हॉस्टल में कुंवारी काम वाली को चोदा

यंग पोर्न गर्ल सेक्स कहानी मेरे हॉस्टल की नौकरानी की कुंवारी बेटी की है जो वहीं रहती थी. मुझे वो पसंद थी और मैं उसे चोदने के सपने की देखता था। कैसे चुदी वो?

मेरे प्‍यारे पाठको, देश के स्‍वच्‍छ शहर इंदौर से आपके प्‍यारे मासूम इंदौरी का नमस्‍ते।
आज आपको मैं अपनी मेरी रूबी की खूबी से अवगत करवा रहा हूं जा मुझे मेरे हॉस्‍टल में महसूस हुई थी।

मैं इंदौर के मशहूर भंवरकुंआ क्षेत्र के एक हॉस्‍टल में रह कर सरकारी नौकरी के लिये तैयारी कर रहा था।

हमारे हॉस्‍टल में एक नौकरानी काम करती थी और वहीं पर अपने एक बेटे व बेटी के साथ रहा करती थी।
उसकी बेटी 19 साल की होकर बदन की भरी-भूरी नवयौवना थी और उसका नाम रूबी था।

रूबी बहुत खूबसूरत थी अगर आप भी उसे देखो तो आपका भी लंड खड़ा हो जाए।
उसके मम्‍मे बहुत ही बड़े थे।
रूबी उसकी मां की मदद करने के लिये हमारी वाली मंजिल का झाड़ू पौंछा करती थी और हमारे खाने का डब्‍बा भी लाकर रख देती थी।

मुझे वो शुरू से ही पसंद थी और मैं उसे चोदने के सपने की देखा करता था।

अपने पास से कई बार उसको चॉकलेट या छोटा मोटा गिफ्ट देकर उससे धीरे-धीरे दोस्‍ती करना शुरू की।

एक दिन मैंने रूबी का हाथ मजाक मस्‍ती में जोर से हाथ पकड़ा लेकिन वह मुस्‍कुरा कर मेरे हौंसलों को हरी झंडी दे गई।
जिसके बाद मैं कई बार रूबी को मजाक मस्‍ती में छू लेता था और डबल मीनिंग जोक भी मार लेता था।

सामान्‍यत: मैं हॉस्‍टल के पीछे वाले बरामदे के बाथरूम में ही नहाता था।

एक दिन मैं जल्‍दबाजी में नहाने के लिए सिर्फ चड्डी पहने बाथरूम के दरवाजे पर लात मारकर अंदर घुसा जिससे बाथरूम के दरवाजे की कुण्डी खुल गयी और दरवाजा खुल गया।

बाथरूम में रूबी नहा रही थी।
उसके बदन पर एक भी कपड़ा नहीं था, वो पूरी नंगी होकर नहा रही थी।

उसकी पीठ मेरी तरफ़ थी।
तभी मैंने सोच लिया कि आज तो इसे चोदूँगा और इसलिये तुरंत दरवाजे की कुंडी मोड़कर दरवाजा लगा दिया।

मैंने उससे कहा- तुम बहुत सुंदर हो।
वो शरमा गयी जिससे मेरी हिम्‍मत बढ़ी और मैं उसके नजदीक आकर खड़ा हो गया।

उसके नजदीक आते ही चड्डी में मेरा लंड और तन गया और उसने चड्डी में बंद मेरे मोटे बड़े लंड को आश्‍चर्य से देखकर मुंह बनाया।
उसकी आखें फैल गयी और चेहरे पर चमक सी महसूस होने लगी।

मैं उसके पास गया और उसके होठों को चूमने लगा।
पहले तो उसने विरोध किया लेकिन फिर वो भी मेरा साथ देने लगी।

फिर मैंने हाथों से उसके बूब्‍स को जोर जोर से दबाने लगा जिससे वो सिसकारियां लेने लगी।

मैं अपनी एक उंगली उस यंग पोर्न गर्ल की चूत में डाल कर अंदर बाहर करने लगा और बूब्‍स को चूसने लगा।
चूत में खलबली मचने से वो गरम हो गई और मेरा साथ देते हुए मुझे कस कर बांहों में भरकर आहें भरने लगी।

जब उसका पानी निकल गया तो हम दोनों साथ में नहा लिये और अपने-अपने कमरे की ओर चल दिये।
उसने बोला- मेरा भाई स्‍कूल गया है और मम्‍मी रोज की तरह डॉक्‍टर के घर झाड़ू पौंछा करने जाएंगी। जब वो चली जाएगी तो मैं तुम्‍हारे कमरे में आ जाऊंगी।
मैं समझ गया कि यंग पोर्न गर्ल सेक्स के लिए बेचैन हो गयी है.

