मस्त जवान भतीजी की सीलपैक चूत चोदी

गाँव की लड़की की बंद चुत का मजा मैंने लिया अपनी भतीजी की बुर फाड़ कर! एक दिन उसने खुद मुझसे अपने प्यार का इज़हार किया, मैंने उसके साथ क्या किया?

दोस्तो, मेरा नाम विजय है।
मुझे चुदाई करने का बहुत मन करता है और मैं हमेशा चोदने के बारे में ही सोचता रहता हूँ।

वैसे मैं आप लोगों को बता देता हूँ कि मैं एक हिंदी लेखक भी हूँ और ये गाँव की लड़की की बंद चुत की कहानी मेरी पहली सेक्स कहानी है।

मैं जब भी किसी लड़की को पटाता हूँ, वो कुछ ही दिनों में मुझे छोड़ देती है।
ऐसा इसलिए कि मैं उनको बार-बार चोदने के लिए बुलाता हूं।
इस वजह से वो जल्द ही घरवालों की नजर में आ जाती है और फिर उसे दूर जाना पड़ता है।

इनमें से एक लड़की को मेरे गांव की लड़कियां भी जानती थीं।
उसका नाम है तमन्ना!
वो मेरी भतीजी लगती है और मेरे बारे में अच्छी तरह से जानती है कि मैं कितना चोदू टाइप का लड़का हूं।

तमन्ना को पता लग गया था कि मैं सिंगल हूं।

एक दिन की बात है कि वो गोबर फेंक कर आ रही थी और मैं उसके आगे आगे चल रहा था।
तभी वो मुझसे बोली- आपकी गर्लफ्रेंड ने आपको छोड़ दिया है, मुझे मेरी सहेली ने बताया।

मैं चकित हो गया कि इसको कौन सी रंडी ने बता दिया!
खैर, मैंने कहा- हां तो क्या हो गया, दोस्त ही तो थी।

वो बोली- तो मैं भी दोस्त ही हूं आपकी, मेरे से कभी प्यार नहीं किया आपने! मुझे अपनी गर्लफ्रेंड बना लो प्लीज!

उसकी बात पर मैं हैरान था।
लेकिन आदत से मजबूर था मैं, चूत को किसी हालत में ना नहीं कह सकता था।
वो बोली- प्लीज विजय, मना मत करना। मेरा दिल टूट जाएगा।

मैं बोला- हां, पसंद तो मैं भी तुम्हें करता हूं लेकिन कभी कहा नहीं मैंने। एक किस दे दो ना आज!
वो शर्म से लाल हो गई और बोली- पागल हो क्या, यहां ऐसे खुले में सब देख लेंगे।
मैंने कहा- दोपहर के वक्त मेरे खंडहर वाले घर में आ जाना।

वो बोली- लेकिन उसमें तो सांप रहते हैं, काट लेंगे।
मैं बोला- जब तक तुम्हारा यार है, तुम्हें कुछ नहीं होगा तमन्ना!
वो मान गई और बोली- ठीक है, तो मैं आ जाऊंगी।

धीरे-धीरे दोपहर का समय हुआ और मैं अपने खंडहर वाले घर में चला गया, जहां कभी कोई नहीं आता।

तमन्ना छुपकर आयी और मैंने बैठने के लिए एक कपड़ा बिछा लिया जो मैंने वहीं पर छुपाकर रखा हुआ था।

बैठकर हम दोनों बात करने लगे।

वो बोली- मेरा पहली बार है, कुछ हो तो नहीं जाएगा?
मैं बोला- अरे पागल, कुछ नहीं होगा।
फिर वो बोली- तो फिर जल्दी करो, मैं ज्यादा देर नहीं रुक पाऊंगी।

मैं तो पहले से ही नयी चूत मारने के लिए बेताब था।
तो मैं उसे चूमने लगा।

गाल चूमते-चूमते फिर जीभ चूसने लगा और वो भी पूरा सहयोग कर रही थी।
उसके बाद मैं उसकी चूची दबाने लगा।

