गाँव में ससुर जी के लंड के मजे

फिर उन्होंने मुझे खड़ा किया और मेरे सारे कपड़े खोल दिए. साथ ही अपने भी कपड़े भी खोल दिए. मेरी नंगी मदमस्त जवानी मेरे विधुर चचिया ससुर के सामने अंगड़ाई लेने लगी थी.

चाचा जी ने मुझे लिटाया और मेरे ऊपर चढ़ गए. मैं जोर जोर से सांसें ले रही थी. उन्होंने किसी पहलवान की तरफ मेरा फूल सा कोमल शरीर खींचा और मेरी टांगें फैला कर मेरी चुत पर थूक लगा दिया. मेरी गुलाबी पकौड़े से फूली चुत देख कर उनका लंड फिर से खड़ा होकर हिनहिनाने लगा.

चाचा जी ने अपनी बहू की चुत पे अपना मूसल लंड रखा और जोर से अन्दर धकेल दिया. उनका लंड बड़ी तेजी से मेरी चुत में घुस गया, मुझे दर्द होने लगा. मैं चिल्लाने को हुई तो उन्होंने मेरे मुँह पर हाथ रखा और बोले- रानी पहली बार चुद रही हो क्या.. जो इतना चिल्ला रही हो?

मैं कुछ नहीं बोली, मेरी चूत ने पहली बार इतना भयंकर लंड लिया था. चूत के चीथड़े उड़ना तय थे. मैं दर्द से बिलख रही थी, पर उनके हाथ मेरे मुँह से निकलने वाली आवाज को रोके हुए थे.

उन्होंने बिना रुके आठ दस कड़क धक्के मेरी चूत में लगा दिए. मेरे मुँह से लंबी लंबी सांसें निकल रही थीं और वो बेरहमी से बुरी तरह मुझे चोदे जा रहे थे.

थोड़ी देर बाद जब मुझे नॉर्मल लगने लगा, तब उन्होंने मेरे मुँह से हाथ हटा दिया और मेरे मम्मों को मसलने लगे.

अब मैं चाचा ससुर के लम्बे लंड को अपनी चुत में लेकर पूरे मजे ले रही थी. इस वक्त मेरे मजे की कोई सीमा नहीं थी, उनका लंड मेरी चुत का भोसड़ा बना रहा था. मैं समय बहुत खुश थी.

More Sexy Stories  गुलाबी चूत और काला लंड

वो बहुत तक चुदाई करने के बाद जब बाद थक से गए तो वे रुक गए. अब तक मैं दो बार झड़ चुकी थी. मेरी चूत लिसलिसी हुई पड़ी थी, जिससे उनका लंड मुझे धकापेल चोद रहा था.

करीब 25 मिनट तक मेरे विधुर चचिया ससुर मुझे चोदते रहे. फिर उन्होंने मेरी तरफ झड़ जाने को लेकर देखा, तो मैंने उनको हां में इशारा कर दिया. वे आठ दस तगड़े धक्कों के बाद मेरी चुत में ही झड़ गए.

हम दोनों एक दूसरे से लिपट कर लेट गए. कुछ देर बाद मैं उनसे और चुदने को तैयार हो गई थी. इसलिए थोड़ी देर रुकने के बाद मैंने बैठ कर चाचा जी का हलब्बी लंड अपने मुँह में फिर से ले लिया और मस्ती से लंड चूसने लगी.

कुछ ही पलों में उनका लंड फिर से खड़ा हो गया. अब की बार मैं औंधी हो गई और चाचा ने मेरी गांड में अपना लंड घुसा दिया और लम्बे लम्बे धक्के लगाने लगे.

चाचा जी बोले- वाह रे मेरी बहू रानी, तेरी तो गांड तो और भी कमाल की है.. ऐसी गांड तो मैंने आज तक नहीं अपने पूरे गांव में देखी.. आज तो तेरी गांड मारने के पूरे मजे लूंगा.

मेरे चचिया ससुर मेरी जोर जोर से गांड मारने लगे. मैं भी उछल उछल कर उनके लम्बे लंड से गांड चुदाई के मजे ले रही थी और कामुक सिसकारियां निकाल रही थी ‘आहहह हहह.. और चोदो..’

वो और जोश से धक्के लगा रहे थे. फिर उन्होंने मुझे सीधा किया और अपना लंड मेरे मुँह में दे दिया. काफी देर बाद वो फिर मुँह में झड़ गए और मेरे ऊपर गिर गए. मैं भी आनन्द में थी.
हम वैसे ही नंगे चिपक कर सो गए.

More Sexy Stories  मसाज के बहाने कज़िन की चुदाई

रात में मैं फिर से जगी और उन्हें भी जगाया.
वो बोले- रानी क्या आज ही सब मजे करोगी?
मैं उनसे नाराज़ होकर बैठ गई. वो मेरे पास आए और उन्होंने मेरे मुँह खोल अपना लंड दे दिया. मैं चाचा जी का लंड फिर से चूसने लगी.

इस बार उन्होंने मुझे गोद में उठाया. मैंने अपनी मेरी टांगें उनकी कमर से लपेट दीं. चाचा जी ने खड़े खड़े ही मेरी चुत में अपना लंड डाल दिया और मैं ऊपर नीचे होकर उनका साथ देने लगी. इस वक्त मेरे मम्मे चाचा जी की मर्दाना छाती से रगड़ कर सुख ले रही थी.

फिर उन्होंने मुझे उतारा और उल्टा करके कुतिया जैसा बना कर दीवार के सहारे मेरी गांड में लंड पेल कर मेरी गांड मारने लगे.
मैं बहुत जोश में आ गई थी, मैंने कहा- चाचा चूत की खाज मिटाओ न.
यह सुनते ही उन्होंने मुझे बेड पे पटक दिया और अपना लंड मेरी चुत में डाल दिया. कुछ देर मिशनरी पोज में मेरी चूत में धक्के लगाने के बाद उनका गर्म गर्म माल मेरी चुत में उतर गया.

मैं फिर से आनन्द में आकर उन्हें चूमने चाटने लगी. मैं काफी देर बाद उनके नीचे दबी रही. फिर उठी और उनके लंड को किस करके अपनी जगह सोने चली गई.

सुबह हम लोग गाँव में फिर घूमने निकल गए और रात में मैं फिर उनके कमरे में आ गई. मैंने चाचा जी लंड के खूब मजे लिए.

इस तरह 6 दिन तक मैं रोज़ रात में चाचा के तूफानी लंड से चुदती रही और अपनी चुत का भोसड़ा बनवा कर अपने घर लौट आई.

आपको मेरी ससुर बहू चूत चुदाई की कहानी कैसी लगी, मुझे मेल करें.

Pages: 1 2