दोस्त की चुदक्कड़ बहन की चूत मारी

 

Xxx लड़की की चुदाई का मजा मैंने लिया अपने दोस्त की सगी बहन की चूत चोद कर उसी के घर में! वो लड़की पहले से ही चालू थी पर साली नखरे चोद रही थी.दोस्तो, मेरा नाम सुख संधू है और मैं चण्डीगढ़ से हूँ.यह Xxx लड़की की चुदाई की बात तब की है, जब मेरे दोस्त की बहन की शादी थी और उसके यहां शादी का बहुत सारा काम करना था.

मेरे दोस्त की फैमिली में उसका एक भाई और एक चुदक्कड़ बहन है.
उसकी मॉम भी अपने समय में बहुत बड़ी चुदक्कड़ रही है.

पहले तो मैं ज्यादा उसके घर पर नहीं जाता था पर चूत का स्वाद मुझे भी उनके घर खींच कर ले गया.
मैं भी चूत के चक्कर में उसके घर जाने लगा.

धीरे धीरे दोस्त की मॉम और बहन के साथ मेरा काफी अच्छा रिश्ता बन गया.

सारी फैमिली मेरे ऊपर बहुत विश्वास करने लगी थी.
जब भी दोस्त की मॉम और दोस्त कहीं बाहर जाते, तो वे मुझे उस चुदक्कड़ ‌बहन के पास छोड़ जाते.

दोस्त की बहन का नाम किरण था.

पहले तो किरण मेरे साथ ज्यादा बात नहीं करती थी, फिर वो धीरे धीरे मुझसे खुल कर बात करने लगी.

अब उसकी आदत तो थी ही चुदक्कड़पने की, तो वो मुझमें भी एक चोदू लंड देखने लगी.
इसका अंदाज मुझको तब हुआ, जब वह जानबूझ कर मेरे साथ मस्ती करने लगी.

मैं खुद उसी चक्कर में दोस्त के घर आया करता था तो मुझे भी काम फ़तेह होता हुआ दिखने लगा.

किरण मुझसे बात करती हुई मुझे अपनी बड़ी बड़ी चूचियां दिखाती, तो मेरे लंड में आग लगने लगती.
उसकी बड़ी बड़ी चूचियां देख कर किसी का भी लंड खड़ा हो जाए तो मेरा लंड कौन सा सीधा किस्म का लंड था.

वो जब भी अपनी चूचियां दिखाती, मेरा लंड झटके से खड़ा हो जाता.
मेरे लंड के खड़े होने का पता उसे भी चल जाता, पर वह जानबूझ कर अनदेखा कर देती.

उसकी चूत भी लंड लेने का म़चल रही थी, पर वो कुछ हिचक सी रही थी.

मैंने उससे एक दिन पूछ लिया- तुमने कभी सेक्स किया है?
यह बात सुन कर वह बहुत भड़क गई और तेज स्वर में बोली- यह क्या बोल रहे हो तुम … आगे से ऐसी कोई बात की, तो मैं अपनी मॉम को बता दूँगी.

उसकी कड़क बात सुन कर मैं भी थोड़ा डर गया और उससे बोला- गुस्सा मत करो किरण, मैं तो ‌ऐसे ही पूछ रहा था. वैसे भी कुछ दिन बाद तुम्हारी ‌‌शा‌दी होने वाली है. बस इसी लिए पूछा था.
वो कुछ नहीं बोली.

फिर कुछ देर बाद मैं अपने घर आ गया.
आते समय वह मुझे बहुत घूर रही थी, इस तरह से उसने मुझे कभी नहीं देखा था.

मुझे उसकी आंखों में वासना की आग साफ़ दिख रही थी पर वो कुछ खुल कर बात नहीं कर रही थी.

पता तो मुझे भी था कि चूत तो उसकी भी पानी छोड़ चुकी है, बस एकदम से मेरा लंड नहीं पकड़ पा रही है.

अब मुझे सही समय का इंतजार था.

मैं कुछ दिन उनके घर पर नहीं गया. फिर एक दिन मुझे फोन आया ‘हैलो सुख!’
मैंने भी हैलो बोलते हुए पूछा- आप कौन?
‘मैं किरण बोल रही हूँ.’
उसकी बहुत ही सुन्दर आवाज़ थी.

मैंने पहले कभी किरण से फोन पर बात नहीं की थी, इसलिए मैं उसकी आवाज को एकदम से नहीं पहचान पाया था.

‘किरण तुम … !’
‘हां मैं, तुम आजकल हमारे घर नहीं आते, क्या कुछ बात है?’

