चेन्नई में मिली वेलम्मा की रसीली चूत

साउथ इंडियन सेक्स कहानी में पढ़ें कि मेरी जॉब चेन्नई में लगी तो मेरे रूम के पास रहने वाली एक हसीना मुझे पसंद आ गयी. वो मेरे लंड के नीचे कैसे आई?

यह मेरी पहली कहानी है. यह साउथ इंडियन सेक्स कहानी वर्ष 2021 के मार्च महीने की है.

आगे बढ़ने से पहले मैं आप सभी को अपने बारे में बता देता हूँ.

आप मुझे बनी (bunny) बुला सकते. मेरी उम्र 25 साल है, मेरी लंबाई 5 फुट 7 इंच है. बदन भरा हुआ है, रंग गोरा है और मेरा लंड काफी मोटा व लंबा है.

मैंने इंजीनियरिंग 2019 में पूरी की और अभी चेन्नई में पोस्टेड हूं.

जब मैं चेन्नई आया, तो अपने लिए एक फ्लैट ढूंढ रहा था.

ऊपर वाले को शायद फ्लैट के साथ चूत भी देनी मंजूर थी.

शोलिंगनलर में मुझे एक फ्लैट पसंद आ गया, या यूं कहे कि उस मकान में रहने वाली एक हसीना पसंद आ गई.

वो देखने में उतनी आकर्षक नहीं थी लेकिन उसका कसा हुआ हुस्न देख कर किसी का भी लौड़ा सलामी ठोकने लगे, उसका ऐसा गदराया हुआ बदन था.

उसके मोटे मोटे चूचे और गांड देख कर मेरा लौड़ा जींस फाड़ कर उसे चोदने को बेकरार हो रहा था.
उस हसीना का नाम सुप्रिया था लेकिन सब उसे प्यार से वेलम्मा बुलाते थे.

मैंने उस मकान में फ्लैट किराए पर ले लिया और ऐसे ही कुछ दिन बीत गए.
वेलम्मा से नजरें मिलतीं लेकिन उससे मेरी सैटिंग नहीं हो पा रही थी.

देखते ही देखते होली का दिन आ गया.
मैं उदास भी था क्योंकि होली पर मैं पहली बार अपने घर से दूर था.

मैंने होली स्पेशल की सोच कर अकेले ही मटन पुलाव बनाया और साथ में दारू भी ले आया था.

दारू पीने के बाद मैं ऐसे ही छत पर चला गया.
यहां छत जो थी, उस पर एक शेड थी. उधर फोल्डिंग वाली चारपाई रखी रहती थी और ऊंची छत होने के कारण चारपाई पर कौन लेटा है, ये आसानी से नहीं दिखता था.

वो शाम का वक्त था और ठंडी हवाएं भी चलनी शुरू हो गई थीं.
मैं चारपाई पर लेटा था और मदहोशी में ठंडी हवा का लुत्फ ले रहा ही था कि तभी पायल की झंकार मेरे कानों में पड़ी.

मैंने हल्का सा उठ कर देखा तो ये वेलम्मा थी. उसने सलवार सूट पहना हुआ था.

उसने मुझे नहीं देखा चूंकि शाम का अंधेरा गहरा चुका था और मैं चारपाई पर लेटा था.
वो सूखे कपड़े ले जाने आई थी और मैं उसे चुपके से देख रहा.

दारू की मधुर मदहोशी मुझ पर चढ़ रही थी और मैं उसके हुस्न को आंखों से चोद रहा था.

उसने सारे कपड़े उतार कर सीढ़ी वाले रास्ते में रख दिए और रेलिंग की तरफ खड़ी हो गई.
उस वक्त मैं उसके चेहरे और उसके बदन को देख पा रहा था.

अचानक उसका एक हाथ उसकी एक चूची पर आ गया और दूसरे हाथ से वो अपनी सलवार के ऊपर से चूत को मसलने लगी.

शायद उसे नहीं पता था कि मैं भी छत पर ही हूं और इस नजारे को देख रहा हूं.