बड़ी मस्त चूचियां थीं उसकी … एकदम से कसी हुई।

मैंने जल्दी से उसकी कमीज उतारी और ब्रा के ऊपर से चूचियों को भींचने लगा।
वो भी कसमसाने लगी।

फिर मैंने चूचियों को ब्रा के ऊपर से ही बाहर निकाल लिया और उन्हें भींच भींचकर पीने लगा।

वो आँखे बंद करके आह … ऊह्ह … आईई … ओह्ह करते हुए सिसकारियाँ भरे जा रही थी।

ये कामुक आवाजें सुनकर मैं बहुत ही ज्यादा जोशीला हो गया और उसकी ब्रा को खोलकर उतार फेंका।
उसकी लाल हो चुकी चूचियां एकदम से हवा में झूल गईं।

मैंने उसे नीचे लिटा लिया और बेतहाशा उसकी गर्दन गालों और चूचियों को चूमने लगा।

फिर मैंने उसकी सलवार खोल दी और साथ में पैंटी भी नीचे सरका दी।
उसकी चूत पर बाल नहीं थे।

मेरी भतीजी की चूत एकदम से गोरी और चमकदार थी। उसकी चूत में अंदर पानी चमक रहा था।

मैंने उसकी चूत को सहलाया तो मुझे बहुत मजा आया।

उसकी गीली चूत को मैं हथेली से रगड़ रहा था जिससे वो भी सिसकारने लगी।

मैंने नीचे से अपनी पैंट और अंडरवियर को उतार लिया; फिर मैं उसके सामने घुटनों पर खड़ा हो गया और उसको लंड चूसने के लिए कहा।
उसने लंड चूसने से मना कर दिया।
मैंने भी कोई जोर नहीं डाला।

फिर मैं उसकी टांगों के बीच में लेटकर उस गाँव की लड़की की बंद चुत को चाटने लगा।

चूत से नमकीन स्वाद आ रहा था और मुझे चूत चूसने में बहुत मजा आ रहा था।
उसकी चूत को चूस चूसकर मैंने पूरी तरह से गीली कर दिया।

वो अब एकदम से चुदने के लिए पागल हो चुकी थी।

मेरा मन कर रहा था कि मैं उसके पैरों को अलग अलग दिशा में बांधकर उसकी चूत को पूरी खोलकर चोदूं, लेकिन वहां पर मैं ऐसा नहीं कर सकता था।
इसलिए मैंने उसकी चूत में लंड लगा दिया और एक धक्का देकर लंड को अंदर धकेल दिया।

वो चीखने लगी लेकिन मैंने उसके मुंह को दबा लिया।
मैं उसके ऊपर लेट गया और लंड को चूत में डाले रखा।

फिर जब वो शांत हुई तो मैंने उसकी चूत में लंड को धीरे धीरे अंदर बाहर करना शुरू किया।
उसकी चूत से खून निकल गया था जो मेरे लंड पर भी लग गया।

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फिर मैंने उसकी चूत में धक्के देना शुरू किया और वो फिर से छटपटाने लगी, मुझे दोगला कहते हुए रोने लगी।

वो अब से पहले किसी से नहीं चुदी थी, इसलिए उसकी चूत में बहुत दर्द हो रहा था।

मुझे चोदने के लिए सील पैक चूत मिली थी इसलिए मैं बहुत खुश हो रहा था और उसकी चूत को पेले जा रहा था।
मुझे बहुत मजा आ रहा था।

थोड़ी देर पेलने के बाद मैंने लंड बाहर निकाला और उसके मुँह में डाल दिया।
मैं बोला- ले रंडी … पी मेरा लंड!