मैं बोला- नहीं कोई बात नहीं है. बस ऐसे ही जरा काम के सिलसिले में फंसा पड़ा हूँ, आने का समय ही नहीं मिला.

किरण- मुझे लगता है कि तुमने उस दिन मेरी बात का बुरा मान लिया था, सॉरी उस दिन मैं गुस्से में थी. मेरा मूड ऑफ था. मुझे पता ही नहीं चला कि मैं क्या बोल ग‌ई.
मैं बोला- कोई बात नहीं. गलती मेरी भी थी. मुझे तुमसे ऐसी बात नहीं करनी चाहिए थी.

किरण- कोई बात नहीं तुमने कौन सा कुछ कर गलत बोला था. यह तो नॉर्मल सी बात है, सभी करते हैं.

मैं- ओके तो सच में गुस्सा नहीं हो तुम?
किरण- नहीं.
मैं- ओके ठीक है.

किरण- आज मॉम और भाई बाहर जा रहे हैं. उन्हें शादी का कुछ सामान लाना है और रिश्तेदारों में भी जाना है. मैं घर पर अकेली हूं. उनको वापस आने में अंधेरा हो सकता है और मुझे घर पर अकेले में डर लगता है.
मैं- ठीक है, मैं आ जाऊंगा.
‘ओके मैं वेट करूंगी, बाय.’

मैं समझ गया था कि आज इसका चुदाने का पूरा मूड है.
उस दिन मैं बहुत खुश था.

मैं मन में सोच रहा था कि मेरे लौड़े को आज शायद किरण की चूत मिल ही जाएगी.
फिर मैंने जल्दी-जल्दी अपना काम खत्म किया और नहा धोकर उसके घर चला गया.

घर के अन्दर गया तो मां और बेटा तैयार हो रहे थे.

मुझे देख कर किरण की मॉम बोलीं- अच्छा हुआ तू आ गया. हम तुझे फोन करने ही वाले थे कि हम कहीं बाहर जाने वाले हैं, किरण घर पर अकेली है. और आज हमें घर आने में ज्यादा टाइम लग जाएगा. तुम इसके पास ही रह जाना, ये अकेले में डरती है.

मैं- कोई बात नहीं, आप जाओ और टेंशन मत लो. मैं हूँ इसका ख्याल रखने के लिए.
आंटी- बेटा अगर तुम ना होते तो हमें इसके पास रहना पड़ता. तुम्हारा बहुत-बहुत धन्यवाद.

मैं- कोई बात नहीं आंटी, धन्यवाद वाली कोई बात नहीं है. यह तो मेरा फर्ज है. पर किरण कहीं दिखाई नहीं दे रही है वो कहीं गई है क्या?

आंटी बोलीं- हां वह बाथरूम में नहाने गई है. सुबह से बहुत काम किया है इसको अब जाकर इसको नहाने को मिला. ठीक है, अब हम दोनों निकलते हैं.

आंटी, किरण को आवाज लगाती हुई बोलीं- किरण, सुख को चाय पिला देना. हम जा रहे हैं, हमें देर हो रही है.

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किरण ने आवाज दी- ठीक है आप जाओ … मैं सुख को सब दे दूंगी.
आंटी मुझसे बोलीं- ठीक है बेटा. अपना ध्यान रखना. दरवाजा ठीक से बंद कर लेना.

फिर वह दोनों चले गए.
मैं टीवी देखने लगा.

पर किरण अभी भी बाहर नहीं आई थी, उसे काफी देर हो गई थी.
लग रहा था कि किरण अपनी चूत को अच्छी तरह से साफ कर रही है.

कुछ देर बाद वो बाहर आ गई.
आज किरण बहुत ही ज्यादा हॉट और सेक्सी लग रही थी, मैं तो उसे देखता ही रह गया.

उसके खुले हुए बाल थे.
उसने वाइट कलर का टॉप पहना हुआ था, जिसमें से उसकी लाल ब्रा साफ़ दिख रही थी और बड़े-बड़े चुचे भी साफ दिख रहे थे.

नीचे उसने टाइट पजामी पहनी हुई थी, जिसमें उसकी पैंटी साफ दिख रही थी. उसे देखते ही मेरा लंड खड़ा हो गया.

उसने मुस्कुरा कर पूछा- ऐसे क्या देख रहे हो?
मैं बोला- तुमको?

‘पहली बार थोड़ा देख रहे हो, रोज तो देखते हो.’
मैं बोला- हां पर आज बहुत ज्यादा सुंदर लग रही हो.