थोड़ी देर बाद तैयार होकर रूबी मेरे कमरे में आ गयी और कमरे का दरवाजा लगा दिया।
मैं सिर्फ बनियान और चड्डी में ही बैठकर किताब पढ़ रहा था।

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रूबी आकर मेरी गोद में बैठ गयी और मेरे बालों में उंगलियां डालकर खेलने लगी।
मैं कपड़ों के ऊपर ही हाथ फेरता और किस करता रहा जिससे वो कामवासना में डूबने लगी।

अब मैंने उसे बिस्‍तर पर लेटा दिया और जोरदार चुंबन करने लगा।
हम दोनों एक-दूसरे को जी भर कर चुंबन करने लगे ऐसा लग रहा था कि मानो होठों को चबाकर खाना चाहते हो।
हम दोनों ने चुंबन करते करते होंठों को खूनी लाल कर दिया था।

मैंने रूबी को चुंबन करते करते ही उसकी कमीज़ को निकाल दिया।
उसने कमीज के नीचे ब्रा नहीं पहनी थी।

मैंने उसके मम्‍मे चाटना शुरू किए और बीच-बीच में उसके निप्‍पल को जोरदार काटने भी लगा।
वो बहुत ज्‍यादा कामवासना में डूब गयी थी और मुझसे लिपटकर जोर-जोर से आहें भरने लगी थी।

फिर रूबी की सलवार उतारी और उसकी जाँघ पर हाथ फेरना शुरू कर दिया।

धीरे-धीरे मैंने उसके जाँघ को अपनी जीभ से चाटना शुरू कर दिया।
फिर मैंने उसकी पेंटी उतारी और उसकी टांग फ़ैला कर उसकी चूत को चाटना शुरू कर दिया।
उसकी चूत में से एक नमकीन सा स्‍वाद आ रहा था।

फिर रूबी ने मेरे सारे कपड़े उतार दिये और मेरे पूरे बदन को आइस्‍क्रीम की तरह चाटने लगी।
मेरे बूब्‍स के दानों को दांतों से कांट कर मुझे परेशान कर रही थी।
इस दौरान वह मेरे लंड को ज़ोर ज़ोर से हिला रही थी।

थोड़ी देर बाद हम दोनों 69 की पोजीशन में आ गये।
मैं उसकी चूत का स्‍वाद ले रहा था और मेरे लंड को लॉलीपॉप जैसे चूस कर स्‍वाद ले रही थी।

रूबी ने मेरे पूरा लंड कई बार अपने गले तक डाल दिया और मेरे पूरे लंड को अपने थूक से गीला कर दिया था।
उसके मुंह के थूक से मेरा पूरा लंड ही नहीं बल्कि गीलापन मेरी गांड के छेद तक टपक-टपक कर आ गया था।

इस दौरान जब मैं उसकी चूत चाट रहा था तो वह कामाग्नि में इतना भयंकर डूब चुकी थी कि उसने अपनी जांघों के बीच मेरे पूरे मुंह को दबा लिया और मेरी पूरी जीभ उसकी चूत के अंदर घुसकर चूत की कोमलता को महसूस कर रही थी।

फिर हम सीधे होकर वापस चुंबन करने लगे।
कुछ देर बाद मैंने अपना लंड उसकी चूत के मुंह पर रखा और धक्‍का दिया।

लंड थोड़ा अंदर गया ही था कि वो चीख उठी- आह … धीरे करो यार बहुत दर्द होता है।
लेकिन मैंने उसकी बात अनसुनी कर धीरे-धीरे धक्‍के मारते हुए पूरा लंड उसकी चूत में घुसा दिया।

वो छोटे बच्‍चे की तरह मेरे सीने से चिपक गयी और मेरी पीठ पर अपने नाखूनों को घुसाने लगी।

जब वो दर्द को सहन करने लगी और उसे चुदाई में मजा आने लगा तो उसने मेरे लंड को आसानी से रास्‍ता देने के लिये अपनी दोनों टांगे फ़ैला दी।

रूबी बार बार अपनी कमर ऊँची करती फिर नीचे रखती या‍नि अब उसे चुदाई का मजा आने लगा है।
फिर मैंने उसको दो-तीन स्‍टाईल में चोदा।

आखिर में रूबी को मेरे नीचे लिटा कर उस पर मेरा पूरा वजन दे दिया और अपने लंड से पूरा जोर लगा-लगा कर चुदाई करने लगा।
जब मेरा लंड उसकी चूत की गहराई नापकर बाहर आता तो हमारे घर्षण से थपाक की आवाज आ रही थी।
उस आवाज से हम दोनों का जोश दोगुना हो रहा था।

