बस से चुदाई तक आ सफ़र

दोस्तो मेरा नाम रेहान है ओर मे २२ साल का हू।. मे लाहोर से  थोड़ा दूर ऐक गाँव का रहना वाला हूं। लेकिन कॉलेज के चक्कर मे लाहोर अपने चाचा चाची के पास रहता हूँ। मेरी चाची का नाम सबीना है.

चाचा और चाची जी दोनो कराची मे रहते हैं जहाँ मेरे चाचा जॉब करते हैं। और क्योंकि वो अपनी जॉब के चक्कर मे शहर से बाहर गये हुए थे और मेरी विंटर ब्रेक थी। मेरी चाची और मै गांव आए हुए थे। चाची की उमर 32 साल थी और उनका चेहरा बहुत गोरा था। चाची का फिगर बहुत अछा है: लंबी टाँगे, टाइट बूँद और बढे मुम्मे। और वो हमेशा टाइट कपडे पहनती थी जिस मे उनका फिगर पूरा अची तरह नज़र आता था।

जब मेरी विंटर ब्रेक ख़तम हुई तो मैने वापिस कराची जाने का इरादा किया, क्योंकि चाचा ने अगले हफ्ते वापिस आना था घर मे मै और चाची एरूम घर अकेले होते। हमने गांव से मेरे कज़िन को रात के टाइम कराची की बस मे बैठाया ताकि हम वापिस जा सकें।

बस मे मेने और चाची ने सीट साथ साथ ली क्योंकि वो मुझे अब भी बच्चा समझती थी और बस मे हमेशा मेरे साथ बबैठती थी ताकि मै अकेले डर ना जाऊं। बस मे बैठते साथ ही मुझे महसूस हुआ के मैने गांव से निकालने से पहले बोहट पानी पिया था और मुझे थोड़ा थोड़ा पेशाब आ रा था।

मगर बस का सफ़र सिर्फ़ 3 घंटे का था तो मेने सोचा अब कराची जा कर ही पेशाब करूँगा। बस चल पड़ी मगर आहिस्ता आहिस्ता मुझे फील हुआ के मेरी पेशाब की फीइंग ज़्यादा हो रही है और अब मुझसे सही तरह बैठा नहीं जा रहा था। मै अपनी टाँगे बार बार हिला रा था और अपना लंड भी पकड़ रहा था। मेरी चाची ने मुझे देखा और गुस्से से कहा “दानिश बेटा ऐसे अपने आप को हाथ नही लगाते बुरी बात है”. मैंने देखा तो चाची के गाल लाल हो गये थे। ये कहानी आप देसी कहानी डॉट नेट पर पढ़ रहे है।.

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मुझे भी शरम आई और मैने अपना हाथ अपने लंड से हटा लिया। मगर मुझसे फिर भी सीधा बैठा नही जा रहा था।
अब मुझे बहुत ज़ोरो का पेशाब लग रा था और मुझे जल्द ही कोई बाथरूम चाहिए था।

चाची ने फिर मुझे देखा और इस बार उन्हें समझ आ गयी।

उन्हों ने पूछा “बेटा दानिश बाथरूम आई है?”.

मेने शरमाते हुआी कहा “जी चाची जी सुसु आया है.”

चाची ने मुझ से पूछा के मैने घर से निकलने से पहले क्यू नही सुसु किया और मैने कहा के मुझे तब नही आ रहा था।

फिर चाची बोली की अभी तो बस चले सिर्फ़ 1 घंटा हुआ है, और 2 घंटे का सफ़र बाक़ी है. ये सुन के मै और घबरा गया के मै अब इतनी देर पेशाब केसे रोकूंगा। चाची ने बस कंडक्टर को बुलाया और पूछा “क्या इस बस ने कराची से पहले कही रुकना है? इस बच्चे को टाय्लेट जाना है” मेरी तरफ इशारा कर के. कंडक्टर हस पडा और कहने लगा ” अब बडे बीहो गये हो बेटा रोकना सीख लो” और चला गया।

मै और शर्मा गया क्योंकि अब इर्द गिर्द सब को पता था के मुझे अर्जेंट बाथरूम जाना है और मै चाची की तरफ भीगी आँखों से देखने लगा। 20 मिनिट और गुज़रे और फिर मुझसे सुसु बिल्कुल होल्ड नही हों रहा था।. मैमें चाची के कान के करीब चेहरा कर के कहा “चाची मुझसे अब सुसु बिल्कुल रोका नही जा रहा।

चाची ने पहले कंडक्टर को देखा और फिर मेरी तरफ देख कर कहा “ऐक तरीक़ा है जिसस से मै तुम्हारी सुसु रोकने मे मदद कर सकती हूँ। “क्या तरीक़ा है चाची प्लीज् बताओ, प्लीज़ मेरी मदद करो वरना सुसु अंदर ही निकल जाएगा, अगर ऐक 19 साल के लड़के ने बस मे सुसु कर दिया तो सारे मेरा मज़ाक़ बनाएंगे.” मैना कहा।

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“अछा मेरी बात सुनो, अगर ऐक मर्द का लंड खड़ा हो तो वो सुसु नहीं कर सकता, तो ममै तुम्हारा लंड सहलाती हूँ ताकि तुम्हे सुसु की फीलिंग कम हो।”

असल मे तो मुझे अपनी सेक्सी चाची से ऐसे मौक़े का बहुत इंतज़ार था मगर बस के बीच ऐसे करने से मुझे डर लग रहा था। शायद कोई उनको देख ले, मगर क्योंकि रात का वक़्त था और मुझे बहुत ज़ोर से पेशाब लगा था तो मै तुरंत मान गया। चाची ने आराम से मेरी जीन्स के बटन खोले और मेरा लंड अंडरवियर के नीचे से पकड़ लिया। मेरा लंड पहले से ही सख़्त हो गया था जब से चाची ने कहा था वो मेरा लूँ सहलाएँगी. उन्हों ने मेरे लंड को पकडा और आहिस्ता आहिस्ता उससे उपर नीचे करने लगी।

उनके गोरे और मुलायम हाथ थे और छोटी छोटी कलाइयाँ थी. वो आराम आराम से मेरे लूँ के साथ खेलती रही जब तक वो पूरा खडा नही हो गया। वो इधर उधर भी देख रही थी ताकि कोई हमें देख ना ले। अब मुझे बोहट ज़्यादा गर्मी चड़ना शुरू हो गयी थी मगर मेरी सुसु की फीलिंग थोदी कम हो गयी थी. चाची ने मेरी तरफ देखा और बोली ” अपनी मानी जल्दी मत निकालना क्योंकि फिर तुम्हे वापिस ज़ोर का सुसु आने लगे गा। वो मेरे लंड के साथ खेलती रही और मै कोशिश करता रहा के मै अपनी मानी ना निकालु।

फिर मेरी नज़र चाची के मुम्मो पे पडी जिसमे स उनकी दूध की छोचियाँ कापदे के थ्रू नज़र आ रही थी और क्योंकि वो झुकी हुई थी तो उनकी क्लीवेज भी बडी अच्छी नज़र आ रही थी। इस से मेरा लंड और मज़बूत हो गया और चाची ने उससे ज़्यादा ज़ोर से पकड लिया और मेरी मूठ मारने लगी. मै थोदी देर और रुक सका मगर फिर मेरी मूठ अंडरवेर और चाची के हाथ पे ही निकल गयी.

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