मैं सिर्फ टी-शर्ट और बॉक्सर में था. चारपाई पर टी-शर्ट तो मैं पहले ही उतार कर लेटा था.
उसकी ये सेक्सी हरकत देख कर मैंने बॉक्सर भी उतार दिया और अपने खड़े लौड़े को सहलाने लगा.

चूंकि हल्की चांदनी रोशनी थी और इस छत से आस पास किसी को कुछ दिखता नहीं था.
शायद इसी वजह से उसने अपना हाथ अपनी सलवार के अन्दर डाल दिया और धीरे धीरे आहें भरने लगी.

मैंने मालिक को थैंक्यू किया कि जिस चूत को चोदने के नाम पर इतनी मुठ मारी थी, आज वो खुद ही चूत मसल रही है और मुझे आमंत्रित कर रही है.

तब मैंने इस मौके का फायदा उठाने का सोचा और अपने खड़े लौड़े को लहराते हुए चारपाई से उठकर उसके सामने खड़ा हो गया.

वो अचानक से मुझे देख कर सकपका गई. उसने अपना हाथ सलवार से खींचना चाहा लेकिन मैंने उसका हाथ पकड़ लिया और उसे अपने खड़े लौड़े पर रख दिया.

वो अब और घबरा गई और अब उसे अहसास हुआ कि मैं उसके सामने नंगा खड़ा था और उसके हाथ में मेरा लौड़ा था.

ये सब इतनी तेजी से हुआ कि उसे कुछ समझ न आया कि ये सब क्या हो रहा है.

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मैंने उससे कहा- मेरी जान, मेरे रहते तुम्हें इतना तड़पने की जरूरत नहीं!
अब वो मुस्कुराई.
वो भी मुझे मन ही मन चाहती थी, बस हमें मौका नहीं मिल रहा था.

आज होली की शाम में ऊपर वाले ने हमें वह मौका दे दिया.

मैंने ज्यादा देर न करते हुए उसके होंठों पर अपने होंठों को रख दिया और उसके होंठों का रसपान करने लगा.

उसके होंठ बहुत ही रसीले थे, मैं बस उन्हें पी जाना चाहता था.

वह भी मेरे होंठों को काटने लगी और मेरा चुंबन में पूरा साथ दे रही थी.

उसके शर्ट के ऊपर से ही मैंने उसकी चूचियों को पकड़ लिया और मसलने लगा.
वो भी मेरे लौड़े को सहला रही थी.

मैंने अपना हाथ उसकी सलवार के अन्दर डाला, उसकी सलवार पूरी गीली हो चुकी थी और उसकी पैंटी से रस टपकने लगा था.

अन्दर हाथ डालने से मेरी उंगलियों पर उसकी चूत का रस लग गया.
मैंने उसे चखा, मदहोश करने वाला नमकीन सा स्वाद था.

मैं तो पहले से ही नंगा था, पर उसने अभी भी कपड़े पहन रखे थे.
तब मैं उसे खींचकर चारपाई पर ले आया और उसकी सलवार के नाड़े को खोल दिया.
उसकी सलवार नीचे गिर गई. अब वह सिर्फ पैंटी में थी.

मैंने उसे अपनी समीज उतारने को कहा.

उसने अपनी शमीज उतारने के लिए अपने हाथ ऊपर कर दिए और मैंने उसकी शमीज निकाल दी.
शमीज निकलते ही उसकी ब्रा से उसके चुचे बाहर आने को बेताब लग रहे थे.

मैंने उसके चूचों को ब्रा के ऊपर से ही क्लीवेज पर से चाटना शुरू कर दिया.
वह धीरे-धीरे मादक आहें भरने लगी.

मैंने उसकी चूत के अन्दर अपनी एक उंगली डाली और मैंने उसकी ब्रा को भी उतार फैंका.
वह सिर्फ पैंटी में रह गई थी.
मैं उसकी एक चूची को दबाने लगा और उसकी दूसरी चूची को अपने मुँह में लेकर चूसने लगा था.

वह लगातार आहें भर रही थी.

मैंने अपना लौड़ा उसके होंठों के सामने कर दिया.
वह मेरे अंडकोष को पहले चूमने लगी और फिर उसने मेरे टोपे को अपने होंठों से लगा लिया.

