चढ़ती जवानी में सेक्स की चाह- 1

इरोटिक गर्ल X कहानी एक कमसिन लड़की की सेक्स के प्रति उमड़ते भावों की है. जैसे ही उसे सेक्स के बारे में जानकारी हुई, वो इसे आजमा कर देखना चाहती थी.

यह कहानी पढ़ें.

हाय मेरे आशिको, मेरा नाम पूनम पांडेय है. मेरी उम्र 19 साल है और मेरा फिगर 34-26-36 का है.
मैं उत्तर प्रदेश की रहने वाली हूँ.

मेरी इरोटिक गर्ल X कहानी का मजा लें और मुझे बताएं कि आपको यह कहानी कैसी लगी?

मैं एकदम दूध सी गोरी हूँ और मेरी चूत भी पिंक है.
मेरे उरोज यानि चूचे खूब बड़े, मोटे और कसे हुए हैं. मेरी गांड भी खूब बड़ी, मोटी, चौड़ी और अभी एकदम टाइट है.
मेरी गांड काफी बाहर को ऐसी उठी हुई है, जैसे किसी शादीशुदा औरत की होती है.

मैं अपनी उम्र से तो लड़की हूँ लेकिन शरीर से पूरी पकी हुई माल औरत दिखती हूँ.

हमेशा से ही मैं बहुत खुले, मॉडर्न और बहुत ही ज़्यादा सेक्सी कपड़े पहनने का शौक रखती हूं, जिसके लिए मुझे मेरे घर पर कोई मना नहीं करता.

और हां घर से याद आया, आपको बता दूँ कि मेरे घर में मेरे पापा एक बिज़नेस मैंने हैं और मम्मी एक स्कूल की अध्यापिका हैं. मेरा एक भाई भी है, वो मुझसे छोटा है.

मुझे हमेशा से सेक्स की बातों और सेक्स में रुचि रही है लेकिन अभी तक मेरा उद्घाटन नहीं हुआ था. लेकिन एक उम्र पार करने के बाद मुझे चुदने की इच्छा बहुत ज़्यादा होने लगी और पहली बार की चुदाई में मेरी बुर का उद्घाटन भी होना था, तो उसको लेकर मैं और ज़्यादा उतावली थी.

अब मैं आप लोगों का ज्यादा टाइम न लेते हुए सीधे अपनी देसी सेक्स कहानी पर आती हूँ.

ये घटना अभी हाल ही से घटित हुई थी.
एक बार ये सिलसिला चालू हुआ तो बस चलता चला गया.

मैं शुरू से पढ़ने में बहुत कमजोर थी. मेरा दिमाग बस फैशन, मोबाइल और घूमने में रहता था, जिसके चलते मैं स्कूल में दो बार फेल भी हो गयी थी.

लेकिन मेरे घर में मैं बहुत लाड़ली हूँ इसलिए कोई मुझसे कुछ नहीं बोला. बल्कि पापा ने मेरी आगे की पढ़ाई के लिए प्राइवेट फॉर्म भरा दिया था.

अबकी बार मेरा फिर से बारहवीं का एग्जाम होना था जिसका बस मुझे पेपर देने जाना था.

इसी दौरान मेरी सेक्स लाइफ की शुरूवात मेरे घर के बगल वाले एक भैया ने की, जो मेरे घर के एकदम बगल रहते थे.
उनकी और मेरी छत से आने जाने का भी रास्ता था.

मेरा कमरा भी ऊपर का था, नीचे बाकी घर वाले सोते थे. मेरा कमरा छत पर खुला खुला सा था. कमरे के सामने छत का कुछ हिस्सा था. मेरे घर की दूसरी तरफ एक पुराना खंडहर सा मकान था, जिसके रास्ते मैं रात को चुपके से घर से बाहर आती जाती थी.
वो रास्ता सिर्फ मुझे पता था. उस रास्ते से उतरने चढ़ने की सारी स्कीम मैंने फिट कर रखी थी.

बगल घर वाले भैया का नाम समीर था.
वो अक्सर मेरे घर पर आते जाते रहते थे लेकिन इधर कुछ दिनों से जब से मैं जवान हुई, तब से उनका बर्ताव मेरे प्रति कुछ बदल सा गया था.

