गर्लफ्रेंड को कार में चोदा

हैलो गाइज, मैं ऐ के, पुणे से हूँ. दरअसल मैं पुणे के पास एक शहर है, वहां से हूँ.. लेकिन अभी मैं पुणे में रहता हूँ. मैं दिखने में हैंडसम हूँ और मैं बिस्तर में बहुत मजेदार हूँ. किसी भी लड़की भाभी या आंटी को पूरा खुश कर सकता हूँ. ये सेक्स स्टोरी मेरी खुद की है.. और एकदम सच में आपबीती है.

मैं आपको अपनी गर्लफ्रेंड के बारे बता दूँ. उसका नाम सपना है. वो बहुत गोरी और सेक्सी है. उसका कामुक फिगर देख कर तो किसी का भी लंड खड़ा हो जाता है. उसके बूब्स काफी बड़े हैं. सपना मुझे काफी अच्छा रेस्पोंस देती है. वो मेरे साथ हर टाइम सेक्स के लिए तैयार रहती है.

यह बात तब की है, जब मैं 12वीं में था. चूँकि उस वक्त में गांव में रहता था और आगे की पढ़ाई के लिए शहर में आ गया था. उधर मैं एक किराये के कमरे में रहता था. मैंने शहर में जब एड्मिशन लिया तब मेरे कोई दोस्त नहीं थे. मेरा नेचर बड़ा हंसमुख और मजाकिया स्वभाव का है, इसलिए लोग मुझसे इंप्रेस भी जल्दी हो जाते हैं. अपने इसी स्वभाव के चलते मैंने जल्दी ही अपने कुछ दोस्त बना लिए.. और उनमें से ही कुछ मेरे बेस्ट फ्रेंड भी बन गए. पढ़ाई के साथ मौज मस्ती भी चलने लगी और ऐसे ही हम एक दूसरे लाइफ के बारे में बताने लगे कि किसकी गर्लफ्रेंड है और किसकी नही है या किसकी जुगाड़ कौन सी है.. या कौन की ज्यादा मस्त है और कौन ज्यादा लाइन देती है. किस किसने सेक्स किया है या कितनी बार सेक्स किया है. या कौन किसको देख कर मुठ मारता है.

इसी तरह की मस्तियां जीवन की यादों में अपने रंग भरती जा रही थीं.

ऐसे ही मेरे एक फ्रेंड से क्लास की एक लड़की पट गयी और उसने बताया तो हम सभी अपनी सैटिंग फिट करने लगे. कुछ ही दिनों में वैसे ही सबकी जुगाड़ें पट गईं, पर मैंने अब तक किसी लड़की को पसंद नहीं किया था. इसको लेकर फ्रेंड्स ने मिलके मुझे फोर्स किया कि तू बता कि तुझे कौन सी पसंद है. तो मैंने भी क्लास की एक लड़की का नाम बता दिया.

दरअसल मैं उसपर लाइन नहीं मारता था.. तो दूसरे फ्रेंड्स मुझे उसके नाम से पुकारने लगे.

यह बात उस लड़की पता चली, तो एक दिन उसने मुझे क्लास के बाद रोक के मुझसे मेरा फोन नम्बर ले लिया. उसने मेरा नम्बर मुझे गाली देने के लिए लिया था, ये बात उसने बाद में मुझे खरी खोटी सुनाते समय बताई.

नम्बर देने के बाद मैं अपने कमरे पे गया तो उसका कॉल आया. वो बोलने लगी कि तुम्हारी वजह से सारे लड़के मुझे चिढ़ा रहे हैं. तो मैंने उसे बताया कि वैसा कुछ नहीं है. जब उसको मैंने सच्ची बात बताई तो उसकी नाराजगी कम हो गई. इधर मैंने भी अपने हंसमुख स्वभाव से उसका दिल जीत लिया.

मैं उससे बात करने लगा, हंसी मज़ाक करते हुए मैंने उसकी तारीफ की. वो मुझसे इंप्रेस हो गयी. कुछ ही दिन में हम दोनों अच्छे फ्रेंड बन गए और एक दिन मैंने उसका मूड देख कर उसे प्रपोज़ कर दिया.
उसने ‘कल बताती हूँ…’ ऐसा कह कर फोन काट दिया.

फिर दूसरे दिन जब मैं स्कूल गया तो वो भी आई हुई थी. मैंने उसकी तरफ देखा तो उसने मुझे स्माइल दी. दिन भर हम एक दूसरे को देखते रहे थे. स्कूल के बाद उसका कॉल आया और उसने मुझे हां बोल दिया. मैं बहुत खुश हो गया, ये मेरा पहला प्यार था.

