दीदी के बूब्स गिफ्ट मे मिले

Hindi Sexy Story Chudai didi ki chudai gift mai mili दोस्तो, मेरा नाम सोनू है और आज मैं आप को अपनी जिंदगी से जुड़ा सच बताने जा रहा हूँ. ये हिन्दी सेक्सी स्टोरी बेहन की चुदाई तब की है जब मेरी उमर 19 साल की थी और मेरी बड़ी बेहन की उमर 21 साल की थी.

उस टाइम मेरे पापा अमेरिका मे रहते थे और उन दीनो उन्होने मम्मी को भी अपने पास बुला लिया था. अब मैं और मेरी बेहन पूजा घर मे बिल्कुल अकेले रहते थे. ये कहानी आप देसी कहानी डॉट नेट पर पढ़ रहे है.

अब मैं आप को सीधा उस दिन पर लेकर जाता हूँ जिस दिन मैं अपनी बेहन को चोदने की शुरूवात की थी. उस दिन दोस्तो मेरा बर्थडे था. मुझे ज़्यादा घर से बाहर अपने दोस्तो के साथ रहना बहोत पसंद था. और मेरी बेहन घर मे अकेली बैठी बोर होती रहती थी.

तभी मेरी बेहन का फोन आया और वो बोली – सोनू जल्दी से घर आ जाओ मैं घर मे बैठी बोर हो रही हूँ.

मैं बोला – सुनो दीदी आज मेरा बर्थडे है इस लिए मुझे आज का दिन पूरा एंजॉय करने दो अपने दोस्तो के साथ प्लीज़ कल से मैं सारा दिन आप के पास ही रहूँगा.

दीदी बोली – मेरी बात सुनी है या नही तुमने या जब तुम्हे पापा फोन करेंगे तब तुम मानोंगे.

पापा का नाम सुन कर मैं डर गया और बोला – क्या दीदी आप फिर से पापा पर आ गई.

दीदी बोली – अछा एक काम करो तुम अपने सब दोस्तो को घर ही ले आओ, तुम सब यहा बैठकर पार्टी करो.

मुझे दीदी का ये आइडिया अछा लगा और फिर मैं बोला – ठीक है मैं आता हूँ.

और फिर मैं अपने सब दोस्तो के साथ पार्टी का सारा समान लेकर अपने घर चला गया और घर मे बैठ खूब मस्ती से भरी पार्टी करी. दीदी ने मुझसे पूछा की – भाई तुम्हे क्या गिफ्ट चाहिए ?

मैं बोला – दीदी मैं आपको खुद बताउन्गा बाद मे मुझे क्या चाहिए.

फिर मैं पार्टी एंजॉय करने लग गया फिर पार्टी के बाद मुझे सबने गिफ्ट्स दिए और मेरी बेहन मेरे पास आकर फिर से बोली – भाई मुझे अछा नही लग रहा है की तुम्हे सब आछे आछे गिफ्ट्स दे रहे है और मैं तुम्हारी बड़ी बेहन हूँ और मैं तुम्हे कोई गिफ्ट नही दे रही हूँ ये मुझे बिल्कुल भी अछा ऩही लग रहा है.

मैं फिर से बोला – दीदी मैने कहा ना आप को मैं टाइम आने पर सब बता दूँगा की मुझे क्या चाहिए.

फिर सब चले गये और मैने सारी सॉफ सफाई करी और रात को मैने और बेहन ने एक साथ बैठकर डिनर किया और टी.वी देखने लग गई. दीदी फिर से बोली – भाई तूने बताया नही की तुझे क्या चाहिए.

मैं बोला – नही दीदी बस आप रहने दीजिए क्योकि जो मैने आप से लेना है वो आप दे नही पाएगी.

दीदी बोली – अछा जी मैं नही दे पाउन्गि, देखो तुम मेरे भाई हो और मैं अपने भाई को कुछ भी दे सकती हूँ समझे अब बोला क्या चाहिए.

मैने हिम्मत करी और टी.वी की तरफ देखते हुए बोला – दीदी मुझे आप के बूब्स देखने है वो भी नंगे.