क्योंकि मैं हमेशा घर में खुले और छोटे कपड़े पहने रहती और समीर भैया मुझे बड़ी अजीब नज़रों से देखते थे और मौका मिलते ही मुझसे चिपकने लगते थे.
ये सब तो वो शुरू से करते आए थे लेकिन अब कुछ ज़्यादा और अजीब तरीकों से वो मुझे छूने लगे थे.

मुझे भी उनका छूना अच्छा लगता था इसलिए मैंने उन्हें कभी नहीं रोका था.

एक दिन दोपहर में मैं किचन में अपने लिए मैगी बना रही थी.
उस दिन मैं हमेशा की तरह अपने घर में बिना ब्रा पैंटी के एक एकदम फिटिंग की शार्ट निक्कर पहने हुई थी.

अपने मम्मों को मैंने एक स्लीवलेस टी-शर्ट से छुपाया हुआ था.
ये टी-शर्ट आधी थी, मतलब मेरे पेट को भी ढक न सके वैसी थी.

मैं मैगी बनाने में मस्त थी.
तभी भैया एकदम चुपके से मेरे घर में आ गए और अन्दर किचन में आकर उन्होंने मुझे पीछे से दबोच लिया.

मैं एकदम से घबरा कर पलटी, तो उनका हाथ मेरी चूची पर आ गया और उन्होंने उसे दबा भी दी.

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मैंने भैया से कहा- आप ऐसे चुपके से मत आया करो, मेरी जान निकल जाती है.
इस पर भैया बोले- कैसे, मेरी जान तो तुम हो, तुमको कैसे जान देने दूंगा.

अब इस बात को सुनकर मैंने बनते हुए कहा- क्यों आज सुबह से कोई उल्लू बनाने के लिए मिला नहीं क्या?
इस पर हम दोनों हंस पड़े.

भैया बोले- मुझे भी मैगी खानी है.
मैंने कहा- चलो आप बाहर बैठो, मैं अभी लेकर आती हूँ.
भैया बाहर चले गए और मैं मैगी लेकर बाहर आ गई. हम दोनों मैगी खाने लगे.

भैया मुझे अपने हाथों से खिलाने लगे और कुछ देर बाद वो चले गए.
आज भैया के छूने से मेरा मन एकदम से मचल गया था.

उनके जाने के बाद मैंने टीवी पर एक ब्लू फिल्म चला दी और खुद पूरी नंगी होकर अपने दोनों मम्मों को दबाने लगी.
मैं अपने दोनों हाथों की बड़ी वाली उंगलियों में थूक लगा कर अपने निप्पल्स पर रगड़ने लगी.
जैसे जैसे ब्लू फिल्म आगे बढ़ी. मेरी आग भड़कने लगी.

उस फिल्म में एक लड़की काफी बड़े बड़े लंड लेती दिख रही थी.
अलग अलग लंड का मज़ा वो बड़ी मस्ती से ले रही थी और उसका अहसास मुझे भी हो रहा था.

कुछ ही देर में मैं गर्मा गई और अपनी चूत रगड़ने लगी.
बस ऊपर से ही चुत रगड़ कर मैंने अपना पानी निकाल दिया.

ऐसा मैं हर बार करती थी मगर आज तक मैंने अपनी उंगली को अन्दर नहीं किया था.
क्योंकि मुझे अपनी चूत का उद्घाटन लंड से करना था ना कि उंगली से.

कुछ देर उसी ब्लू फिल्म को देखते देखते मैं सोचने लगी कि इस लड़की को अपनी एक चूत में इतने सारे लंड लेने में कितना मज़ा आता होगा और इसके जैसी दूसरी रंडियों को भी बड़ा मज़ा आता होगा.

यही सब सोचते सोचते मैंने भी एक की जगह अनेक लंडों से चुदने की सोच बना ली.
उसी समय मैं एकदम से अकड़ गई और झड़ गयी.