दोस्ती प्यार में बदल गई तो हम रोज मोबाइल पर प्यार भरी बात करने लगे. ईलू ईलू से बात अब सेक्स की होने लगी थी. हम दोनों फोन पर शादी की बात करते, बाद में सुहागरात मनाने की बात करते. उस वक्त चूंकि सिर्फ बात होती थी, उसमें सेक्स से भरी हुई बातें हुआ करती थीं तो हम दोनों ही बहुत हॉर्नी हो जाते थे. मैं सपना से फोन पे बात करते समय लंड हाथ में लेकर हिलाता था. वो भी अपनी चुत में उंगली किया करती थी.
ऐसे ही हमारे बीच फोन सेक्स चलता रहता था.

एक दिन फोन पे मैंने उससे किस माँगा तो उसने मस्ती से कहा- फोन पर क्या किस लेते हो राजा.. कल कॉलेज में दूँगी.
मैंने भी उसे कह दिया- कल तो किस ले ही लूँगा, पर अभी तो दे दे.
उसने मेरे साथ एक लम्बी सेक्स चैट की और मैं फोन बंद करके मुठ मार कर सो गया.

दूसरे दिन मैं में कॉलेज गया.. उस दिन 12 बजे सारे लेक्चर्स खत्म हो गए थे, सब लोग क्लास से बाहर आ गए. मैं क्लास में ही रुक गया था, जबकि वो भी बाहर निकल गयी थी. फिर 5 मिनट बाद वो वापस आ गयी और मेरे सामने खड़ी हो गई. मैंने उसे पकड़ लिया और उसकी तरफ होंठ बढ़ा कर चुम्मी का इशारा किया, तो उसने अपनी बांहें फैला दीं और मैं उसके करीब होकर उसे लिप किस करने लगा. मैं पागलों की तरह उसको किस करने लगा, उसके मुँह में जीभ डालकर चूसने लगा. मैं इस वक्त बहुत हॉर्नी हो गया था, वो भी मेरी पीठ में नाख़ून गड़ा रही थी. मैं उसका एक दूध पकड़कर दबाने लगा. उसको भी सेक्स चढ़ गया. मेरा भी लंड पेंट से बाहर आने लगा, मेरा लंड उसको अपनी चुत में महसूस हो रहा था.

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करीबन 15 मिनट किस करने के बाद वो चली गयी. मैंने भी रूम पर जाके मुठ मारी और कुछ चैन महसूस किया.

कुछ देर बाद उसका कॉल आया तो हम दोनों फिर से सेक्स चैट करने लगे.

अब तो चुदास हम दोनों के दिमाग में चढ़ चुकी थी.. सो दिन रात फोन पर बात करने लगे.

फिर ऐसे ही एक दिन मैंने उससे सेक्स के लिए बोला, तो उसने भी हां कह दिया. पर चुदाई स्थल किधर होगा, इस पर बात हुई तो उसने बताया कि उसकी रूममेट का ब्वॉयफ्रेंड उसको कार से बाहर लेकर जाता है और खूब चोदता है. उन्हीं के साथ हम दोनों भी चले जाएंगे, मजा कर लेंगे.

बात तय हो गई और फिर वो दिन भी आ ही गया. उस दिन हम दोनों सुबह कॉलेज गए.. छुट्टी के बाद वापस आने के बाद मैं झट से रूम पर जाकर बैग रखकर सिटी से बाहर निकल आया और तय स्थान पर सपना का इन्तजार करने लगा.

थोड़ी देर बाद मेरे पास एक कार रुक गयी. उसकी पिछली सीट पर सपना बैठी थी. उसने दरवाजा खोल कर मुझे अन्दर बुला लिया. वो गाड़ी उसकी रूममेट के ब्वॉयफ्रेंड की थी, वो उसे हर बार चुदाई के लिए लेने इसी कार से आता था.

इस बार उसकी फ्रेंड ने चारों लोगों को सेक्स प्रोग्राम के लिए सैट कर लिया था. हालांकि ये ग्रुप सेक्स नहीं था.

सपना ने दरवाजा खोला तो मैं गाड़ी में बैठ गया. पहले मैं सबसे मिला. उसकी रूममेट को भी और उसके ब्वॉयफ्रेंड को भी विश किया. सपना की सहेली का ब्वॉयफ्रेंड कार ड्राइव कर रहा था और सपना की फ्रेंड आगे की सीट पर ही उसके बाजू में बैठी थी.

वो दोनों आगे बात करने लगे, हम दोनों पीछे बैठ कर मजा लेने लगे थे.

दोनों सीट के बीच में एक पर्दा लगाया हुआ था. जिससे मेरी और सपना की झिझक खत्म हो गई थी.

