विलेज सेक्स: गाँव में आंटी ने मेरी सील तोड़ी

ये बात मैंने अपने उस गाँव के दोस्त को बताई तो बोला- अरे वाह.. इसका मतलब अच्छा मौका है.. चौका मार ले. साली आंटी तो पूरी चालू है, अपनी सील खुलवा ले.

उसकी बात सुनकर मुझे भी चुदास चढ़ने लगी और मैं भी अब आंटी में इंटरेस्ट दिखाने लगा. अब मौका मिलते ही मैं उनकी तरफ देखता, पर शायद वो मेरी छिप कर फोन सुन लेने की बात से कुछ नाराज सी हो गई थीं, इसलिए वो मुझे देख कर भी एक बार नहीं मुस्कुराई.

आज तो दोपहर को सोने के वक्त भी उनके साथ सोने के लिए दो और आंटियां और आ गई थीं. आज मैंने आंटी को हिम्मत करके आँख मार दी तो आंटी कुछ समझ सा गईं. फिर सोते वक्त मौका देखकर उन्होंने अपना फोन देते हुए कहा कि जल्दी से नम्बर सेव कर दो.

मैंने नम्बर सेव कर दिया. शाम को जब मैं चारा लाने के लिए खेत में गया था तो रास्ते में क्रिकेट का खेल चल रहा था, तो मैं खेल देखने लगा. मुझमें क्रिकेट का कीड़ा कुछ ज्यादा ही है. मैं वापिस आने लगा तो आंटी का फोन आया.
वो बोलीं- कहां रह गया?
मैंने पूछा- कोई काम था क्या?
आंटी बोलीं- नहीं बस ऐसे ही काफी देर से दिखा नहीं इसलिए पूछ रही थी.
तब पहली बार मुझे लगा कि इसके भी दिल में गड़बड़ है.
मैंने पूछा- क्यों मैं आपका क्या लगता हूं, जो मेरी इतनी चिंता हो रही है.

कुछ देर तो वो चुप रहीं, फिर बात बदलते हुए बोलीं- तू छुपकर मेरी बातें क्यूं सुन रहा था?
मैं बोला- छुपकर नहीं सुनी, मैं तो ऊपर अपने काम से आया था, मुझे क्या पता था कि आप अपने किसी दोस्त से बात कर रही हो.
वो बोलीं- तू शक्ल से भोला दिखता है, पर है नहीं..
यह कह कर उसने फोन काट दिया. घर आने के बाद जब भी उससे मेरी नजरें मिलतीं, तो वो एक कातिलाना स्माईल पास करतीं.

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अगले दिन दोपहर को फिर वो दोनों आंटियां भी आ गईं. मैं मन ही मन उन दोनों को गालियां दे रहा था. इसके बाद सोते वक्त वो आंटी मेरे नजदीक वाले गद्दे पर ही सो रही थीं. बाकी आंटियों के सोने के बाद वो थोड़ा नजदीक आ गईं और उन्होंने मेरे ऊपर हाथ रख दिया.

मैं उनकी इस हरकत से जब नहीं हिला, तो धीरे से बोलीं- मुझे पता है कि तू जाग रहा है, एक्टिंग मत कर.

मैं आंखें खोल कर उन्हें देखने लगा. वो मेरे सीने पर हाथ घुमाने लगीं. मुझे कुछ-कुछ होने लगा. मेरा भी दिल कर रहा था कि आंटी के ऊपर हाथ फेर लूँ, पर मेरी हिम्मत नहीं हो रही थी.

आंटी मेरी झिझक समझ गईं और मेरा हाथ उठाकर अपने पेट पर रख लिया. मैं कुछ देर तो वहां अपना हाथ घुमाता रहा, फिर धीरे धीरे हाथ बढ़ा कर मम्मों पर हाथ फिराने लगा.

आंटी के मम्मे मेरी गर्लफ्रेंड से काफी मुलायम थे. वो भी अपने मम्मों पर मेरे हाथों के स्पर्श का मजा लेने लगीं. कुछ ही देर में आंटी ने अपना हाथ मेरे लंड पर रख दिया, जो अब तक पूरा खड़ा हो चुका था.

पर इस वक्त इस कमरे में हम दोनों के अकेले ना होने की वजह से आंटी ने मेरे लंड को पैन्ट बाहर नहीं निकाला था. बस ऊपर से ही मेरे लंड को सहलाती रहीं. मैं उनके मम्मों को दबाता दबाता, नीचे हाथ ले जाकर उनकी चूत को सहलाने लगा. वो भी काफी गर्म हो गयी थीं, पर दिखा नहीं रही थीं. आधे घंटे ये हाथ फेरने का खेल चला.

इसके बाद सब उठ कर नीचे जाने लगे, तो वो थोड़ा सा लेट होकर जल्दी से मुझे एक किस करके चली गईं.

उस दिन आंटी से खेलने का और मौका नहीं मिला. इसके बाद अब जब भी आंटी बस नजदीक से निकलतीं, तो आते जाते मैं उनके मम्मों को या गांड पर चुटकी काट लेता. वो हंसकर आगे को निकल जातीं.

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अगले दिन वो 2 आंटियां तो आ गईं सोने.. पर मेरे वाली नहीं आईं.
मैं उनको देखने गया तो वे अभी भी नीचे कुछ काम कर रही थीं. मैंने इशारा किया कि आ जाओ, पर आंटी ने कोई जबाव नहीं दिया. मैं गुस्से से आकर सो गया.

जब सब उठने ही वाले थे, तब वो आईं और सबसे बोलीं- आज तो काम बहुत ही ज्यादा था, मैं तो अपने हिस्से का कर आई हूं, अब तुम जाओ नीचे काम करो. जब तक मैं कुछ देर आराम कर लेती हूं.

तब मुझे समझ में आया कि ये आंटी का प्लान था, मैं बहुत खुश हुआ, जिसे वो समझ गईं.

उन आंटियों के जाते ही मुझे दरवाजे के पास बुला लिया कि कोई आये तो यहां से पता चल जाएगा.. और तुम नीचे चले जाना और मैं सो जाऊंगी.
मैंने झपटकर आंटी को दीवार से लगाया और उनको किस करने लगा, क्या मस्त सीन था यार. आंटी किस करने में तो एकदम एक्सपर्ट थीं. फिर मैं उनका कुर्ता उठाकर उनका एक दूध दबा कर पीने लगा. आंटी के मम्मे थोड़े लटके हुए थे, लेकिन इस उम्र के लिहाज से काफी ठीक थे.

मैं आंटी के मम्मों को पूरे मजे से पी रहा था. जब मैं उनकी सलवार का नाड़ा खोलने लगा, तो आंटी ने नाड़ा पकड़ लिया.
आंटी बोलीं- कोई आ जाएगा?
पर मैंने बोला कि आप जल्दी से कुर्ता नीचे करके सोने का नाटक करने लगना और मैं चला जाऊंगा. किसी को क्या पता चलेगा कि यहां क्या हो रहा था?

मेरी बात सुनकर आंटी ने नाड़ा छोड़ दिया और मैंने झटका देकर खोल दिया. अन्दर हाथ डाल कर उंगली से छुआ तो पानी की नदियां बह रही थीं. खुद की चूत पर मेरी उंगली का अहसास पाते ही आंटी जोर जोर से सांसें लेने लगीं.

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