत मजा आ रहा था.

मुझसे भी नहीं रहा जा रहा था तो मैंने फूफा जी को इशारा कर दिया.

इस पर फूफा जी ने अपने लंड को मेरी चुत में अन्दर बाहर करना चालू कर दिया.
मेरे आनन्द की तो मानो सीमा ही ना थी.
मुझे अब इतना मजा आ रहा था कि मेरी मादक सिसकारियों की आवाज कमरे में गूंजने लगीं, जिसे सुनकर फूफा जी और ज्यादा उत्तेजित होने लगे थे और मेरी चुत को भोसड़ी बनाने में लग गए थे.

करीब 15 मिनट की चुदाई के बाद फूफा जी ने कहा- मेरी जान मेरा रस निकलने वाला है, क्या तुम्हें और चाहिए?

इधर मेरी चूत से भी दो बार रस निकल चुका था, तो मैंने उन्हें बताया कि आप आ जाओ.

फूफा जी ने कहा- मैं अन्दर नहीं निकालूंगा.

ये कह कर उन्होंने एक करारा धक्का मारा और अपना लंड बाहर निकाल दिया.

लंड चूत से बाहर निकला ही था कि लंड ने पिचकारी छोड़ दी और मेरी जांघों पर वीर्य गिर गया.

मुझे फूफा जी से चुदने में काफी मजा आया था. उस मजे को मैं अपने जीवन भर भूल भी नहीं सकती थी.
आखिर पहली बार मेरी चुत फटी थी और चुत में इतना दर्द हुआ था.

शुरूआती दर्द के बाद मुझे चुदने में इतना मजा आया था कि मैं बता ही नहीं सकती हूँ.

फूफा जी मुझे उठा कर बाथरूम में ले गए.
वहां मैंने ध्यान से देखा कि मेरी चुत फट चुकी थी और उसमें से खून बह रहा था.

फूफा जी ने अपने हाथों से मेरा खून साफ किया.
उसके बाद फिर से मुझे उठा कर वापस बेड पर ले आए जहां फूफा जी का लंड एक बार फिर से मेरी चूत के लिए तैयार हो गया था.

इस बार फूफा जी ने मेरी चुत का भेदन करने के लिए जल्दी ना करते हुए पहले मेरे सारे कपड़े उतारे.

मुझे फ्रॉक से आजादी दी.

उसके बाद फूफा जी एक बार फिर से मुझे चोदने के लिए लग गए. इस बार मुझे फूफा जी से चुदवा कर कुछ ज्यादा ही मजा आया.

इस बार पहली बार से भी ज्यादा मजा आ रहा था. इस दौरान वह मेरे दोनों मम्मों को भी पकड़ पकड़ कर मसल रहे थे जिससे मुझे और अच्छा लग रहा था.
इस बार मेरी कामुक आवाजें काफी जोर जोर से निकल रही थीं और मुझे असीम आनन्द आ रहा था.

दूसरी बार की चुदाई में मेरी चुत की चुदाई होते हुए बीस मिनट हो चुके थे मगर फूफा जी झड़ने का नाम ही नहीं ले रहे थे.

मैंने कहा- राज अब बस मुझे नीचे जलन सी हो रही है.

उसके बाद फूफा जी ने अपना वीर्य फिर से मेरी जांघों पर ही गिरा दिया और हम दोनों वैसे ही बिना कपड़ों के सो गए.

जब हम दोनों सुबह उठे, तो 8:00 बज चुके थे और मेरी चुत में काफी दर्द हो रहा था.
हालांकि मैं उस दर्द को सह सकती थी तो उठकर बाथरूम में चली गई और फ्रेश हो गई.

फ्रेश होकर कमरे में आई तो फूफा जी नंगे पड़े थे. मैं भी नंगी ही अपने फूफा जी के साथ चिपक कर लेट गई.
कुछ देर बाद न जाने मेरे मन में क्या आया और मुझे फूफा जी से चुदने पर शर्म आने लगी तो मैंने उठ कर अपनी रात वाली फ्रॉक फिर से पहन ली.

दोस्तों यह थी मेरी कुंवारी चुत चुदाई की कहानी, जो मेरे फूफा जी यानि राज ने मेरे साथ की थी. मुझे अपने फूफा जी से चुदने में काफी मजा आया था.

आप बताइए दोस्तो कि आपको मेरी हॉट गर्ल सेक्स Xxx कहानी कैसी लगी. मुझे मेल जरूर कीजिएगा.
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