मेरी बात सुनते ही वो एक गुस्से मे बोली – क्या बकवास कर रहे हो तुम, तुम्हे शरम आती है या नई मैं तुम्हारी बेहन हूँ वो भी सग़ी.

मैं बोला – देखा दीदी मैने आप से अभी एक मिनिट पहले क्या कहा था की आप मुझे मेरा गिफ्ट्स नही दे पाओन्गि.

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दीदी – ये कोई गिफ्ट है तुम पागल हो गये हो क्या ?

मैं – दीदी मैं आज 20 साल का हो गया हूँ और मुझे अब कोई टॉय नही चाहिए मुझे वो गिफ्ट्स चाहिए जिसमे मुझे खुशी मिले.

मेरी बात सुनकर वो थोड़ा शांत हो गई और सोचने लग गई और थोड़ी देर बाद फिर से बोली – अगर किसी को पता चल गया तो ?

मैं – कैसे पता चलेगा आप ही बताओ लोगो की नजरो मे हम दोनो भाई बेहन है और किसी को क्या पता चल रहा है की हम दोनो इस घर मे क्या कर रहे है.

दीदी – ठीक है मैं बस एक बार ही दिखाउन्गि ओके.

मैं – ओके दीदी.

दीदी – और दूर से ही देखना.

मैं – ओके दीदी आप दिखाओ तो सही.

फिर दीदी ने अपना कुर्ता उपर किया और ब्रा मे ही अपने बूब्स मुझे दिखाने लग गई. मैं तभी बोला – दीदी मैने कहा था की नंगे बूब्स देखने है ये अभी नंगे नही हुए.

मेरी बात सुनकर दीदी पूरी तरह शर्मा गई उनका चेहरा पूरा लाला हो गया था फिर धीरे से उन्होने अपनी ब्रा पीछे से खोल दी और ब्रा खुलते ही उनकी संतरे एक नीचे को झूल गये.

मेरी आँखें एक दम चमक उठी और मैं उसे घूर घूर कर देखता रहा. फिर दीदी ने 30 सेकेंड बाद उन्होने फिर से अपना कुर्ता नीचे कर लिया.

मैं फिर से बोला – दीदी ये क्या बात हुई मुझे देखने तो दो आप.

दीदी – बस और कितना देखोगे तुम.

मैं – प्लीज़ दीदी मैं आप को बहोत पसंद करता हूँ प्लीज़ आप मुझे और देखने दो.

मेरे ज़्यादा ज़िद करने से दीदी ने फिर से अपना कुर्ता उपर किया और अपने बूब्स दिखाने लग गई.

मैं उनके बूब्स देखते हुए बोला – दीदी मैं टच कर लून.

दीदी गुस्से मे बोली – नही नही देखने की बात हुई थी टच करने की नही.

मैं – दीदी प्लीज़ आई लव यू एक बार टच करने दो.

दीदी कुछ नही बोली और मैं समझ गया की वो अब मान गई है. मैने धीरे से उनके बूब्स को टच किया और क्या मुलायम बूब्स थे. मैं धीरे धीरे दोनो हाथो से दोनो बूब्स को आछेसे मसलने लग गया. दीदी के मूह से आह्ह आ की मीठी दबी हुई आवाज़े आने लग गई.

मैं समझ गया की दीदी अब गरम हो रही है तभी दीदी को होश आ गया तभी दीदी ने मेरा हाथ अपने बूब्स से दूर हटा दिया. और कहा – क्या कर रहे हो अब बस करो प्लीज़.

मैं अब कहा रुकने वाला था मैने उनकी एक ना सुनी और उसके बूब्स को पकड़ कर ज़ोर से दबा दिया और दीदी के मूह से ज़ोर से आह्ह्ह अहह्ह निकली और फिर मैने एक बूब्स को पकड़ अपने मूह मे डाल कर चूसने लग गया. दीदी धीरे धीरे अब और गरम होने लग गई. अब मैने अपना एक हाथ उनकी चूत पर रखा और उनकी चूत को सलवार के उपर से ही मसलने लग गया.

दीदी मुझे बार बार रोक रही थी पर मैं नही रुका और अब दीदी धीरे धीरे मदहोशी मे जाने लग गई. मुझे पता था की अब दीदी चुदने के लिए तैय्यार हो गई थी. अब मैने धीरे से उनकी सलवार खोल दी और उनकी पैंटी के उपर से उनकी चूत को मसलने लग गया.