किरण स्माइल बोली- थैंक्यू … चलो अब ठीक है, बहुत तारीफ हो गई. बोलो क्या लोगे?
मैं- जो तुम दोगी.

किरण बात को टालती हुई बोली- अभी चाय या कॉफ़ी मिलेगी … बाकी रात को तुम बोलोगे, दे दूंगी.

मैं उसके बूब्स की ओर देखते हुए बोला- चाय कॉफी तो रोज पीता हूं. आज मुझे दूध पीना है.
किरण मुस्कुराती हुई बोली- कॉफी बना कर ला रही हूं, दूध रात को पी लेना.

उसका इशारा मैं साफ-साफ समझ रहा था. मैं भी कोई जल्दी नहीं करना चाहता था.
फिर वह कॉफी बनाने चली गई.

मैंने टीवी पर एक हॉट मूवी लगा दी जिसमें काफी हॉट सीन थे.
कुछ देर बाद वह कॉफी और बिस्कुट लेकर आ गई.
हम दोनों ने साथ में बैठकर कॉफी पी.

फिर हम दोनों ने बातें करनी शुरू कर दीं.

कुछ देर बाद करने के बाद टीवी पर एक किसिंग सीन आ गया.
मैंने किरण से पूछा- किरण यह सच में किस करते होंगे या ऐसे ही बना है?
मैंने अनजान बनते हुए पूछा था.

किरण बोली- मुझे क्या पता, मैं कौन सा मूवी में काम करती हूं.
मैं बोला- चलो जो भी है, इन लोगों के तो बहुत मजे हैं. जहां चाहे वहां किस करने लगते हैं. हमारे इधर तो किसी से को पूछ लो, तो वह लड़की खाने को दौड़ती है.

किरण मुझे देखकर हल्की मुस्कुराई.

मेरा थोड़ा और हौसला बढ़ गया. मैंने पूछा- किरण तुमने कभी किस किया है? मैंने तो कभी किसी लड़की के साथ नहीं किया है.
किरण- नहीं, मैंने भी कभी नहीं किया.

मैं बोला- पता नहीं मेरी किस्मत में कब कोई सुंदर लड़की आएगी और उसके साथ मैं किस करूंगा.
किरण बोली- टेंशन मत लो, मिल जाएगी. वैसे कैसी लड़की चाहिए तुम्हें?
‘बिल्कुल तुम्हारे जैसी.’

किरण- क्या सच में?
‘हां सच में, तुम बहुत सुंदर हो. काश तुम्हारी जैसी मेरी कोई गर्लफ्रेंड होती.’

फिर मैं किरण के साथ चिपक कर बैठ गया.
उसने कोई विरोध नहीं किया.

मैंने किरण का हाथ पकड़ा और बोला- किरण, मैं तुमसे बहुत प्यार करता हूं, तुमको बहुत लाइक करता हूं.
ये कह कर सच में मैंने अपनी आंखें नम कर लीं.

उसने मेरी ओर देखा.
उसकी आंखों में एक अलग ही चमक थी.

किरण बोली- अगर किसी को पता चल गया तो?
‘नहीं, किसी को पता नहीं चलेगा. मैं कोई ऐसा काम नहीं करूंगा, जिससे तुम्हें शर्मिंदा होना पड़े.’
वो बस मेरी तरफ देखती रही.

‘तुम बस एक बार हां कर दो, मैं किसी को पता नहीं चलने दूंगा. तुम्हारा पूरा ध्यान रखूंगा और कोई ऐसा काम नहीं करूंगा, जिससे तुम्हें परेशानी हो.’

किरण कुछ नहीं बोल रही थी, पर उसकी आंखों से साफ पता चल रहा था कि उसको भी चूत चुदवानी है.

फिर मैं उठकर यूं ही चलने लगा और बोला- अगर तुम्हें कोई परेशान हो तो मैं चलता हूं. कोई बात नहीं, मैं अपने दिल को समझा लूंगा.

फिर किरण ने मेरा पीछे से हाथ पकड़ा.
मैं समझ चुका था कि किरण भी पूरी गर्म हो चुकी है.

मैं पीछे मुड़ा और किरण के दोनों हाथ पकड़ लिए.
किरण की सांसें पूरी तेज हो चुकी थीं.

फिर मैं किरण को किस करने लगा.
उसने भी कोई विरोध नहीं किया और बोली- मैं भी तुमसे बहुत प्यार करती हूं.
अब मेरा हौसला और ज्यादा बढ़ गया और मैं पागलों की तरह से किरण के गले, गाल, मुँह पर लिप किस करने लगा.