वो लन्ड बाहर निकालकर बोली- दे रण्डवा … तेरे लंड को अपनी जिंदगी बना लूँगी।
यह कहकर वह मुंह में लंड को खूब अंदर तक ले जाकर चूसने लगी।

मुझे बहुत मजा आ रहा था और उसे भी!
फिर मैंने उसके मुँह से लण्ड निकालकर उसकी चूचियों के बीच लगा दिया और रगड़ने लगा।
वह मुझे जोशीली नजर से देखी जा रही थी।

फिर तमन्ना बोली- चाचा, प्लीज चोदो ना … ये सब तो बाद में भी हो जाएगा। प्लीज चाचा!
मैं बोला- जल्दी किस बात की है डार्लिंग, अभी तो मुझे चूत भी चाटनी है।
यह कहकर मैं तुरन्त उसकी चूत पर टूट पड़ा।

मैं जीभ निकालकर उसकी चूत को चाटने लगा।
वो आँखें बन्द करके सिसकारियाँ भरने लगी।

वह कहने लगी- ओह्ह मेरे राजा … आ … आ … चूसो और चूसो, अपनी भतीजी को रंडी बना दो।

मैं जीभ को चूत के अन्दर तक डालकर उसे मजा देने लगा और कुछ ही देर में उसकी चूत पानी से भर गई।
तमन्ना बोली- प्लीज चाचा … अब चोद दो, अपनी बेटी को पेल दो।

मैं भी पूरा जोश में आ गया था और अपना लण्ड उसकी चूत के पास ले जाकर उसकी चूत के ऊपर रगड़ने लगा।

अब उसकी सब्र सीमा पार हुई और वह मुझसे बोली- अरे बेटी चोद, अपनी बेटी को चोद साले, तड़पा मत हरामी!

इस बात पर मुझे गुस्सा आ गया और मैंने तुरन्त लन्ड उसकी बुर में एक ही धक्के के साथ पूरा डाल दिया।
वो तिलमिला गई और छूटने के लिए अपनी गाँड इधर-उधर हिलाने लगी।

लेकिन तभी मैंने उसकी कमर को पकड़ लिया और उसकी चुदाई करने लगा।
फिर एक बार धीरे से, तो एक बार पूरे जोर से धक्का देने लगा।

वो रोने लगी- आईई मा … मर गई … मेरे बाप मुझे छोड़ दे, मैं मर जाऊँगी। आज के बाद तुमसे कभी नहीं पेलवाऊंगी। ऊईई … मर गई रे!

मैं लण्ड अन्दर जोर से डालकर हिलाते हुए बोला- मादरचोद … तू अभी से इतना चुदवा रही है, आगे तो तू दो-दो लंड लिया करेगी। तेरा भोसड़ा आज मैं फाड़ दूँगा।
वो बोली- तो फाड़ दे ना बेटीचोद … चोद मुझे साले।

उसके मुंह से यह सुनते ही मैं पूरे जोर-जोर से उसे पेलने लगा और वो लगातार चीखती रही।

मैं कुछ देर में झड़ गया; मैंने सारा बीज उसकी बुर में गिरा दिया।
फिर मैंने लन्ड बाहर निकाल दिया और उसके मुँह में डाल दिया।

वो मेरा लन्ड चूसने लगी।
अब वो मन लगाकर लंड चूस रही थी।

वो बोली- आह्ह … चाचा … बहुत नमकीन लग रहा है।
मैं बोला- नमकीन ही लगेगा रंडी, रसगुल्ला थोड़ा ही लगेगा!

फिर वो बोली- और करो ना बुर में! अब मजा आ रहा था।
मैं बोला- नहीं अब नहीं, मैं थक गया हूँ।
तो वो नाराज सी होकर बोली- तो फिर हटो ऊपर से, मैं अपनी सलवार पहन लेती हूं।

वो उठी तो मैंने उसको सलवार नहीं लेने दी, उसका हाथ पकड़ कर खींच लिया। वो नंगी ही मेरी गोद में आ बैठी।

मैंने उसके माथे को चूमा और कहा- यार तमन्ना, मैंने आजत क बहुतों की चूत चोदी है, लेकिन कसम से, जितना मजा तेरे साथ आया है, वैसा किसी के साथ नहीं आया।
वो बोली- पर क्या फायदा? सिर्फ आपको आया न, मुझे नहीं आया।
मैं बोला- क्या सच में मेरी माल?