झड़ने के बाद मैं पेन और कॉपी लेकर आयी और लिस्ट बनाने लगी कि किससे किससे चुदना है.
पहला नाम मैंने समीर भैया का लिखा क्योंकि मुझे अपनी बुर की सील उनके ही लंड से तुड़वानी थी.

मैंने कई बार महसूस किया था कि समीर भैया का सामान बहुत मोटा था जिसको लेकर मुझे मज़ा भी आएगा और इतने मोटे सामान से चुदने के बाद बाकी सबके लंड का सामना मैं बड़ी आसानी से कर सकूँगी.

फिर समीर भैया एक अरसे से मुझे पटाने की कोशिश में लगे हैं तो इसी लिए उन्हें चोदने का पहला हक़ देना बनता था.

फिर मैंने नोटिस किया कि मेरे सगे भाई के कुछ दोस्त भी मस्ती से मुझे देखते थे.
वो सब भी मुझे बड़ा लाइन मारते थे.

मेरे भाई के दोस्त, उसकी क्लास के लड़के भी बांके जवान थे.

भैया के दोस्तों के बाद मुझे पापा के दोस्तों की याद आई.
वो सब भी हमेशा मुझसे यही बोलते थे कि जिससे तुम्हारी शादी होगी, वो बड़ा किस्मत वाला होगा.

उनकी इस बात का मतलब मुझे अब समझ में आया तो मैंने पापा के दोस्तों का नंबर भी लाइन में लगा लिया.

बाकी का मैंने सोचा कि जब कोई मिलेगा, तो उसे भी देखा जाएगा.

अब आज से आपकी सीधी साधी पूनम पांडेय एक नए रूप में आ गई थी.
उसने एक टॉप की रंडी का अवतार लिया था.

अब मेरा बस एक ही मकसद था कि आज से चुदाई का मजा लेना है.
उस दिन के बाद अगले दिन जब मैं घर पर अकेली हुई तो समीर भैया को उनके घर से बुला लायी.

मैंने उनसे कहा- भैया मेरा टिकटॉक पर वीडियो बनाने में मदद कर दो.
वो ख़ुशी ख़ुशी राज़ी हो गए.

मैंने उनके सामने डांस करते हुए भैया से अपने खूब सारे वीडियो बनवाए, जिसमें मैंने शॉर्ट्स और टी-शर्ट ही पहन कर बनवाया था.

भैया ने आज मेरे मोटे मोटे चूतड़ों को खूब करीब से मटकते हुए देखा और मेरे दोनों चूचों को भी उचकते हुए देखा था.
मैंने साफ देखा था कि उनका लौड़ा उनके लोअर में तंबू बन गया था जिसको वो बार बार सही कर रहे थे.

सारे वीडियो बन जाने के बाद मैं एकदम से गयी और भैया की गोद में बैठ गयी.
मैं बोली- भैया दिखाओ … वीडियो कैसी बनी हैं.

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उनका खड़ा लौड़ा मेरी गांड की दरार में घुस गया और वो एक हाथ मेरी नंगी जांघ पर रख कर मुझे मेरी सारी वीडियो बारी बारी से दिखाने लगे.

सब वीडियो देखने के बाद मैंने कहा- भैया, एक वीडियो आप भी मेरे साथ बनाओ.
वो तैयार हो गए.

मैंने भैया के साथ वीडियो बनाने में एक थोड़ा ज्यादा रोमांटिक गाना चुना.
उन्होंने उस 30 सेकंड के वीडियो को बनाने के लिए पूरा आधा घंटा लगाया.
उस दरमियान उन्होंने मेरे पूरे बदन को भी छुआ.

उस गाने में आखिर में एक किस पहले लड़की लड़के के गाल पर करती है … और फिर लड़के को एक बार करना था.
लेकिन समीर भैया ने जानबूझ कर काफी बार उस वीडियो में गलती की, जिसमें मेरा पूरा बदन वो छूते रहे और मेरे चुम्बन लेते रहे और मुझे देते रहे.

फिर अंतत: वो वीडियो बन गयी और कुछ देर बाद भैया चले गए.

कुछ देर बाद मम्मी स्कूल से आ गईं और मेरा भाई भी आ गया.
हम लोगों ने खाना खाया.