उस लड़के को शायद इस बात का अंदाजा था कि किस जगह पर कार रोक कर चुदाई का मजा लिया जा सकता है, तो कुछ देर बाद कार रुक गई और वे दोनों भी अपनी मस्ती में लग गए.

इधर मैंने भी सपना की जाँघ पर हाथ रख दिया और उसे सहलाने लगा. उसने मेरी तरफ देखा और मेरे होंठ पर होंठ रख कर किस करने लगी. मैं भी पूरे जोश में किस करके उसको दबोचने लगा. मैं सपना के मम्मों को पकड़कर दबाने लगा. बाद में चुदास बढ़ गई तो मैंने उसके कुर्ते के अन्दर हाथ डाला और ब्रा के ऊपर से उसके स्तन दबाने लगा.

कुछ देर बाद मैंने किस करना रोका और उसका कुर्ता निकालते हुए उसकी ब्रा भी खोल दी. आज मैं पहली बार किसी लड़की के स्तन नंगे देख रहा था. मेरे सामने सपना के दूध नंगे उछल रहे थे. उसके स्तन काफी बड़े और तने हुए थे.

मैं सपना के मम्मों को हाथ में लेकर बुरी तरह दबाने लगा. वो चुदास से आहें भरने लगी. मैंने अपनी शर्ट और बनियान निकाल दी और उसको सीट पर लिटाते हुए उसके ऊपर लेट गया. चूंकि हम कार में थे तो जगह थोड़ी कम थी. मैं सपना के ऊपर चढ़ कर उसके शरीर पर किस करने लगा और उसके बॉडी पार्ट्स को चाटने लगा. वो भी पागलों की तरह मुझे चूसने और चूमने लगी.

बाद में मैंने उसके लोअर में हाथ डाला तो उसने मुझे रूकने का बोला. फिर उसने खुद अपना लोअर उतार दिया और वो केवल पेंटी में रह गयी. मैंने झट से उसे धक्का देकर सीट पर गिराया और चूची पकड़ कर उस पर टूट पड़ा. मैं उसकी चुत पे एक हाथ रखकर सहलाने लगा. वो गर्म होने लगी. बाद में मैंने अपनी पेंट भी उतार दी और उसकी पेंटी भी हटा दी. उसकी चुत पर बाल ही बाल थे. मैं सपना की चूत पर हाथ फेरने लगा. वो ‘अहह ह..’ करने लगी.

मैंने लंड उसके हाथ में दिया, तो वो शरमाते हुए मेरा लंड पकड़ने लगी. फिर मैंने देर ना करते उसकी चुत पर लंड टिका दिया और अन्दर डालने लगा. पर मेरा लंड फिसल गया. मैंने उसे सीट पर टांगें फैलाने को बोला और उसके पैर ऊपर कर दिया. उसने भी मेरा लंड पकड़ कर अपनी चुत पे रख दिया और मुझे इशारा किया. मैंने भी लंड पर दबाव डाला तो लंड अन्दर घुस गया. वो दर्द के मारे अहहहह करने लगी. मैंने और एक झटका दे मारा. मेरा लंड और अन्दर चला गया.

अब मैं वैसे ही आधे लंड को सपना की चूत में अन्दर बाहर करने लगा और एक हाथ से उसके स्तन दबाने लगा. कुछ ही देर में दर्द खत्म हो गया और वो भी फुल जोश में ‘उम्म्ह… अहह… हय… याह…’ करने लगी. मैं उसको जोर जोर से चोदने लगा.. लेकिन उसको पूरा लंड घुसने से दर्द होने लगा.

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मेरा भी पहली बार था मेरा लंड भी दर्द करने लगा. पर सेक्स बहुत चढ़ चुका था.. इसलिए मैंने दर्द की कोई परवाह नहीं की, बस उसको धकापेल चोदने लगा.

दस मिनट बाद मैंने उसकी चुत में ही अपना वीर्य छोड़ दिया और उसके ऊपर से हट कर साइड में बैठ गया. दो पल बाद वो भी मेरे सीने पर सर रखर मेरा लंड सहलाने लगी और हम बातें करने लगे.

आगे की सीट से सिसकारियों की आवाजें आ रही थीं. सो कुछ ही मिनट बाद मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया. मैं फिर उसे किस करने लगा और उसके स्तन दबाने लगा. हम दोनों फिर से एक बार सेक्स के लिए तैयार हो गए.

इस बार मैंने उसकी चुत पर थोड़ा थूक लगाया और अपना लंड उसके मुँह में देने को किया. वो लंड को चूसने के लिए मना कर रही थी पर मेरे कहने पर उसने मुँह में लंड ले लिया और कुल्फी की तरह लंड चूसने लगी.