जब मुझे लगा कि मेरा लंड माल छोड़ने वाला है तो मैंने अपना लंड रूबी के मुंह पर लाकर रख दिया।
रूबी मेरे लंड को लॉलीपॉप की तरह चूसने लगी और मेरे सारे माल को मुंह में ही गटक कर पी गई।

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सारा माल निकलने के बाद भी कई मिनट तक रूबी मेरे लंड के टोपे पर जीभ फेरती रही जिससे मुझे अजीब सी गुदगुदी महसूस हो रही थी।

हम दोनों थोड़ी देर एक दूसरे से लिपट कर पड़े रहे।

कुछ देर बाद रूबी ने खोपरे का तेल लेकर मेरे लंड की मॉलिश की।
मैंने फिर 69 की पोजीशन में आकर तेल से रूबी की चूत और गांड की मॉलिश करने लगा।

जब मेरा लंड फनफना कर खड़ा हो गया तो रूबी उसको चूसकर कुतुबमीनार बनाने लगी।

मैं भी उसकी चूत को चूसने लगा और उसकी गांड की मॉलिश कर गांड में उंगली घुसा कर गरम करने लगा।

अब मैंने रूबी को कुतिया स्‍टाइल में बिठाया और उसकी चूत में लंड घुसा दिया।
मैंने थोड़ी सी ही देर उसकी चूत चोदी होगी और बहुत सारा तेल उसकी गांड पर डालकर पास में पड़े फेवीस्टिक से गांड का छेद खोलने लगा।

गांड के छेद में फेवीस्टिक अंदर बाहर जाने से वो धीरे-धीरे सिसकारियां मार रही थी और मैं उस दौरान दूसरे हाथ से उसकी चूत के अंदर उंगली अंदर बाहर कर रहा था।
जब मुझे महसूस हुआ कि रूबी गांड मराने के लिये तैयार है तो मैंने अपने लंड पर बहुत सारा तेल लगा लिया।

मैं अपने लंड के सुपारे को रूबी की गांड के छेद पर रखकर गांड पर घिसाई करने लगा।
मौका देखकर मैंने लंड के सुपारे उसकी गांड में घुसा दिया।

उस दौरान मुझे बहुत दर्द हुआ और रूबी भी दर्द के मारे चिल्‍ला दी।

मैंने बिना डरे पूरे लंड को धीरे-धीरे उसकी गांड में घुसा दिया और ए‍क हाथ से उसकी चूत को सहलाते रहा।

रूबी दर्द के मारे कराह रही थी और इस दर्द के कारण पूरे बिस्‍तर के चादर को पकड़ कर खींच रही थी।

मैंने भी धीरे-धीरे लंड के धक्‍कों की गति तेज कर दी जिससे मुझे दर्द महसूस कम होने लगा और रूबी भी सहज महसूस करने लगी थी।

गांड में लंड जाने पर कमरा फच फच की आवाज से गूंज रहा था और उस आवाज में रूबी की सिसकारियां भी साथ दे रही थी।
अब मेरा लंड पूरी रफ्तार से रूबी की गांड मार रहा था और रूबी भी गांड मराई के दर्द के बजाय आनंद का लाभ ले रही थी।

कुछ मिनट तक रूबी की गांड मारने के बाद मेरा लंड भी शांत होकर आराम चाह रहा था।
मैंने धक्‍कों की रफ्तार तेज कर दी और मेरे लंड ने पूरी रफ्तार से अपना सारा माल रूबी की गांड में धोल दिया।

जब मैंने अपने लंड को रूबी की गांड से बाहर निकाला तो देखा कि उसकी गांड का छेद खुला ही है और वो मेरे माल से भरा पड़ा है।

मेरे लंड निकालते ही रूबी तुरंत बिस्‍तर पर लेट पड़ी क्‍योंकि कुतिया स्‍टाईल की वजह से उसके घुटने दर्द कर रहे थे और वो थक गयी थी।

गांड मराई के बाद तीन घंटे तक रूबी मेरे बिस्‍तर पर ही सोकर एक नींद निकाल ली।

जब वो उठी तो उसने मुझे एक बहुत लंबा चुंबन दिया और मुझसे बोली- आज मुझे दुनिया का सबसे बड़ा तोहफा मिला है। मैं हमेशा चाहती हूं कि तुम मुझे इसी तरह सुख देते रहो और अब मैं तुम्‍हारी ही हूं मेरे हीरो!

मेरी यंग पोर्न गर्ल सेक्स कहानी ने आपको कितना रोमांचित किया यह आप मुझे ई-मेल कर जरूर बताना क्‍योंकि मुझे आपकी भी तो खूबी जानने की जिज्ञासा है.
आपका प्‍यारा मासूम इंदौरी
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लेखक की पिछली कहानी थी: अस्पताल में पहले सेक्स का सुहाना सफर