फिर वह भी मेरा साथ देने लगी. वो पूरी गर्म हो चुकी थी, उसकी चूत भी पानी छोड़ चुकी थी‌.
मैंने उसका टॉप निकाल दिया.
वह सिर्फ ब्रा में थी.

ब्रा के ऊपर से ही उसके बड़े बड़े बूब्स दबाने लगा. ब्रा भी खोल दी उसके बूब्स एकदम से टाइट हो चुके थे.

एक हाथ से मैं उसके एक दूध को पकड़ कर चूस रहा था; दूसरे हाथ को मैंने पैंटी के अन्दर डाल दिया.
उसकी चूत पूरी गीली हो चुकी थी.

उसके मुँह से ‘आह … आह …’ निकल रही थी. वो पूरी मस्त हो चुकी थी.
किरण मेरा पूरा साथ देने लगी.

हम दोनों ने एक दूसरे के कपड़े उतार दिए.

‘आह जल्दी करो बहुत मजा आ रहा है … आह … बहुत अच्छा लग रहा है जल्दी करो … मेरे नीचे कुछ हो रहा है.’

उसकी चूत पर एक भी बाल नहीं था, एकदम से क्लीन शेव थी.
मैं उसकी चूत को चाटने लगा और उसके एक हाथ में अपना लौड़ा पकड़ा दिया.

वह लंड को सहला रही थी.
मैं भी पूरा गर्म हो चुका था.
मेरा लौड़ा खड़ा हो चुका था.

वह बहुत ही ज्यादा गर्म हो चुकी थी और गालियां दे रही थी ‘चाट साले मेरी चूत … चाट मेरी चूत … साले पानी पानी कर दे मेरी चूत को … जब से तेरा लौड़ा देखा है, हर रोज चूत में उंगली कर करके सो रही हूं.’

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मैंने भी गालियां देनी शुरू कर दीं- आह मेरा लंड खड़ा करवा देती थी अपनी चूचियां दिखा कर … साली तेरी चूत का आज भोसड़ा ना बनाया तो मेरा नाम भी सुख नहीं … आह हिला मेरे लंड को ओह.

फिर कुछ देर चूत चाटने के बाद किरण की चूत ने पानी छोड़ दिया.
मैंने सारा नमकीन पानी चाट चाट कर साफ़ कर दिया.

फिर मैं खड़ा हो गया.

मेरे खड़ा होते ही मैं किरण से कुछ कहता कि उसने मेरा लौड़ा मुँह ले लिया और पागलों की तरह चूसने लगी.
लंड चूसने से गपागप की आवाज आ रही थी.

वह पोर्न मूवी की हीरोइन की तरह लौड़ा को चूस रही थी- आह साले, कब से इसको देख रही थी. आज जाकर चूसने का मौका मिला है … खा जाऊंगी इसे मैं!

‘साली कुतिया रंडी … कबसे तेरी चूत में लंड देने को बेकरार था, आज जाकर मौका मिला है. मेरी सारी प्यास बुझा दूंगा … चूस मादरचोद.’
‘साले तू ही नहीं चोदता था भैन के लौड़े … मैं तो कब से चूत खोल कर तैयार बैठी थी. कहां संभाल कर रखा था इतना बड़ा लौड़ा … काश पहले मिला होता तो खा जाती मैं!’

मेरा पूरा लौड़ा उसके मुँह में नहीं जा पा रहा था.
उसकी आंखें लाल हो रही थीं और गप्प चप्प गप्प चप्प की आवाज आ रही थी.

फिर हम दोनों 69 की पोजीशन में आ गए.
वो मेरा लौड़ा चूस रही थी और मैं उसकी चूत चाटने लगा था.

किरण फिर से गर्म हो चुकी थी.
उसके मुँह से सेक्सी सेक्सी आवाज निकल रही थी- आह … आह राजा डालो मेरी चूत में … बहुत दिनों से लौड़ा लेने का इंतजार कर रही हूँ … आह अब और मत तड़पाओ.

उसने मेरे लौड़े को चूस चूस कर पूरा गीला कर दिया था.

‘अभी डालता हूं मेरी रानी.’

फिर मैंने उसको सीधा बेड पर लिटाया, उसकी टांगों को फैला दिया और उसकी चूत के मुहाने पर अपना लौड़ा रगड़ने लगा.

‘प्लीज राजा डाल दो अन्दर … अब रहा नहीं जा रहा.’
‘डालता हूँ मेरी रानी.’