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अब मुझसे और नही रहा जा रहा था मैने दीदी को अपनी गोद मे उठाया और दीदी को बेडरूम मे ले गया और बेड पर पटक दिया. दीदी शरम के मारे कुछ नही बोल रही थी अब मैने एक दम खींच कर उतार दी अब उनका कुर्ता भी उतार दिया. दीदी अब मेरे सामने पूरी नंगी लेटी हुई थी. मेरा लंड मेरा पैजामा फाड़ने वाला हो रहा था.

मैं अपना लंड निकाला और दीदी के मूह के पास कर दिया, दीदी ने जैसेही मेरा लंड देखा तो वो बोली – ये क्या है ये इतना बड़ा कैसे हो गया अभी कुछ साल पहले तो ये छोटासा था.

मैं – दीदी मैं अब जवान हो गया हूँ.

ये कहते ही मैने दीदी के होंठो पर अपना लंड रख दिया और दीदी ने भी बड़े प्यारसे मेरा लंड अपने मूह के अंदर ले लिया और आछे से मेरा लंड को चूसने लग गई. मुझे सच मे बहोत मज़ा आ रहा था क्या मस्त तरीकेसे दीदी मेरा लंड चूस रही थी. मैं अभी अपना लंड उनके मूह मे अंदर बाहर कर के उनका मूह चोद रहा था. बोहोत ही कमाल का सीन चल रहा था मैं दीदी को अपना लंड चुस्वा रहा था और साथ ही मैं दीदी की चूत और बूब्स दोनो एक साथ मसल रहा था. दीदी अब पूरी तरह गरम हो चुकी थी. उनकी चूत मे से मानो आग निकल रही थी.

तभी मैने अपना लंड उनके मूह से बाहर निकाला और दीदी को खींच कर बेड के किनारे पर किया और मैं नीचे ज़मीन पर ही खड़ा रहा. अब मैं दीदी की दोनो टाँगो के बीच मे था मैने उनकी दोनो टांगे अपने कंधो पर रखी और अपना लंड उनकी चूत पर सेट कर के एक ज़ोर से धक्का मारा और अपना पूरा लंड एक ही बार मे चूत मे जड़ कर पहोचा दिया.

लंड अंदर जाते ही दीदी तड़पने और चिल्लाने लग गई, पर मैने दीदी की टाँगो को आछे से पकड़ा हुआ था. जिससे वो हिल भी नही पा रही थी. वो ज़ोर ज़ोर से चिल्ला रही थी और कह रही थी – प्लीज़ मुझे छोड़ दो बहोत दर्द हो रहा है प्लीज़ आह्ह्हाह्ह माआ मर गईइइ कामीने छोड़ मुझे.

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पर मैं कहा रुकने वाला था मैं अपने लंड को तेज़ी से अंदर बाहर करता रहा और उसे चोदता रहा. मैने नीचे देखा तो दीदी की चूत मेसे खून निकल रहा था और नीचे ज़मीन पर गिर रहा था. मैं समझ गया की आज दीदी की पहली चुदाई है. मैं बहोत खुश हो गया की आज मैने अपनी कुवारि बेहन को चोद दिया है. बस फिर क्या था कुछ देर बाद दीदी का दर्द ख़तम हो गया और मज़ा आना शुरू हो गया. अब दीदी अपनी कमर हिला हिला कर खुद चुद रही थी.

कुछ ही देर मे उनकी चूत ने अपना पानी निकाल दिया और फिर मैने भी ज़्यादा देर ना करते हुए ज़ोर ज़ोर से 10-12 धक्के मारे और अपने लंड का सारा पानी उनकी चूत के उपर ही निकाल दिया.

फिर मैं दीदी को रोज रात को चोदता था मैने रोज उनकी गॅंड मे अपना लंड डाल कर ही सोता था अब वो मेरी पर्सनल रंडी बन चुकी थी और अब मेरी बेहन मुझे बेहेन्चोद कह कर बुलाती है और मैं उसे रंडी कह कर बुलाता हूँ.