वो बोली- हाँ मेरे भरतार, एक बार और हो जाता तो मैं भी संतुष्ट हो जाती।
मैं बोला- नहीं यार, मैं आराम करना चाहता हूँ।
इस बात पर वह गुस्सा हो गई और गुस्से से बोली- बेटीचोद, तू थका है न! मैं नहीं थकी हूँ।

यह कहकर वह मेरा लन्ड अपने मुँह में लेकर चूसने लगी। चूसते हुए ही उसने मुझे नीचे धकेल कर लिटा लिया और गपागप लंड को खाने लगी।
इतनी मस्त चुसाई की साली मादरचोद ने कि मेरा लंड दो मिनट में ही फिर से चूत में जाने के लिए रेडी हो गया।

दोस्तो, आगे बढ़ने से पहले मैं बता दूं कि यहां तक लिखते हुए मैं दो बार मुठ मार चुका हूं।
तमन्ना की चूत मारने में जितना मजा आया, वैसा मुझे इसके पहले नहीं मिला था।
लंड को चूस चूसकर उसने एकदम लोहे जैसा सख्त कर दिया।

फिर उसने उठकर अपने चूतड़ मेरी तरफ किये और मेरे मुंह पर बैठ गई।
झुक कर उसने अपना मुंह मेरे लंड के पास कर लिया।

वो मुझसे बोली- ये चूत अब तेरी ही है, जितना मर्जी चाट इसको … चाट जा पूरी … चाचा!

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ये बोलकर उसने फिर से मेरे लंड को मुंह में भर लिया और तेजी से मुंडी ऊपर नीचे करते हुए उस पर मुंह चलाने लगी।
मुझे बहुत मजा आ रहा था।

फिर मैं उसकी दोनों टाँगों को दोनों तरफ फैलाकर उसकी बुर को अपनी जीभ से चाटने लगा।

वो उम्म्म … उम्म … करके फिर से सिसकारियाँ भरने लगी।

फिर वह उठकर बैठ गई।
उसने मेरे लन्ड को पकड़कर उसने अपनी बुर के छेद में लगा लिया और धीरे-धीरे नीचे धक्का देने लगी।

जैसे ही थोड़ा लन्ड अंदर जाता वह दर्द की वजह से तुरन्त अपने चूतड़ों को ऊपर कर लेती।
ऐसा उसने कई बार किया।

अब मुझे गुस्सा आ गया।

अबकी बार वह जैसे ही नीचे आई मैंने उसकी कमर को पकड़ कर जोर से धक्का दे मारा और पूरा 8 इंच का लंड उसकी चूत में घुस गया।
वो एकदम से चीख पड़ी और उछल कर एक तरफ जा गिरी। उसने एक हाथ से पेट पकड़ लिया और दूसरे से चूत को सहलाते हुए रोने लगी।

मैं तुरन्त उठकर बैठ गया और देखा तो उसकी बुर से दोबारा खून गिर रहा था।

मैंने उससे पूछा- अब कैसा खून, सील तो तेरी पहले ही टूट गई थी।

तमन्ना गहरी सांसें लेती हुई बोली- वो क्या है न … तुम्हारा 8 इंच का हथियार इस पोजीशन में मेरी बच्चेदानी तक पहुंच गया और बच्चेदानी पर चोट लग गई।

फिर वो दोबारा से उठकर मेरे पास आती हुई बोली- कोई नहीं चचा, आप जी भरकर मुझे पेलो।
कहकर वो मेरे नीचे लेट गई।

अब मैंने उसकी एक टांग को अपनी गर्दन पर रखवा लिया और लंड उसकी बुर पर सेट कर दिया।
लंड को मैं धीरे-धीरे उसकी बुर में धकेलने लगा और साथ ही उसको किस करने लगा।

वो दर्द के मारे गर्दन हिला रही थी।
मेरा लंड उसकी बुर में हर बार जगह बनाता हुआ अंदर पहुंच रहा था और धीरे धीरे पूरा लंड बुर में घुस गया।

मैंने चोदना शुरू किया तो वो तिलमिलाने लगी और मुझे धक्का देकर एक तरफ हो गई।
मैं बोला- साली बुरचोदी! पगला गई हो क्या? जब तक दर्द को बर्दाश्त नहीं करेगी, चुदवाएगी कैसे?