उसका यह मादक अंदाज देखकर मैं मदहोश होने लगा.

वह मेरे लौड़े के टोपे को अपने होंठों के अन्दर भरकर ऐसे चूसने लगी जैसे वह कोई लॉलीपॉप चूस रही हो.
फिर वह धीरे-धीरे अपने मुँह के अन्दर मेरे लौड़े को पूरा अन्दर लेकर चूसने लगी.

उसका यह मादक अंदाज देखकर मुझे तो विश्वास नहीं हो रहा था और मैं मन ही मन ऊपर वाले का शुक्रिया अदा कर रहा था कि ऐ मालिक आज आपने इस दिन को रंगीन बना ही दिया.

वह लौड़ा चूसने में पूरी उस्ताद थी; मेरे लौड़े को वो गले तक लेती, फिर पक्क से बाहर निकाल देती थी.

अब मैंने उसे चारपाई पर लेटा दिया और उसकी पैंटी को उतार फैंका.
मेरे सामने उसकी रसीली चूत थी. उसकी चूत पर एक भी बाल नहीं था.
ऐसा लग रहा था उसने शायद अभी कभी ही अपनी चूत साफ की हो.

उसकी चूत हल्के गुलाबी रंग की थी और अन्दर एक खूबसूरत सा छेद दिख रहा था.
यह नजारा ऐसा था जैसे स्वर्ग की अप्सरा दिख रही हो.

मैंने ज्यादा देर न करते हुए उसकी चूत पर अपने मुँह को लगा दिया और अपने होंठों से उसकी चूत के होंठों को चूमने लगा.

उसकी चूत के आसपास मैंने जांघों पर अपनी जीभ से चाटा और उसकी चूत के छेद के अन्दर अपनी जुबान को डाल दिया.
मैंने उसकी दोनों जांघों को पकड़ लिया और उसकी चूत के अन्दर अपने जुबान से उसको चोदने लगा.

वह सिसकारियां भरने लगी.
उसकी चूत ने जल्दी ही अपना पानी छोड़ दिया.
मैं उसके पानी को अपने होंठों से चूम कर उस पूरे पानी को पी गया.

अब वह मेरे सामने लंड के लिए तड़प रही थी.

ज्यादा देर न करते हुए मैंने उसकी चूत के ऊपर अपना लंड रखा, तो वह लंड के आगे अपना दबाव बनाने लगी.
मैंने अपने लंड को पीछे खींच लिया, वह मुझे गुस्से से देखने लगी.

फिर उसे ज्यादा तड़पाने का निर्णय नहीं लेते हुए मैं अपने लौड़े को उसकी चूत के ऊपर सहलाने लगा.
उसकी चूत के ऊपर सहलाते हुए मैं उसकी चूत के छेद पर दबाव बनाते हुए लंड पेलने की कोशिश करने लगा.

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उसने भी टांगें खोल कर कमर उठा दीं.
इससे उसकी चूत के अन्दर मैंने अपने लौड़े को दाखिल कर दिया.

अब उसकी चूत की अदालत में मेरा लौड़ा हाजिर हो चुका था. वह सिसकारियां भरने लगी.

मैंने पक्क से झटका मारा तो लौड़ा उसकी चूत में एक तिहाई अन्दर चला गया.
इतने में ही वो वह मुझे धकेलने लगी, उसे मेरे मोटे लंड का अहसास नहीं था.

मैंने उसकी कमर को पकड़ लिया और उस पर अपना दबाव बनाकर तुरंत एक दूसरा झटका दे मारा.
इस बार मेरा लौड़ा उसकी चूत के अन्दर आधा जा चुका था.

वह दर्द के मारे बेहोश सी होने लगी, तो मैं जरा रुक कर उसकी एक चूची को चूसने लगा और उसकी दूसरी चूची को दबाने लगा.
धीरे-धीरे उसे मजा आने लगा और वह अपनी गांड उठा कर मुझे इशारा करने लगी.

मैंने आखिरी शॉट मारा और अब पूरा लौड़ा उसकी चूत में दाखिल हो चुका था.
वह इस आखिरी अनजान झटके से घबरा गई और उसकी आंखों से आंसू निकल गए.