कुछ देर के आराम करने के बाद भाई कोचिंग चला गया और मैं बाहर वाले हॉल में लेट कर अन्तर्वासना साईट खोल कर सेक्स कहानी पढ़ने लगी.

मम्मी अपने काम में व्यस्त हो गयी थीं तो मैं बिंदास अपनी बुर सहलाती हुई सेक्स कहानी का मजा लेती रही.

करीब एक घंटे बाद मेरा भाई कोचिंग से वापस आया तो उसके साथ उसका दोस्त भी मेरे घर आ गया था.
वो रोज ही कुछ देर के लिए हमारे आ जाता था. उसका नाम रोहन था.

रोहन भी मुझे बहुत घूरता था और हसरत भरी निगाहों से मेरे दूध देखता था.

उस समय जब रोहन आया तो मैं औंधी लेटी थी. यानि अपनी गांड ऊपर करके लेटी हुई अन्तर्वासना का मजा ले रही थी.
जैसे ही मेरा भाई घर के अन्दर आया, उसने रोहन को हॉल में बैठने को बोला और वो अन्दर चला गया.

जैसे ही रोहन अन्दर आया तो उसने मुझे बड़ी गौर से देखा.

उसको अन्दर आया देख कर मैं उठ गई और उससे बात करने लगी.
मैंने उसका हाल चाल पूछा और पढ़ाई के बारे में भी थोड़ा कुछ बात की.

फिर मुझे अपनी सेक्स वाली खुराफात सूझी तो मैं उसके बगल में सोफे पर जाकर बैठ गयी.

मैंने उससे पूछा- ये बताओ कि तुम फ़ोटो अच्छी खींच लेते हो ना?
इस पर वो बोला- हां दीदी. मैं तो फोटो शूट भी कर लेता हूँ.
मैं उससे बोली- यार, मेरा भी फ़ोटो शूट कर दो.

वो बोला- हां ठीक है. लेकिन कब करवाना है आपको?
मैंने उससे कहा- ऐसा करना कि तुम शनिवार को स्कूल मत जाना, घर से निकलना लेकिन स्कूल जाने की जगह तुम मेरे घर आ जाना. तुम अपना कैमरा लेकर आना और मेरा फ़ोटो शूट कर देना.

इसी तरह वो दिन बीत गया.

आज रात के खाने में मम्मी ने खीर बनाई थी.
हम सबने जब खाना खा लिया तो मम्मी ने एक कटोरे में खीर देकर मुझसे बगल में समीर भैया के घर दे आने को कहा.
मैंने मम्मी से बोला- ठीक है, आप इसे यहीं रखो, मैं अभी आयी.

मैं जल्दी से अपने कमरे में आई और अपनी एक रात वाली सेक्सी नाइटी निकाल कर पहन ली.
ये बिना ब्रा और पैंटी के पहनी.

मेरी ये नाइटी काफी छोटी सी थी और खूब खुली हुई भी थी.
उसको पहन कर मैं जाने लगी.

मैंने मम्मी से कहा- आप गेट बंद कर लेना, शायद मुझे आने में देर लग जाए.

मेरी मम्मी को मालूम था कि मैं कभी-कभार बगल वाली आंटी यानि समीर भैया की मम्मी के पास रुक जाती थी.

उनके घर में बस वही दोनों थे.
लेकिन आज का मेरे प्लान में आंटी से मिलना नहीं था, समीर भैया ही मेरे दिमाग में चल रहे थे.

अब मैं अपनी चुदाई कहानी के अगले भाग में आपको बताऊंगी कि मैंने किस तरह से समीर भैया से अपनी बुर की सील फाड़ चुदाई करवाई और लगे हाथ गांड का उद्घाटन भी करवा लिया.

आप मुझे मेल करके बताएं कि आपको मेरी इरोटिक गर्ल X कहानी कैसी लग रही है?
मुझे आपके मेल का इन्तजार रहेगा.
[email protected]

इरोटिक गर्ल X कहानी का अगला भाग: चढ़ती जवानी में सेक्स की चाह- 2