डॉक्टरनी के साथ पंचतारा होटल में मस्ती

कॉफ़ी खत्म होने के साथ ही उन्होंने अपने शरीर से तौलिया हटा दिया और मेरा भी खींचकर शरीर से अलग कर दिया, मेरे लिंग को मुँह में लेकर चूसने लगी, फिर अपनी चूत मेरे मुंह पर रख कर बैठ गयी।

कुछ देर बाद प्रियंका डॉगी स्टाइल में हो गई तो मैंने अपना लिंग उनकी गांड में डाल दिया. तो उन्होंने मेरे तरफ देखा, फिर चुदाई में सहयोग करने लगी.
करीब दस मिनट बाद बोली- जानू, मेरी बुर को चोदो ना… बहुत खुजली हो रही है।

मैंने प्रियंका की गांड से निकालकर लिंग को धोया और उनकी बुर में जोर से डाल दिया, वो आगे पीछे करके चुदवाने लगी। उनकी खासियत एक ही थी कि वह चुदाई में गाली का प्रयोग ना के बराबर करती थी।

फिर नीचे कारपेट पर लेटाकर एक पैर उठाकर उनकी चुदाई शुरू मैंने कर दी। करीब एक घंटे तक विभिन्न तरीकों से मैंने डॉक्टरनी साहिबा को चोदा और उनकी बुर में अपना पानी छोड़ दिया। फिर उन्हें गोद में उठाकर बिस्तर पर सुला दिया।
अब मैंने देखा कि उनकी बुर में थोड़ी सूजन आ गई है तो मैंने केतली में पानी गरम करके उनकी सूजी हुई बुर की सेंकाई की। जब मैं उनकी बुर की सेंकाई कर रहा था तो वो मेरे बाल गाल को सहलाये और चूमे जा रही थी।

फिर मैं बोला- जानू उठो, फ्रेश हो जाओ, थोड़ा बाहर घूम कर आते हैं हम लोग।
वो बोली- नहीं, आज मुझे कहीं नहीं जाना… केवल तुम्हारी बांहों में रहना है और चुदना है।

फिर मैं उन्हें गोद में उठाकर वाशरूम ले गया और बाथटब में डाल दिया और मैं भी उसमें एरोमा बाथ लेने लगा।

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बाथ टब में प्रियंका मेरे लिंग से खेलने लगी, जब लिंग खड़ा हो गया तो वो लिंग को अपने बुर के अंदर डालकर चुदने लगी। उनके उछलने के कारण बात टब का पानी बाहर छलकने लगा।
“जान, तुम तो कभी सेक्स के लिए इतनी ज्यादा उतावली नहीं थी?”
तो वो बोली- ये छह माह मैंने कैसे गुजारे हैं, मैं ही जानती हूँ। अब मैं कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती, तुझसे अपने अंतिम क्षणों तक चुदना चाहती हूँ. बस तुम देखते जाओ और सिर्फ सहयोग करो।
दिन भर में डॉक्टर साहिबा ने कई बार अपना पानी निकाला। रात भर गांड और बुर की जमकर चुदाई चलती रही, वही चार बजे सुबह फिर मैंने अपने रस से उनकी बुर को भर दिया।
चोदते चोदते कब नींद आई पता ही नहीं चला.

मेरी नींद करीब 9 बजे खुली जब रूम सर्विस ने बेल बजाई तो मैंने प्रियंका को उनका नाइट गाउन पहनाकर उनके ऊपर चादर डाल दी, अपना नाइट गाउन शरीर पर डाल कर दरवाजा खोला।
जब तक वह कमरे की सफाई और केतली को बदलता, तब तक मैं फ्रेश होकर आ गया लेकिन प्रियंका अभी भी सोई हुई थी।
जब तक बाथरूम साफ किया, तब तक मैंने अपना गाउन बदल लिया।

फिर मैंने दो गिलास हल्दी डालकर दूध का आर्डर किया।
थोड़ी देर में दूध आ गया। मैंने दूध पीया.

मैंने अपने जीवन में इतना सेक्स दो दिनों में नहीं किया था और स्खलित हुआ था।

आज इन मैम की शादी हैं ये आराम से चुदकर सो रही हैं।

मैंने उनके सर को अपनी गोद में लिया फिर उसे दूध पिलाने की कोशिश की, अर्धनिंद्रा में मैम ने दूध पी लिया।
फिर मैंने उनके ओष्ठ पर लगे दूध को अपने ओष्ठ से चूस कर साफ किया।

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करीब ग्यारह बजे वो उठी, बोली- जानू, शरीर में बहुत दर्द हो रहा है.
तो मैं बोला- फ्रेश होकर आओ।
मैं बोला- नाइट गाउन हटा कर बिस्तर पर लेट जाओ, मैं मालिश कर देता हूँ।

फिर मैंने उनके शरीर के एक एक अंग की ढंग से मालिश की। चूत की तो गर्म पानी से सेंकाई करके फिर सरसों के तेल से मालिश कर दी थी कि चूत से रसधारा छूटने लगी थी.
तो बोली- इसे चुप कौन कराएगा?
मैं बोला- आपका पति।
तो वो बोली- अभी तो तू ही मेरा पति है, देख कब तक मैं तुमसे आज चुदती हूँ। एक बात जानते हो, मैंने अपनी शादी में किसी भी मित्र को नहीं बुलाया।
मैं बोला- मुझे पता है।

प्रियंका ने तो अंतिम विदाई के समय तक मेरे लिंग को चूसा और चूत चुदवाई। शादी की रस्मों के बाद आराम करने के बहाने से वो रूम में आ गई थी और चुदाई का एक दौर पूरा कर गयी थी.

अब शादी के बाद भी प्रियंका ज्यादातर अपनी विदेश यात्रा आज भी मेरे साथ ही करती हैं और जम कर चुदती हैं।

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