मैंने धीरे-धीरे उसकी चूत में अपने लौड़े से धक्के मारने शुरू कर दिए.
उसकी चूत में मेरा लौड़ा बड़े मस्त अंदाज से झटके मार रहा था और वह मेरे हर झटके के साथ अपनी चूचियों पर थिरकन ले रही थी.

मेरे दोस्तो, ये बड़ा ही मनमोहक दृश्य हो चला था.

कुछ देर बाद मैंने उसे खड़ा किया और रेलिंग के पास ले आया.
वह रेलिंग के पास खड़ी हो गई.

मैंने उसके पीछे से उसकी चूत के अन्दर से अपने लौड़े को डाल दिया और उसकी चूचियों को पकड़ कर पीछे से इंजन स्टार्ट कर झटके मारने लगा.

ठंडी हवा में दोस्तो … चांदनी रात में चूत मारने का मजा ही अलग होता है.
अगर आपका घर भी ऊंचाई पर हो, तो अपनी चूत को ऐसे ही खुली हवा में चांदनी रात में झटके मार कर चोदने का मजा लें.
खड़े-खड़े चुदाई करने में आपको मजा आ जाएगा.

उसकी चूत बिल्कुल कमसिन थी, उसकी चूत में खूब सारे शॉट मारने के बाद वह झड़ने को आ गई.

उसने कहा- अब मेरा आने वाला है.
मैंने कहा- आ जाओ.

वह झड़ने लगी, उसके रस से पूरी चूत रसमयी हो गई और उसकी चूत में अब मेरा लौड़ा सटासट अन्दर जाने लगा.

अब मेरा भी निकलने वाला था तो मैंने उससे पूछा- कहां निकालूं मेरी जान?
तो उसने कहा- अन्दर मत निकालना, मुझे तुम्हारा रस चखना है.

मैंने कहा- मेरी जान आ जाओ, अपने सैंया का रस चख लो.
वेलम्मा नीचे अपने घुटनों पर बैठ गई और मेरे लौड़े को अपने मुँह में ले लिया.
वो मेरे नितंबों को पकड़कर अपने मुँह में लौड़े को धकेलने लगी और खूब बढ़िया से लौड़े को चूसने लगी.

उसकी यह लंड चुसाई देखकर मैं ज्यादा देर टिक नहीं पाया और अगले ही मिनट उसके मुँह में ही झड़ गया.

मेरे लंड से खूब सारी मलाई निकली जिसे वेलम्मा बस स्वाद लेती हुई चट कर गई.

फिर उसने मेरा लौड़ा चाट चाट कर साफ कर दिया और मेरे लौड़े पर एक चुंबन भी रख दिया.

साउथ इंडियन सेक्स के बाद अब उसने अपने कपड़े पहने और मैंने भी अपने बॉक्सर और टी-शर्ट को पहन लिया.
मैंने उससे कहा- तुम पहले नीचे जाओ, मैं थोड़ी देर बाद आता हूं.

वह नीचे चली गई.
मैं थोड़ी देर बाद नीचे आ गया.

अगले दिन हमारी आंखें मिलीं तो इस बार इन आंखों में एक अलग सा ही अहसास था.

हमारी एक और चुदाई हुई जिसमें मैंने उसकी अलग अलग पोजीशनों में चुदाई की.

वह कहानी फिर कभी आपको बताऊंगा जिसमें वेलम्मा मेरी दुल्हन जैसी बनकर मेरे ही फ्लैट पर मेरे साथ पूरी रात रही और हम दोनों ने अपनी सुहागरात मनाई.

विदा दोस्तो, सारी महिला मित्रों को ढेर सारा प्यार और मेरे लौड़े का नमस्कार, चुदाई भरा ढेर सारा प्यार.
तब तक आप अपने लौड़े को हिलाते रहें … और अगर आपके पास चूत है, तो उस चूत में अपने लौड़े की हाजिरी देते रहें.
भाभी आंटियां अपनी अपनी चूत में उंगली करते रहें और अगर आपके पास लौड़ा है, तो अपनी चूत की खुदाई उससे कराती रहें.

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