दूध वाले को दुद्दू दिखा कर चुदवाया

पीछे मुड़ कर देखा, वो तो मेरे सामने खड़ा था।
“तुम” मेरे मुँह से निकला- तुम गए नहीं?
उसको ऐसे अपने सामने देख कर मैं तो घबरा गई, मुझे खुद को ढाँपने के लिए कुछ मिल नहीं रहा था, क्या करती, किस चीज़ से खुद का नंगापन छुपाती।

वो तो मुझे घूरे जा रहा था और मुझे खुद को छुपने की कोई जगह नज़र नहीं आ रही थी। मगर मेरी निगाहें किसी कपड़े को ढूंढ रही थी जिससे मैं अपना बदन ढाँप सकती। और कुछ नहीं मिला तो मैंने एक छोटे किचन टॉवल से अपने बूब्स ढकने की कोशिश की।
वो बोला- मैडम जी, दूध का बिल लेना था तो मैं तो बाहर हाल में रुक गया था।

मतलब उसने मुझे मेरे बेडरूम से निकल कर किचन तक ऐसे ही ब्रा पेंटी में जाते हुये देखा था। मैं बहुत हैरान थी, परेशान थी कि अब इस से मैं क्या छुपाऊँ। अब अगर किचन टॉवल से मैंने अपने बूब्स को छुपा लिया था वो मेरी चड्डी और जांघों को घूर रहा था।
कुछ सोच कर मैंने अपने सीने से भी वो किचन टॉवल हटा दिया कि अब सब कुछ तो इसने देख लिया है।

जब मैंने वो टॉवल साइड पे रख दिया तो वो थोड़ा हकला कर बोला- म… मैडम जी… क्या घर में आप ऐसे ही रहती हैं?
मैंने कहा- क्यों?
वो बोला- आप को डर नहीं लगता, आप इतनी सुंदर हो, कोई आपसे कुछ गलत कर दे तो?
मैंने कहा- बाहर से दरवाजा हर वक्त लॉक रहता है, कोई अंदर आ नहीं सकता, तो डर किस बात का?
वो बोला- पर मैं तो आ गया।

मैंने उसकी ओर देखा, उसके लोअर में उसका लंड तन चुका था। मैंने टोस्टर को स्विच ऑफ किया और उसके बिल्कुल सामने जा कर खड़ी हो गई- तुमसे मुझे क्या डर, तुम क्या कर सकते हो?

मेरे इतना कहते ही वो मुझसे चिपक गया- मैडम जी… ओह… मैडम जी!
कहते हुये उसने मुझे अपनी बांहों में कस लिया और अपना चेहरा मेरे दोनों मम्मों में घुसा दिया। उसका तना हुआ लंड मैं अपनी जांघ पर रगड़ता हुआ महसूस कर रही थी।

More Sexy Stories  विधवा आंटी का प्यार

वैसे तो मैं भी शुरू से ही उस पर बेईमान थी, मगर फिर भी मैंने थोड़ा सा नखरा किया- नहीं, छोड़ो मुझे… छोड़ कमीने…
मैंने नकली सा विरोध किया मगर उसकी पकड़ मजबूत थी। उसने मेरे क्लीवेज को चूमा और अपनी जीभ मेरे दोनों बूब्स के बीच की घाटी में घुमाई- ओह मैडम जी, आप कितनी सेक्सी हो, मैडम जी आपकी तो मैं कब से लेने की सोच रहा था!
वो मेरे मम्मों पर अपना चेहरा रगड़ते हुये बुदबुदाया।

अब ज़्यादा नखरे करने की कोई ज़रूरत नहीं थी, जो मैं चाहती थी, वो मुझे मिल रहा था तो मैंने उसे कहा- सुनो, यहाँ किचन में नहीं, उधर बेडरूम में चलते हैं।
उसने झट से मुझे छोड़ दिया, मैं उसका हाथ पकड़ कर उसे बेडरूम में ले गई।

बेडरूम में जाते ही उसने मुझे फिर से पकड़ा और धकेल कर बेड पे गिरा दिया। मैं बेड पे लेटी उसे देखने लगी, उसने अपनी कमीज़, बानियान, लोअर और चड्डी सब एक साथ ही उतार कर फेंक दिया।

21 साल का नौजवान, कसा हुआ बदन, सीने पर हल्के हल्के बाल, मगर झांट पूरी भरी हुई और झांटों के बीच में किसी खंबे की तरह खड़ा उसका लंड एकदम सीधा, ऊपर को उठा हुआ। उसने अपने लंड को हाथ में पकड़ा और उसकी चमड़ी पीछे हटा कर अपना गुलाबी रंग का टोपा बाहर निकाला।
जैसे उसका बदन मजबूत था, वैसे ही उसका लंड भी पूरा मजबूत था।

वो मेरे पास आया, मैंने अपनी टाँगें फैला दी। उसने पहले मुझे उल्टा करके लेटा दिया, फिर अपने दोनों हाथों से मेरे दोनों चूतड़ दबा कर देखा, मेरे दोनों चूतड़ों को चूमा, उन्हें खोल कर देखा। मेरी पीठ पर हाथ फेर कर देखा, मेरे ब्रा पर अपने हाथ फिरा कर देखे।
“मैडम जी!” वो बोला।
मैंने सिर्फ “हूँ” कहा।

More Sexy Stories  Beti Ne Samjha Mera Dard

वो बोला- जब भी औरतों के ब्रा उनके पतले कपड़ों में से झाँकते देखता था न, अक्सर सोचता था, ब्रा भी कितना खुशकिस्मत है, सारा दिन कितने खूबसूरत मम्मों से चिपकी रहती है। और चड्डी भी कितने सुंदर चूतड़ों और चूतों से चिपकी रहती है।
मैंने कहा- तो तू ये सब देखता है?
वो बोला- जवान हो गया हूँ, मैडम जी, क्यों न देखूँ? और न भी देखूँ तो भी ये चीज़ें मुझे अपनी तरफ खींचती हैं। जिस दिन पहली बार आपको दूध देने आया था, न उस दिन आपकी नाइटी में आपके झूलते मम्मे देखे मेरा तभी दिल किया उन्हें पकड़ के दबा के देखने का। फिर उस दिन आपकी चूत देखी टी शर्ट के नीचे से, मेरा दिल किया, आगे बढ़ कर इसे चूम लूँ!
कहते हुये उसने मेरे ब्रा की हुक खोल दी।

मैं भी पलट कर सीधी हो गई, और जैसे ही मैंने अपनी ब्रा उतारी उसने साथ की साथ मेरी पेंटी भी खींच कर उतार दी।
मैंने कहा- ले अब सब कुछ तेरे सामने खुला पड़ा है, जो करना है कर, इन्हें दबा कर देख, इसे चूम ले चूस ले चाट, जो चाहता है कर ले।

वो बहुत खुश हुआ और मेरे ऊपर आ कर लेट गया। पसीने की एक तेज़ गंध मेरी साँसों में समा गई, मगर इस वक़्त मैं खुद इतनी गर्म हो चुकी थी कि मुझे उसके पसीने में से भी जैसे खुशबू आ रही हो।
ऊपर लेटते ही उसने मेरे होंठों को अपने होंठों में लेकर चूसना शुरू कर दिया, मुझे ये बिल्कुल भी पसंद नहीं आया, क्योंकि मुझे उसका मुँह उतना साफ सुथरा नहीं लगा, जितना मैं खुद को रखती थी।

Pages: 1 2 3 4 5