दोस्त की दीदी ने मुझे पटा कर चूत चुदाई

सभी देवियों एवं सज्जनों को तहे दिल से मेरा सादर प्रणाम. मेरा नाम संजय गुप्ता है मेरी हाईट 5 फिट 9 इंच है. मैं अन्तर्वासना का नियमित पाठक हूँ. मेरी पहली कहानी
दोस्त की बहन की जम के चुदाई
आप लोगों को बहुत पसंद आई, जिसके लिए मैं आप सभी लोगों को पुनः तहे दिल से धन्यवाद करता हूँ और अन्तर्वासना सेक्स स्टोरीज डॉट कॉम को भी धन्यवाद करता हूँ.

मैं यू पी का रहने वाला हूँ, फिलहाल मुम्बई में जॉब करता हूँ. मेरा जॉब सुबह 7 बजे से 3 बजे तक 8 घंटे का था.

यह कहानी इसी साल मार्च की है. मैं एक घर में पेईंग गेस्ट की तरह से रहता था तो घर का मालिक राजू मेरा दोस्त बन गया था क्योंकि हम दोनों हमउम्र थे.
राजू की शादी हो चुकी है उसकी एक बेटी है, जिसका नाम देवांशी है. देवांशी करीब 3 साल की है और अपनी नानी के घर ज्यादा रहती है. राजू अनपढ़ है, इसी लिए कहीं जॉब नहीं कर पाता था. वो दिन भर ताश के पत्ते खेलता और दूसरों का कोई काम कर दिया करता था तो कुछ पैसे मिल जाते थे और वो उसी में खुश रहता था.

राजू की बीवी का नाम सीमा है, जो 26 साल की है. पैसों की तंगी के वजह से सीमा नौकरी करती है. राजू की एक बहन है, जिसका नाम अनीता (बदला हुआ) है, मैं उनको अनीता दीदी कह कर बुलाता था. उनकी एक बेटी थी, जिसकी 12 साल की उम्र में तबियत खराब रहने की वजह से मौत हो गई थी. दीदी की उम्र 36 साल है और उनका फिगर 32-30-34 का होगा. कुछ घरेलू वजहों से अनीता दीदी के पति उन्हें छोड़ कर कहीं चले गए थे.

अनीता दीदी अपने घर में अकेली रहती थीं, कभी कभी अपने भाई के घर आ जाया करती थीं. अधिकतर जब उनके पास पैसे खत्म हो जाया करते थे, तब वे राजू के घर आ जाया करती थीं.

एक दिन अनीता दीदी को पैसे चाहिए थे तो उन्होंने राजू को फोन किया. राजू ने फोन नहीं उठाया, तो वे करीब 3:30 बजे उसके घर पर आ गईं.

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मैं अकेला बैठ कर लैपटॉप में बॉलीवुड की हीरोइनों की नंगी चुदाई की फोटो देख रहा था. तभी डोर बेल बजी, मैंने दरवाजा खोला तो राजू की बहन अनीता दीदी बाहर खड़ी थीं. आज तो अनीता दीदी बड़ी कयामत लग रही थीं.

दीदी राजू को पूछने लगी, मैंने तुरंत राजू को फोन किया तो उसने फोन नहीं उठाया. मैंने अनीता दीदी को बैठने के लिए कहा. वो सोफे पर पसर कर बैठ गईं और कहने लगीं- ऐसे जीवन को क्या जीना, जिस जीवन में रंग ना हों.

मैं उनकी बात सुनकर सोच में पड़ गया, फिर मैंने पूछा- क्या हुआ अनीता दीदी?
उन्होंने ‘कुछ नहीं..’ कह के बात को टाल दिया.
फिर मैंने अनीता दीदी को बोला- दीदी आप टीवी देखो, मैं आपके लिए चाय बनाके लाता हूं.

जब मैं चाय बना कर लाया तो देखा कि अनीता दीदी टीवी के बजाय मेरे लैपटॉप में जिस हीरोइनों की नंगी चुदाई वाली फोल्डर मिनीमाइस किया हुआ था, वो ओपन करके देख रही थीं.

मुझे देखते ही उन्होंने चुदाई वाले फोल्डर मिनीमाइज कर दिया और कहने लगीं- बहुत बढ़िया लैपटॉप है.

पर तब तक तो मैं तो जान गया था कि अनीता दीदी क्या देख रही थीं. उतने में टीवी पर रोमांटिक सीन आ गया.
अनीता दीदी ने कहा- वाह, कितना बढ़िया सीन है.

मैंने चैनल बदल दिया तो अनीता दीदी गुस्सा हो गईं और कहने लगीं- तुम अपने लैपटॉप में हीरोइनों की नंगी चुदाई वाली फोटो देखते हो तो कुछ नहीं.

ये कहते हुए अनीता दीदी ने लैपटॉप पे चुदाई वाले फोल्डर को मेरे सामने ही ओपन कर दिया. मैं अनीता दीदी को ये सब करते देख हैरान रह गया.
अनीता दीदी ने मुझसे कहा- तुम यही देखते हो?
मैंने अनीता दीदी को सॉरी बोला और कहा- दीदी प्लीज़ किसी को मत बोलना नहीं तो बदनामी होगी.
अनीता दीदी ने कहा- एक शर्त पर किसी को नहीं बोलूँगी.
मैंने कहा- क्या शर्त है?
दीदी ने बिना झिझक के बोल दिया- तुमको मुझे चोदना पड़ेगा.

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एक मस्त औरत के मुँह से चुदाई की बात सुनकर तो मैं सातवें आसमान पर उड़ने लगा और अगले ही पल मैंने अनीता दीदी को अपनी बांहों में भर लिया. मेरी भी यही तमन्ना थी कि अनीता दीदी को कैसे चोदूं.
मैं अनीता दीदी को चूमने लगा. मुझसे ज्यादा अनीता दीदी मुझे चूमे जा रही थीं.

मैं दीदी को चूमते चूमते एक हाथ से उनकी चूची को दबाने लगा. दीदी की चूची बहुत टाईट थीं. उनकी चूची को दबाने में बहुत मजा आ रहा था. मैंने दीदी को उठा कर पलंग पर ले गया. मैंने दीदी की साड़ी उतार दी. अब दीदी पेटीकोट और ब्लाउज में थीं, उनकी चूची मुझे ललचा रही थीं.

मैंने झट से दीदी के ब्लाउज को खोल के अलग कर दिया. दीदी अब ब्रा में और ज्यादा हसीन लग रही थीं. मैंने ब्रा के ऊपर से ही उनकी चूची को बहुत दबाया, मुझे बड़ा मजा आ रहा था.

दीदी ‘उइ इइइ इ इस आह ह ओह आह उइइ..’ करने लगीं.

क्या बताऊँ दोस्तो, उस टाईम मेरा क्या हाल हो गया था. तभी दीदी उठीं और उन्होंने जल्दी से मेरे शर्ट को खोल के अलग फेंक दिया और मुझसे चिपक गईं. मेरा लंबा लंड दीदी की चूत पर टकराने लगा. जल्दी से दीदी मेरी पैंट को खोलने लगीं. मैंने भी पैंट को खोलने में उनकी मदद की. पेंट खुलते ही मेरा 7 इंच का लंड चड्डी में उफान मारने लगा. मैंने दीदी के पेटीकोट जल्दी से खोल दिया. दीदी की लाल पैन्टी में उनकी चूत बहुत मस्त लग रही थी.

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