फिर मैंने अपने लंड का टोपा उसकी चूत में डाल दिया और उसके ऊपर लेट गया.
चूत बहुत टाइट थी, लौड़ा अन्दर नहीं जा रहा था.

मैंने हल्का सा दबाव डाला और एक झटके से लौड़ा अन्दर डाल दिया.
मेरा आधा अन्दर गया ही था कि वह चिल्लाने लगी ‘आह मर गई मम्मी रे … आह बाहर निकालो इसे … बहुत दर्द हो रहा है … मर गई मैं … आह …’
उसकी आंखें फट गई थीं और आंसू बाहर आने लगे थे.

मैंने उसको कसकर पकड़ रखा था.
कुछ समय के लिए मैं रुका, उसके होंठों को अपने होंठों में दबा दिया, साथ में ही उसके बूब्स दबाने लगा.

मैंने एक और झटका मारा और पूरा लौड़ा उसके अन्दर चला गया.
मैं उसकी चिल्लपौं को नजरअंदाज करता हुआ धीरे धीरे लौड़ा अन्दर बाहर करने लगा.

कुछ देर बाद उसको भी मज़ा आने लगा.

वो भी मेरा साथ देने लगी. वो अपनी गांड हिला हिला कर लौड़ा ले रही थी.
साथ ही वो अपने होंठ चबा रही थी और सिसकार रही थी- उफ … चोद सुख … चोद … आह … फाड़ दे मेरी चूत … उफ … आह … ज़ोर से रगड़ दे.

कुछ देर चोदने के बाद मैंने उसे घोड़ी बना लिया और पीछे से लंड पेल दिया.
वो फिर से सिसकार उठी- आह्ह सुख … गई मैं … आह्ह … सुख.

किरण की चूत कई महीनों के बाद लंड की रगड़ से झड़ रही थी.
उसकी चूत से इतना ज्यादा लावा फूट रहा था कि मेरा लंड गीला होकर उसकी चूत में सटासट घुस निकल रहा था.

मैं बोला- साली कुतिया … लगता है बहुत दिनों से तेरी नदी का नक्का नहीं खुला. पानी जांघों तक बह रहा है.
किरण बोली- इतने लंबे लंड से पहले कभी नहीं चुदी. तुमने आज मेरी चूत ही फाड़ दी … आह … ऊंईई … जन्नत की सैर करवा दी.

मैंने तेज़ तेज़ झटके दिए और वो फिर से गर्म हो गई.
दस मिनट बाद वो फिर से झड़ गई ‘आह मेरे राजा … आज से मैं तेरी रंडी … तू जैसे मर्जी चोद सकता है मुझको.

फिर मैं बेड पर सीधा लेट गया और उसको अपने ऊपर बैठा लिया.
वह भी मुझे पागलों की तरह चूम चाट रही थी.

उसने मेरे लंड में अपनी चूत फंसाई और अब वह भी अपनी गांड उठा उठा कर मेरा साथ देने लगी थी.
पूरे कमरे में ‘फ़च फ़च ऊं … आह … उई …’ की आवाज आ रही थी.

किरण तीन चार बार झड़ चुकी थी.
मैंने सेक्स की गोली खा रखी थी तो मेरा तो जल्दी झड़ने वाला नहीं था.

इस दौरान हम दोनों ने हर तरह से सेक्स किया.

किरण का जब भी दिल करता, वह लौड़ा चूत से बाहर निकाल कर चूसने लगती.

फिर एक जबरदस्त चुदाई के बाद मैं उससे बोला- मैं झड़ने वाला हूं.

किरण मेरा लंड अपने मुँह में लेकर चूसने लगी.

मैंने अपना सारा वीर्य उस Xxx लड़की के मुँह में डाल दिया और उसने वीर्य की एक एक बूंद चाट कर लंड साफ़ कर दिया.

फिर हम दोनों बेड पर एक दूसरे से लिपट कर लेट गए.
किरण ने मुझे जोर से चूमा और बोली- सुख आई लव यू. आज मैं बहुत खुश हूं.

कुछ देर बाद जब उसे बाथरूम जाना था तो वो चल नहीं पा रही थी.
मैं उसे उठाकर बाथरूम में ले गया और उसको साफ किया और अपने आपको भी.

उस दिन हम दोनों ने तीन बार चुदाई का मजा लिया.

दोस्तो धन्यवाद!
आपको Xxx लड़की की चुदाई कहानी अच्छी लगी होगी. तो मुझे मेल कर कर बताएं.
पहली बार कहानी लिख रहा हूं, अगर कुछ गलत लिख गया हो, तो माफ कर देना.
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