वह मुझसे बोली- नहीं चाचा, बहुत दर्द हो रहा है। ऐसा लग रहा है जैसे कोई मेरी बुर में बेलन डाल रहा हो। मुझसे अब ये सब नहीं होगा, आज के बाद मैं छोटे लन्ड वालों से ही पेलवाऊंगी।

यह कहकर उसने अपनी सलवार पहनने के लिए हाथ में उठा ली और ब्रा पहनने लगी।
मेरा लन्ड पूरा टाइट था और उस वक्त मेरा बुर चोदने के लिए बहुत ज्यादा मन कर रहा था इसलिए मैं उसे अपनी बांहों में पकड़कर उसका चुम्मा लेने लगा।

लेकिन वो मुझ पर भड़क गई और बोली- एक बार बोली तो नहीं समझ में आ रहा है?
मैं बोला- सिर्फ आखिरी बार तमन्ना!
वो बोली- नहीं … अब नहीं, अगर अब तुमने मुझे छुआ तो मैं शोर मचा दूँगी।

इस बात पर मुझे गुस्सा आ गया और मैंने उसे पकड़कर सुता दिया और उसकी चूत को चाटने लगा।
वो कुछ भी नहीं बोली बल्कि आआ … ऊऊ … आह्ह करने लगी।

उसके बाद मैं नीचे लेट गया और फिर उसे अपने लन्ड पर बैठा कर उसकी गर्दन को अपनी तरफ करके जोर से पकड़ लिया।

फिर जोर से धक्का मारा और पूरा लन्ड उसकी बुर में बच्चेदानी तक चला गया।
एक बार फिर से वो रोती, चीखती हुई मुझसे अलग होने की कोशिश करने लगी लेकिन छूट नहीं पाई।

मैंने धक्के दे देकर उसे चोदना शुरू किया।
वो आह्ह … ऊहह … आह्ह … आईई … ऊह्ह करती रही और मैं चोदने का मजा लेता रहा।
कुछ देर चोदने के बाद मेरा वीर्य निकलने को हो गया।

वीर्य बाहर आने से पहले मैंने लंड को बाहर निकाला और उसके मुंह में देकर धक्के देने लगा।
मुंह को चोदते हुए मैंने सारा वीर्य उसे अंदर ही पिला दिया।

वो मेरे वीर्य को पी गई और मेरे लन्ड को जीभ से चाट-चाटकर साफ भी कर दिया।

फिर वो कपड़े पहनकर घर चली गई और उस दिन के बाद से उसने भी मुझसे बात करना बंद कर दिया।

लेकिन गाँव की लड़की की बंद चुत की चुदाई करके मुझे बहुत मजा आया।
उसके बाद वो दोबारा मेरे पास नहीं फंसी।

तो दोस्तो, ये थी मेरी पहली सेक्स कहानी।
इसे लिखते समय मेरे लंड से बहुत पानी निकला है क्योंकि तमन्ना की टाइट चूत के ख्याल बार-बार मुझे आ रहे थे और उसे चोदने का बहुत मन करने लगा था।
मैंने कई बार मुठ मारकर इस कहानी को खत्म किया।

आपको ये स्टोरी कैसी लगी, मुझे जरूर बताना।
मुझे उम्मीद है कि आप लोगों का लंड भी किसी टाइट चूत को चोदने के लिए तन गया होगा।
अपने विचार मुझे तक जरूर पहुंचाएं।

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