मैं अपने लंड को उसके मुँह में गले तक अन्दर तक डालने लगा. फिर 5 मिनट बाद मैंने लंड उसके मुँह से निकाल कर चुत पे सैट किया और अन्दर कर दिया. वो एकदम से कांप गयी और लंड निकालने के लिए कहने लगी. अभी उसकी चूत पूरी तरह से खुली नहीं थी.

सपना- आह निकालो.. बहुत दर्द हो रहा है अहझहह.
मैं- कुछ नहीं होगा.

मैं थोड़ा रुक गया और उसे किस करने लगा. अपना लंड थोड़ा पीछे लेके फिर से अन्दर किया और धीरे धीरे अन्दर बाहर करने लगा. अब वो भी अब साथ दे रही थी. मैंने उसे तेजी से चोदना चालू कर दिया और फिर एक बार उसकी चुत में ही झड़ गया. इस तरह हम दोनों ने दो बार सेक्स किया था तो थकान महसूस हो रही थी.

तभी कार चलने लगी. मैंने जरा पर्दा हटाया तो देखा कि वो दोनों आगे बैठे थे, उसमें लड़की भी ऊपर से नंगी थी और वो लड़का एक हाथ से उसका स्तन दबाते हुए मजा ले रहा था.

फिर कुछ देर बाद उन्होंने गाड़ी एक सुनसान इलाक़े में फिर से खड़ी कर दी और पीछे आने की इच्छा जाहिर की. हम समझ गए कि उन्हें भी अब पूरी चुदाई करनी है क्योंकि आगे की सीट पर चूत में लंड दल कर चुदाई नहीं हो सकती, सिर्फ चूमाचाटी, लंड चुसाई वगैरा ही हो सकता है.
हम दोनों नीचे उतर गए. वो दोनों कार की पीछे वाली सीट पर आकर सेक्स करने लगे.

हम दोनों सड़क के किनारे से थोड़ा अन्दर गए और वहां एक साफ़ जगह देख कर जमीन पर बैठ गए और किस करने लगे. बाहर ठंड बहुत थी और रात भी हो गयी थी, पूरा घुप्प अंधेरा था.. कुछ दिखाई नहीं दे रहा था.

फिर 15 मिनट बाद कुछ लाइट जली और रोशनी हमारी तरफ आने लगी तो हम समझ गए कि कार आ रही है. हम दोनों झट से उठकर कार में आ गए. वो दोनों अन्दर सेक्स कर चुके थे. हम दोनों कार में बैठ गए.. अब गाड़ी थोड़ा आगे लेकर गए और आगे सुनसान जगह देख कर फिर से गाड़ी रोक दी गई.

मुझे इतनी देर में फिर से सेक्स चढ़ गया था. मैं सपना को किस करने लगा और उसका लोअर फिर से उतार दिया. इस बार हम दोनों सिर्फ लंड चूत खोल कर जल्दी करने लगे थे. क्योंकि काफी देर हो चुकी थी और हमारा शहर भी पास ही आ गया था.

मैंने जल्दी में उसकी पेंट उतार दी और उसको अपनी गोदी में अपनी तरफ मुँह करके बिठा लिया था. मैंने लंड भी बाहर निकाल कर चूत के छेद पर लगा कर जोर का झटका दे मारा.
मेरी गर्लफ्रेंड बोली- आह धीरे करो ना.. तुम्हें तो मेरी फिक्र ही नहीं है.
मैंने सॉरी बोला और लंड अन्दर डालने लगा.

फिर वो गांड हिलाते हुए फुसफुसा कर बोली- आह.. तुम्हारा लंड बहुत बड़ा है.. पूरा अन्दर तक जा रहा है.
मैं- पसंद आया.. गांड में भी लेना चाहोगी?
वो- अभी नहीं.. नेक्स्ट टाइम.. अभी बस चुत का मजा लो.

फिर मैंने उसको 15 मिनट तक चोदा और फिर हमने कपड़े ठीक किए और किस करने लगे.

अब तक कार शहर के अन्दर आ गई थी. कुछ ही देर में उसका रूम आ गया और उन दोनों को रूम पर छोड़ कर हम दोनों निकल गए. मैं भी अपने रूम पर आ गया. अभी रात के 12 बज गए थे.

फिर कुछ देर बाद सपना का कॉल आया और उसने कल मुझसे गर्भनिरोधक गोली लाने के लिए बोला. मैंने अगले दिन उसे गोली लाकर दी. उस वक्त हम दोनों सेक्स को लेकर बात करने लगे.

एक महीने बाद मैंने उसे अपने रूम पर लाकर रात भर चोदा. हम दोनों एक साल तक रिलेशनशिप में रहे.

मेरी असली सेक्स स्टोरी कैसी लगी.. मुझे मेल कीजिए.
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